Connect with us

Punjab

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का वीडियो फर्जी था, पूरी साजिश का हुआ खुलासा

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सबूत पेश करते हुए धर्म के आधार पर उनकी छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल की गई एक कथित फर्जी वीडियो के पीछे रची गई साजिश का पर्दाफाश किया। मीडिया के सामने वीडियो और अन्य सामग्री दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जैसा दिखने वाला एक मास्क (मुखौटा) तैयार करवाया गया था और उसी का उपयोग इस कथित फर्जी वीडियो को बनाने के लिए किया गया। उन्होंने कनाडा में रहने वाले जगमन समरा की पहचान उस व्यक्ति के रूप में की, जिसके बारे में उनका कहना है कि उसने इस मास्क का उपयोग करके वीडियो शूट की थी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कथित फर्जी वीडियो कनाडा के एक होटल में फिल्माई गई थी, जबकि वह वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। उन्होंने कहा कि यह मास्क एक कार में जगमन समरा को डिलीवर किया गया था और इसके बाद समरा इसे अपने हाथ में पकड़े हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वीडियो में मास्क स्पष्ट रूप से दिखाई देता है तथा उनकी गर्दन के ऑपरेशन का निशान भी उसमें नहीं है। उन्होंने कहा कि फर्जी वीडियो बनाने वालों की पहचान कर ली गई है और जांच पूरी होने के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पूरे मामले को सबूतों सहित श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखा जाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। मेरे प्यारे पंजाबियो, पिछले कुछ दिनों से मेरे राजनीतिक विरोधियों ने मेरी एक फर्जी वीडियो पर राजनीति की है। आज एक मास्क ने उन विरोधियों के असली चेहरे उजागर कर दिए हैं। मैं शुरू से ही कहता आ रहा हूं कि उस वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं।”

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “श्री अकाल तख्त साहिब के आगे मेरा सिर हमेशा झुका है और हमेशा झुका रहेगा। मेरा विश्वास, मेरी अंतरात्मा और पंजाब के समझदार लोग मेरे साथ खड़े हैं। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन था? आने वाले दिनों में हम इस बारे में भी बड़े खुलासे करेंगे। वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।”

मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले कई दिनों से मेरी एक फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो बार-बार वायरल की जा रही है। इससे केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए धार्मिक आदेश भी जारी करवाए गए। राजनीतिक आकाओं द्वारा धार्मिक पदों पर बैठे लोगों का इस्तेमाल अपने हित में घोषणाएं करवाने के लिए किया जा रहा है, ताकि मुझे धार्मिक रूप से बदनाम किया जा सके, क्योंकि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। वे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल हो चुके हैं और अब मुझे धार्मिक रूप से बदनाम करने के लिए रोज नए आदेश जारी कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने पंजाब के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक कल्याण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। चाहे बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाना हो, पालकी साहिब ले जाने वाले वाहनों का टैक्स माफ करना हो, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना हो या सिखों के तीन तख्त साहिब वाले शहरों को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा देना हो, विपक्ष इन फैसलों का मुकाबला नहीं कर सकता।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी विपक्षी दल अब केवल एक ही उद्देश्य से एकजुट हो गए हैं कि झूठी वीडियो के माध्यम से भगवंत मान को निशाना बनाया जाए, ताकि लोग मेरे प्रति नफरत करने लगें, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।”

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “गुरुद्वारों के बाहर ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के नाम पर लोगों से भगवंत मान का बहिष्कार करने की अपील की जा रही है, जबकि मैं स्वयं और पूरी सिख संगत श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान करती है। सुखबीर बादल को ‘तनखाहिया’ घोषित किए जाने पर ऐसे बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए? बेअदबी की घटनाओं और पुलिस फायरिंग के लिए जिम्मेदार लोगों के बहिष्कार की अपील क्यों नहीं की गई? जब शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष स्वयं कहते हैं कि वे गुरु गोबिंद सिंह जी की बजाय सुखबीर बादल के सिपाही हैं, तो उनकी निष्ठा किसके प्रति है, यह स्पष्ट हो जाता है।”

श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मुझे श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया था, तब मैं वहां एक विनम्र सिख के रूप में गया था। आज भी यदि मुझे बुलाया जाता है तो मैं बिना किसी हिचकिचाहट के उपस्थित होऊंगा। मैं श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कभी चुनौती नहीं दे सकता और न ही ऐसा करने की मेरी कोई हैसियत है।”

