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CM मान व अरविंद केजरीवाल ने की पंजाब में ‘विकास क्रांति’ के लामिसाल युग की शुरुआत
होशियारपुर: पंजाब में ‘विकास क्रांति’ के लामिसाल युग की शुरूआत करते हुए पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने होशियारपुर के लोगों को 867 करोड़ रुपए के विकास प्रोजैक्टों के उद्घाटन और नींव पत्थर रखते समय एलान कर बड़ा तोहफा दिया। दोनों नेताओं ने 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सरकारी मेडिकल कालेज सहित कई प्रोजैक्टों के नींव पत्थर रखे। शहीद उधम सिंह के नाम पर बनने वाले इस कालेज में एम.बी.बी.एस. की 100 सीटें होंगी और इसमें राष्ट्रीय मेडिकल कमिश्नर यू.जी.-एम.एस.आर.-2023 के अंतर्गत 420 बिस्तर वाला अस्पताल अपेक्षित होगा। दोनों मुख्य मंत्रियों ने गांव खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास जी मैमोरियल और आडीटोरियम एंव ओपन थियेटर भी लोगों को समर्पित किया।
दोनों मुख्य मंत्रियों ने कहा कि 148 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह प्रोजैक्ट लोगो को श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और फलसफे के बारे में अवगत करवाने में सहायक होगा। इस दौरान दोनों नेताओं ने 30. 82 करोड़ रुपए की लागत के साथ गांव बजवाड़ा और किला भैरों में बनने वाले सीवरेज प्रोजैक्ट का नींव पत्थर भी रखा। उन्होंने होशियारपुर में फर्द केंद्र के साथ तहसील इमारत के निर्माण का भी नींव पत्थर रखा, जिस पर 5. 29 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
इस इमारत में एस.डी.एम. दफ्तर, एस.डी.एम. अदालत, तहसील दफ्तर, तहसीलदार अदालत, सब रजिस्ट्रेशन दफ्तरर, कैंटीन, वेटिंग एरिया, मीटिंग रूम, फर्द केंद्र, रिकार्ड रूम और अन्य सुविधाएं होंगी। इसी तरह मोहल्ला कच्चा टोबा, न्यू शांति नगर, प्रेमगढ़, न्यू बैंक कालोनी और बूथगढ़ निवासियों को पीने वाले पानी की निर्विघ्न स्पलाई के लिए 1. 94 करोड़ रुपए के प्रोजैक्टों का नींव पत्थर भी रखा गया। दोनों नेताओं ने बालापीर रोड, टांडा रोड से मुख्य सड़क बेगोवाल के निर्माण और बेगोवाल शहर में दोनों तरफ इंटरलाकिंग टायलें लगाने के प्रोजैक्ट का भी नींव पत्थर रखा, जिस पर 1. 52 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
इसी तरह फगवाड़ा में भी 14 करोड़ रुपए के अलग-अलग विकास कामों का नींव पत्थर रखा गया। गढ़शंकर में 1. 36 करोड़ रुपए की लागत से 100 प्रतिशत वाटर स्पलाई पाईप लाईन बिछाने का नींव पत्थर भी रखा गया, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। दोनों मुख्य मंत्रियों ने 22. 68 करोड़ रुपए की लागत से सभी जिलों में खाली पड़ी पंचायती जमीनों और चार एकड़ रकबे में खेल मैदानों के निर्माण के लिए एक बड़े प्रोजैक्ट की शुरूआत भी की।
दोनों नेताओं ने हथियारबंद सेना की भर्ती परीक्षा के लिए लड़कों और लड़कियों के प्रशिक्षण के लिए 26. 96 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए एस. बहादर अमी चंद सोनी इंस्टीट्यूट का उद्घाटन भी किया ताकि युवाओं को हथियारबंद सेना में दाखिला लेने की सुविधा दी जा सके। उन्होंने 5.75 करोड़ रुपए की लागत के साथ बनाए गए 30 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड अस्पताल विंग के लिए नई इमारत भी समर्पित की। दोनों मुख्य मंत्रियों ने गढ़शंकर में 0. 80 करोड़ की लागत से हाल ही में अपग्रेड किया सब डिवीजन अस्पताल भी लोगों को समर्पित किया।
इसी तरह माहिलपुर में नए बने आम आदमी क्लीनिक को भी दोनों मुख्य मंत्रियों द्वारा लोगों को समर्पित किया गया। उन्होंने कहा कि 0. 5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया यह क्लीनिक लोगों को मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। दोनों नेताओं ने हरियाणा नगर कौंसिल के लिए 3.14 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज की सुविधा देने का भी ऐलान किया।
