Connect with us

Punjab

CM भगवंत मान सरकार ज़िला स्तर पर बातचीत द्वारा ‘पंजाब ट्रेड कमीशन’ को दे रही है अंतिम रूप, व्यापारियों को मिलेगी मदद : रणजीत पाल सिंह

Published

on

Punjab State Traders Commission (मोहाली) के चेयरमैन Ranjit Pal Singh ने कहा कि पंजाब ट्रेड कमीशन को जिला स्तर पर विस्तृत बातचीत के बाद तैयार किया जा रहा है, ताकि राज्य भर के व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को वास्तविक और व्यावहारिक सहायता मिल सके।

कई जिलों में हुई समीक्षा एवं तालमेल बैठकें

कमीशन की स्थापना प्रक्रिया के तहत आज Sri Muktsar Sahib, Hoshiarpur, Jalandhar, Kapurthala, SBS Nagar, Amritsar, Gurdaspur, Pathankot और Tarn Taran में समीक्षा और समन्वय बैठकें आयोजित की गईं।

व्यापारियों को ‘बेबस’ महसूस न करने देने का लक्ष्य

रणजीत पाल सिंह ने कहा कि कमीशन का उद्देश्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जहां व्यापारियों को विभागीय प्रक्रियाओं के दौरान असहाय महसूस न करना पड़े।
उन्होंने कहा, “एक छोटे दुकानदार को केवल एक फाइल आगे बढ़ाने के लिए अपना पूरा कार्यदिवस बर्बाद नहीं करना चाहिए। यही समस्या हम पंजाब ट्रेड कमीशन के माध्यम से हल कर रहे हैं।”

संगठित और जवाबदेह प्लेटफ़ॉर्म की तैयारी

उन्होंने बताया कि कमीशन को एक संगठित प्लेटफ़ॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो व्यापारियों की समस्याएं सुनेगा, उचित मार्गदर्शन देगा और संबंधित विभागों के साथ नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करेगा।
कमीशन के तहत शिकायतों की निगरानी, जवाबदेही तय करना और तय समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।

जिला स्तर की चुनौतियों पर फोकस

आज की बैठकों का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर व्यापारियों को आने वाली चुनौतियों की पहचान करना, स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल मजबूत करना और एक सरल एवं सुलभ संरचना तैयार करना था, ताकि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी आसानी से लाभ मिल सके।

व्यापारिक समुदाय के सम्मान की प्रतिबद्धता

चेयरमैन ने कहा कि पंजाब का व्यापारिक समुदाय मेहनती और ईमानदार है तथा वह ऐसे सरकारी तंत्र का हकदार है, जो उनके समय का सम्मान करे और उनके कार्य में सहयोगी भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि यह परामर्श प्रक्रिया पूरे पंजाब में जारी रहेगी, ताकि कमीशन व्यापारियों और सरकार के बीच एक मजबूत जमीनी पुल का काम कर सके।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

भगवंत सिंह मान सरकार के विजन के तहत ग्रामीण खेलों को मिला नया जीवन: स्टेट मीडिया हेड Baltej pannu

Published

on

Ludhiana के ऐतिहासिक स्टेडियम किला रायपुर में ग्रामीण ओलंपिक के दूसरे दिन उत्साह का अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला। हजारों लोग, खासकर युवा, पंजाब की समृद्ध ग्रामीण खेल विरासत का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए।

12 साल बाद लौटी बैलगाड़ी दौड़ बनी आकर्षण का केंद्र

दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण ऐतिहासिक बैलगाड़ी दौड़ें रहीं, जो 12 वर्षों के अंतराल के बाद दोबारा शुरू हुईं। स्टेडियम जयकारों से गूंज उठा और दर्शकों ने पारंपरिक खेल की वापसी का जोरदार स्वागत किया।

