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छेहरटा पार्षद हत्याकांड: आप ने की Punjab पुलिस की कार्रवाई की सराहना, मजीठिया पर “लाशों की राजनीति” करने का आरोप।

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आम आदमी पार्टी (आप) Punjab ने अमृतसर के छेहरटा में पार्षद की हत्या मामले में तेज़ और प्रभावी कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस की सराहना की है। पार्टी ने कहा कि पुलिस ने जिस दक्षता और स्वतंत्रता के साथ इस केस को सुलझाया, वह उसकी पेशेवर क्षमता का प्रमाण है।

आप नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में कोई भी मंत्री या विधायक गैंगस्टरों या नशा तस्करों को संरक्षण नहीं देता, जो कि पिछली सरकारों से अलग है। उन्होंने शिअद नेता बिक्रम मजीठिया के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 2007 से 2017 के बीच अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही गैंगस्टर संस्कृति को पनपने दिया गया।

पन्नू ने आरोप लगाया कि अकाली राज में ही पंजाब में संगठित अपराधियों की ताकत बढ़ी। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक पुलिस अफसर को अपनी बेटी की इज्जत बचाने के लिए जान गंवानी पड़ी, और अपराधियों ने उसके शव के पास नाच-गाना किया। साथ ही उन्होंने बताया कि उस दौर में कई युवा नेता भी संगीन अपराधों में लिप्त थे, जिनमें नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाना और नाभा जेल ब्रेक जैसी घटनाएं शामिल हैं।

आप ने मजीठिया पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि वह शायद अपनी सरकार के रिकॉर्ड को भूल गए हैं। पन्नू ने कहा कि हर पंजाबी को याद है कि कैसे अकाली राज में गैंगस्टर संस्कृति फल-फूल रही थी। अकाली नेतृत्व का ऐसे तत्वों के साथ संबंध भी जगजाहिर है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार ने अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हमारे यहां ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो गैंगस्टरों का समर्थन करते हों या उनसे जुड़े हों। आप सरकार में कानून प्रवर्तन एजेंसियां बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ काम कर रही हैं।

नील गर्ग ने मजीठिया से कहा – लाशों पर राजनीति न करें, गैंगस्टर अकाली सरकार की ही देन है

आप प्रवक्ता नील गर्ग ने भी पार्षद की दुखद हत्या का राजनीतिकरण करने के लिए बिक्रम सिंह मजीठिया की निंदा की। गर्ग ने कहा कि मजीठिया एक संवेदनशील मुद्दे का फायदा उठाकर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता को बचाना चाहते हैं। वह एक निर्दोष व्यक्ति की मौत का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं।

गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब पुलिस बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के स्वतंत्रतापूर्वक काम कर रही है। अकाली शासन के विपरीत, जहां अपराधियों और असामाजिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, आप सरकार ने पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार दिया है। इस मामले में 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी पंजाब पुलिस की दक्षता दर्शाती है। गर्ग ने बताया कि पंजाब की कानून-व्यवस्था आज काफी बेहतर है। एनसीआरबी के आधिकारिक आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं।

मजीठिया से “लाशों पर राजनीति” न करने की अपील करते हुए गर्ग ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी दुखद घटनाओं का फायदा उठाना बेहद शर्मनाक और अनुचित है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को पता है कि अकाली-भाजपा शासन के दौरान गैंगस्टर कैसे पनपें। मजीठिया के निराधार आरोप सिर्फ उनकी हताशा को दर्शाता है, जबकि हकीकत यह है आप सरकार अपराध मुक्त पंजाब बनाने के अपने वादे को पूरा कर रही है।

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Punjab

AAP यूथ विंग ‘शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल’ मुहिम को हर गांव और वार्ड तक ले जाएगी: परमिंदर गोल्डी

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आम आदमी पार्टी (आप) ने ‘शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल’ मुहिम के तहत अपनी पहुंच तेज कर दी है। पार्टी की यूथ विंग ने पंजाब सरकार के कामों को गांवों और शहरी वार्डों के लोगों तक सीधे पहुंचाने के लिए पूरे राज्य में एक मुहिम चलाने का ऐलान किया है।

मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन और आप पंजाब यूथ विंग के कार्यकारी प्रधान परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि आप की यूथ विंग चल रहे ‘शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल’ मुहिम में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगा और पंजाब सरकार की प्राप्तियों को पंजाब के हर गांव और वार्ड तक पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पिछले चार सालों में खास तौर पर युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आप सरकार ने पिछले चार सालों में बहुत शानदार काम किए हैं। यूथ विंग पूरे पंजाब में ‘नुक्कड़ सभाएं’ और मीटिंग करके लोगों से सीधे बातचीत करेगा और उन्हें इन कामयाबियों के बारे में बताएगा।

रोज़गार पर सरकार के ध्यान के बारे में बताते हुए, परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि यूथ विंग लोगों को मान सरकार द्वारा युवाओं को मज़बूत बनाने के लिए उठाए गए क्रांतिकारी कदमों के बारे में बताएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने मेरिट के आधार पर रोज़गार देने का अपना वादा पूरा किया है और लगभग 65,000 सरकारी नौकरियां युवाओं को पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। इन नौकरियों ने न केवल लोगों को सहारा दिया है, बल्कि हज़ारों परिवारों को स्थिरता और उम्मीद भी दी है।

उन्होंने निजी क्षेत्र में मौकों में बढ़ोतरी के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार ने पंजाब में निवेश और बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट लाकर प्राइवेट सेक्टर में पांच लाख से ज़्यादा नौकरियों के मौके बनाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन विकास कामों ने “युवाओं का आत्मविश्वास फिर से जगाया है और उन्हें पंजाब में ही पढ़ाई और करियर बनाने के लिए बढ़ावा दिया है।”

शिक्षा सुधारों पर, परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीनतम शिक्षण विधियाँ से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल लेवल पर एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शुरू किए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को नौकरी ढूंढने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनने के लिए हुनर दिया जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि अध्यापकों और प्रिंसिपलों को सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में सिखलाई के लिए भेजा जा रहा है ताकि पंजाब के एजुकेशन सिस्टम में विश्व स्तरीय सुधार लाए जा सकें।

नशे के विरुद्ध मुहिम का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय सरकार ने अपने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ इनिशिएटिव के तहत सख्त एक्शन लिया है, जिसके तहत हज़ारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह एक साफ़ संदेश है कि पंजाब में गैर-कानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने खेलों के विकास के लिए सरकार की कोशिशों के बारे में भी बताया कि पूरे पंजाब में खेल मैदानों, इनडोर जिम और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़े स्तर वर विकास किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यूथ क्लब्स को मज़बूत किया जा रहा है और उन्हें खेल किटें उपलब्ध की जा रही हैं ताकि युवाओं को काम की एक्टिविटीज़ में लगाकर, उनकी एनर्जी को देश बनाने में लगाया जा सकें और उनकी एनर्जी को देश निर्माण की तरफ लगया जा सके।

इन कोशिशों को बड़े दृष्टिकोण में रखते हुए, परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि ये कोशिशें अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान के एक प्रोग्रेसिव और खुशहाल पंजाब बनाने के विज़न के मुताबिक हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप सरकार शहीद-ए-आजम भगत सिंह के बेहतर और बराबरी वाले समाज के सपने को पूरा करने की भावना से काम कर रही है।

आप कार्यकर्ताओं का वादा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आप कार्यकर्ता सरकार की हर कामयाबी, चाहे वह फ्री बिजली हो, बेहतर कानून-व्यवस्था हो, रोड सेफ्टी फोर्स हो या विकास के काम हों, पंजाब के हर घर तक पहुंचाएंगे। आखिर में उन्होंने कहा कि यूथ विंग यह पक्का करेगा कि मान सरकार के ऐतिहासिक कामों का मैसेज राज्य के कोने-कोने तक पहुंचे।

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अब, अमेरिका और यूरोप की तरह पंजाब में महज़ 6 मिनट में पुलिस सहायता मिलेगी : CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्य भर में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज़ छह मिनट में पुलिस सहायता उपलब्ध कराएगी।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये वाहन डायल-112 सेवा के तहत सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे, जो आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता सुनिश्चित करेंगे। यह कदम त्वरित और तकनीक-आधारित कानून प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान पुलिस वाहनों के लिए 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे न केवल पुलिस बल का आधुनिकीकरण हुआ है बल्कि कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। साथ ही नशा तस्करों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है, जिसका स्पष्ट उदाहरण टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपने दूसरे सबसे बड़े प्लांट की स्थापना के लिए किया जा रहा निवेश है।

