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CM भगवंत सिंह मान एक महीने में दूसरी बार जालंधर पहुंचे, लोक मिलनी के दौरान मौके पर ही किया शिकायतों का निपटारा
Punjab News: आम लोगों से सीधा संपर्क बनाए रखने संबंधी अपनी गतिविधियों को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर में अपने निवास स्थान पर ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम आयोजित कर यहां के नागरिकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। इस पहल को एक ही प्लेटफॉर्म पर लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य है जहां राज्य का मुखिया व्यक्तिगत रूप से लोगों से मिलकर उनके मुद्दों का मौके पर ही निपटारा सुनिश्चित करता है।
लोक मिलनी कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल के रूप में काम करता है
इस बात पर जोर देते हुए कि ‘आप’ सरकार पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ लोगों की हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनी कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल के रूप में काम करता है, जो जवाबदेह और पारदर्शी शासन को सुनिश्चित करता है, और इसे आगे भी इसी तरह जारी रखा जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनियां एक ही प्लेटफॉर्म पर लोगों की शिकायतों का निपटारा करने और सुचारू शासन संबंधी जनता से फीडबैक लेने के लिए सबसे बेहतरीन तरीकों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में शायद ही कहीं ऐसी नागरिक-केंद्रित पहल देखने को मिले। उन्होंने कहा कि देश भर में ऐसा कोई अन्य राज्य नहीं है जो आम जनता की भलाई के लिए ऐसी लोक-केंद्रित पहल कर रहा हो। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड पर है कि लोक मिलनी कार्यक्रम समाज के हर वर्ग की शिकायतों के निपटारे में अधिक लाभदायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोक मिलनी वास्तव में एक अनोखी पहल है जहां सरकार लोगों की समस्याओं के योजनाबद्ध समाधान के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करती है।
इस पहल को पंजाब के लिए गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य है जहां राज्य का मुखिया जनता की भलाई सुनिश्चित करने के लिए ऐसी मुहिम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होता है। उन्होंने कहा कि जहां लोक मिलनी एक तरफ राज्य के सर्वांगीण विकास और लोगों की भलाई सुनिश्चित करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार को अपने अधिकारियों की कार्यक्षमता के बारे में अच्छी तरह जानने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है क्योंकि किसी अन्य राज्य के मुख्यमंत्री लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं को जानने और उनके समाधान की कोशिश नहीं करते।
इस बात पर जोर देते हुए कि यह पहल पक्षपातपूर्ण विचारों से कहीं ऊपर की बात है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनियों का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य राज्य और यहां के लोगों के विकास और खुशहाली को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि लोक मिलनियां एक ही प्लेटफॉर्म पर लोगों की शिकायतों के निपटारे का सबसे अच्छा माध्यम हैं, क्योंकि ये सरकार और जनता के बीच संचार के अंतराल को भरते हुए लोकतांत्रिक ढांचे के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने का बेहतरीन तरीका हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत कर रही है, जिसके लिए राज्य में पहले ही कई प्रमुख पहल की जा चुकी हैं।
जीवन में सफलता की नई कहानियां लिख सकें
नौजवानों के सशक्तिकरण पर सरकार के ध्यान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार का काम नौजवानों के सपनों को पंख देना होता है ताकि वे जीवन में सफलता की नई कहानियां लिख सकें। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा हस्ताक्षर की जाने वाली हर फाइल आम आदमी और राज्य के लाभ के लिए होती है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को भ्रष्टाचार या सिफारिश के बिना 63,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का हर फैसला राज्य की तरक्की और यहां के लोगों की खुशहाली की ओर लक्षित होता है।
शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य भर में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, पूरी तरह सुसज्जित लैबोरेटरी और वैज्ञानिक शिक्षा के लिए प्ले-ग्राउंड बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की विशेषज्ञता को निखारने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत शिक्षकों और प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आधुनिक शिक्षा अभ्यासों से परिचित होकर छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भविष्य के मुकाबलों के लिए तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा करवाए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में केरल को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि राज्य के छात्रों को सशस्त्र बलों की परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं में क्वालीफाई किया है। उन्होंने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में राज्य के सभी 65 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक के नकद रहित इलाज के साथ मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है।
स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की पहलों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस योजना के तहत आय की कोई शर्त नहीं लगाई गई है और अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे पंजाब समग्र नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना मुफ्त इलाज प्रदान कर रहे हैं और वर्ष 2022 में राज्य सरकार के सत्ता संभालने से लेकर राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।
राज्य में 6900 किलोमीटर लंबाई वाले 18349 जल मार्गों को पुनर्जीवित कर टेल पर रहने वाले किसानों को नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है
किसानों के लिए सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को दिन में भी आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 6900 किलोमीटर लंबाई वाले 18349 जल मार्गों को पुनर्जीवित कर टेल पर रहने वाले किसानों को नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई सरकारी लाइब्रेरी खोली गई हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र अच्छी पढ़ाई-लिखाई करके जीवन में ऊंचे मुकाम हासिल कर सकें।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज पंजाब हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है क्योंकि राज्य सरकार ने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व पहलें की हैं। उन्होंने कहा कि 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण का काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा।
जनता के लिए राहत उपायों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं जिससे आम आदमी की जेब से टोल फीस के रोजाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं जो लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक राज्य के लोगों से किया हर वादा पूरा किया है।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार राज्य की हर महिला को 1000 रुपये देने की योजना जल्द लागू करेगी, जिसके लिए आने वाले बजट में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों से किया गया हर वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा क्योंकि हमारी सरकार सबकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र एजेंडा राज्य की तरक्की और यहां के लोगों की खुशहाली को सुनिश्चित करना है।
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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।
तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।
RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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