दोनों मुख्य मंत्रियों ने 500 व्यक्तियों की सामर्थ्य वाला मल्टीपर्पज हाल भी दसूहा के लोगों को समर्पित किया, जहां लोग कम कीमत पर विवाह, समागम, सभा, मीटिंग और अन्य काम कर सकेंगे। यह प्रोजैक्ट 1. 42 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है। इसी तरह जल स्पलाई योजना के लिए 100 करोड़ रुपए की लागत आई है। कालोवाल और मीरपुर कोटली के लोगों को 1. 59 करोड़ रुपए की लागत वाले ट्यूबवैल, सिविल वर्क और ओ.एच.एस.आर प्रोजैक्ट तोहफे के तौर पर दिए गए है। टाहली और बघौरा (चब्बेवाल) के लोगों को क्रमअनुसार 0.15 करोड़ और 0.20 करोड़ रुपए की लागत से नए ट्यूबवैल का तोहफा दिया गया।
लोगों को पीने योग्य पीने वाले पानी की स्पलाई को यकीनी बनाने के लिए दोनों मुख मंत्रियों ने मुकेरियां के सीबो चैक, भोजपुर, अब्दुल्लापुर और कालू चांग गांवों के निवासियों को 1. 85 करोड़ रुपए की लागत के साथ ट्यूबवैल, सिविल वर्क और ओ.एच.एस.आर सहित जल स्पलाई योजना का तोहफा भी दिया। उन्होंने ढिल्लवां शहर में 1.53 करोड़ रुपए और नडाला शहर में 1.18 करोड़ रुपए के विकास कार्यों और एन.पी. भुलत्थ में नए बने क्लस्टर फायर ब्रिगेड दफ्तर का उद्घाटन किया। जो कि 0.45 करोड़ रुपए की लागत से अन्य पड़ोसी यू.एल. बीज नडाला, ढिल्लवां और बेगोवाल को और 1 करोड़ रुपए की लागत से नडाला, ढिल्लवां, भुलत्थ और बेगोवाल के आम आदमी कलीनिकों को जोड़ेगा।
दोनों मुख्य मंत्रियों ने होशियारपुर के लाजवंती आउटडोर स्टेडियम में आठ लेन अथलैटिकस सिंथेटिक ट्रैक और सरकारी कालेज, टांडा में 6-6 करोड़ रुपए की लागत से आठ लेन अथलैटिकस सिंथेटिक ट्रैक बनाने की योजना का भी ऐलान किया। उन्होंने होशियारपुर में 6. 77 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल की इमारत की मुरम्मत और नवीनीकरण का भी ऐलान किया। इसी तरह उन्होंने कम्युनिटी हैल्थ सैंटर गढ़दीवाला को 8.05 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड करने, सी.एच.सी टांडा को 2. 40 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड करने और सी.एच.सी बुढाबाद को 2.26 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड करने का ऐलान भी किया।
दोनों मुख्य मंत्रियों ने यह भी कहा कि टांडा में पांच करोड़ रुपए की लागत से एस.डी.एम. दफ्तर और अदालत, तहसीलदार दफ्तर और कचहरी, वेटिंग एरिया, मीटिंग हाल, फर्द केंद्र, रिकार्ड रूम और अन्य सुविधाओं के साथ नई तहसील की इमारत बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि खरखाण, पिप्पलवाला, बूथगढ़, नारी, सिंघपुर, भाम, ढड्डे कटवाल, हरसा मानसर, अंबाला जट्टा, कोई, झज्ज, कुराला कलां, तलवंडी डंडीयां, बाबक, भंबोतर, चमूही, साठवां, संसारपुर, सफदरपुर, तलवाड़ा सिटी, रामगढ़ सीकरी, दारापुर, बहेड़ा, मस्तपुर, मिर्जापुर खडियाला, भागोवाल और माहिलपुर में 6. 96 करोड़ की लागत से आम आदमी क्लीनिक खोले जाएंगे। इसी तरह उन्होंने बताया कि होशियारपुर-1 भूंगा, टांडा, दसूहा और श्री हरगोबिंदपुर ब्लाकों में नई लाईब्रेरी खोलने पर 2. 56 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
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पंजाब देश में सबसे अधिक वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल, कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी आगे: हरपाल सिंह चीमा
यह रेखांकित करते हुए कि पंजाब पहले से ही देश में सबसे अधिक सरकारी वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल है तथा कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी अधिक वेतनमान प्रदान कर रहा है, पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि पूर्ववर्ती शिरोमणि अकाली दल-भाजपा तथा कांग्रेस सरकारों की नीतियों के कारण राज्य को कर्मचारियों के वेतन आयोग के बकायों के रूप में 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी विरासत में मिली है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हाईकोर्ट द्वारा स्वीकृत निपटान योजना के तहत पहले ही 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये का भुगतान कर चुकी है तथा हाईकोर्ट के ताजा फैसले और उपलब्ध कानूनी उपायों का परीक्षण करते हुए सभी संवैधानिक एवं कानूनी रूप से वैध बकायों का भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन आयोग की रिपोर्ट वास्तव में वर्ष 2016 में तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान तैयार की गई थी, लेकिन इसे कई वर्षों तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “यह रिपोर्ट केवल जुलाई 2021 में लागू की गई। परिणामस्वरूप 1 जनवरी 2016 से जुलाई 2021 तक के महंगाई भत्ते (डीए) के बकाये को स्थगित कर दिया गया, जिससे 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी उत्पन्न हो गई।”
