Punjab
भगवंत मान सरकार ने ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करके पंजाब के कर्मचारियों की भलाई के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया, 65,000 से अधिक कर्मचारी होंगे रेगुलर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज कर्मचारियों के हक में पंजाब के इतिहास के अब तक के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक लेते हुए दशकों पुरानी ठेकेदारी रोजगार प्रणाली को समाप्त करने और सरकारी विभागों में 65,000 से अधिक कामगारों को रेगुलर करने का रास्ता प्रशस्त करने के लिए रूपरेखा को मंजूरी दे दी है।
सरकारी रोजगार व्यवस्था से निजी ठेकेदारों की भूमिका को खत्म करते हुए सरकार और कामगारों के बीच सीधा सरकार-कर्मचारी संबंध स्थापित करने के लिए भगवंत मान सरकार ने हजारों कर्मचारियों, जिन्होंने रेगुलर दर्जे के बिना सालों तक पंजाब को अपनी सेवाएं दी हैं, के लिए रोजगार सुरक्षा, सम्मान और रेगुलर सेवा के लिए स्पष्ट रूप से रास्ता प्रदान करने का फैसला लिया है।
मंत्रिमंडल ने इस फैसले को लागू करने के लिए दो नए अध्यादेशों, लंबित महंगाई भत्ते (डी.ए.) और पेंशन से संबंधित बकाए के समाधान के लिए मंत्री पैनल का पुनर्गठन करने तथा भ्रष्टाचार के मामलों की तेज सुनवाई के लिए 7 विशेष अदालतों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्टुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्स्ड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को निरस्त करने तथा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026’ और ‘पंजाब कॉन्ट्रैक्टुअल पर्सनल (मंजूरशुदा खाली असामियों विरुद्ध एब्जॉर्प्शन) बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह कदम आउटसोर्स्ड कर्मचारियों को सीधे सरकारी ठेके के अधीन लाने और रेगुलर रोजगार के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार करने का रास्ता प्रशस्त करता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के 65,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वर्करों ने सूबे की सेवा में अपनी जिंदगी के कई-कई साल दिए हैं। इस फैसले के साथ पंजाब सरकार ने उन्हें वह दे दिया है, जो उनका हक है। अब कोई भी ठेकेदार इन कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच खड़ा नहीं होगा।”
इस सुधारात्मक कदम के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, पूरा सम्मान और पक्की नौकरी का स्पष्ट रास्ता मिलेगा। पंजाब सरकार के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे राज्य सरकार की अपनी रोजगार प्रणाली के अधीन लाया जाएगा, जिससे बिचौलिया ठेकेदारी प्रथा समाप्त हो जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026’ के तहत आउटसोर्स्ड ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारियों, जिन्होंने पांच साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, को सीधे सरकारी ठेके पर रोजगार के अधीन लाया जाएगा। जोखिम वाली श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारी तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद योग्य हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पांच साल की निरंतर आउटसोर्स्ड सेवा के बाद सीधे राज्य सरकार के अधीन रोजगार प्रदान किया जाएगा। इसके बाद सरकारी ठेके पर 10 साल सेवा पूरी करने के बाद, कर्मचारियों को रेगुलर मंजूरशुदा असामियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा। दो नए कानून लाए जा रहे हैं, जिनमें से एक आउटसोर्स्ड रोजगार से सीधे राज्य सरकार के अधीन ठेके पर करने के लिए और दूसरा मंजूर खाली असामियों के विरुद्ध सरकारी ठेके से रेगुलर कैडर में करने के लिए है।”
इस पहल के पैमाने को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “51 विभागों में कुल 65,048 आउटसोर्स कामगार इस सुधार के दायरे में आते हैं और 26,000 से अधिक कामगार पहले लाभार्थियों में शामिल होंगे।”
उन्होंने आगे घोषणा की कि जीवन और स्वास्थ्य के लिए जोखिम से संबंधित ड्यूटी निभाने वाले कामगारों पर नीति के तहत तेजी से विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिन कामगारों की रोजाना ड्यूटी में खतरा होता है, उन्हें पांच साल की बजाय तीन साल बाद विचार किया जाएगा। इनमें फायर सर्विसेज कर्मचारी, पी.एस.पी.सी.एल. लाइनमैन, सीवर वर्कर, शहरी स्थानीय संस्थाओं के सेनिटेशन कर्मचारी, कूड़ा-कर्कट संभालने वाले कर्मचारी और फील्ड शिकायत स्टाफ शामिल हैं।”
