Connect with us

Punjab

चंडीगढ़ धमाका निंदनीय, भाजपा की दोषारोपण की राजनीति भी उतनी ही दुर्भाग्यपूर्ण: Baltej Pannu

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने चंडीगढ़ में हुए ताजा धमाके की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय घटना करार दिया है। पन्नू ने राहत जताते हुए कहा कि इस धमाके में किसी तरह का कोई जानी या माली नुकसान नहीं हुआ है।

हालांकि, पन्नू ने इस घटना को लेकर तुरंत दोषारोपण की राजनीति करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिक्रियाएं बराबर निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना हैं, खासकर ऐसे समय में जब तथ्य अभी पूरी तरह स्थापित होने बाकी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा, जिसका चंडीगढ़ पर पूरा प्रशासनिक नियंत्रण है, को दूसरों पर दोष मढ़ने की बजाय खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

पन्नू ने चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की ‘आप’ की पुरानी मांग को दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह शहर कानूनी तौर पर पंजाब का है। उन्होंने भरोसा जताया कि पंजाब सरकार चंडीगढ़ का प्रबंधन कहीं अधिक कुशल और जनहितैषी तरीके से चलाएगी।

चंडीगढ़ की पहचान ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के रूप में करते हुए पन्नू ने कहा कि भाजपा के नियंत्रण में शहर की मौजूदा प्रशासनिक हालत सबके सामने है। उन्होंने कहा कि हालांकि ‘आप’ इस धमाके का राजनीतिकरण नहीं करना चाहती, लेकिन शासन के उन मुद्दों को उजागर करना जरूरी है जिन्होंने समय के साथ शहर को प्रभावित किया है।

पंजाब की हालिया प्रगति से तुलना करते हुए पन्नू ने कहा कि तमाम चुनौतियों और पाबंदियों के बावजूद पंजाब पिछले चार सालों में विकास की राह पर लगातार आगे बढ़ा है। उन्होंने इस घटना और इसके इर्द-गिर्द हो रही समय से पहले की राजनीति दोनों की निंदा करते हुए अपनी बात समाप्त की।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

पंजाब के परिवारों के लिए ₹10 लाख तक की मेडिकल बचत? भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से मध्यम वर्ग सहित आम लोगों को बड़ी राहत

Published

on

बीमारी कई घरों में केवल दर्द ही नहीं, बल्कि घबराहट भी लेकर आती है। अस्पताल में भर्ती होने का मतलब अक्सर जल्दबाज़ी में उधार लेना, गहने गिरवी रखना या कुछ ही दिनों में जीवनभर की बचत को ख़त्म होते देखना होता है। कई परिवार इलाज में देरी कर देते हैं, इस उम्मीद में कि शायद हालत ख़ुद-ब-ख़ुद सुधर जाए, क्योंकि इलाज का ख़र्च उन्हें बीमारी से भी ज़्यादा भारी लगता है।

साल 2021 में ‘एप्लाइड हेल्थ इकोनॉमिक्स एंड हेल्थ पॉलिसी’ में प्रकाशित एक अध्ययन ने उस सच्चाई को उजागर किया, जिसे लोग पहले से महसूस करते थे— भारत में इलाज का ख़र्च परिवारों पर भारी पड़ता है और अक्सर उन्हें गंभीर आर्थिक संकट में धकेल देता है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आँकड़ों पर आधारित इस अध्ययन में बताया गया कि भारत में कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का इलाज परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालता है, ख़ासकर निजी अस्पतालों में। कई मामलों में इलाज की कीमत लोगों को लंबे समय तक गरीबी में धकेल देती है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि बीमारी केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक संकट का भी विषय है।

लेकिन,आज पंजाब में एक अलग तस्वीर उभरती दिखाई दे रही है।’मुख्यमंत्री सेहत योजना’ परिवारों के स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अनुभव में एक शांत लेकिन प्रभावशाली बदलाव के रूप में उभरी है। पहली बार कई लोगों को यह भरोसा मिल रहा है कि इलाज का मतलब अब आर्थिक संकट नहीं होगा।

