Punjab
CBSE Board Exam : CBSE के 10वीं और 12वीं के Students के लिए जरूरी खबर
लुधियाना : सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने नया सैंपल पेपर जारी किया है। अब 10वीं में 50 क्षमता आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। 12वीं में इसकी संख्या 40 होगी। इसी सैंपल पेपर के आधार पर वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा होगी।
बता दें कि बोर्ड ने एक सैंपल पेपर पहले भी जारी किया था जो पुराने प्रश्न पत्र के पाठ्यक्रम पर आधारित था लेकिन अब उसमें बदलाव कर दिया गया है। वर्ष 2023 में 10वीं में 30 प्रतिशत और 12वीं में 20 प्रतिशत क्षमता आधारित प्रश्न पूछे गए थे। वहीं वर्ष 2024 में क्षमता आधारित प्रश्नों की संख्या बढ़ा दी गई है। यह क्षमता आधारित प्रश्न वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय होंगे। प्रश्न पत्र बैंक सैक्शन में जाकर छात्र इसकी जानकारी ले सकते हैं। नए सैंपल पेपर के अनुसार ही स्कूल प्री-बोर्ड परीक्षा लेगा। इसके लिए स्कूलों को निर्देश दिया गया है। प्री-बोर्ड से 10वीं और 12वीं परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पैटर्न की जानकारी मिलेगी। स्कूलों को संबंधित छात्रों को समय पर इसकी जानकारी देने को कहा गया।
मार्किंग स्कीम व बेहतर उत्तर लेखन में मिलेगी मदद
बोर्ड ने सैंपल पेपर के साथ हर विषय की मार्किंग स्कीम की भी जानकारी दी है। इससे छात्रों को हर प्रश्न कितने अंक के पूछे जाएंगे, इसकी जानकारी मिलेगी।साथ में उत्तर लिखने की स्टैप वाइज जानकारी भी दी गई है। सी.बी.एस.ई. के एक अधिकारी के अनुसार स्टैप वाइज मार्किंग की जानकारी छात्रों को होनी चाहिए। इससे वे उत्तर उसी तरीके से लिखेंगे। क्षमता आधारित प्रश्न पिछले कई साल से जोड़ा गया है। ऐसे में उसका स्टैप वाइज मार्किंग जानना जरूरी है।
Punjab
बैसाखी के मौके पर सिख श्रद्धालु Pakistan रवाना, ऐतिहासिक गुरुद्वारों के करेंगे दर्शन
पवित्र Vaisakhi के अवसर पर देशभर से लगभग 2840 सिख श्रद्धालु अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते Pakistan के लिए रवाना हुए हैं। यह जत्था 10 दिनों के वीजा पर पाकिस्तान जा रहा है, जहां श्रद्धालु बैसाखी मनाने के साथ-साथ Nankana Sahib, Panja Sahib सहित अन्य पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे।
इस यात्रा में सबसे बड़ा जत्था Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से भेजा गया है। SGPC ने कुल 1795 वीजा आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला, जबकि 32 आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। जत्थे की अगुवाई SGPC सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल कर रहे हैं।
इसके अलावा Delhi Sikh Gurdwara Management Committee के 409 और Haryana Sikh Gurdwara Management Committee के 255 श्रद्धालुओं को भी वीजा जारी किया गया। इस तरह कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं।
श्रद्धालु 19 अप्रैल को भारत वापस लौटेंगे। रवाना होते समय श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उनका कहना है कि बैसाखी के मौके पर गुरुधामों के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
इस मौके पर श्रद्धालुओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किया जाए, ताकि कोई भी सिख अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने Kartarpur Sahib Corridor को हमेशा खुला रखने और पाकिस्तान की ओर से ली जा रही 20 डॉलर की फीस को खत्म करने की मांग भी उठाई।
National
Campaign Against Gangsters: चेहरे बेनकाब, इनाम घोषित, अब पंजाब में हर गली में तलाशे जाएंगे ‘मोस्ट वॉन्टेड’
पंजाब में अपराध के खिलाफ जंग अब खुली चुनौती में बदल चुकी है। गैंगवार, रंगदारी, टारगेट किलिंग और नशा तस्करी के जाल में उलझे राज्य में अब सरकार ने ऐसा दांव चला है, जिससे अपराधियों की नींद उड़ना तय है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पहली बार ‘पोस्टर वॉर’ छेड़ते हुए कुख्यात गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के नाम, चेहरे और इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।