लाभ लेने वाले विभागों का विवरण देते हुए बयान में कहा गया है कि सुधार में बिजली क्षेत्र के 15,753 कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिसमें शिकायतों का समाधान करने वाला स्टाफ, पैसको कर्मचारी, मीटर रीडर और नोडल सेंटर वर्कर शामिल हैं। स्थानीय सरकार विभाग के 8,436 कर्मचारी, जिनमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारी, चीनी मिलों, स्पिनफेड और मार्कफेड समेत सहकारी संस्थाओं के 8,373 कामगार; स्कूल शिक्षा के 7,704 कर्मचारी, परिवहन विभाग के 4,746 कर्मचारी और 1,472 आउटसोर्स्ड फायर कर्मचारी शामिल हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के 2,688 कर्मचारी, जल आपूर्ति और सेनिटेशन के 1,575 कर्मचारी, कृषि के 1,533 कर्मचारी, जेलों के 1,311 कर्मचारी, तकनीकी शिक्षा के 1,251 कर्मचारी, पी.डब्ल्यू.डी. (बी एंड आर) के 1,570 कर्मचारी, सामान्य प्रशासन विभाग के 1,322 कर्मचारी और मेडिकल शिक्षा के 1,231 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मजदूरों का अब मालिकों से सीधा संपर्क होगा। इस प्रणाली में अब ठेकेदारों के लिए कोई जगह नहीं होगी।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मेहनताने के बिना किसी एजेंसी की कटौती या कमीशन के सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा की जाएंगी। कर्मचारियों को हर कैलेंडर वर्ष में कानूनी प्रसूति लाभ और 10 दिनों की कैजुअल छुट्टी मिलेगी। वे बायोमेट्रिक हाजिरी और आई.एच.आर.एम.एस. प्रणालियों के अधीन भी कवर किए जाएंगे।”
कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “यहां पारदर्शिता और मनमानी वाली कार्रवाई नहीं चलेगी। किसी भी कर्मचारी को लिखित कारण दर्ज किए बिना और सुनवाई का मौका दिए बिना हटाया नहीं जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के 45 दिनों के अंदर लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और अमला एवं वित्त विभागों द्वारा योग्य श्रेणियों को चरणबद्ध तरीके से नोटिफाई किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्य सचिव की अगुवाई वाली राज्य स्तरीय अधिकृत समिति इस फैसले को लागू करने की निगरानी करेगी। जबकि कई राज्य ठेकेदारी की ओर बढ़ रहे हैं, पंजाब इस रुझान को उलट रहा है और ठेकेदारी प्रणाली को समाप्त किया जा रहा है।”
मंत्रिमंडल की ओर से डी.ए. और पेंशन के बकाए की जांच के लिए पैनल का पुनर्गठन
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने संशोधित वेतन, पेंशन, छुट्टियों के बकाये से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर पर आधारित कैबिनेट सब-कमेटी के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है।
कमेटी 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 के दौरान संशोधित वेतन और पेंशन लाभों के कारण हुए बकाए के भुगतान पर विचार करेगी। इसके अलावा 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2024 तक के बकाया डी.ए. और महंगाई राहत के बकाए का अध्ययन करेगी। कमेटी कर्मचारियों और विभिन्न महंगाई भत्तों तथा महंगाई राहत से संबंधित मुद्दों का अध्ययन करेगी।
भ्रष्टाचार के मामलों में तुरंत सुनवाई के लिए 7 विशेष अदालतों को मंजूरी
भ्रष्टाचार निवारक कानून, 1988 के तहत भ्रष्टाचार के मामलों के तेज निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिमंडल ने पंजाब भर में 7 विशेष अदालतों की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
एस.ए.एस.नगर में तीन अदालतें स्थापित की जाएंगी जबकि जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में एक-एक अदालत स्थापित की जाएगी। मंत्रिमंडल ने इन अदालतों के कामकाज के लिए अतिरिक्त जिला एवं सेशन जजों की 7 रिक्तियों के साथ-साथ सहायक स्टाफ की 63 रिक्तियों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है।
पंजाब सुपीरियर जुडिशियल सर्विस रूल्स में संशोधन को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने पंजाब सुपीरियर जुडिशियल सर्विस रूल्स, 2007 के नियम 7, 10, 12 और अनुच्छेद ‘बी’ में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है।
प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य पंजाब में सेवा निभा रहे उच्च न्यायिक अधिकारियों को तरक्की से संबंधित लाभ प्रदान करना है और इससे राज्य की न्यायिक सेवाओं में करियर तरक्की के अवसरों के मजबूत होने की उम्मीद है।
Punjab
1 जून को होगी पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक, बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
पंजाब सरकार ने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और नीतिगत फैसलों पर चर्चा के लिए मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann भगवंत मान की अध्यक्षता में यह बैठक 1 जून 2026, सोमवार को दोपहर 12 बजे आयोजित होगी।