संगरूर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब से नशे के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए आखिरी बार के रूप में नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पीढ़ियों को बर्बाद किया है, उनके साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। “ऐसे तत्वों को सबक सिखाना होगा और उनका सामाजिक बहिष्कार पंजाब को नशे की दलदल से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा।”

सरकार की सख्त कार्रवाई को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पहले ही नशे के व्यापार के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है और ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो किसी भी अन्य राज्य से कहीं अधिक है।” उन्होंने कहा कि “नशों के खिलाफ युद्ध” पंजाब में नशा नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो रहा है, जिसके तहत सप्लाई चेन को तोड़कर और बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर इस अवैध कारोबार की रीढ़ तोड़ दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जनसमर्थन के साथ जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार ने तस्करों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी की सुरक्षा के लिए है और यह लगातार जारी रहेगी।”

‘नशा आतंकवाद’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है और दुश्मन ताकतों का डटकर सामना करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार जमीनी स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिसके तहत अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं बल्कि थानों के एसएचओ स्तर तक भी वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कानून-व्यवस्था और आर्थिक विश्वास के संबंध पर उन्होंने कहा कि किसी राज्य की कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है और टाटा स्टील का पंजाब में निवेश इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बन रहा है और इसका श्रेय पंजाब पुलिस को जाता है, जिसने जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम किया है।

सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स शुरू की है। 1,597 प्रशिक्षित कर्मियों और 144 आधुनिक वाहनों के साथ यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात है और इसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है। इस पहल की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सराहना की है।

पुलिस के आधुनिकीकरण संबंधी बात करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन पहल के तहत 508 नई बोलेरो गाड़ियों को हरी  झंडी दिखा कर रवाना किया जा  रहा है। इससे डायल-112 फ्लीट में कुल वाहनों की संख्या बढ़कर 764 हो गई है। ये सभी वाहन जीपीएस ट्रैकर, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। बेहतर कुशलता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि डायल-112 पर प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल प्राप्त होती हैं, जिनमें से करीब 1,500 कॉल पर तुरंत वाहन भेजे जाते हैं और प्रतिक्रिया समय को 30-45 मिनट से घटाकर 13-14 मिनट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने पुलिस कल्याण के लिए बहुत कम धन आवंटित किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने चार वर्षों में 327.69 करोड़ रुपये निवेश कर 2022 से अब तक 2,904 नए वाहन खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि अब हर पुलिस स्टेशन के पास कम से कम एक नया वाहन उपलब्ध है।

विशेष इकाइयों को मजबूत करने संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि एएनटीएफ को 22 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन दिए गए हैं और महिलाओं की सुरक्षा तथा गतिशीलता के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने आगे ऐलान किया कि वर्ष 2026-27 में और वाहनों की खरीद के लिए 11.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अतीत में आतंकवाद का कठिन दौर देखा है, लेकिन पुलिस बल के बलिदानों से राज्य में शांति स्थापित हुई है और आज पंजाब अपनी शांति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद पंजाब पुलिस पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।

भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा, जिससे पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कृषि भूमि से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, जिससे किसानों और उनकी फसलों के लिए जोखिम कम होगा।

भर्ती के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल और 3,298 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका  है।

पारदर्शी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना भ्रष्टाचार के, बेहतर सड़कें और टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत—ये सब ईमानदार शासन का प्रमाण हैं।

उन्होंने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक दल केवल सत्ता हासिल करने पर ध्यान देते हैं, वहीं उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने अवसरवादी राजनीति को नकार कर एक ऐसी सरकार चुनी है जो उनके हित में काम कर रही है।

विपक्षी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ नेता जनता को भ्रमित कर सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन लोग उनके रिकॉर्ड से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने भी कभी सुखबीर सिंह बादल को पूरी नेतृत्व जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर गोयल, डीजीपी गौरव यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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‘आप’ सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में पंजाब के स्कूलों ने बाजी मारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण में केरल को पछाड़कर अग्रणी बना पंजाब- CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” श्रृंखला के तहत पंजाब सरकार की “शिक्षा क्रांति” का चार सालों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस रिपोर्ट कार्ड में बताया गया कि निरंतर सुधारों के कारण सरकारी स्कूल मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं, जिसके देश भर में शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।

