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Punjab

विधायक की Sugar Mill पर बड़ी कार्रवाई, 6 फर्मों समेत 15 पर लगाया 63 करोड़ रुपये का जुर्माना

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राणा गुरजीत सिंह नामक एक महत्वपूर्ण नेता और उनके परिवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) बुरी खबर मिली। उन्होंने उन्हें एक नोटिस भेजा, जिसका मतलब है कि उनकी कंपनी राणा Sugar लिमिटेड (आरएसएल) में कुछ समस्या है, और इससे उनके और उनके परिवार के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

सेबी, जो एक ऐसा समूह है जो सुनिश्चित करता है कि कंपनियाँ नियमों का पालन करें, ने फैसला किया है कि आरएसएल सहित पाँच कंपनियाँ दो साल तक काम नहीं कर सकतीं। उन्होंने इन कंपनियों और कुछ महत्वपूर्ण लोगों, जैसे कि अध्यक्ष और निदेशक, पर 63 करोड़ रुपये का बड़ा जुर्माना भी लगाया। उन्हें यह पैसा 45 दिनों के भीतर ऑनलाइन जमा करना होगा। आरएसएल को 60 दिनों के भीतर पाँच अन्य कंपनियों से 15 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने के लिए भी कहा गया है।

बैंकों और कंपनियों को ईमानदार रखने में मदद करने वाले एक समूह के मालिक जी रामर ने 27 अगस्त को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्हें पता चला कि आरएसएल नामक एक कंपनी के प्रभारी लोगों ने ऐसा पैसा लिया जो उनका नहीं था। उन्होंने अपने पैसे के बारे में ऐसी बातें भी लिखीं जो सच नहीं थीं। इस वजह से उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण नियमों को तोड़ा जो कंपनियों को निष्पक्ष और ईमानदार रखने के लिए बहुत पहले बनाए गए थे।

जांच में देखा गया कि वर्ष 2014 से 2022 तक कंपनी के साथ क्या हुआ। SEBI, जो एक समूह है जो यह सुनिश्चित करता है कि कंपनियाँ नियमों का पालन करें, ने पाया कि कंपनी ने अपने नियंत्रण वाली अन्य छोटी कंपनियों से पैसे लेने की योजना बनाई होगी। इसमें कंपनी के बॉस, चेयरमैन और उनके परिवार के सदस्य जैसे लोग शामिल हैं।

कुछ निजी कंपनियों को RSL से जुड़ा हुआ नहीं दिखाया गया, भले ही RSL शुरू करने वाले लोग उन कंपनियों के प्रभारी भी थे। इस वजह से, उन निजी कंपनियों के साथ किए गए सौदों को संबंधित नहीं माना गया। इन कार्रवाइयों के कारण, SEBI (जो शेयर बाजार के लिए एक रेफरी की तरह है) ने RSL के कई महत्वपूर्ण लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें प्रबंध निदेशक और राणा परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। उन्होंने RSL और कुछ निजी कंपनियों को शेयर बाजार में भाग लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया।

लोगों के एक समूह को बताया गया है कि वे दो साल तक स्टॉक नहीं खरीद सकते, बेच नहीं सकते या उनके साथ कुछ भी नहीं कर सकते। इसमें RSL नामक कंपनी के कुछ महत्वपूर्ण लोग और राणा परिवार के सदस्य शामिल हैं। वे किसी अन्य कंपनी में भी उतने समय तक बॉस या डायरेक्टर नहीं रह सकते। इसके अलावा, उन्हें कुछ नियमों के उल्लंघन के कारण 63 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना भरना होगा और उन्हें नोटिस मिलने के 45 दिनों के भीतर यह जुर्माना भरना होगा।

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AAP पंजाब द्वारा राज्य, ज़िला और क्षेत्र स्तर पर महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तयों की घोषणा 

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त करने के उद्देश्य से विभिन्न विंगों में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों से राज्य के ज़िलों और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ और मज़बूत होने की उम्मीद है।

पार्टी नेतृत्व के अनुसार, ये नियुक्तियां संगठन को अधिक सक्रिय बनाने और सभी स्तरों पर बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए की गई हैं।

राज्य स्तरीय नियुक्तियां

पार्टी ने परमिंदर सिंह गोल्डी को यूथ विंग का स्टेट वर्किंग प्रधान नियुक्त किया है, जबकि रणजीत पाल सिंह को व्यापार विंग का राज्य महासचिव बनाया गया है।

ज़िला स्तर की नियुक्तियां

ज़िला स्तर पर कृष्णजीत राव को होशियारपुर के लिए एससी विंग का ज़िला इंचार्ज नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, गुरशरण सिंह गोल्डी को अमृतसर देहाती का ज़िला सचिव और सुखविंदर सिंह सुखी को श्री मुक्तसर साहिब का ज़िला सचिव बनाया गया है।

