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भगवंत मान सरकार ने रिकॉर्ड कायम किया, पंजाब के इतिहास में पहली बार सिर्फ 4 सालों में 65,264 सरकारी नौकरियां दी गईं
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ श्रृंखला के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य क्षेत्रों में आप सरकार की कारगुजारी पर प्रकाश डालते हुये अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए इसे पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताया।
सरकारी क्षेत्र में रोजगार और प्रशासन में नया मानदंड स्थापित करते हुए भगवंत मान सरकार ने पिछली सरकारों की कमियों को दूर करते हुए युवाओं को आयु सीमा में 5 साल की छूट दी और केवल चार वर्षों में रिकॉर्ड 65,264 सरकारी नौकरियां प्रदान कीं, जो पंजाब के इतिहास में दी गई अब तक की सबसे अधिक नौकरियां हैं।
शिक्षा, पुलिस, बिजली, स्वास्थ्य और स्थानीय निकायों सहित प्रमुख क्षेत्रों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए सरकार ने पक्षपात की पुरानी परंपराओं से दूरी बनाई है और अब आम नागरिकों को बिना रिश्वत या सिफारिश के नौकरियां दी जा रही हैं।
इसके साथ ही सेवा केंद्रों में हर महीने 30 लाख लोगों की पहुंच और 8.20 करोड़ से अधिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी के माध्यम से ‘डिजिटल पंजाब’ की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है, जो पारदर्शी प्रशासन, कौशल विकास और प्रणालीगत सुधारों को दर्शाती है जिसका मकसद पंजाब के भविष्य को नई दिशा देना है।
विभिन्न विभागों के रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब एक नए डिजिटल हब के रूप में उभर रहा है, जिसने अपने कामकाज में पारदर्शिता लाते हुए युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों और अवसरों के नए रास्ते खोले हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के इतिहास में पहली बार चार सालों में 65,264 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में 16,308 नौकरियां, पंजाब पुलिस में 12,966 नौकरियां, बिजली विभाग में 8,765 नौकरियां, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मेडिकल शिक्षा में 16,320 तथा स्थानीय निकाय विभाग में 5,771 लोगों को नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इससे राज्य में युवाओं की विदेशों की ओर पलायन की प्रवृत्ति पर रोक लगी है और पंजाब के हर गांव, कस्बे और शहर के युवाओं को इन नौकरियों का लाभ हुआ है।
भर्ती में पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या पक्षपात के केवल मेरिट और योग्यता के आधार पर दी गई हैं। कोई पेपर लीक नहीं हुआ और न ही किसी भर्ती को अदालत में चुनौती दी गई है।
उन्होंने आगे कहा कि कई उम्मीदवारों को तो अलग-अलग विभागों में कई-कई बार नौकरियां भी मिली हैं और इनमें से अधिकांश युवा ये नौकरियां लेने के लिए विदेशों से लौटकर वापस आए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले अदालतों में चुनौती के चलते भर्ती प्रक्रियाओं में देरी होना आम बात थी, जिसके चलते अक्सर कई उम्मीदवारों की उम्र निर्धारित सीमा को पार कर जाती थी। अब युवा आईईएलटीएस सेंटर्स में जाने की बजाय सरकारी नौकरियों की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मौजूदा गवर्नेंस मॉडल की पिछली सरकारों से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने आम लोगों के बजाय अपने ही परिवारों का पक्ष लिया, लेकिन राज्य की सरकार ने सबकी भलाई के लिए काम किया है, जिसके चलते प्राइवेट कंपनियों में भी सात लाख के करीब युवाओं को नौकरियां मिली हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हुनर विकास मिशन शुरू किया गया है, जिसके तहत अमृतसर, बठिंडा, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना में पांच बहु-हुनर विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में अब तक 1.25 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 73,250 को रोजगार भी मिल गया है।
उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी कंपनियों के साथ एआई, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण के लिए एमओयू साइन किए गए हैं।
रोजगार पहलों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1,799 स्वरोजगार कैंपों ने 1,99,000 युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण हासिल करने में मदद की और 6,724 प्लेसमेंट कैंपों तथा नौकरी मेलों ने लाखों युवाओं को रोजगार हासिल करने में मदद की।
उन्होंने आगे कहा कि 11 प्रशिक्षण केंद्रों का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ तीन नए कैंप स्थापित किए गए हैं और 36,342 युवाओं को फौज, जल सेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 5,509 भर्ती हो चुके हैं।
रक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट ने 218 लड़कों को प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से 106 एनडीए और अन्य अकादमियों के लिए चयनित हुए हैं तथा 85 कमीशंड अधिकारी बन चुके हैं। वहीं माई भागो आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट ने 199 लड़कियों को प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से 24 कमीशंड अधिकारी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि होशियारपुर में जल्द ही एक नया इंस्टीट्यूट शुरू किया जाएगा।