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि हालांकि तत्कालीन शासनकाल के दौरान वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन बकाया राशियों में से एक रुपया भी जारी किए बिना अपना कार्यकाल पूरा कर लिया, जिससे पूरा वित्तीय बोझ वर्तमान सरकार पर आ गया।
‘आप’ सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विभिन्न कर्मचारियों द्वारा हाईकोर्ट का रुख किए जाने के बाद पंजाब सरकार ने एक सुनियोजित निपटान योजना तैयार की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, “14,191 करोड़ रुपये की कुल देनदारी में से ‘आप’ सरकार पहले ही कर्मचारियों को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। हाईकोर्ट ने इस निपटान योजना को स्वीकार कर लिया था और इसे लागू करने का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।”
वर्तमान महंगाई भत्ते (डीए) के वितरण संबंधी हाईकोर्ट के ताजा फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एकल पीठ की व्याख्या में कुछ संवैधानिक मानदंडों तथा न्यायिक नज़ीरों की अनदेखी की गई प्रतीत होती है।
महाराष्ट्र राज्य के मामले में वर्ष 2005 के संविधान पीठ के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय देश में सबसे अधिक वेतनमान प्रदान कर रहा है, जो कई श्रेणियों में केंद्र सरकार के वेतन ढांचे से भी अधिक हैं।
विभिन्न पदों के लिए पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के वेतनमानों की तुलना प्रस्तुत करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “राज्य सरकार का कानूनी तर्क यह था कि जब राज्य का वेतन ढांचा पहले से ही काफी अधिक हो, तो कोई भी राज्य सरकार एक ही समय में सबसे अधिक मूल वेतनमान और केंद्र की सबसे अधिक डीए दरों—दोनों को बनाए नहीं रख सकती।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने स्वयं यह निर्णय लिया था कि नए भर्ती किए गए कर्मचारियों को केंद्रीय वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत शामिल किया जाएगा।
कर्मचारियों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सभी संवैधानिक एवं कानूनी रूप से वैध बकायों का भुगतान किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “हमारी कानूनी टीम ताजा फैसले का विस्तृत अध्ययन कर रही है, न्यायिक नज़ीरों की समीक्षा कर रही है तथा उपयुक्त कानूनी रास्ता तय करने के लिए विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रही है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने की संभावना भी शामिल है।”
प्रेस वार्ता का समापन करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूर्ववर्ती अकाली दल-भाजपा और कांग्रेस सरकारों से भारी वित्तीय बोझ विरासत में मिलने के बावजूद पंजाब सरकार सभी बकाया वित्तीय देनदारियों का योजनाबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से खराब हुई गाड़ियों की मरम्मत में ₹25,000 से ₹50,000 का खर्च आता है: हरपाल सिंह चीमा
भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को अप्रैल 2026 से 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंड (ई-20 पेट्रोल) को ज़बरदस्ती लागू करने की आलोचना की, जबकि असल में डेडलाइन 2030 से आगे बढ़ा दी गई थी। वह अपने पेश किए गए प्रस्ताव के समर्थन में सदन में बोल रहे थे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूएस दुनिया का 60 परसेंट इथेनॉल बनाता है जबकि भारत सिर्फ़ 5 परसेंट बनाता है। चीमा ने भाजपा की केंद्र सरकार पर भारतीय उपभोक्ताओं और गाड़ी मालिकों की कीमत पर यीएस और डोनाल्ड ट्रंप के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाया।