श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी की कार्यवाही की जारी की गई वीडियो का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अनुरोध किया था कि इस कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए, लेकिन मुझे बताया गया कि पांच सिंह साहिबानों के लिए केवल एक रिकॉर्डिंग रखी जाएगी। अब उसी रिकॉर्डिंग को संपादित कर चुनिंदा रूप में जारी किया जा रहा है। उस रिकॉर्डिंग में भी मैं यही कह रहा हूं कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं। कोई भी इसकी जांच करवा सकता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कल कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों से भगवंत मान का बहिष्कार करने की अपील की और आरोप लगाया कि मैंने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी है। वही कांग्रेस, जिसने 1984 में श्री अकाल तख्त साहिब को नुकसान पहुंचाया और टैंकों व गोलों का इस्तेमाल किया, आज उसकी मर्यादा और पवित्रता की रक्षा का दावा कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “दूसरी पार्टी अकाली दल है, जिसका इतिहास बेअदबी की घटनाओं से जुड़ा रहा है। तीसरी पार्टी भाजपा है, जिसके नेताओं ने इंदिरा गांधी को कार्रवाई की सलाह दी थी, जिसके परिणामस्वरूप ऑपरेशन ब्लू स्टार हुआ। आज ये तीनों पार्टियां मिलकर भगवंत मान के खिलाफ साझा मोर्चा बनाए हुए हैं। यह केवल इस बात का प्रमाण है कि वे राजनीतिक रूप से बौखला चुके हैं। जहां वे लोगों को इकट्ठा नहीं कर पा रहे, वहीं बड़ी संख्या में लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं प्रतिदिन गांवों का दौरा कर रहा हूं। आज मैं बरनाला जिले के गांव जलूर जा रहा हूं। कल मैं बुढलाडा के गांव धर्मपुरा में था और उससे पहले मौर विधानसभा क्षेत्र के मंडी कलां में गया था। हर दिन मैं गांवों में लोगों से मिलता हूं। लोग हमें सुनने के लिए छतों और कोठों पर चढ़ जाते हैं। वे पानी की आपूर्ति, बिजली, रोजगार, गांवों के तालाब, सड़कों और विकास की बात

करते हैं। जहां लोग विकास की चर्चा कर रहे हैं, वहीं मेरे विरोधी पंजाब का ध्यान मनगढ़ंत विवादों की ओर भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज प्रस्तुत किए गए सबूतों के बाद मेरा मानना है कि मुझे और कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। मैं फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ता हूं।”

वीडियो का फ्रेम-दर-फ्रेम (एक-एक पल) उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मास्क (मुखौटा) स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जहां मास्क समाप्त होता है, वहां एक साफ रेखा देखी जा सकती है। उस व्यक्ति की ठोड़ी बिल्कुल साफ है, जबकि मेरी ठोड़ी पर पांच वर्ष की आयु से सर्जरी का एक स्थायी निशान है। वह निशान मेरी पुरानी वीडियो में भी दिखाई देता है, जिनमें मेरी शुरुआती कॉमेडी वीडियो भी शामिल हैं। जिन्होंने यह फर्जी वीडियो बनाई है, वे उस निशान को दोबारा बनाना भूल गए।”

उन्होंने आगे कहा, “गर्दन की रेखा, कान, चेहरे की बनावट और त्वचा का रंग भी स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि किसी व्यक्ति के चेहरे पर मास्क लगाया गया है। गर्दन की गतिविधि भी मास्क के कारण बनने वाली सिलवटों को उजागर करती है। मास्क के माध्यम से आंखों को उसी तरह नहीं दिखाया जा सकता था, इसलिए उन्हें छिपाने के लिए काले चश्मे का इस्तेमाल किया गया। कोई भी व्यक्ति वीडियो को ज़ूम करके इन विवरणों की पुष्टि कर सकता है।”

उन्होंने कहा, “यह मास्क विशेष रूप से तैयार करवाकर मंगवाया गया था। जिस दिन इसकी डिलीवरी हुई, कनाडा स्थित ब्लैकमेलर जगमन समरा ने मास्क को अपने हाथ पर रखकर अपनी कार के अंदर एक वीडियो रिकॉर्ड की। उसने मास्क दिखाते हुए तस्वीरें भी खींचीं और समझाया कि यह किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे पर कैसे फिट बैठता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाद में यही मास्क किसी अन्य व्यक्ति को पहनाकर फर्जी वीडियो शूट की गई। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबॉट्सफोर्ड स्थित एक होटल का कमरा है। मैं नवंबर 2016 के बाद कनाडा गया ही नहीं। तब से मैं चुनाव लड़ रहा हूं और बाद में सांसद बना। होटल के कमरे का डिजाइन स्वयं उस निर्माण शैली को दर्शाता है जो वर्ष 2017-18 के बाद ही आम हुई थी। होटल के कमरे के अंदर गुरु साहिब की तस्वीरें कौन रखता है?”

