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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।

लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”

ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।

मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।

इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।

उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।

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चंबा में बड़ा बस हादसा, 7 की मौत; 15 घायल

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक लड़की, दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए तीसा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, निजी बस सुबह करीब 7 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी। बैरागढ़ से कुछ दूरी पर चालुंज मोड़ के पास ‘शर्मा कोच’ बस अचानक अनियंत्रित हो गई। इसके बाद बस पलटते हुए दूसरी सड़क पर जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।

हादसे के समय बस में करीब 25 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। बस पलटने के बाद कई यात्री उसके अंदर फंस गए, जबकि कुछ लोग एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। जेसीबी की मदद से बस को हटाया गया और उसके अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान जगदेव शर्मा, देसराज, तेज सिंह, जगदेई, हरदेई, नीलम और रूप सिंह के रूप में बताई गई है। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है और मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हादसे की स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर बस के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

फिलहाल सभी घायलों का तीसा अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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