मान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं रहेगा। पंजाब ने बीते कुछ वर्षों में गैंगवार, टारगेट किलिंग, रंगदारी और नशा तस्करी जैसे संगठित अपराधों का दबाव झेला है, जहां कई अपराधी विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं और स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहे हैं। सरकार ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर ‘वॉन्टेड’ पोस्टर जारी करते हुए नामचीन गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के चेहरे, नाम और उन पर घोषित इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।
इस पहल के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई ‘सेफ जोन’ नहीं बचेगा। उनकी पहचान अब छिपी नहीं रहेगी और आम जनता भी उन्हें पहचानकर कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान को ‘आपकी जानकारी, हमारी कार्रवाई’ जैसे स्पष्ट संदेश के साथ जोड़ा गया है, जिससे जनता को सीधे इस लड़ाई का भागीदार बनाया गया है।
टॉप वॉन्टेड: 10 लाख के इनामी चेहरे
सरकार द्वारा जारी पोस्टर में कई कुख्यात अपराधियों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इनमें संदीप सिंह उर्फ सन्नी, लखविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उर्फ भोलू, सतनाम सिंह, बलविंदर सिंह डोनी, परविंदर सिंह और गौरव पंडित शामिल हैं। ये सभी आरोपी हत्या, फिरौती, गैंगवार, अवैध हथियार सप्लाई और संगठित अपराध जैसी गंभीर वारदातों में वांछित हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनका नेटवर्क कई जिलों और पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है।
5 लाख के इनामी: गैंग नेटवर्क की रीढ़
पोस्टर में कई ऐसे अपराधियों को भी शामिल किया गया है, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। इनमें सर्वण सिंह, रोहित गोयल, गुरविंदर सिंह (इंजीनियर), गुरदेव सिंह, अमित कुमार, अमरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बलजीत सिंह, सुमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह, रविंदर सिंह और हर्ष कुमार शामिल हैं। इन अपराधियों पर लूट, हत्या की साजिश, नशा तस्करी, रंगदारी वसूली और गैंग ऑपरेशन चलाने के आरोप हैं। पुलिस का मानना है कि यही लोग बड़े गैंगस्टर नेटवर्क को जमीन पर ऑपरेट करते हैं।
पुलिस का क्राइम सिंडिकेट पर फोकस
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में गैंगवार, रंगदारी और शूटआउट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये गैंग सोशल मीडिया और विदेशों में बैठे सरगनाओं के जरिए संचालित हो रहे हैं। सरकार की यह पहल इन नेटवर्क्स की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जब अपराधियों के चेहरे और नाम सार्वजनिक होंगे, तो उनके लिए कहीं भी छिपना मुश्किल हो जाएगा।
सूचना देने वालों की सुरक्षा सबसे ऊपर
सरकार ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति इन अपराधियों के बारे में जानकारी देगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है। सूचना देने वाले को तय इनाम राशि दी जाएगी। नाम और पहचान किसी भी स्तर पर उजागर नहीं की जाएगी। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन लेंगी।
जनता बनी पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’
इस अभियान का सबसे अहम पहलू यह है कि अब आम नागरिक भी अपराध नियंत्रण का हिस्सा बन गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं और आगे आकर सूचना दें। सरकार ने इस मुहिम के जरिये बदमाशों को दो-टूक कहा है कि वे या तो सरेंडर करें या फिर उन पर सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन वॉन्टेड अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
इसलिए अहम है यह कदम
- पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉन्टेड लिस्ट सार्वजनिक
- इनामी राशि के साथ फोटो जारी कर दबाव बढ़ाया गया
- जनता की भागीदारी से इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत होगा
- गैंगस्टर इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की कोशिश
National
पंजाब के मुद्दों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री से मिले CM मान; गेहूं खरीद, मुआवजा और लंबित राशि पर की चर्चा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी।
आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है।
ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ
वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है।
आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन
मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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