Punjab
भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का किया विस्तार; निजी अस्पतालों में 17 और इलाजों को मंजूरी, अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज
लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर ढंग से पहुंचाने और सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 17 और मेडिकल प्रक्रियाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया गया है। यह फैसला राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पंजाब के अनगिनत परिवारों के लिए अस्पताल जाना अक्सर लंबी कतारों, भीड़-भाड़ वाले वार्डों और इलाज के लिए लंबी प्रतीक्षा करना माना जाता है। इस बोझ को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और व्यापक बनाते हुए उन 17 मेडिकल प्रक्रियाओं को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कराने की अनुमति दे दी है, जो पहले केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित थीं।
इस फैसले से केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित प्रक्रियाओं की सूची और छोटी हो गई है और अब लाभार्थियों को काफी बड़े स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क से इलाज कराने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इससे खासकर उन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं सीमित हैं या सरकारी अस्पतालों पर अधिक मरीजों की निर्भरता है। उन्होंने कहा, “इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव घटेगा, प्रतीक्षा समय कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।”
नई स्वीकृत प्रक्रियाएं विभिन्न मेडिकल विशेषताओं से संबंधित हैं, जिससे लोगों को भीड़-भाड़ वाले बड़े अस्पतालों में परेशान होने की बजाय अपने घर के नजदीक ही इलाज मिल सकेगा।
कान, नाक और गला (ईएनटी) इलाज के तहत अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसे ऑपरेशन कराए जा सकेंगे। ये आम ऑपरेशन हैं, जिनमें खास तौर पर बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए समय पर इलाज जरूरी होता है।
जनरल सर्जरी के क्षेत्र में सबसे बड़ा विस्तार किया गया है। हाइड्रोसील ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी और ओपन तथा लैप्रोस्कोपिक दोनों तरह की गॉल ब्लैडर सर्जरी अब योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों की प्रतीक्षा घटेगी और घर के नजदीक इलाज का लाभ मिलेगा।
महिला स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। विस्तारित सूची में 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात संबंधी प्रक्रिया, हिस्टेरोटॉमी, गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए अस्पताल में भर्ती और नाबालिग लड़कियों, अविवाहित यौन रूप से निष्क्रिय महिलाओं और यौन शोषण की पीड़िताओं की एनेस्थीसिया के तहत जांच को शामिल किया गया है।
इन सेवाओं के शामिल होने से जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को और अधिक आसानी से एवं समय पर इलाज मिल सकेगा। इसी तरह नेत्र रोग और ऑर्थोपेडिक सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी आंखों से संबंधित प्रक्रियाएं भी निजी अस्पतालों में कराई जा सकेंगी। वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों को टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों के इलाज और टखने के फ्रैक्चर के ऑपरेशन जैसी सर्जरी का लाभ मिलेगा। इन नई प्रक्रियाओं के पैकेज रेट 2,000 रुपये से 27,800 रुपये तक निर्धारित किए गए हैं।
इस एलान के साथ योजना के दायरे का एक और महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। अब अकेले रहने वाले व्यक्ति, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं और स्वतंत्र रूप से रहने वाले अन्य व्यक्ति शामिल हैं, भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
सबके लिए उपलब्ध यह स्वास्थ्य बीमा प्रोग्राम पहले केवल दो या अधिक सदस्यों वाले परिवारों तक सीमित था। अब इसका लाभ उन माता-पिता को भी मिलेगा जिनके बच्चे विदेशों में रहते हैं। आवेदन देने के लिए पंजाब का आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जबकि 18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अकेले रहने वाले व्यक्तियों को नामांकन के लिए एक घोषणा पत्र जमा करवाना होगा, जिसकी सत्यापन स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा की जाएगी।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में लगभग 65 लाख परिवार इस योजना के तहत कवर किए जा चुके हैं। इस समय 824 अस्पताल, जिनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और सूचीबद्ध निजी अस्पताल शामिल हैं, योजना के तहत इलाज प्रदान कर रहे हैं। लगभग 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर करने वाली और लगातार विकसित होती हुई मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन चुकी है, जो पहले से कहीं अधिक लोगों तक कैशलेस इलाज की सुविधा पहुंचा रही है।