पंजाब में, जहाँ कभी अस्पतालों के बिल परिवारों को कर्ज और निराशा में धकेल देते थे, वहीं ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ अब प्रभावी रूप से लोगों की ज़िंदगी बदल रही है। ₹10 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाली इस योजना के तहत अब तक 1.59 लाख से अधिक लाभार्थियों को सहायता मिल चुकी है। आम परिवारों के लिए यह योजना किसी राहत से कम नहीं, जो पहले बीमारी के डर से ही घबराते थे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ.बलबीर सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि जटिल सर्जरी और हृदय रोग उपचार से लेकर डायलिसिस, नवजात शिशु देखभाल और गंभीर बीमारियों के इलाज तक कोई भी व्यक्ति केवल पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के सभी वास्तविक निवासियों, जिनमें मध्यम वर्गीय परिवार, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी शामिल हैं, को प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।”

यह योजना अपडेटेड हेल्थ बेनिफिट पैकेज 2.2 फ्रेमवर्क के तहत संचालित हो रही है, जिसमें लगभग 2,300 हेल्थ बेनिफिट पैकेज शामिल हैं। ये सुविधाएँ 839 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 98 विशेष उपचार पैकेज केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित किए गए हैं।

इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। 16 मई तक 1.59 लाख से अधिक लाभार्थियों का इलाज किया जा चुका था और 3.11 लाख से ज्यादा प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। अब तक ₹522 करोड़ से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। हर आँकड़े के पीछे एक कहानी है; एक किसान की, जिसे सर्जरी के लिए अपनी ज़मीन नहीं बेचनी पड़ी;एक बच्चे की, जिसका इलाज बिना देरी शुरू हो गया; और उस परिवार की, जो गंभीर बीमारी के बाद कर्ज के चक्र में फँसने से बच गया।

लुधियाना की व्यस्त गलियों से लेकर तरन तारन के शांत गाँवों तक योजना को लेकर जागरूकता भी तेज़ी से बढ़ रही है। अब तक 43 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। लुधियाना, पटियाला और जालंधर जैसे जिलों में विशेष रूप से मज़बूत नामांकन देखा जा रहा है, क्योंकि परिवार अब डर के कारण नहीं, बल्कि तैयारी के साथ आगे आ रहे हैं।

इस योजना की सबसे व्यावहारिक बात इसकी सरल प्रक्रिया है। रजिस्ट्रेशन कॉमन सर्विस सेंटर, सरकारी अस्पतालों, जिला कार्यालयों और विशेष शिविरों में करवाया जा सकता है। सामान्य दस्तावेज़ जैसे कि आधार कार्ड और वोटर कार्ड ही पर्याप्त हैं। योजना में केवल अस्पताल में भर्ती होने का ख़र्च ही नहीं, बल्कि इलाज से पहले की जाँच और इलाज के बाद की देखभाल भी शामिल है, जिससे बीमारी के बाद होने वाले छिपे हुए खर्चों से भी राहत मिलती है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के परिवार इस तरह ₹10 लाख तक की बचत कर सकते हैं:

•सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज, जिससे सीधे मेडिकल ख़र्च कम होते हैं

•सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर उपचार, नवजात शिशु देखभाल और आपातकालीन सेवाएँ शामिल हैं

•इलाज से पहले और बाद के ख़र्च भी कवर, जिससे छिपे हुए आर्थिक बोझ से राहत मिलती है

•स्थानीय केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में सरल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

•बीमारी के समय कर्ज, संपत्ति बेचने और ऊँचे ब्याज पर उधार लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना धीरे-धीरे पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता को बदल सकती है। ऐसे क्षेत्र में, जहाँ निजी चिकित्सा ख़र्च तेज़ी से बढ़े हैं, यह योजना केवल धन नहीं बल्कि निश्चितता भी प्रदान करती है , जो धन से कहीं अधिक दुर्लभ चीज़ है। और लाखों परिवारों के लिए यह निश्चितता वैसी ही महसूस होती है, जैसे लंबे समय तक साँस रोकने के बाद फिर से खुलकर साँस लेना।