यह बैठक Chandigarh चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री आवास पर होगी। बैठक में पंजाब सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। इस संबंध में मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को पहले ही सूचना भेजी जा चुकी है।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक बैठक का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन जानकारी के अनुसार इसे जल्द सार्वजनिक किया जा सकता है। सरकारी सूत्रों का मानना है कि बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान आम लोगों से जुड़े कई अहम विषयों पर फैसले लिए जाने की संभावना है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों की समीक्षा, चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में होने वाली यह कैबिनेट बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें राज्य के प्रशासनिक और विकास संबंधी कई बड़े फैसलों को मंजूरी मिल सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार बैठक का आधिकारिक एजेंडा कब जारी करती है और इस बैठक में किन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगती है।
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श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए हरभजन सिंह ईटीओ, पंजाब की खुशहाली के लिए की अरदास
पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO हरभजन सिंह ईटीओ ने आज Sri Harmandir Sahib में माथा टेककर गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अमन-शांति, भाईचारे और पंजाब की तरक्की के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि हाल ही में पंजाब भर में नगर निगम चुनाव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुए हैं, जिसके लिए वह गुरु साहिब का शुक्राना अदा करने पहुंचे हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी को मिली बड़ी जीत जनता के विश्वास और पंजाब सरकार के पिछले चार वर्षों के विकास कार्यों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिन्हें लोगों ने स्वीकार किया है। इसी वजह से चुनावों में आम आदमी पार्टी को व्यापक समर्थन मिला।
उन्होंने इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को देते हुए कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शी शासन के पक्ष में अपना जनादेश दिया है। अपने विधानसभा क्षेत्र Jandiala Guru जंडियाला गुरु का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां आम आदमी पार्टी ने 15 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो जनता के भरोसे का स्पष्ट प्रमाण है। इस अवसर पर उन्होंने जंडियाला गुरु के मतदाताओं और क्षेत्रवासियों का धन्यवाद भी किया।
विपक्ष द्वारा चुनावों के दौरान धांधली और दबाव के लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतदान और मतगणना तक पूरी चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और लोगों ने बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रदेश में शांति, विकास तथा जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक दबाव की नहीं, बल्कि जनता की सेवा और लोकतंत्र को मजबूत करने की राजनीति में विश्वास रखती है।
Education
मान सरकार ने 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा PTM आयोजित कर शिक्षा में पंजाब की नंबर-1 रैंकिंग का जश्न मनाया
राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब द्वारा शीर्ष स्थान हासिल करने की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज राज्य के 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (पीटीएम) आयोजित किया।
इस दौरान पूरे प्रदेश में सहभागी शिक्षा का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
‘शिक्षा का महा उत्सव’ के बारे में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह विशेष आयोजन नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब को प्रथम स्थान मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस रिपोर्ट में पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के प्रमुख मानकों पर केरल को पीछे छोड़ दिया, जिसे लंबे समय से देश में स्कूली शिक्षा का स्वर्ण मानक माना जाता रहा है।
स हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस सामूहिक उपलब्धि के सम्मान में आज शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके अथक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं के टॉपरों, इंग्लिश एज कार्यक्रम के उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों तथा जेईई क्वालिफायर छात्रों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस उपलब्धि को बनाए रखने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेगा पीटीएम और अभिभावक कार्यशालाओं में 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। यह व्यापक कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की सीखने की निरंतरता बनाए रखने, अवकाश गृहकार्य के प्रभावी प्रबंधन तथा सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने पर केंद्रित था।