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श्री आनंदपुर साहिब में संशोधित हेरिटेज स्ट्रीट प्लान को मंजूरी; श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव बढ़ेगा : CM भगवंत सिंह मान
पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और इसकी समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों की समीक्षा की। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शंभू सीमा पर भव्य स्वागती गेट के निर्माण को भी मंजूरी दी है, जो पंजाब की ‘पंज-आब’ पहचान और वास्तुकला की विरासत के सम्मान में तैयार किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने श्री आनंदपुर साहिब में संशोधित हेरिटेज स्ट्रीट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है।
हेरिटेज स्ट्रीट किला श्री आनंदगढ़ साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों को जोड़ने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आध्यात्मिक आभा प्रदान करेगी, जिससे पंजाब की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिख धर्म के सबसे सम्मानित ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्रों में से एक श्री आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट के लिए संशोधित योजना को मंजूरी दे दी है। “श्री आनंदपुर साहिब में प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट किला आनंदगढ़ साहिब के पास गोल चौक से शुरू होगी और तख्त श्री केसगढ़ साहिब पार्क, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब तक जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की योजना श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आध्यात्मिक और विरासत अनुभव को और मजबूत करने के लिए बनाई गई है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से सभी आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की जाएंगी और इसके डिजाइन को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और अन्य सक्षम अधिकारियों द्वारा विधिवत मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रोजेक्ट के सुचारू एवं निर्बाध कार्यान्वयन और इसकी निगरानी के लिए उच्च-शक्ति समिति भी बनाई जाएगी।
महत्वपूर्ण शंभू स्वागती गेट प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया कि शंभू सीमा पर बनने वाला भव्य स्वागती गेट पंजाब की शान को दर्शाएगा। यह गेट चार-मार्गी एन.एच.ए.आई. (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सड़क पर 12 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जो हमारी भव्य विरासत और परंपराओं के सम्मान का प्रतीक होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वास्तुकला अजूबे को इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह सहजता से मौजूदा हाईवे बुनियादी ढांचे से जुड़ सके, जो इसकी सुंदरता को और निखारेगा। इस गेट के हाईवे के पिलर दोनों तरफ सर्विस रोड के साथ स्थापित होंगे, जो पंजाब के प्रवेश गेट पर भव्य पहचान बनाएंगे। पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक वास्तुकला के सम्मान में तैयार किए गए इस ढांचे पर विस्तृत कारीगरी शामिल होगी, जो राज्य की अद्वितीय पहचान को दर्शाएगी।
डिजाइन में शामिल अनूठी सांस्कृतिक विशेषताओं की पहचान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गेट पारंपरिक और वास्तुकला की एक श्रृंखला के माध्यम से क्षेत्रीय कलात्मकता को प्रदर्शित करेगा। गेट में पत्थर की क्लैडिंग, एफ.आर.पी. वर्क, भव्य जाली पैटर्न, फुलकारी से प्रेरित कलाकृति और कई अन्य विशेषताएं होंगी, जो पंजाब की समृद्ध कलात्मक परंपराओं को दर्शाएंगी। इस डिजाइन की अवधारणा ‘पंज-आब’ शब्द की उत्पत्ति का सम्मान करती है, जिसका अर्थ है पांच पानियों की भूमि और इस विचार को आर्किटेक्चरली ‘रिदम ऑफ फाइव’ द्वारा दर्शाया गया है, जिसमें गेटवे के दोनों तरफ पांच-पांच गुंबद हैं, जो राज्य के पांच नदियों का प्रतीक हैं।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, तरुनप्रीत सिंह सौंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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पंजाब पुलिस की लोक-केंद्रित पुलिसिंग से लोगों का भरोसा हुआ मजबूत, उद्योग और निवेश के लिए बना सुरक्षित माहौल
पंजाब पुलिस नागरिकों और कानून प्रवर्तन तंत्र के बीच भरोसे को और मजबूत करते हुए पूरे राज्य में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक पुलिसिंग के नए मानदंड स्थापित कर रही है। पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना, लोक-केंद्रित पुलिसिंग मॉडल की एक प्रमुख मिसाल के रूप में उभरा है; जहाँ उद्योगपतियों और आम नागरिकों ने पुलिसिंग, सामुदायिक सहभागिता और अपराध रोकथाम के लिए की गई पहलकदमियों में आए सकारात्मक बदलाव की खुलकर सराहना की है।
पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने अपराध-मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है, जिसके चलते समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा पुलिस की सराहना की जा रही है। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई से लेकर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने तक, पुलिस बल ने लोगों का विश्वास जीतने और नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया है।
लुधियाना के उद्योगपति अनमोल सूद ने कारोबारी समुदाय पर पुलिसिंग के सकारात्मक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा, “कारोबारी नजरिए से देखा जाए तो पंजाब पुलिस ने हमें सुरक्षा का मजबूत एहसास दिलाया है। मुझे एक घटना याद है जब कुछ असामाजिक तत्व हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे और पुलिस ने कुछ ही मिनटों में उन पर कार्रवाई की। यह पंजाब पुलिस के अच्छे कामों के अनेकों उदाहरणों में से एक है। लुधियाना में जिस तरह की सामुदायिक पुलिसिंग की जा रही है, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि इसके परिणाम भी लोगों के लिए बहुत लाभकारी हैं।”
उक्त कारोबारी के भाई और साझेदार संचित सूद ने कहा कि अपराधिक गतिविधियों में आई कमी ने कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “अब राज्य में फिरौती के लिए फोन कॉल जैसी घटनाएं सुनने को नहीं मिलतीं। यह स्थानीय पुलिस द्वारा डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में चलाए गए विभिन्न अभियानों का परिणाम है। पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और लोगों को बिना किसी परेशानी के जीने के लिए सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
पंजाब पुलिस की पहलकदमियों के व्यापक उद्देश्यों के बारे में बताते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “पंजाब पुलिस राज्य और इसके नागरिकों की भलाई के लिए 24 घंटे समर्पित है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हमने समाज के हर वर्ग के साथ मजबूत तालमेल विकसित किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से लेकर खुले संवाद कार्यक्रमों तक, पंजाब पुलिस हर नागरिक तक पहुंचकर उनमें सुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।”
राज्य में बड़े पैमाने पर लगातार निवेश का आना पंजाब में कानून-व्यवस्था के बेहतर माहौल के प्रति उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। पिछले एक वर्ष के दौरान पंजाब ने 57,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है और देश के सबसे उभरते निवेश केंद्रों में शामिल हुआ है। पंजाब पुलिस द्वारा बनाया गया सुरक्षित और स्थिर माहौल आर्थिक विकास को गति देने और नए निवेश को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए विश्व स्तरीय निवेशकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। नीदरलैंड की यात्रा के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स को मोहाली में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने का निमंत्रण दिया। इसी तरह, नवरत्न सीमेंट इंडस्ट्रीज ने राजपुरा के राय माजरा गांव में ग्रीन सीमेंट निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 250 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश की घोषणा की है।
लुधियाना हैंड टूल्स एसोसिएशन (एलएचटीए) के अध्यक्ष सुभाष चंद्र रलहान ने कहा कि पंजाब पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने नागरिकों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा की भावना को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां सैकड़ों लोग काम करते हैं और हर किसी के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना आसान नहीं होता। शहर में लूट-पाट की घटनाओं में कमी आई है। हमने अपने इलाके में अपराधिक घटनाओं पर रोक के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी और पुलिस ने बहुत कम समय में समस्या का समाधान किया। ऐसी त्वरित कार्रवाई लोगों का पुलिस पर पूरा भरोसा कायम करने के लिए काफी है।”
लगभग चार दशकों से लुधियाना में कारोबार कर रहे उद्योगपति अरुण शर्मा ने भी पुलिसिंग में आए बदलाव की सराहना की। उन्होंने कहा, “मैंने राज्य के मुश्किल और अच्छे दोनों दौर देखे हैं, लेकिन मौजूदा पुलिसिंग प्रणाली वाकई सराहनीय है। किसी समस्या को लेकर पुलिस के पास जाने का डर अब खत्म हो चुका है और समस्याओं के त्वरित समाधान की प्रक्रिया लोगों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है।”
टेक्नोलॉजी-आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करते हुए पंजाब पुलिस ने हाल ही में लुधियाना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) शुरू किया है। यह केंद्र ट्रैफिक निगरानी, पुलिस कंट्रोल रूम संचालन और निगरानी प्रणालियों का एक ही छत के नीचे प्रबंधन करता है, जिससे प्रतिक्रिया समय में तेजी आई है और जांच क्षमताओं में भी सुधार हुआ है।