राज्य में इस मुद्दे की गंभीरता पर ध्यान देते हुए, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग के पास अभी 1,25,88,851 रजिस्टर्ड टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और कमर्शियल गाड़ियां हैं, जबकि पड़ोसी राज्यों से खरीदी गई कुछ दूसरी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस अभी भी चल रहा है। इतनी ज़्यादा पुरानी गाड़ियों वाले राज्यों पर ज़बरदस्ती ई-20 फ्यूल थोपना बहुत भारी पड़ रहा है।”
लोकल मैकेनिकों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए, उन्होंने बताया, “इथेनॉल ब्लेंड से खराब हुई कार को ठीक करने का खर्च ₹25,000 से ₹50,000 के बीच है।”
उन्होंने पुरानी गाड़ियों वाले लोगों के लिए दूसरा इंतज़ाम न करने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की भी आलोचना की और चेतावनी दी कि अगर डिलीवरी बॉय और छोटे व्यापारियों की गाड़ियां हर कुछ महीनों में खराब होती रहीं, तो उनकी रोजी-रोटी खतरे में पड़ जाएगी।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया, “केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद में माना था कि फ्यूल माइलेज में 6% की कमी आई है, जबकि असल में एफिशिएंसी का नुकसान बहुत ज़्यादा है। घरेलू वैज्ञानिकों, मैन्युफैक्चरर्स, सांसदों या आम जनता से सलाह किए बिना देश पर ऐसी पॉलिसी थोपना निंदनीय है। यह पॉलिसी देश को कॉर्पोरेट हितों के लिए बेच रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “इथेनॉल बनाने में बहुत पानी लगता है, जो पंजाब के पहले से ही गिरते भुमिगत पानी लेवल के लिए एक गंभीर खतरा है।”
भारी जन विरोध को हाईलाइट करते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में आप के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली में ऑर्गनाइज़ किए गए एक डायलॉग का ज़िक्र किया, जिसमें 4,000 से 5,000 लोग शामिल हुए थे और 7 लाख लोगों ने इसे ऑनलाइन देखा था। उन्होंने बताया, “उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के मैकेनिक और एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया और इस बात पर अपनी आवाज़ उठाई कि यह पॉलिसी कंज्यूमर्स के लिए कितनी नुकसानदायक है, जिससे यह साबित होता है कि यह एक ज़रूरी और ज़रूरी नेशनल मुद्दा है जिस पर तुरंत दोबारा विचार करने की ज़रूरत है।”
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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों को निपटाए जाने की संभावना है। सरकार की ओर से पंजाब रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। इसके अलावा छह अलग-अलग विभागों की वार्षिक और प्रगति रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी।
वहीं, विपक्षी दलों ने भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। ऐसे में आज भी विधानसभा में तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
मानसून सत्र के पहले दिन फार्मेसी परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर सदन का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सदन से वॉकआउट किया था।
हालांकि, पंजाब सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह पेपर लीक का नहीं, बल्कि हाईटेक नकल का मामला था। सरकार का दावा है कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महज 15 मिनट के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और मामले की जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब विधानसभा का यह मानसून सत्र 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव सदन में पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष विभिन्न जनहित और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।
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