इस व्यापक कार्यक्रम के सफल और गुणवत्तापूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को लाइव यूट्यूब सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित सहयोगी स्टाफ और सक्रिय स्कूल प्रबंधन समितियों ने अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने, समन्वय स्थापित करने तथा गतिविधियों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स हरजोत सिंह बैंस ने इस उपलब्धि को ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा, “यह नंबर-1 रैंक केवल सरकार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि हर उस अभिभावक की है जिसने सरकारी स्कूलों पर विश्वास जताया, हर उस विद्यार्थी की है जिसने मेहनत की और हर उस शिक्षक की है जिसने पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर शिक्षा प्रदान की। हमने सरकारी स्कूलों को अंतिम विकल्प से पहली पसंद में बदल दिया है। दशकों तक यह माना जाता रहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है, लेकिन पंजाब ने इस धारणा को गलत साबित कर दिखाया है। यह रैंक हमारे कक्षाओं से उत्पन्न हुई शिक्षा क्रांति का प्रमाण है।”मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब इस वर्ष के अंत में प्रतिष्ठित हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री ने इस मेगा अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्धारित समय से पहले इस संबंधी सुचारू प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को सितंबर से पहले बुनियादी ढांचे के सभी कार्यों सहित अन्य सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस टूर्नामेंट की सफलता सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य भागीदारों को शामिल करते हुए एक प्रबंधकीय समिति बनाई जाए, जो सभी प्रबंधों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने जालंधर और मोहाली में चल रहे कार्यों की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-शक्ति समिति के गठन को भी मंजूरी दी।
विश्व स्तरीय सुविधाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी प्रबंधों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य भागीदारों की प्रबंधकीय समिति बनाई जाए। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से संबंधित हर काम सितंबर से पहले पूरा होना सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस आयोजन की शानदार सफलता में कोई कमी न रह जाए।”
बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए कि जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नवीनतम सुविधाओं से अपग्रेड किया जाए। भारतीय हॉकी फेडरेशन को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में इस स्तर के पहले टूर्नामेंट के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की धरती पर हॉकी के खिलाड़ी पैदा होते रहे हैं और हमारी धरती पर ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी हमारे युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए और अधिक प्रेरित करेगी।
आयोजन के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चैंपियनशिप के सुचारू प्रबंधों को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और खिलाड़ियों की सुविधाओं से संबंधित सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार इस विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सुरक्षा और हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा, “एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली हॉकी की 6 टीमें भाग लेंगी। पहली बार पंजाब को इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जो खेल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।”
इस आयोजन को पंजाब के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए हमारे राज्य को चुना गया, जिससे पंजाब भर में हॉकी और खेल संस्कृति को भरपूर बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “यह बहुत खुशी और संतुष्टि की बात है कि पंजाब इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। यह राज्य में खेलों की पुरानी शान को बहाल करने में बहुत सहायक होगा।”
भारतीय हॉकी में पंजाब के बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “दशकों से हॉकी में पंजाबियों की मजबूत भागीदारी के बावजूद, पंजाब ने आज तक कभी भी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है। इस चैंपियनशिप का राज्य में होना एक बड़े सपने के साकार होने जैसा है।”
बैठक के दौरान मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, पंजाब हॉकी के अध्यक्ष नितिन कोहली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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