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CM भगवंत सिंह मान ने जालंधर में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया बड़ा तोहफा, गांव सीचेवाल के संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ का किया उद्घाटन

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत “रंगला पंजाब” के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं।

इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।”

लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन ‘आप’ ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।”

गुरबाणी की तुक “पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल’ के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।”

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।”

उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं। हर कुछ दिनों बाद सड़कों पर, कूड़े के ढेरों में या अपमानजनक स्थितियों में फटे या जले हुए अंगों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। यह बेहद दुखदाई था, लेकिन दुख और भी गहरा हो गया जब दोषियों को कोई ठोस कानून न होने और खामियों के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “इस मामले पर संपूर्ण संत समाज से सलाह-मशविरा करने, अमृतसर और चंडीगढ़ में मीटिंगें करने और वकीलों तथा सेवानिवृत्त जजों से चर्चा करने के बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के ‘बेअदबी’ के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया। वाहेगुरु ने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का बल बख्शा, जिसमें ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर दोषी जुर्माना नहीं भर सकता, तो उनकी संपत्ति जब्त की जा सकती है ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरु साहिब का निरादर करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के परिणामों को याद रखें। यह कानून एक रोकथाम के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता का दर्जा रखते हैं और इसकी पवित्रता सुनिश्चित करना हमारा फर्ज है क्योंकि अगर पंजाब सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो कोई और भी नहीं करेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाबा साहिब डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा के अनुसार राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पंजाब सरकार ने स्कूलों को अपग्रेड किया है, स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले हैं, कॉलेज बनाए हैं और शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा है ताकि हमारे बच्चों को विश्व स्तर के मुकाबले के अनुसार तैयार किया जा सके। इसी तरह राज्य भर के अस्पतालों को लगभग 1,000 आम आदमी क्लिनिकों में अपग्रेड किया गया है, जहां करोड़ों मरीजों ने इलाज और मुफ्त दवाइयां प्राप्त की हैं।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “राज्य सरकार बुड्ढा दरिया को पुनर्जीवित करने और वहां साफ पानी का प्रवाह बहाल करने के लिए भी काम कर रही है ताकि लोगों को बड़े स्तर पर लाभ पहुंचाया जा सके। पंजाब ने इस साल एक सुधरी सिंचाई प्रणाली के माध्यम से 96 प्रतिशत नहर के पानी का उपयोग किया, जिससे किसानों को बहुत फायदा हुआ, पहले यह पानी बर्बाद होता था। पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाने के साथ-साथ खालों को पुनर्जीवित किया है ताकि सूबे के हर कोने तक पानी पहुंचाकर किसानों की मदद की जा सके।”

उन्होंने कहा, “इन पाइपलाइनों और रजवाहों के माध्यम से सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल 21,000 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। पानी की यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों से ज्यादा है और किसानों को इसका बहुत लाभ हुआ है। नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं, जिससे भूजल का स्तर दो से चार मीटर बढ़ गया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “यह फैसला आने वाली पीढ़ियों की भलाई के लिए लिया गया है क्योंकि कृषि प्रधान राज्य होने के कारण पानी के बिना पंजाब का कोई वजूद नहीं है। दशकों बाद बहुत से लोगों ने नहर के पानी को फिर से बहते देखा। नहर का पानी न सिर्फ भूजल को बचाता है बल्कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को भी बढ़ाता है। राज्य सरकार ने नहर सिंचाई के एक नए युग की शुरुआत की है, जिससे किसानों को भरपूर लाभ हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत हर महिला को प्रति माह 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए मिलेंगे। यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने योग्य होंगी। पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है और सूबा सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।”

महिलाओं को इस योजना के लिए आवेदन करने की अपील करते हुए उन्होंने आगे कहा, “यह सहायता महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता के साथ-साथ आत्म-सम्मान का मौका भी देगी। महिलाएं सबसे ज्यादा सम्मान की हकदार हैं। माताओं और बहनों का आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को दूर करने में मदद कर सकता है। घर में उनकी स्थिति को और बेहतर बनाने, लिंग समानता को प्रोत्साहित करने और सामाजिक व आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना जरूरी है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज करवा चुके हैं और लोगों को इन कार्डों का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “स्थानीय गांवों के प्रतिनिधियों ने भी खेल मैदानों और सड़कों के लिए मांगें रखी हैं और राज्य सरकार इन मांगों को पूरा करेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मैदान विकसित किए जाएंगे क्योंकि हॉकी पंजाब की प्रसिद्ध खेल है। इसके साथ ही सड़कों का निर्माण और मरम्मत भी की जाएगी। राज्य सरकार पंजाब की भलाई, विकास और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।”

संत बाबा अवतार सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा, “संत बाबा जी ने सिख धर्म के प्रचार के लिए बेमिसाल सेवाएं दी और हमारे महान गुरुओं द्वारा न सिर्फ पंजाब बल्कि देश और विश्व भर में प्यार, दया और भाईचारे का संदेश फैलाया। बाबा जी एक महान आत्मा थे, जिन्होंने लोगों को आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करके मानवता को दुख और पीड़ा से मुक्त किया। उन्हें हमेशा उनकी नम्रता और दयालुता के लिए याद किया जाएगा।”

इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मुझे संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं बरसी के मौके पर गांव सीचेवाल में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल जी के साथ मैंने ‘संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम’ में नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। मैं संत जी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए की जा रही निस्वार्थ सेवा को तहे दिल से नमन करता हूं। ‘आप’ सरकार पंजाब के राज्य के लोगों के लिए एक सुरक्षित और खुशहाल जीवन सुनिश्चित करने और एक जीवंत व खुशहाल ‘रंगला पंजाब’ सृजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं है, यह लाखों श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रियों के लिए एक लाइफलाइन है: कंग

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श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और बंगा–गढ़शंकर–श्री आनंदपुर साहिब–नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को जोरदार तरीके से दोहराया। मुलाकात के दौरान कंग ने इस सड़क की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व पर चर्चा की और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की अपील की।

कंग ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एक लाइफलाइन है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक श्री आनंदपुर साहिब, जहाँ 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, को हिमाचल प्रदेश स्थित माता नैना देवी जी के मंदिर से जोड़ती है। हर साल लाखों श्रद्धालु, संगतें और पर्यटक इस मार्ग से यात्रा करते हैं।

‘आप’ सांसद ने आगे कहा कि यह सड़क पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ-साथ हजारों रोजाना यात्रियों, किसानों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की भी सेवा करती है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने से संपर्क में बड़ा सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और कारोबार मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

कंग ने कहा कि पहले मंजूरियों और घोषणाओं (जिनमें 2019 में रखा गया शिलान्यास भी शामिल है) के बावजूद, पिछले वर्षों में इस प्रोजेक्ट में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके और समय पर विकास एवं रख-रखाव के लिए इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन लाकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की जाए।

मुलाकात पर संतोष व्यक्त करते हुए कंग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक भरोसा दिया है और इस लंबे समय से लटकती आ रही मांग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कंग ने कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि इस क्षेत्र को आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचा नहीं मिल जाता, जिसका यह हकदार है। उन्होंने कहा, “बेहतर संपर्क ही विकास की नींव है, और जब तक यह महत्वपूर्ण मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं लोगों की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”

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