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Punjab

CM भगवंत मान का ‘मिशन रोजगार’ जारी, पिछले 35 महीनों में 50,892 युवाओं को दी गई नौकरियां।

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पंजाब के मुख्यमंत्री CM भगवंत मान ने ‘मिशन रोजगार’ को आगे बढ़ाते हुए, 19 फरवरी को 497 युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के पहले तीन वर्षों में, उन्होंने 50,892 युवाओं को नौकरियां दी हैं, जिससे हजारों परिवारों का जीवन बेहतर हुआ है।

मुख्यमंत्री ने जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा और भाषाएं, ग्रामीण विकास, और विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण विभाग में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है, जब ये युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह युवा राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देंगे।

भगवंत सिंह मान ने इस बात को रेखांकित किया कि यह पहला मौका है, जब राज्य सरकार ने सत्ता में आते हुए महज 35 महीनों के भीतर 50,892 नौकरियों का रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो पिछले वर्षों में सत्ता में रही सरकारों से बिल्कुल अलग है।

मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले की सरकारों में नौकरियां केवल सत्ताधारी पार्टी के करीबी लोगों के लिए ही आरक्षित थी, जबकि उनकी सरकार ने योग्यता के आधार पर सबको समान अवसर दिए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राज्य सरकार द्वारा दी गई सभी नौकरियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर, बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के, प्रदान की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां नौकरियों को लेकर शोर मचाती हैं क्योंकि वे खुद भेदभाव के आदत में रहे हैं और कभी भी योग्य युवाओं पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान, पिछली सरकारों की तरह, किसी भी योग्य युवा को नौकरी देने की अनदेखी नहीं की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले की सरकारों के समय में, जो कुछ नौकरियां दी गईं, वे केवल उन लोगों के लिए आरक्षित थीं जो सत्ताधारी पार्टी के करीबी या रिश्तेदार थे, जबकि आम जनता को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया।

भगवंत सिंह मान ने यह भी बताया कि राज्य सरकार सभी विभागों में रिक्त पदों को तुरंत भर देती है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ठोस विधि पर आधारित है, जिसके कारण इन लगभग 50,000 नौकरियों में से किसी भी नियुक्ति को अब तक अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है कि इन युवाओं को सरकारी नौकरियां पूरी तरह से उनके कौशल और योग्यताओं के आधार पर मिली हैं।

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका से युवाओं को डिपोर्ट करने की घटना हम सभी के लिए एक बड़ा सबक है। राज्य के युवाओं को विदेश जाने के बजाय अपने राज्य में ही कड़ी मेहनत करनी चाहिए और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को अपने करियर में सफलता पाने के लिए कई अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में 51,000 से अधिक युवाओं ने मेहनत और समर्पण के साथ सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले एक साल में ऐसी कई मिसालें सामने आई हैं, जहां युवाओं को दो से तीन सरकारी नौकरियां मिली हैं। इसके कारण राज्य में प्रवासी युवाओं की संख्या में कमी आई है, क्योंकि जो युवा पहले विदेशों में बस गए थे, वे अब यहां सरकारी नौकरियां पाने के लिए लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि आज के कार्यक्रम में एक दंपति कनाडा से सरकारी सेवा में शामिल होने के लिए वापस आया है, वहीं एक युवा ने विदेश जाने का विचार छोड़ दिया क्योंकि उसे यहां नौकरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार रोज़ाना युवाओं को नौकरी दे रही है और युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाकर राज्य में काम करना चाहिए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक पल करार देते हुए उम्मीद जताई कि इन नौकरियों से युवाओं की किस्मत बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम इस तरह के कई कार्यक्रमों का गवाह रहा है, जहां युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां दी गई हैं। भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि यह कदम राज्य सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने में मदद कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने नए भर्ती हुए युवाओं को बधाई दी और कहा कि अब वे राज्य सरकार का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये युवा मिशनरी जोश के साथ लोगों की सेवा करेंगे और समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन युवाओं का मुख्य उद्देश्य जनता की अधिक से अधिक भलाई करना होना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिले।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, तरुणप्रीत सिंह सौंद, शिक्षा विभाग के सचिव के.के. यादव, पर्यावरण विभाग के सचिव प्रियांक भारती सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

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‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एक व्यापक लड़ाई, सामूहिक प्रयास से ही खत्म होगा नशे का जाल —Manish Sisodia

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की एकजुट भागीदारी बेहद जरूरी है।

जालंधर में चार जिलों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में जाकर नशा बेचने वालों की जानकारी इकट्ठा करनी होगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच और भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।

सिसोदिया ने कहा कि जहां एक ओर नशे के आदी लोगों को इलाज और पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में लाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध करने से पहले सोचे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और कोऑर्डिनेटरों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को एक सामान्य कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि एक “युद्ध” की तरह लिया जाए और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिला स्तर पर और अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि सख्त कार्रवाई के कारण कई तस्कर या तो जेल में हैं या राज्य छोड़ चुके हैं, और भविष्य में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

बैठक में कई विधायक, हल्का इंचार्ज, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हुए, जिन्होंने नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

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AAP सरकार आरोपों पर तुरंत करती है कार्रवाई, जवाबदेही तय — अमन अरोड़ा का हरियाणा सरकार पर हमला!

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आरोपों पर तेज और सख्त कार्रवाई करके जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है, जबकि भाजपा शासित हरियाणा सरकार एडीजीपी की कथित आत्महत्या के मामले में दोषियों को बचाने में लगी हुई है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को तुरंत पद से हटाकर और उनकी गिरफ्तारी कर यह साबित कर दिया है कि राज्य में गलत कामों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शी और जवाबदेह शासन का उदाहरण है।

उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें बिना जांच के ही अपने नेताओं को क्लीन चिट दे देती थीं, लेकिन AAP सरकार में अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है। “हम सच्चाई और जवाबदेही के लिए खड़े हैं, न कि राजनीतिक संरक्षण के लिए,” उन्होंने कहा।

मीडिया से बातचीत के दौरान अमन अरोड़ा ने दोहराया कि AAP सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और आरोप लगते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि “लालजीत भुल्लर को तुरंत हटाया गया और गिरफ्तार किया गया, जिससे साफ है कि हमारी सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करती।”

हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाले राज्य में गंभीर मामलों में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने अंत में कहा कि AAP सरकार पुरानी राजनीति से अलग है, जहां सत्ता में बैठे लोगों को बचाने की परंपरा रही है। “हम सच बोलने, गलती स्वीकार करने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने में विश्वास रखते हैं, चाहे मामला अपने ही लोगों से जुड़ा क्यों न हो,” उन्होंने कहा।

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ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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