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दिव्य नगर योजना के तहत शहर में लगेंगे CCMS पैनल ।

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रेवाड़ी। हरयाणा के रेवाड़ी में दिव्य नगर योजना के तहत शहर की स्ट्रीट लाइट को नियंत्रित करने के लिए नगर परिषद की ओर से CCMS पैनल लगाए जाएंगे। नगर परिषद ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है । CCMS पैनल लगाने पर 30.75 लाख रुपये खर्च होंगे।
CCMS प्रणाली लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से लाइट को नियंत्रित करने की सुविधा प्रदान करेगी। इस पैनल से स्ट्रीट लाइट को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है । इसके अलावा सड़कों पर लगी लाइट कई बार दिन में भी जलती मिलती है जिससे न केवल बिजली की खपत होती है बल्कि लाइट खराब होने का खतरा भी बना रहता है।CCMS पैनल लगने से स्ट्रीट लाइट अब कर्मचारियों के भरोसे नहीं रहेगी। इस प्रोजेक्ट में अब स्ट्रीट लाइट ऑटोमेटिक ऑन-ऑफ होगी। फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद है कि मार्च और अप्रैल में कार्य शुरू हो जाएगा। दिव्य नगर योजना का मकसद शहर को दिव्य रूप देना है। इसके अन्तर्गत्त और भी कई कार्य होंगे, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है।

CCMS पैनल का इंस्टॉलेशन होने के बाद इसमें समय सेट किया जाएगा। इस सिस्टम से अंधेरा होते ही आटोमेटिक लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह सूर्य निकलते ही ऑफ हो जाएंगी। सड़कों पर दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइट और कई क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट ऑन-ऑफ न होना बड़ी समस्या बनी हुई थी । करीब 12 घंटे का समय सेट किया जाएगा। शाम 6 बजे स्ट्रीट लाइट ऑन हो जाएंगी और सुबह 6 बजे बंद हो जाएंगी। सर्दी और गर्मी के सीजन में टाइमिंग कम ज्यादा हो सकती है।

स्ट्रीट लाइट की मरम्मत पर हर साल होते हैं लाखों रूपए खर्च

स्ट्रीट लाइट की मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं। नगर परिषद की तरफ से स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए 98.51 लाख रुपये की राशि इस वर्ष खर्च की जाएगी। वार्ड नंबर 1 से 31 और सेक्टर 1, 3, 4 की स्ट्रीट लाइट्स का संचालन, मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा। मार्स हॉस्पिटल हनुमान मंदिर, बड़ा तालाब महाराणा प्रताप चौक से अनाज मंडी रोड, बावल रोड से गढ़ी बोलनी रोड, नेहरू पार्क से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की लाइट्स को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही पीडब्ल्यूडी द्वारा सौंपी गई दिल्ली रोड, हुडा बाईपास, कोनसीवास रोड, पटौदी रोड की लाइटों की भी मेंटनेंस की जाएगी। नई व्यवस्था के बाद मेंटेनेंस पर भी खर्चा काफी काम आएगा। शहर में 45 लाख रुपये की लागत से तिरंगा लाइट्स लगाई गई हैं।

1 वर्ष से कागजी प्रक्रिया में फंसी थी दिव्य नगर योजना की फाइल

दिव्या नगर योजना के लिए पहली बार नगर परिषद में फाइनेंस कमेटी की बैठक 16 फरवरी 2024 को हुई थी। यह बैठक मुख्य रूप से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विकास कार्यों संबंधी डीपीआर तैयार करने के आदेशों की वजह से की गई थी। नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर करीब सात एजेंडे फाइनेंस कमेटी के समक्ष रखे थे। मीटिंग में जो विकास कार्यों की लिस्ट पार्षद तक समक्ष रखी गई, उस पर सभी पार्षदों ने आपसी सहमति दे दी थी। फरवरी माह में इसका पहला टेंडर लगा है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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