‘शिक्षा क्रांति’ को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में शीर्ष रैंकिंग, रिकॉर्ड शैक्षणिक नतीजे, जीरो पेपर लीक और बुनियादी ढांचे तथा शिक्षक प्रशिक्षण में किए गए बेमिसाल निवेश पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक वित्तीय प्रबंध किए गए हैं। वर्ष 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपए था, जो 2026-27 में बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह ‘आप’ सरकार द्वारा इस क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिक्षा रिपोर्ट कार्ड निरंतर जवाबदेही प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल और कानून व्यवस्था जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी चार सालों की कार्यगुजारी संबंधी ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया था और ये नतीजे शासन के सभी हिस्सों में सरकार द्वारा दिए जा रहे विशेष ध्यान को दिखाते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूल और उच्च शिक्षा में किए गए व्यापक सुधारों की रूपरेखा पेश की, जिसमें पिछले चार सालों में किए गए ढांचागत सुधार, रिकॉर्ड निवेश और नतीजों को उजागर किया गया। उन्होंने कहा, “शिक्षा को प्राथमिकता देने वाले देशों ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। हमारे देश में शिक्षा को निजी और सरकारी स्कूलों में बांट दिया गया था, जिससे शिक्षा में गहरा खाई पैदा हो गई। पिछली सरकारों ने स्कूलों को सिर्फ मिड-डे मील के केंद्रों तक सीमित कर दिया था, लेकिन हमारी सरकार ने पूरी व्यवस्था को बदल दिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में अब प्राइवेट स्कूलों के बराबर सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे माता-पिता को बेहतर विकल्प मिलेगा। एक अप्रैल से माता-पिता को उनके बच्चे की स्कूल से अनुपस्थिति और शिक्षकों की छुट्टी के बारे में भी सूचित किया जाएगा, जिससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। कई अन्य राज्यों  खासकर गुजरात के उलट पिछले चार सालों में पंजाब में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई, जो बेहद गर्व की बात है।”

प्रशासन में शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा किसी भी राज्य या देश की तरक्की और खुशहाली में सबसे ज्यादा योगदान देती है। पिछले चार सालों में हमने इस क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। पहले ‘स्मार्ट स्कूल’ के नाम पर लोगों और मासूम बच्चों को गुमराह किया गया था। स्कूलों को सिर्फ पेंट करके सुंदर बनाया जाता था, लेकिन उनमें उचित सुविधाएं या शिक्षकों की कमी रहती थी। आज पंजाब के सरकारी स्कूल निजी संस्थानों के बराबर खड़े हैं और हमारे शिक्षा मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है।”

शिक्षा के लिए वित्तीय प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 19,279 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले साल से 7 प्रतिशत ज्यादा है। हम 3,500 करोड़ रुपए के साथ शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं। इसके तहत विश्व बैंक के साथ साझेदारी की गई है, जो इसे देश का सबसे बड़ा शिक्षा सुधार कार्यक्रम बनाता है।”

मुख्य उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब ने केरल को भी पछाड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि गुजरात 16वें और हरियाणा लगभग 7वें या 8वें स्थान पर है। यह उपलब्धि हमारे सरकारी स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों की है।”

उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में 740 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा और 1284 ने नीट परीक्षा पास की है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने सर्वे में राष्ट्रीय औसत से 18 प्रतिशत अधिक अंक प्राप्त किए हैं।”

संस्थागत विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही कार्यशील हैं। ये स्कूल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी योग्यताओं और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्रदान करके उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं। पहली बार 24 लाख माता-पिता ने मेगा पी.टी.एम. में हिस्सा लिया है।”

उन्होंने आगे कहा कि इन स्कूलों में 30,000 विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दियां प्रदान की गई हैं और मेडिकल व नॉन-मेडिकल समेत हर स्ट्रीम की पढ़ाई उपलब्ध है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी, नीट, जेईई और कलैट जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके अलावा स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं ताकि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे। लगभग 15,500 विद्यार्थी इससे लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अप्रैल 2022 से 14,525 शिक्षकों की भर्ती की गई है और शिक्षा विभाग के 12,316 कर्मचारियों की सेवाएं रेगुलर की गई हैं। साथ ही हम प्रिंसिपलों और शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण भी सुनिश्चित कर रहे हैं।