बैलगाड़ी दौड़ों के अलावा हॉकी मैच, कबड्डी मुकाबले, शॉट पुट थ्रो, 100 मीटर स्प्रिंट, टग ऑफ वॉर, लंबी कूद, बाजीगर शो और कई अन्य ग्रामीण एथलेटिक प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया। खेल मैदान परिवारों, किसानों, युवा समूहों और राज्य व बाहर से आए दर्शकों से खचाखच भरा रहा, जिससे एकता, उत्साह और भाईचारे का माहौल बना रहा।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया ऐतिहासिक कदम

इस अवसर पर Kultar Singh Sandhwan ने कहा कि बैलगाड़ी दौड़ों की पुनः शुरुआत एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह उपलब्धि पंजाब पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत किए गए विधायी सुधारों और पशु कल्याण उपायों के कारण संभव हुई है।

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखती है, बल्कि युवाओं में पारंपरिक खेलों के प्रति नया उत्साह भी जगाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल के मैदानों की ओर आकर्षित करेंगे और उन्हें नशे व अत्यधिक मोबाइल उपयोग से दूर रखेंगे।

सरकार के प्रयासों की सराहना

पंजाब सरकार के स्टेट मीडिया हेड Baltej Pannu ने आयोजकों और भारी संख्या में पहुंचे दर्शकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी दौड़ों की वापसी ने पूरे पंजाब में नई खेल भावना भर दी है और किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक की शान को बहाल किया है।

उन्होंने कहा कि Bhagwant Mann के विजन के तहत सुरक्षा प्रबंधों के साथ इन खेलों को दोबारा शुरू किया गया है और लोगों के चेहरों पर खुशी इस प्रयास की सफलता को दर्शाती है।

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) अमरजीत बैंस, एसडीएम लुधियाना पूर्वी जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़, सहायक कमिश्नर डॉ. प्रगति वर्मा, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुघ सहित कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ग्रामीण ओलंपिक के दूसरे दिन का यह आयोजन पंजाब की जीवंत परंपराओं, सांस्कृतिक गर्व और खेल भावना का प्रतीक बनकर उभरा।

Continue Reading

Politics

अकाली दल की कादियां में रैली Punjab को बचाने के लिए नहीं बल्कि सुखबीर को बचाने के लिए थी: जगरूप सिंह सेखवां

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता Jagrup Singh Sekhwan ने विधायक गुरदीप सिंह रंधावा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिरोमणि अकाली दल (बादल) द्वारा कादियां में की गई रैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह रैली पंजाब या कादियां के हित में नहीं, बल्कि एक परिवार के राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए आयोजित की गई थी।

“यह सुखबीर बचाओ मुहिम थी”

सेखवां ने कहा कि रैली को भले ही कादियां का कार्यक्रम बताया गया, लेकिन भीड़ पूरे पंजाब से जुटाई गई थी। गुरदासपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के अलावा रोपड़, लुधियाना, होशियारपुर, तरनतारन और अमृतसर से भी लोग लाए गए। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर भीड़ जुटाने के बावजूद अकाली दल कोई ठोस राजनीतिक बढ़त हासिल नहीं कर सका।

उन्होंने कहा कि 25-30 सरपंचों के शामिल होने के दावे किए गए, लेकिन एक भी पंचायत सदस्य अकाली दल में शामिल नहीं हुआ। “वे सिर्फ अपना पुराना कैडर ही लेकर आए थे,” सेखवां ने आरोप लगाया।

अकाली दल में अंदरूनी फूट का दावा

सेखवां ने रैली में बिक्रम मजीठिया की गैरमौजूदगी को अकाली दल की अंदरूनी कलह का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि माझा क्षेत्र की महत्वपूर्ण रैली में मजीठिया का न होना इस बात का सबूत है कि पार्टी में दो पावर सेंटर बन चुके हैं और नेतृत्व में गंभीर मतभेद हैं।

सिख संस्थाओं के व्यावसायीकरण का आरोप

सेखवां ने पूर्व जत्थेदार Giani Raghbir Singh के बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक खास परिवार ने सिख संस्थाओं को व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां हो रही हैं, गुरुद्वारों की जमीनें सस्ते दामों पर बेची जा रही हैं और धार्मिक सेवाओं का व्यापारीकरण किया जा रहा है।

