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Haryana: गुर्जर की टिकट पर छाए संकट के बादल, आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों को टिकट का खतरा

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भाजपा के लोग विचारों के साथ आने के लिए बहुत सारी बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने नामों की एक सूची बनाई, लेकिन फिर उन्होंने उनमें से कुछ को हटाने का फैसला किया। इसका मतलब यह है कि कृषि मंत्री कंवर पाल जैसे कुछ मंत्री शायद फिर से अपने पद के लिए चुनाव न लड़ पाएं। Haryana में कृषि मंत्री कंवर पाल गुर्जर के लिए कुछ परेशानी है, जो लंबे समय से भाजपा पार्टी का हिस्सा हैं। उन्होंने 2014 और 2019 में चुनाव जीते और फिर वे शिक्षा मंत्री बन गए। मार्च में सरकार बदलने के बाद, वे कृषि मंत्री बन गए। वे छछरौली नामक जगह से विधायक हुआ करते थे, लेकिन अब वह इलाका मौजूद नहीं है। अब, मुकेश गर्ग नामक एक नए व्यक्ति के बारे में चर्चा चल रही है, जिनकी भाजपा में भी मजबूत पृष्ठभूमि है, संभवतः जगाधरी नामक क्षेत्र में गुर्जर की जगह ले सकते हैं। मुकेश गर्ग विधि आयोग के लिए काम करते थे और अब Haryana में बिजली का प्रबंधन करने वाले एक समूह का हिस्सा हैं। वे लंबे समय तक यमुनानगर कोर्ट में वकील भी रहे हैं। बनवारी लाल नामक एक अन्य नेता, जो लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं, के बारे में भी कुछ अनिश्चितता है।

साथ ही, परिवहन और महिलाओं और बच्चों के मुद्दों में मदद करने वाले असीम गोयल भी अपनी नौकरी को लेकर अनिश्चित हैं। कर्णदेव कंबोज, जो 2014 से नेता हैं, खाद्य और आपूर्ति के प्रभारी हुआ करते थे। पिछले चुनाव 2019 में, भाजपा ने रादौर से पहले से नेता रहे श्याम सिंह राणा को फिर से चुनाव नहीं लड़ने दिया और उनकी जगह किसी और को चुना। श्याम फिर एक अलग पार्टी में शामिल हो गए, लेकिन अब वे भाजपा में वापस आ गए हैं और लोग उनके रादौर से फिर से चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं।

साढ़ौरा से बंतो कटारिया नेता बनने के लिए चुनाव लड़ सकते हैं, जो एक ऐसी जगह है जहाँ लोग अपने प्रतिनिधियों के लिए वोट करते हैं। अभी, वहाँ की नेता कांग्रेस नामक एक समूह से रेणु बाला हैं। भाजपा नामक एक अन्य समूह से बंतो कटारिया के अलावा, सुमन नाम की एक और व्यक्ति भी है जो जिला शिक्षा अधिकारी हुआ करती थी और संभावित उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, जो हिसार से नेता भी हैं, इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। भाजपा पार्टी हिसार से किसी नए व्यक्ति को चुनना चाहती है। वे नवीन जिंदल की माँ सावित्री जिंदल या उनकी पत्नी शालू जिंदल में से किसी एक को अपना उम्मीदवार बना सकते हैं। इस बात को लेकर भी अनिश्चितता है कि संजय सिंह जैसे दूसरे नेता चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं।

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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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