डिजिटल गवर्नेंस पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब डिजिटल पंजाब बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है क्योंकि 544 सेवा केंद्र 465 से अधिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि लगभग 30 लाख लोग इन केंद्रों से हर महीने सेवाएं ले रहे हैं, यानी रोजाना एक लाख लोग सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं और अब तक 8,20 करोड़ डिजिटल सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जन्म, मृत्यु और विवाह जैसे प्रमाण-पत्र एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जा रहे हैं तथा एक करोड़ से अधिक प्रमाण-पत्र डिजिटल रूप में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि सेवाओं की बकाया दर में भारी कमी आई है, जो 14 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 0.52 प्रतिशत रह गई है।
नागरिक-केंद्रित पहलकमियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘भगवंत मान सरकार तुम्हारे द्वार’ स्कीम दिसंबर 2023 में लुधियाना से शुरू की गई थी, जिसके तहत नागरिक 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से घर बैठे 437 सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह स्कीम खास तौर पर बुजुर्गों और दफ्तरों में जाकर अपना काम करवाने में असमर्थ लोगों के लिए अधिक मददगार साबित हो रही है तथा अब तक 2.66 लाख लोग इसका लाभ ले चुके हैं।
आपदा राहत सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने देश में अपनी तरह की पहली डिजिटल बाढ़ मुआवजा प्रणाली पेश की है। उन्होंने आगे कहा कि 3,700 गांवों में डिजिटल तरीके से मुआवजे का वितरण किया गया है, जिसने पूरी पारदर्शिता के साथ सही लोगों तक राहत पहुंचाने को सुनिश्चित किया है।
जमीन सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘ईजी रजिस्ट्री’ ने तहसील दफ्तरों से भ्रष्टाचार को खत्म कर दिया है और जुलाई 2025 से अब तक छह लाख से अधिक दस्तावेज रजिस्टर किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि बिचौलिया प्रणाली को खत्म कर दिया गया है और रजिस्ट्रेशन अब एक क्लिक से ऑनलाइन करवाई जा सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि सब-रजिस्ट्रार 48 घंटों के अंदर-अंदर आपत्ति उठा सकते हैं और उच्च अधिकारी इसकी समीक्षा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर से अपनी संपत्ति रजिस्टर करवा सकते हैं और व्हाट्सएप के माध्यम से रीयल-टाइम अपडेट्स प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि रिश्वतखोरी के लिए शिकायत दर्ज करवाने का ऑप्शन और ‘ड्राफ्ट माई डीड’ विशेषता भी प्रदान की गई है।
ट्रांसपोर्ट सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में पहली बार फेसलेस आरटीओ सेवाएं पेश की गई हैं, जो एक बड़ी डिजिटल तब्दीली को दर्शाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब आरटीओ दफ्तरों में जाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि लाइसेंस और आरसी समेत 56 सेवाएं पूरी तरह फेसलेस कर दी गई हैं, जो हेल्पलाइन 1076 और सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध हैं, जिससे अब तक 25,236 लोगों को लाभ मिला है।
सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘कतई ना बर्दाश्त’ नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 23 मार्च, 2022 को भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन भी शुरू की गई थी।
उन्होंने आगे कहा कि इस हेल्पलाइन पर 12,218 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 10,820 संबंधित विभागों को और 1,398 विजीलेंस ब्यूरो को भेजी गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि सही मामलों में कार्रवाई करते हुए 275 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 341 मुलजिमों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 16 गजेटेड अधिकारी, 161 सरकारी कर्मचारी, 88 पुलिस कर्मचारी और 77 आम व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि विजीलेंस ब्यूरो ने 487 छापेमारी करते हुए 1,215 मुलजिमों के विरुद्ध 534 केस दर्ज किए हैं।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 112 गजेटेड अफसरों, 162 सरकारी मुलाजिमों और 83 निजी व्यक्तियों समेत 357 व्यक्तियों के खिलाफ जांच चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि 143 केसों में दोषियों को सजा सुनाई गई है और कई मुलाजिमों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ चार साल का रिपोर्ट कार्ड है और आने वाले समय में भी ऐसे लोग भलाई प्रयास जारी रहेंगे।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश की हालत इस हद तक अजीबोगरीब बन गई है और देश में जो भी बुरा हुआ है, उसके लिए नेहरू को, दिल्ली के लिए अरविंद केजरीवाल को और पंजाब व चंडीगढ़ के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सब कुछ सियासी विरोधियों के नाम पर थोपकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है, जबकि 15 लाख रुपये के वादे से लेकर एमएसपी तक कुछ भी नहीं दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा शब्दों की खेल और कठपुतलियों की तरह विरोधियों को निशाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती।
