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भाजपा लोगों को डराने-धमकाने और पार्टी में शामिल करने के लिए ED और CBI का दुरुपयोग कर रही है: बलतेज पन्नू

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भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके लोगों को डराने-धमकाने, दबाव डालने और पार्टी में शामिल होने के लिए राजनीतिक ब्लैकमेल कर रही है।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि देशभर में कारोबारियों, यूनिवर्सिटी मालिकों और राजनीतिक नेताओं पर पहले केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापेमारी की जाती है या नोटिस जारी किए जाते हैं और बाद में उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ कोई अगली कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह देशभर में भाजपा का एक स्टैंडर्ड राजनीतिक मॉडल बन गया है। पहले ईडी और सीबीआई के नोटिस जारी किए जाते हैं, फिर दबाव बनाया जाता है, और बाद में लोगों को कहा जाता है कि यदि वे भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो उनके खिलाफ सारी कार्रवाई बंद हो जाएगी। भाजपा राजनीतिक विस्तार के लिए केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम उपयोग कर रही है।

राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी की गई और बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। इसी तरह दबाव और छापेमारी के बावजूद ‘आप’ नेता संजीव अरोड़ा भाजपा के आगे नहीं झुके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य मामले में, गौरव बग्गा को दलाल कृष्णू मामले में सीबीआई का नोटिस मिला था और कुछ ही दिनों में पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अपनी पार्टी का विस्तार करने की इतनी जल्दी में है कि कथित तौर पर नोटिस पहले जारी किए जाते हैं और संदेश बाद में भेजे जाते हैं कि अगली कार्रवाई से बचने के लिए भाजपा में शामिल हो जाओ। भाजपा के अपने सोशल मीडिया पेजों पर दिखाया गया है कि सीबीआई नोटिस का सामना करने के बावजूद गौरव बग्गा को पार्टी में शामिल किया जा रहा है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को निशाना बनाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि सुनील जाखड़ ने कभी दावा किया था कि भाजपा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंजाब की राजनीति से उखाड़ फेंकेगी। लेकिन जिस तरह भाजपा आज लोगों को पार्टी में शामिल कर रही है, उससे उसकी दबाव, डर और धमकाने वाली राजनीति का स्पष्ट पर्दाफाश होता है।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब में दिए गए हाल के बयानों पर आड़े हाथ लेते हुए बलतेज पन्नू ने बिट्टू के धूरी के अस्पताल के दौरे का जिक्र किया और कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खुद अस्पताल के प्रबंधों, करीब 600 मरीजों की ओपीडी और एनजीओ द्वारा चलाई जा रही खान-पान की सेवाओं की सराहना करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए थे।

बलतेज पन्नू ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू ने खुद माना कि वहां उनके साथ आए करीब 100 लोगों को खाना परोसा गया था। लेकिन बाहर आकर उन्होंने दावा करना शुरू कर दिया कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं था और सिर्फ आवारा कुत्ते मौजूद थे। ये विरोधाभासी बयान उनके राजनीतिक पाखंड को उजागर करते हैं।

केंद्रीय मंत्री के साथ चलने वाले शाही काफिले पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार फिजूल खर्चे घटाने की बात करते हैं, लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू अपने काफिले में करीब 50 गाड़ियां लेकर घूमते हैं। भाजपा नेताओं को पहले वह खुद करना चाहिए जिसका वे उपदेश देते हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने वाले बयान की निंदा करते हुए बलतेज पन्नू ने इस आरोप को गैर-जिम्मेदाराना और पंजाब विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसे बयान न सिर्फ एक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री का अपमान हैं, बल्कि पंजाब के समूचे लोगों का भी अपमान हैं। पंजाबियों ने हमेशा देश के लिए कुर्बानियां दीं हैं और वे कभी भी देश के साथ गद्दारी नहीं कर सकते।

भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए आतंकवादी हमलों पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार था और उन घटनाओं का पूरा सच अब तक लोगों के सामने क्यों नहीं आया।

पठानकोट आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि उस दौरान पाकिस्तान की आईएसआई को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया था। भाजपा नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आईएसआई ने क्या भूमिका निभाई और क्या कभी भारत के लोगों के सामने कोई रिपोर्ट पेश की गई थी।

बलतेज पन्नू ने अरूसा आलम का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम के रहने और उसके आईएसआई के साथ कथित संबंधों के बारे में बार-बार सवाल उठाए गए थे। रवनीत सिंह बिट्टू उस समय कांग्रेस के सांसद थे। वे तब चुप क्यों रहे? भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को अब इस मामले की पूरी जांच करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री मान का बचाव करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा नेताओं से देशभक्ति के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। पंजाब की भलाई के लिए अथक काम करने वाले व्यक्ति पर आईएसआई एजेंट का लेबल नहीं लगाया जा सकता।

पिछले चार सालों के दौरान पंजाब सरकार द्वारा किए गए कामों पर रोशनी डालते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, नहरी पानी की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे, मुफ्त बिजली, किसानों के लिए दिन में बिजली की आपूर्ति और नागरिकों के लिए 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज के क्षेत्र में व्यापक काम किया है। भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि लोक कल्याण के ये कार्य करने वाले मुख्यमंत्री को देश विरोधी कैसे कहा जा सकता है।

रवनीत सिंह बिट्टू से माफी की मांग करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाबी अपने लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री के ऐसे बिना सबूत के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। रवनीत सिंह बिट्टू को या तो अपने आरोपों के सबूत पेश करने चाहिए या फिर पंजाब के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

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तरनतारन में बड़ी कामयाबी, BSF और पंजाब पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की

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पंजाब में सीमा पार से हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तरनतारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की है।

इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक MP-09 राइफल और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की मदद से भेजे गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देने, दहशत का माहौल बनाने और पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सीमा पार बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मॉड्यूल, उसके अन्य सदस्यों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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