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बरेली : CM की सख्ती के बाद 194 अस्पतालों को नोटिस, आयुष्मान कार्डधारकों से बिल वसूलने पर होगी कार्रवाई

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बरेली में आयुष्मान कार्ड होने पर भी मरीजों से इलाज का खर्च वसूलने और एक दिन भर्ती होने पर ही मरीजों का भारी-भरकम बिल बनाने की पुष्टि पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख भांपकर सीएमओ ने बृहस्पतिवार को जिले के 194 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।

बुधवार को मंडलीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के सामने जनप्रतिनिधियों ने निजी अस्पतालों की मनमानी की पोल खोली थी। इसमें छोटी सी तकलीफ, चोट लगने पर भी मरीजों को जबरन भर्ती करने, भारी-भरकम बिल बनाने, आयुष्मान कार्ड के बावजूद इलाज का खर्च वसूलने, एडवांस भुगतान लिए बिना इलाज नहीं करने की शिकायतें की थीं। सीएम ने सीएमओ को इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने पंजीकृत निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर रेटलिस्ट चस्पा करने, पर्चे पर आयुष्मान लाभार्थी की मुहर लगाने के लिए कहा है।

साथ ही, किसी अस्पताल की शिकायत मिलने और जांच में पुष्टि होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। सीएमओ ने बताया कि सप्ताहभर का समय अस्पतालों को दिया गया है। इसके बाद जांच कराई जाएगी। इसमें निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई होगी। 

मुख्यमंत्री ने जिले में आरटीपीसीआर जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को सीएमओ ने जांच के लिए जरूरी किट की खरीदारी के लिए शासन को रिमाइंडर भेजकर बजट मांगा है। बताया कि किट न होने से जांच प्रक्रिया ठप है। 

मलेरिया की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश जारी
जिले में इस साल मलेरिया और डेंगू के बेकाबू होने की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने अभी से ही रोकथाम की तैयारी के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने मलेरिया विभाग समेत पंचायती राज विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग और नगर निगम को फॉगिंग कराने व जांच के लिए कहा है।

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10 दिनों में 16,000 जनसभाएं: ‘आप’ सरकार का 4 साल का रिपोर्ट कार्ड घर-घर पहुंचाने की तैयारी — Aman Arora

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर एक बड़े राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आने वाले 10 दिनों में पूरे पंजाब में 16,000 से अधिक रैलियां, जनसभाएं और नुक्कड़ मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी, जिनके जरिए सरकार का रिपोर्ट कार्ड हर गांव, गली और घर तक पहुंचाया जाएगा।

अमन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस व्यापक अभियान में मंत्री, विधायक, चेयरमैन, सरपंच, पंच, एमसी, जिला अध्यक्ष और पार्टी वॉलंटियर सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, “हम अपनी सरकार के चार साल के कामकाज को सीधे जनता के सामने रखेंगे और हर घर तक अपनी उपलब्धियां पहुंचाएंगे।”

उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल की विचारधारा पर चल रही यह सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। अरोड़ा ने दावा किया कि पिछले चार सालों में ‘आप’ सरकार ने वह काम कर दिखाया है, जो पारंपरिक पार्टियां 70 साल में भी नहीं कर सकीं।

सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है, जो देश में एक अनूठी पहल है। इसके अलावा 881 आम आदमी क्लीनिक पहले से चल रहे हैं और जल्द ही 1000 क्लीनिक का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

खेल और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव का दावा करते हुए अरोड़ा ने कहा कि राज्य में 3000 से अधिक खेल स्टेडियम बनाए जा चुके हैं और 6000 से ज्यादा निर्माणाधीन हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में खेल का मैदान हो, ताकि युवा नशे से दूर रहकर खेलों की ओर आकर्षित हों।

उन्होंने आगे बताया कि केंद्र द्वारा 8300 करोड़ रुपये से अधिक के ग्रामीण विकास फंड (RDF) रोके जाने के बावजूद पंजाब में 40,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) ने 4–5 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम के साथ हजारों लोगों की जान बचाई है।

खेती और सिंचाई के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब नहरों का पानी खेतों के आखिरी छोर तक पहुंच रहा है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। वहीं भूजल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है।

वित्तीय मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए अरोड़ा ने कहा कि एक्साइज रेवेन्यू 27,000 करोड़ से बढ़कर लगभग 57,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि GST कलेक्शन भी दोगुना होकर 30,000 करोड़ रुपये से पार पहुंच गया है। इसके अलावा 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा किया है, जिसमें हर घर को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, शहीदों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सहायता और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं।

अंत में अमन अरोड़ा ने कहा कि यह अभियान जनता के सामने सरकार के कामों को रखने और उनसे फीडबैक लेने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “अगर लोग हमारे काम से संतुष्ट हैं तो हम उनका समर्थन चाहते हैं, और अगर नहीं, तो हम उनके फैसले का सम्मान करेंगे।”

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कर्मचारियों की शिकायतें अब होंगी जल्दी हल, मान सरकार का बड़ा भरोसा: हरपाल चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों की शिकायतों को जल्द और पारदर्शी तरीके से हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने आज विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठकें कीं।

इन बैठकों के दौरान वित्त मंत्री ने पंजाब भर की अलग-अलग यूनियनों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनकी लंबित मांगों और चिंताओं को सुना। जिन यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया, उनमें मेरिटोरियस स्कूल टीचर्स यूनियन, अध्यापक इंसाफ कमेटी, फायर ब्रिगेड आउटसोर्स इम्प्लाइज यूनियन, फायर ब्रिगेड कॉन्ट्रैक्ट इम्प्लाइज यूनियन और फॉरेस्ट वर्कर्स यूनियन शामिल थीं।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। वित्त मंत्री ने सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यूनियनों द्वारा उठाई गई सभी जायज मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए और उनका जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उनके कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं को समयबद्ध तरीके से हल करना है। उन्होंने दोहराया कि सरकार कर्मचारियों के साथ संवाद बनाए रखते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की वैध मांगों को गंभीरता से ले रही है और उन्हें हल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड, लंबी कतारों से मची अफरा-तफरी — अफवाहों पर सरकार की सख्त चेतावनी

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इज़राइल तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों ने भारत के कई राज्यों में अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें वायरल होने के बाद कई शहरों में लोगों ने घबराहट में बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।

तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में हालात ऐसे बन गए कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खास तौर पर हैदराबाद में अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे ट्रैफिक जाम और लोगों के बीच बहस के मामले भी सामने आए। इसी तरह इंदौर, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में भी लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच गए।

घबराहट में की गई इस पैनिक बाइंग के चलते कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो गया, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड तक लगाने पड़े। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि यह स्थिति केवल अचानक बढ़ी मांग के कारण बनी है, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।

सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से बचें।

साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

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