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कहा कि पुलिस बल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जनसंपर्क और सक्रिय पुलिसिंग उपायों के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा, “पंजाब पुलिस देश के सबसे बहादुर पुलिस बलों में से एक है, जो लोक कल्याण के लिए समर्पित है। पूरा पुलिस बल चौबीसों घंटे काम करता है और हम ‘सुरक्षित पंजाब, सफल पंजाब’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक योजनाओं पर काम कर रहे हैं। आधुनिक पुलिसिंग में लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है और नागरिकों का सबसे बड़ा योगदान समय पर जानकारी मुहैया कराना है। जैसे ही कोई जानकारी मिलती है, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।”
जनभागीदारी को और मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से हमने नागरिकों के साथ खुले संवाद की पहल की है। पुलिस द्वारा मोहल्लों, स्कूलों, डॉक्टरों, कारोबारियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अन्य कई वर्गों के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं, ताकि आपसी संचार को बेहतर बनाया जा सके और उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढा जा सके। लोगों से मिलने वाला फीडबैक हमें हर दिन अपने कामकाज में और सुधार करने में मदद करता है।”
संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त कर चुका है। सीमावर्ती राज्य होने की चुनौतियों के बावजूद पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंगस्टरां ते वार’ के माध्यम से अपराधिक गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की है और गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार उपाय किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई के व्यापक उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए स्वपन शर्मा ने कहा, “गैंगस्टर खुद तो सुरक्षित ठिकानों पर बैठे रहते हैं, जबकि पंजाब के युवाओं को अपने गैर-कानूनी कामों के लिए इस्तेमाल करने हेतु गुमराह करते हैं। पिछले चार महीनों के दौरान पंजाब पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। मेरी युवाओं को सलाह है कि वे पढ़ाई करें, देश की तरक्की में योगदान दें और अपने भविष्य को सवांरने पर ध्यान दें। इस अभियान ने राज्य के लोगों और पुलिस के बीच भरोसे के रिश्ते को फिर से मजबूत करने में मदद की है। यह अभियान सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे पंजाब पुलिस की खुफिया और निगरानी क्षमताएं भी और मजबूत हुई हैं और नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।”
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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियनों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की, लंबित मुद्दों के जल्द समाधान के दिए निर्देश
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो प्रदेश के कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन भी हैं, ने आज विभिन्न कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई जायज मांगों के निपटारे में तेजी लाने के लिए उच्च स्तरीय बैठकों की श्रृंखला की अध्यक्षता की।
प्रत्येक शिष्टमंडल द्वारा उठाई गई विशिष्ट मांगों और मुद्दों की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।’
उन्होंने संबंधित विभागों के प्रशासनिक प्रमुखों को मौके पर ही निर्देश जारी करते हुए कर्मचारियों की जायज मांगों की बारीकी से पड़ताल करने और जल्द से जल्द इनका समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
कैबिनेट सब-कमेटी की भूमिका पर जोर देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘कैबिनेट सब-कमेटी प्रदेश के सभी कैडरों के कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए एक सहयोगी माहौल सृजित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।’
इन विचार-विमर्श के दौरान वित्त मंत्री ने पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन, बाजीगर वणजारा समाज संघर्ष कमेटी, कंप्यूटर अध्यापक यूनियन, लाल झंडा मिड-डे-मील वर्करज़ यूनियन और जल स्पलाई और सेनिटेशन वर्करज़ यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन ने एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा, जिसमें पंजाब सरकार के कर्मचारियों को सामना करने वाले साझा मुद्दों को उजागर किया गया। आम कर्मचारी कल्याण के मामलों के अलावा, यूनियन ने विभिन्न क्षेत्रों में तैनात मिनिस्टीरियल स्टाफ से संबंधित विशिष्ट चिंताओं को सामने लाया, जिनमें जिला प्रशासनिक कार्यालय, शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, आबकारी विभाग, वित्त विभाग, आई.टी.आई., जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग, भूमि एवं जल संरक्षण विभाग और कमिश्नर कार्यालयों के कर्मचारियों के मुद्दे शामिल थे।
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