उन्होंने आगे कहा, “इसी व्यक्ति ने अरविंद केजरीवाल का भी मास्क ऑर्डर किया था। हम आने वाले दिनों में उसके सबूत भी पेश करेंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “हम यह भी खुलासा करेंगे कि इस पूरे ऑपरेशन को किसने वित्तपोषित किया, इन फर्जी वीडियो को बनाने के लिए भुगतान किसने किया, इन्हें किसने प्रोड्यूस किया और किसने डायरेक्ट किया। वे खुलासे भी हैरान करने वाले होंगे। जनता के सामने सब कुछ रखने से पहले हम केवल कुछ शेष विवरणों की पुष्टि करना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “इसी होटल के कमरे का उपयोग मेरे साथ जोड़ी जा रही अन्य कथित निजी वीडियो को शूट करने के लिए भी किया गया था। ये सभी वीडियो एक ही दिन उसी व्यक्ति को मास्क पहनाकर शूट की गई थीं। इसी कारण मैं लगातार कह रहा हूं कि उन वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं। शरीर की बनावट, हाव-भाव, चलने का तरीका तथा बैठने-खड़े होने का अंदाज मेरे साथ मेल नहीं खाता।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज जो सबूत हमने प्रस्तुत किए हैं, उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब को भी भेजा जाएगा और अनुरोध किया जाएगा कि इसकी गहन जांच की जाए। मास्क पहने हुए किसी व्यक्ति को सीधे भगवंत मान कैसे घोषित किया जा सकता है?”

जगमन समरा के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वह संगरूर के निकटवर्ती गांव का रहने वाला है, जो नेपाल के रास्ते फरीदकोट जेल से फरार होकर अंततः कनाडा पहुंच गया था। वह एक ब्लैकमेलर है, उसका नाम नशे से संबंधित गतिविधियों में जुड़ता रहा है और वह कई बार ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है।”

अन्य आरोपों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दो आईपीएस अधिकारियों के गुरुग्राम जाने के आरोप भी झूठे हैं। एजेंसियों के माध्यम से लोगों से कुछ भी कहलवाया जा सकता है। जब भी हम सबूत प्रस्तुत करते हैं, तब नए आरोप लगाकर इसे बदनाम करने की कोशिश की जाती है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। आज जो सबूत हमने प्रस्तुत किए हैं, वे पुलिस को भी सौंपे जाएंगे। हम इंटरपोल के माध्यम से इस व्यक्ति को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मामले को पंजाब विधानसभा की समिति के समक्ष भी उठाया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि जगमन समरा ने इससे पहले एक पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री के पुत्र को ब्लैकमेल कर भारी धनराशि की मांग की थी तथा किसान आंदोलन के दौरान नेताओं को भी निशाना बनाया था।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसी फर्जी वीडियो हमेशा चुनावों के दौरान सामने आती हैं। पिछली चुनावों के दौरान भी मनगढ़ंत वीडियो वायरल की गई थीं, जिनमें दावा किया गया था कि मैंने शराब पी रखी थी, मैं गिर रहा था या मैं बर्गर तक नहीं खा पा रहा था। ये चुनावी हथियार हैं क्योंकि मेरे विरोधियों के पास प्रस्तुत करने के लिए और कुछ नहीं है।”

अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोग सच्चाई जानते हैं। जब मैं प्रतिदिन गांवों में जाता हूं तो लोग मुझसे कहते हैं कि वे भली-भांति समझते हैं कि इन साजिशों के पीछे कौन है। जनता सब कुछ जानती है।”

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

चंडीगढ़ में बढ़ रही LPG की मांग, 4 साल में 21 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन; खपत के आंकड़े भी चौंकाने वाले

Published

on

चंडीगढ़ में घरेलू रसोई गैस यानी LPG की मांग लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में शहर में 21,578 नए घरेलू LPG कनेक्शन जुड़े हैं। 1 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या 2,86,442 थी, जो 1 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 3,08,020 हो गई। यानी इस अवधि में उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में LPG उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। वर्ष 2023 में शहर में 2,87,723 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,00,133 और 2025 में 3,06,663 हो गई। इसके बाद अप्रैल 2026 तक यह आंकड़ा 3.08 लाख से अधिक पहुंच गया।