किसान भलाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार किसानों की जमीनों के नीचे हाई टेंशन तारें डालने की संभावना की पड़ताल कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रभावशाली योजना किसानों को लाभ पहुंचाने और फसलों के जोखिम को कम करने के लिए जल्द ही लागू की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोजेक्ट मेरे पैतृक गांव से शुरू होगा जहां 2,000 एकड़ में 413 ट्यूबवेल मोटरें और 1,100 बिजली के खंभे मौजूद हैं, जिन्हें जमीनदोज करने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार एक्ट, 2008’ में संशोधन के लिए बैसाखी के मौके पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस एक्ट के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को न्यूनतम 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के बारे में संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा चल रहा है।
– मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में गेहूं की निर्विघ्न खरीद का भरोसा दिया, आढ़तियों की चिंताओं को केंद्र के पास बार-बार उठाया
आढ़तियों की चिंताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आढ़तियों को हरियाणा में कारोबार करने की पूरी छूट है और वे यह भी बताना चाहते हैं कि उनके मुद्दे सिर्फ केंद्र द्वारा ही हल किए जा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैंने उनकी जायज मांगों को भारत सरकार के सामने कई बार उठाया है लेकिन केंद्र की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार गेहूं की निर्विघ्न और मुश्किल रहित खरीद को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा सारे प्रबंध पहले ही कर लिए गए हैं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और अन्य मौजूद थे।
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पंजाब में बेअदबी पर उम्रकैद का बनेगा कानून:जैतो की जनसभा में CM मान ने दिए संकेत, 31 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ
फरीदकोट जिले के जैतो शहर में रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने करीब 31 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करवाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि पंजाब में बेअदबी पर उम्रकैद का कानून बनेगा।
सुखबीर को नीतियों पर आत्ममंथन करने की सलाह
मुख्यमंत्री ने बरगाड़ी बेअदबी मामले और उससे जुड़ी गोलीकांड की घटनाओं के लिए बादल परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पंजाब में बेअदबी के आरोपियों को सख्त सजाओ के कानून के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार द्वारा ऐसा कानून बनाया जाएगा, जिसमें आरोपी को एक साल तक जमानत नहीं मिलेगी। साथ ही उसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शिअद नेता सुखबीर सिंह बादल को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान पंजाब के व्यापार पर कब्जा किया गया और जनता को नुकसान पहुंचाया गया।
कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2022 में लोगों ने पारंपरिक पार्टियों के बजाय आम आदमी पार्टी को मौका दिया और उनकी सरकार ने कम समय में ही बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए हैं। चुनाव से पहले की गई गारंटियां पूरी की जा चुकी हैं और पंजाब को रंगला पंजाब की ओर आगे बढ़ाया जा रहा है।
लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आया हूं :
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह राजनीति में पैसा कमाने नहीं, बल्कि लोगों की सेवा और शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने के लिए आए हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न तो कोई भ्रष्टाचार किया है और न ही किसी को करने देंगे।
कार्यक्रम में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर, विधायक अमोलक सिंह, डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर समेत आसपास के क्षेत्रों के कई विधायक मौजूद रहे।

मंच पर सीएम मान को किया गया सम्मानित।

जनसभा के दौरान उमड़ी भीड़।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
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मोगा में CM भगवंत मान ने बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन, विपक्ष पर साधा निशाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास एजेंडे की पुष्टि करते हुए मोगा में बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और नींव पत्थर रखा। साथ ही उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, किसान सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित शासन मॉडल की रूपरेखा भी पेश की।