“पंजाब ने 2022 में नकार दिया”

सुखबीर सिंह बादल को फिर मौका देने की मांग पर सवाल उठाते हुए सेखवां ने कहा कि बादल परिवार को पांच बार सत्ता मिली, लेकिन उस दौरान बेअदबी की घटनाएं हुईं और कई विवाद सामने आए। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब की जनता ने अकाली दल को नकार दिया और अब लोग गुरुद्वारों को परिवारवाद से मुक्त देखना चाहते हैं।

टिकट वितरण पर भी सवाल

सेखवां ने कादियां से घोषित उम्मीदवार पर आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए टिकट वितरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को आगे बढ़ा रही है, जबकि परंपरागत और कुर्बानी देने वाले परिवारों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

अंत में सेखवां ने कहा कि पंजाब की मौजूदा चुनौतियां—गैंगस्टरवाद, कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या—पूर्व सरकारों की देन हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब सब समझ चुकी है और भविष्य में भी वही फैसला देगी।

Continue Reading

National

CM भगवंत मान से अस्पताल में मिले सिसोदिया:बोले- अब उनकी सेहत में सुधार, उम्मीद है कल तक छुट्‌टी हो जाए

Published

on

मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती पंजाब के सीएम भगवंत मान से मिलने के लिए आज आम आदमी पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया पहुंचे। इस दौरान अस्पताल से जाते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम साहब अब ठीक हैं। उनकी सेहत में काफी सुधार है।

जब मीडिया ने सवाल किया डिस्चार्ज कब तक होंगे, तो इस पर सिसोदिया ने कहा, “मेरी अभी तक डॉक्टर से मुलाकात नहीं हुई है, इसलिए कुछ कहना मुश्किल है। आज तो मुझे नहीं लगता कि डिस्चार्ज होंगे, लेकिन संभव है कि कल तक हो जाए।”

इसके बाद मीडिया ने सवाल किया कि बठिंडा में किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई है और किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।इसके बाद कैबिनेट विस्तार और डिप्टी सीएम को लेकर चर्चा पर उन्होंने कहा, “अभी तो एआई समिट चल रही है। पूरे देश में उसका मजाक बन रहा है।”

पत्रकारों ने सवाल किया कि चीफ सेक्रेटरी केएपी. सिन्हा भी आए थे और आप भी यहां पहुंचे थे, क्या कोई मीटिंग थी? इस सवाल पर सिसोदिया ने कहा, “मैं तो सिर्फ हालचाल पूछने आया था। वे मेरे दोस्त हैं।”

अस्पताल ने यह मेडिकल बुलेटिन बताया

मंगलवार रात जारी सेहत बुलेटिन में बताया गया कि सीएम को 16 फरवरी को नियमित जांच के लिए फोर्टिस अस्पताल, मोहाली गए थे। अब वह ठीक है। उन्हें ज्यादा थकान महसूस हो रही थी, इसलिए डॉक्टरों की निगरानी में आराम और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल कर रही है।

15 फरवरी को संगरूर में बिगड़ी तबीयत

15 फरवरी शिवरात्रि वाले दिन दोपहर में सीएम संगरूर के धूरी स्थित श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-पाठ और हवन यज्ञ किया।

इसके बाद सीएम की तबीयत बिगड़ गई। सीएम का संगरूर के बाद फाजिल्का दौरा था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें तुरंत मोहाली फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। लेकिन 16 फरवरी को मोगा रैली में शामिल हुए। उसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए।

कल मिली थी अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी

17 फरवरी को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल को उड़ाने की धमकी मिली थी। जो स्कूल को ईमेल आई थी। उसमें इस बात का जिक्र था। इसके बाद पुलिस की टीमों ने पूरी जांच की। एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने मीडिया को बताया कि धमकी स्कूल के ईमेल आईडी के पर आई थी।

इस लिए सावधानी के तौर पर विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए नजदीक के सभी स्कूलों की भी अच्छी तरह जांच की गई। यह मेल फर्जी थी।

Continue Reading

Trending