ज़िला संगठन इंचार्ज की नियुक्ति

मुख्य क्षेत्रों में संगठन को और मज़बूत करने के लिए पार्टी ने ज़िला संगठन इंचार्ज भी नियुक्त किए हैं। इनमें कपूरथला के लिए हेनत (सनी ठेकेदार), अटारी के लिए प्रदीप सिंह लाडा, राजासांसी के लिए राजबीर सिंह, अमृतसर वेस्ट के लिए एडवोकेट रमन कुमार, फरीदकोट के लिए गुरप्रीत सिंह धालीवाल, कोटकपूरा के लिए मंदीप, लुधियाना वेस्ट के लिए राजू कनौजिया और ज़ीरा के लिए गुरमन सिंह को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

यूथ विंग में हलका कोऑर्डिनेटर नियुक्त

यूथ विंग के अंतर्गत गुरजंट सिंह गिल को निहाल सिंह वाला, राजविक्रांत विक्कू को पटियाला देहाती, सुखदीप सिंह गोल्डी को अमरगढ़, अभि हालन को रूपनगर, सतनाम सिंह को दिड़बा, नवजोत सिंह ढिल्लों को रामपुरा फूल, सुखमनजोत सिंह संधू को जलालाबाद और गुरविंदर सिंह किम्मेवाला को ज़ीरा का हलका कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।

अमन अरोड़ा का बयान

नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आप पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी ने मेहनती और समर्पित नेताओं को ज़िम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी संगठन को मज़बूत करेंगे और जनता से जुड़े रहेंगे।

अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी आम लोगों की पार्टी है और सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते हुए पार्टी की नीतियों और विज़न को हर गांव, हर वार्ड और हर घर तक पहुंचाएंगे।

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CM Bhagwant Mann के प्रयासों से नई ऊंचाई छू रहा पंजाब का उद्योग जगत! निवेश की भरमार से खुल रहे अवसरों के द्वार

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CM Bhagwant Mann: पंजाब में विकास को तगड़ी रफ्तार मिल रही है। आलम ये है कि सूबे में निवेश की भरमार है। विदेशी से लेकर स्थानीय उद्योगपति तक पंजाब में निवेश की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। ये सब कुछ संभव हो सका है कि सीएम भगवंत मान के कुशल नेतृत्व के कारण। सीएम भगवंत मान खुद एक-एक पहलुओं की समीक्षा कर सूबे में निवेश को नई गति दे रहे हैं। इसी क्रम में मोहाली में 13 मार्च से इन्वेस्ट समिट का आयोजन होना है। पंजाब में निवेश को मिल रही ये रफ्तार जहां एक ओर संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। वहीं दूसरी ओर सूबे की अर्थव्यवस्था भी नई ऊंचाइयों को छू रही है।

पंजाब में निवेश की भरमार से खुल रहे अवसरों के द्वार!

सूबे में निवेश की अपार भरमार है। स्थानीय से लेकर बाहरी उद्योगपति तक पंजाब में अनुकूल माहौल देखते हुए निवेश कर रहे हैं। इससे औद्योगिक जगत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसके साथ ही युवाओं के लिए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। जहां एक ओर निवेश राज्य की दशा-दिशा बदल रही है। वहीं दूसरी ओर औद्योगिक विकास की ऊंचाइयां युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोल रही हैं। पंजाब के युवा अपनी काबीलियत के बल पर ही पंजाब के अंदर अवसर पाकर राज्य के विकास को गति देने का काम कर रहे हैं।

सीएम मान के कुशल नेतृत्व का असर!

राज्य अगर आज निवेश से लेकर हर मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो ये सीएम भगवंत मान के कुशल नेतृत्व का असर हैं। अपनी कुशल नीतियों से मुख्यमंत्री ने राज्य में ऐसा माहौल बनाया है कि उद्योगकर्मी इसे अनुकूल नजरिए से देख रहे हैं। आलम ये है कि विदेशी फर्म भी पंजाब में निवेश को लेकर इच्छुक हैं। आसार जताए जा रहे हैं कि मार्च में होने वाले इन्वेस्ट समिट पंजाब के लिए ऐतिहासिक होगा और इस दौरान लोगों की लॉटरी लग सकती है। इस समिट के माध्यम से पंजाब में निवेश की भरमार आएगी जो स्थानीय लोगों के लिए संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

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Punjab हर जिले में 10 और 11 फरवरी को लगेंगे विशेष शिविर, निपटाई जाएंगी व्यापारियों की शिकायतें

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पंजाब में व्यापारियों से जुड़ी स्थानीय शिकायतों व अन्य मसलों का हल विशेष शिविरों के माध्यम से होगा। ये शिविर हर जिले में 10 व 11 फरवरी को लगाए जाएंगे। जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष इन शिविरों में उपस्थित रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं को सुनेंगे। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा।

यह निर्णय पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। बैठक का मकसद व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने व जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था।

इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। मंत्री ने कहा, विशेष शिविरों के दौरान जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए।
चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।

बैठक में पीएसटीसी के उप चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।

इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

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