प्रदेश स्तरीय समागम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का भारी हुंकार और जन भागीदारी सरकार की ईमानदार और साफ-सुथरी राजनीति में बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 47 किलोमीटर से अधिक मुख्य सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने, शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, 18.80 करोड़ रुपए के बिजली प्रोजेक्ट शुरू करने और 13 अप्रैल से विभाजन अभियान शुरू करने तक सरकार जमीन पर ठोस बदलाव ला रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार किसानों की गेहूं के दाने-दाने को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी किसान आढ़तियों के रहमो-करम पर न रहे। इस तरह प्रदेश सरकार हर गांव और शहर को जोड़ने वाले विकास मॉडल के माध्यम से पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखने के बाद समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के लोगों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पंजाब और यहां के लोगों को बर्बाद किया, बल्कि गुरुओं और गुरबाणी का भी घोर निरादर किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने नशे के व्यापार को सरपरस्ती देकर पंजाब की पीढ़ियों का कत्लेआम किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि नशे को बेचने या सप्लाई करने के लिए सरकारी वाहनों का भी इस्तेमाल किया।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता सुखबीर बादल दावा करते हैं कि प्रदेश का सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कला की बेअदबी की घटनाओं को आंखों से ओझल कर बैठे हैं। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई, जो एक न माफ करने योग्य गुनाह है। वे पंथ और पंजाब की विरोधी ताकतों के समर्थक हैं।”
अकाली दल की कथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”
उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने अकालियों को चुना लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा राज्य व यहां के लोगों की पीठ में छुरा मारा। जब किसान भाईचारा अपने हकों के लिए लड़ रहा था, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह बचाने के लिए काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने राज्य की कई पीढ़ियों को तबाह कर दिया है। ये पंजाब विरोधी ताकतें एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रही हैं और राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता केंद्र और नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुप हैं, जो पंजाब को बर्बाद कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “ये नेता मुझ पर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ते क्योंकि वे पंजाब की तरक्की से नाखुश हैं। लोगों को एकजुट होकर इन्हें राज्य से बाहर करके सबक सिखाना चाहिए। सुखबीर बादल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य पंजाब के लिए बेगाने हैं क्योंकि इनका लोगों से कोई मेल नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर कपड़ों और आदतों तक इन लोगों का आम पंजाबियों से कुछ भी मेल नहीं खाता। ये नेता लोगों के सामने आने वाली समस्याओं से अनजान हैं क्योंकि वे पंजाब की असली स्थिति से कोसों दूर हैं। उन्होंने कभी खेतों का चक्कर तक नहीं मारा, तो किसानों की मुश्किलों के बारे में क्या जान सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने इन पारंपरिक पार्टियों को बड़े पैमाने पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने पंजाब को लूटा। इन नेताओं ने परजीवियों की तरह पंजाब के संसाधनों का खून चूसा और आज भी उनके पास सत्ता की भूख के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। वे मुझे गालियां निकालने और अपनी हाई कमांड को वीडियो भेजने में एक-दूसरे से आगे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई लक्ष्य या उद्देश्य नहीं है और वे निजी हितों में उलझे हुए हैं जबकि हमारी सरकार पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए हर प्रयास कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा।”
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अनूठी पहल की हैं। हमने लोगों से किए सारे वादे पूरे किए हैं। सरकार बिना किसी पक्षपात के हर घर को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब से हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, 90 प्रतिशत परिवारों को बिजली का बिल नहीं आ रहा है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 8 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है। सरकार ने नहर प्रणाली को सुधारने पर 6500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और पहली बार 1365 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक यह 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। 6900 किलोमीटर लंबे 18,349 जल मार्गों को सुधारकर पानी को टेल तक पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि जिन नेताओं के खेतों तक जाकर नहरें बंद हो जाती थी, उन्होंने कभी आम लोगों के इस मुद्दे पर कोई चिंता नहीं की। ऐसे फैसले सिर्फ वे नेता ले सकते हैं जो जमीन की हकीकत समझते हैं, न कि वे जो पहाड़ियों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं।
रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सिर्फ योग्यता के आधार पर 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर रोजगार क्रांति लाई है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निजी निवेशों के कारण पिछले चार सालों में 7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और हमने अगले पांच सालों के लिए रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। सरकार किसानों की सुविधा के लिए हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावनाओं की भी पड़ताल कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों को बड़ी राहत देगा क्योंकि हाई टेंशन तारें उनके और उनकी फसलों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके गांव से शुरू होगी, जहां काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
जनकल्याण पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नई तक्सीम योजना 30 दिनों के अंदर जमीन का बंटवारा सुनिश्चित करेगी, जिसे 13 अप्रैल 2026 से पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि लोग जितना हो सके आपसी समझ से विवाद सुलझाएं।
उन्होंने अपील की कि लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद रहित इलाज के लिए अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाएं। यह योजना सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मावां धीयां सत्कार योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति महीना 1500 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों की महिलाओं को 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा लोगों का है, जिसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है। पहले यही पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब सारी चोर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर शिक्षा गरीबी का इलाज है। कोई भी मुफ्त चीज गरीबी खत्म नहीं कर सकती, शिक्षा ही तरक्की और खुशहाली के दरवाजे खोल सकती है। हम शिक्षा को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, वहीं दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने की बात करती हैं। लोगों ने इन मौकापरस्त नेताओं को नकार दिया है, जो सिर्फ अपने परिवारों की भलाई के लिए काम करते रहे हैं।
गेहूं की खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़ती सरकार पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। सरकार सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए सहकारी कमेटियों का खरीद कोटा बढ़ाएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखा, जिसमें बिजली प्रोजेक्ट, नगर निगम सड़कों की मरम्मत और प्रमुख सड़कों का अपग्रेडेशन शामिल है। उन्होंने रंगला और जीवंत पंजाब बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि भगवंत सिंह मान देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। आप सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए मार्गदर्शक पहल की हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी सत्ता में आई तो वे दिल्ली में भाजपा की तरह इन जनकल्याण योजनाओं को बंद कर देंगे।
भगवंत मान सरकार की विकासोन्मुखी सोच से रंगला पंजाब की ओर बढ़ रहा है राज्य
मोगा में चल रहे बुनियादी ढांचा कार्य एक निर्णायक और काम-आधारित शासन मॉडल को दर्शाते हैं, जहां सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था में बड़े निवेश किए जा रहे हैं।
47.70 किलोमीटर लंबी मोगा-बाघापुराना-कोटकपूरा सड़क को 46.98 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। 22.72 किलोमीटर मोगा-धर्मकोट सड़क का नवीनीकरण 9.98 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है, जिससे मुख्य कस्बों व गांवों में संपर्क मजबूत होगा।
नगर निगम द्वारा 88.62 करोड़ रुपए के शहरी विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 11.60 करोड़ रुपए के अतिरिक्त टेंडर प्रगति अधीन हैं। इनमें मुख्य सड़कों के नवीनीकरण के लिए 7.58 करोड़ रुपए, अन्य सड़कों के लिए 7.66 करोड़ रुपए, बहुमंजिला सामुदायिक हॉल के लिए 4.16 करोड़ रुपए, पुरानी अनाज मंडी में स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए 2.19 करोड़ रुपए तथा गुरु नानक कॉलेज चौक पर एक घड़ी टावर के निर्माण के साथ-साथ गीता भवन, रेलवे अंडरब्रिज, जूती मार्केट, प्रताप रोड और मुख्य बाजार समेत शहर की प्रमुख जगहों के सौंदर्यीकरण के लिए 97 लाख रुपए शामिल हैं।
बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें रसूंगावाला में 9.82 करोड़ रुपए की लागत वाला 220 केवी ट्रांसफार्मर, 2.62 करोड़ रुपए की लागत वाला 20 एमवीए ट्रांसफार्मर और 4.22 करोड़ रुपए की लागत वाला सोसण में 132 केवी ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा मोगा शहर की बिजली वितरण व्यवस्था को अपग्रेड करने पर 3.74 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ये पहल पूरे शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार कर रही हैं और आसपास के लगभग नौ गांवों को लाभ पहुंचा रही हैं। साथ ही 1 करोड़ रुपए की लागत से डगरू में एक नया सब-डिवीजन कार्यालय तैयार किया जा रहा है।