Continue Reading

National

काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना से पहली बार नहरी पानी पहुंचा बलाचौर के कंडी इलाके तक, सूखे से मिली राहत

Published

on

दशकों के इंतज़ार के बाद आखिरकार पंजाब के कंडी इलाके के खेतों तक नहरी पानी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू की गई काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना अब उस इलाके की तस्वीर बदल रही है जो लंबे समय से पानी की कमी और अनिश्चित खेती की समस्या से जूझ रहा था। बिस्त दोआब नहर से जुड़ा यह प्रोजेक्ट उन क्षेत्रों तक नहरी सिंचाई पहुंचा रहा है जहां पिछले करीब 30 सालों से पानी की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी।

पीढ़ियों से इस अर्ध-पहाड़ी इलाके के किसान सिर्फ बारिश और लगातार नीचे जा रहे भूजल स्तर के भरोसे खेती कर रहे थे। पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन के कारण ट्यूबवेल भी ज्यादा कारगर साबित नहीं होते थे जिससे बड़ी मात्रा में जमीन सूखे की मार झेलती थी और फसलें खराब हो जाती थीं। अब हालात बदल रहे हैं और पहली बार बलाचौर के खेतों में लगातार नहरी पानी पहुंचना शुरू हुआ है।

शहीद भगत सिंह नगर जिले में नहर के दाहिने किनारे पर स्थित यह योजना इलाके के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं मानी जा रही। इस योजना से 38 गांवों की करीब 11,500 एकड़ जमीन को पक्की सिंचाई सुविधा मिलेगी, जो पहले पानी की भारी किल्लत से जूझ रही थी।

इलाके की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट के तहत पानी को करीब 300 फुट ऊंचाई तक उठाकर 221 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। बंद पाइपलाइन सिस्टम होने के कारण पानी की बर्बादी भी नहीं होगी और उसका सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। जो इलाके कभी नहरी सिंचाई से पूरी तरह वंचित माने जाते थे… वहां अब अच्छी खेती की उम्मीद जगी है।

इस प्रोजेक्ट में टिकाऊ विकास का भी खास ध्यान रखा गया है। योजना के साथ 1300 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया है, जिससे इसे चलाने का खर्च काफी कम होगा। सरकार का कहना है कि यह पानी प्रबंधन को लेकर आधुनिक और दूरदर्शी सोच का हिस्सा है।

इस योजना का असर पूरे इलाके पर बड़े स्तर पर दिखाई देगा। बलाचौर के कंडी क्षेत्र में नहरी सिंचाई का दायरा अब 72 गांवों की 28,205 एकड़ जमीन से बढ़कर 110 गांवों की 39,705 एकड़ तक पहुंच जाएगा। भूजल स्तर लगातार नीचे जाने के कारण जो इलाके लंबे समय से ‘डार्क ज़ोन’ घोषित थे, उनके लिए यह योजना बड़ी राहत मानी जा रही है।

स्थानीय किसानों में भी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह है। बलाचौर के एक किसान ने बताया, “पहले हम सिर्फ बारिश का इंतजार करते थे। अगर बारिश न होती तो फसल खराब हो जाती थी। अब खेतों तक नहरी पानी पहुंच गया है, जिससे खेती को लेकर भरोसा और सुरक्षा दोनों बढ़े हैं।”

काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना सिर्फ एक सरकारी प्रोजेक्ट नहीं बल्कि पंजाब के कंडी इलाके के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है जो किसानों की जिंदगी में स्थिरता, भरोसा और बेहतर भविष्य लेकर आ रही है।

Continue Reading

National

मोदी सरकार ने प्रतिबंधों और महंगाई के जरिए देश में अघोषित लॉकडाउन लागू किया: CM भगवंत सिंह मान