चंडीगढ़ में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा LPG खपत

चंडीगढ़ में केवल LPG कनेक्शनों की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि गैस की औसत खपत भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने चंडीगढ़ में औसतन 7.2 सिलिंडर प्रति वर्ष इस्तेमाल किए, जबकि देश का राष्ट्रीय औसत 4.8 सिलिंडर रहा।

वहीं, गैर-उज्ज्वला घरेलू LPG उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक खपत चंडीगढ़ में 9.6 सिलिंडर रही। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे उपभोक्ताओं की औसत खपत 6.8 सिलिंडर थी। यानी चंडीगढ़ में सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की LPG खपत भी राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रही।

पंजाब और हरियाणा में लाखों घरेलू LPG उपभोक्ता

वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 91,60,891 और हरियाणा में 74,75,277 घरेलू LPG उपभोक्ता थे। दिल्ली में यह संख्या 51,53,568, जम्मू-कश्मीर में 34,75,859 और हिमाचल प्रदेश में 21,14,690 थी। वहीं राजस्थान में घरेलू LPG उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.71 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 4.52 करोड़ से अधिक थी।

केंद्र सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2026 तक देश में कुल 33.13 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ता थे। इनमें करीब 10.58 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं।

LPG को किफायती रखने के लिए सरकार दे रही मुआवजा

केंद्र सरकार के अनुसार, गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू LPG को किफायती बनाए रखने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियों को मुआवजा दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसके लिए करीब 22 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है।

30 जून 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू LPG पर संचित अंडर-रिकवरी 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच भी जारी रही गैस सप्लाई

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच LPG की आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन केंद्र सरकार के अनुसार घरेलू गैस की सप्लाई जारी रही। जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च 2026 से 18 करोड़ से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर वितरित किए गए।

इस दौरान LPG की ऑनलाइन बुकिंग का हिस्सा भी करीब 97 प्रतिशत तक पहुंच गया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भी घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए लोगों से घबराकर अतिरिक्त सिलिंडर बुक करने या जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखने से बचने की अपील की गई थी।

उज्ज्वला और सामान्य LPG उपभोक्ताओं में अंतर

उज्ज्वला उपभोक्ता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।

गैर-उज्ज्वला उपभोक्ता: ऐसे सामान्य घरेलू LPG ग्राहक, जिनका कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नहीं है।

कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में पिछले चार वर्षों के दौरान LPG कनेक्शनों की लगातार बढ़ती संख्या और राष्ट्रीय औसत से अधिक खपत यह दिखाती है कि शहर में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।

Continue Reading

Punjab

पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक, 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को मिलेगी राहत

Published

on

पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने और अभिभावकों को राहत देने के लिए विधानसभा में एक अहम विधेयक पेश किया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा को मुनाफाखोरी का साधन नहीं बनने दिया जाएगा और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित प्रावधानों से पंजाब के करीब 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत कोई भी निजी स्कूल तीन साल तक विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को किसी एक विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों पर बार-बार बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा। अक्सर यूनिफॉर्म या किताबों में बदलाव के कारण माता-पिता को हर साल नया सामान खरीदना पड़ता है। अब ऐसे मामलों में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का NEET परीक्षा पास करना इसका एक बड़ा उदाहरण बताया गया है।

सरकार का कहना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है। इसलिए सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

पंजाब सरकार ने कहा है कि वह राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

Continue Reading

Punjab

पंजाब में फिर बदलेगा मौसम: सोमवार को 3 जिलों में बारिश का अलर्ट, गुरुवार से मानसून फिर होगा सक्रिय

Published

on

पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हुई, जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मंगलवार और बुधवार को पंजाब के किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इन दोनों दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। हालांकि, गुरुवार से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

रविवार को बारिश की गतिविधियां कम रहने के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले औसतन 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। चंडीगढ़ और श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में 35.4, पटियाला में 35.1, पठानकोट और जालंधर में 35.5, होशियारपुर में 33.6, अमृतसर में 31.3 और बठिंडा में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

रविवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में बारिश नहीं हुई। पठानकोट में केवल बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि रूपनगर और थेन बांध क्षेत्र में 0.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर समेत ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं हुई।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश की संभावना है। मंगलवार और बुधवार को मौसम सामान्य रहने के आसार हैं, जबकि 13 अगस्त यानी गुरुवार से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना बन रही है। इससे प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Continue Reading

Trending