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AAP नेताओं ने संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने के लिए राघव चड्ढा की आलोचना की
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा और आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यसभा मेंबर राघव चड्ढा पर संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहने पर जमकर निशाना साधा है।
नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बार-बार बातचीत के बावजूद, 8,500 करोड़ रुपये का आरडीएफ बकाया, 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान और 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत जैसे गंभीर मुद्दे नहीं उठाए गए। इस चुप्पी को पंजाब के लोगों और फतवे के साथ धोखा बताते हुए, नेताओं ने कहा कि किसानों की चिंताओं और बाढ़ पीड़ितों की बुरी हालत को न उठाना ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह अलग होना दिखाता है।
संसद में रिप्रेजेंटेशन पर चिंता जताते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राघव चड्ढा को पंजाब के विधायकों ने इस उम्मीद से राज्यसभा के लिए चुना था कि वह नेशनल लेवल पर राज्य की चिंताओं को मज़बूती से प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, उन्होंने पंजाब से जुड़ा एक भी संवेदनशील मुद्दा उठाने से पूरी तरह परहेज किया।
मुख्य वित्तीय मुद्दों की सूचि देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वे लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया ग्रामीण विकास फंड, जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को लगभग 60,000 करोड़ रुपये का भारी जीएसटी नुकसान और जीएसटी मुआवजे में बदलाव के कारण 5,000-6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय नुकसान सहित कई ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फंड का मुद्दा भी ठीक से नहीं उठाया गया।
बाढ़ राहत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भयानक बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये की राहत की घोषणा के बावजूद, उस रकम का एक भी हिस्सा पंजाब के खजाने में नहीं पहुंचा। ये सभी मुद्दे बार-बार राघव चड्ढा के ध्यान में लाए गए, फिर भी उन्होंने संसद में इनमें से एक भी मुद्दा नहीं उठाया।
निराशा जताते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमने उन्हें उम्मीद के साथ राज्यसभा भेजा था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने इन मुद्दों पर एक बार भी मुंह नहीं खोला। यह साफ तौर पर समझौते को दिखाता है। आम आदमी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो आम लोगों को मौके देती है, लेकिन ऐसे ज़रूरी मुद्दों पर चुप रहना पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात है।
इस बीच, आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल और पार्टी का रोल याद रखना चाहिए कि उन्होंने उन्हें राजनीतिक तौर पर ऊपर उठाया है। उन्हें पंजाब के ज्वलंत मुद्दे जैसे बकाया आरडीएफ और फंड और बाढ़ राहत पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन्होंने ऐसे मुद्दे उठाए जो पूरे देश ने देखे हैं।
पार्टी के सिद्धातों को दोहराते हुए, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी की स्थापना लोगों के हक के लिए बिना डरे लड़ने के सिद्धों की गई थी और उस रास्ते से कोई भी भटकाव सोचा भी नहीं जा सकता और मंज़ूर नहीं है। राघव चड्ढा को खुद आत्म मंथन करना चाहिए और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों और लोगों के हकों की वकालत करने के पार्टी कि मुख्य सिद्धांत को याद रखना चाहिए।
दूसरी ओर, आप के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों की बुरी हालत पर राघव चड्ढा की चुप्पी से बहुत निराशा हुई है। पार्टी नेताओं और प्रभावित लोगों ने उनसे बार-बार संसद में मुआवज़े का मुद्दा उठाने की रिक्वेस्ट की थी, खासकर प्रधानमंत्री द्वारा अनाउंस किए गए 1,600 करोड़ रुपये की राहत, जो अभी तक नहीं मिली है।
एक बाढ़ प्रभावित गांव में खड़े होकर उन्होंने कहा कि यह साफ़ है कि लोगों को अपने घरों, फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी नुकसान हुआ है, फिर भी उनकी आवाज़ कभी राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उठाई गई। हमें उम्मीद थी कि वे पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए इंसाफ़ और राहत की ज़ोरदार मांग करेंगे, लेकिन उनकी चुप्पी बहुत निराशाजनक रही है। पंजाब के लोग इस अनदेखी को नहीं भूलेंगे।
आप नेताओं ने मिलकर कहा कि पंजाब के मुद्दों को हर मंच पर ज़ोरदार तरीके से उठाया जाना चाहिए, और ऐसा न करना लोगों और आप को मिले जनादेश के साथ धोखा होगा।
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