Published

on

लगातार बढ़ती महंगाई, नागरिकों पर प्रतिबंधों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से कथित छेड़छाड़ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश को “अघोषित लॉकडाउन” में धकेल दिया है और लोगों से अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपाया जा रहा है। यह बताते हुए कि केंद्र ने चुनावों तक तेल की कीमतों को दिखावे के लिए जानबूझकर स्थिर रखा, उन्होंने कहा कि अब जब चुनाव समाप्त हो गए हैं, तो नागरिकों पर इसका बोझ डाला जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मांग की कि केंद्र सरकार देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति का सार्वजनिक रूप से खुलासा करे।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब में विशेष गहन संशोधन (एस.आई.आर.) प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाए और न ही किसी नकली मतदाता का नाम शामिल किया जाए। जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कानून ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान संबंधी कड़ी सजा सुनिश्चित करके दुनिया भर की सिख संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी को देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति के बारे में सबको बताना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश में अघोषित लॉकडाउन लगा दिया है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों के परिणाम पूरे देश को भुगतने पड़ रहे हैं, जबकि केंद्र लोगों से देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना चाहिए ताकि नागरिक देश की वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को आर्थिक स्थिति के बारे में सच जानने का अधिकार है। केंद्र को तथ्य छुपाने के बजाय तेल, गैस और सोने के भंडारों के बारे में पूरी जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।

केंद्र महंगाई के बोझ को सही ठहराने के लिए वैश्विक स्तर पर बनी परिस्थितियों को ढाल बना रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

तेल की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर विभिन्न राज्यों में विधान सभा चुनावों से पहले केवल दिखावे के लिए तेल की कीमतों में वृद्धि नहीं की, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी, जो आने वाले दिनों में और भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों में युद्ध के बहाने बार-बार ईंधन की कीमतों में वृद्धि के जरिए लोगों को महंगाई के बोझ तले दबाया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और विदेश नीति के बारे में नहीं बता सकते तो उन्हें अपने मित्र, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से इस बारे में पूछना चाहिए।

प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों के दौरान नागरिकों पर प्रतिबंध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

नागरिकों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तो विदेश यात्रा में व्यस्त हैं लेकिन लोगों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अजीब स्थितियों से गुजर रहा है, जहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन असल सच्चाई लोगों से छुपाई जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नेताओं के मनमानेपन के कारण लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस स्थिति को बहुत अनुचित करार दिया।

आप वॉलंटियर्स को पंजाब में एस.आई.आर. प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन (एस.आई.आर.) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रक्रिया 15 जून से राज्य में शुरू होगी और आम आदमी पार्टी ने अपने सभी वॉलंटियर्स को इस प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “न तो वास्तविक मतदाताओं को हटाने दिया जाएगा और न ही पंजाब में जाली मतदाताओं को जोड़ने की इजाजत दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मतदाता सूचियों में जाली मतदाताओं को जोड़ते समय वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की आदत बन गई है, लेकिन पंजाब में ऐसी घटनाओं की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र का मुंह बंद करने की किसी भी कोशिश का सख्त विरोध किया जाएगा और उचित जवाब दिया जाएगा।

भाजपा के पास सिर्फ दो विधायक होने के बावजूद सात राज्यसभा सदस्य होना लोकतंत्र का सीधा कत्ल है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मिलकर इन पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि इतिहास में पहली बार पंजाब में भाजपा के सिर्फ दो विधायक हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य से पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य होना सीधे-सीधे लोकतंत्र का कत्ल है।

आप सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान को रोकने के लिए बनाए गए कानून के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने इतना कड़ा कानून लागू किया है कि अब कोई भी अपमान करने के बारे में सोचने की हिम्मत भी नहीं कर सकेगा। उन्होंने आगे कहा, “जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के लागू होने से, दुनिया भर के सिखों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर की संगत ने इस कानून का दिल से स्वागत किया है, जिसका उद्देश्य अपमान के जघन्य अपराध में शामिल लोगों को कड़ी सजा देना है। उन्होंने कहा, “पवित्र गुरबानी सर्वभूत के कल्याण के लिए है और इसकी पवित्रता, सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार कानून को इसकी वास्तविक भावना से लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Continue Reading

Trending