क्षमता निर्माण के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए 264 शिक्षा अधिकारियों, प्रिंसिपलों और शिक्षकों के आठ बैच सिंगापुर भेजे गए हैं। साथ ही 216 प्राइमरी शिक्षकों के तीन बैच फिनलैंड के तुर्कू में प्रशिक्षण के लिए भेजे गए। पांच बैच आई.आई.एम. अहमदाबाद भेजे गए, जहां 249 मुख्य शिक्षकों ने लीडरशिप प्रशिक्षण प्राप्त किया। अमृतसर के सैंसरा कलां के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की साइंस शिक्षिका गगनदीप कौर ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका में दो महीने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो हमारे शिक्षकों के समर्पण और क्षमता को दर्शाता है।

बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरकारी स्कूलों में उचित रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए कुल 1,932 कैंपस मैनेजर, 1,323 सुरक्षा गार्ड, 7,876 सफाई कर्मचारी और 1,792 चौकीदार भर्ती किए गए हैं। साथ ही 20 करोड़ रुपए के बजट से सभी सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड फाइबर वाई-फाई सुविधा दी गई है, जिससे पंजाब इस पहल करने वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया है।

उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही नए क्लासरूम, साइंस लेबोरेटरी, कंप्यूटर लैब, बहुउद्देशीय कमरे, रसोइयां, मेडिकल रूम, हेड रूम, खेल के मैदान और लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को अब समय पर किताबें मिल रही हैं और मुफ्त वर्दियां प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा 25 सरकारी स्कूलों का नाम शहीदों, आजादी के घुड़सवारों और प्रमुख व्यक्तित्वों के नाम पर रखा गया है।

नवाचार और अनुसंधान की दिशा में उठाए गए कदमों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर स्कीम विद्यार्थियों में उद्यमी सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने अपने नवीनतम विचारों के माध्यम से सामूहिक रूप से 70 करोड़ रुपए कमाए हैं। पंजाब पहला राज्य है जिसने 11वीं कक्षा में उद्यमिता को एक विषय के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बनाना है।

स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम (विद्यार्थियों को दिशा देने का उपक्रम) पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कार्यक्रम पहली बार शुरू किया गया है, जहां आई.ए.एस., आई.पी.एस. और सीनियर अधिकारी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के हिस्से के रूप में विद्यार्थियों को गुरु साहिब के महान जीवन और लामिसाल कुर्बानी के बारे में जागरूक करने के लिए 15 दिनों का कार्यक्रम करवाया गया था।

उच्च शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की पहली ‘डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026’ पेश की है। श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ने गांवों के विद्यार्थियों के लिए पहुंच बेहतर बनाने के लिए ‘पंजाबी-फर्स्ट नीति’ लागू की है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 नए डिग्री कॉलेजों की योजना बनाई गई है और अजनाला के बिकरौर में एक कॉलेज का निर्माण चल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि भाषाई और सांस्कृतिक पहलों को मजबूती देने के लिए पंजाब भाषा एक्ट के तहत सरकारी कामकाज में पंजाबी को 100 प्रतिशत अनिवार्य बनाया गया है। पंजाबी साहित्य का डिजिटलीकरण चल रहा है और अब तक 18,550 किताबें डिजिटल की जा चुकी हैं। इसके अलावा 592 दुर्लभ हस्तलिखितों की संरक्षण के साथ-साथ उन्हें डिजिटल किया गया है और 100 से अधिक किताबें अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ‘शब्दमाला ई-डिक्शनरी’ को कई पंजाबी शब्दकोशों के साथ एंड्रॉइड एप के रूप में लॉन्च किया गया है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली के पंजाब भवन में 60 प्रमुख पंजाबी साहित्यिक व्यक्तित्वों की तस्वीरें लगाई गई हैं और पंजाबी, हिंदी व उर्दू में सर्वोत्तम किताबों के लिए पुरस्कार भी वितरित किए गए हैं।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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