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Nankana Sahib Pilgrimage पर रोक, Punjab में सियासी तूफान Political और Religious Groups ने Centre Government के Decision का विरोध किया
केंद्र सरकार ने इस साल नवंबर में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब और अन्य पवित्र गुरुद्वारों की यात्रा पर जाने वाले सिख जत्थों को अनुमति देने से मना कर दिया है। इस फैसले के बाद पंजाब में राजनीतिक हलचल और धार्मिक संगठनों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है।
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए जत्थों को पाकिस्तान भेजना संभव नहीं है। इस आदेश के बाद SGPC (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) की तैयारियों पर भी पानी फिर गया है। SGPC ने जुलाई महीने में ही श्रद्धालुओं के पासपोर्ट इकट्ठे कर लिए थे और वीज़ा आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन अब यह सब रोक दिया गया है।
राजनीतिक दलों और SGPC का गुस्सा
इस फैसले को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है।
- SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह फैसला सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत यह निर्णय वापस लेने की मांग की है।
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे “दोगला रवैया” करार दिया। उन्होंने कहा, “जब पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट मैच हो सकते हैं तो श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा क्यों नहीं? यह फैसला पूरी तरह गलत है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।”
- शिअद (Shiromani Akali Dal) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी केंद्रीय गृह मंत्री से अपील की कि वह इस एडवाइजरी की समीक्षा करें और पंजाब के लोगों की भावनाओं का सम्मान करें।
सांसद मालविंदर कंग का बयान
मालविंदर कंग, जो पंजाब से सांसद हैं, ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा:
“अगर पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेले जा सकते हैं तो ननकाना साहिब की यात्रा क्यों नहीं हो सकती? लोगों की आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। यह फैसला पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार है। मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि इसे तुरंत वापस लिया जाए।”
श्रद्धालुओं में निराशा
हर साल गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर हजारों श्रद्धालु पाकिस्तान जाते हैं। यह यात्रा ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों तक होती है।
- इस बार यात्रा पर रोक से श्रद्धालुओं में गहरी निराशा और दुख है।
- श्रद्धालुओं का कहना है कि यह अवसर उनके लिए बेहद खास होता है, क्योंकि गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान ननकाना साहिब है और वहां जाना उनके जीवन का बड़ा सपना होता है।
केंद्र सरकार का तर्क
केंद्र सरकार का कहना है कि पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति ठीक नहीं है, और वहां भारतीय श्रद्धालुओं के लिए खतरा हो सकता है। इसी वजह से इस साल जत्थों को पाकिस्तान भेजने की अनुमति नहीं दी गई है।
हालांकि, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों का मानना है कि अगर पाकिस्तान से क्रिकेट और अन्य गतिविधियों में संबंध बनाए रखे जा सकते हैं, तो श्रद्धालुओं की यात्रा पर रोक लगाना उचित नहीं है।
असर और अगला कदम
- इस रोक के कारण न सिर्फ धार्मिक गतिविधियों पर असर पड़ा है, बल्कि पंजाब और केंद्र सरकार के बीच तनाव भी बढ़ गया है।
- SGPC और अन्य धार्मिक संगठन इस फैसले के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।
- करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी फिर से चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि कई संगठन मांग कर रहे हैं कि इस कॉरिडोर को पूरी तरह खोला जाए ताकि श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के अपने पवित्र स्थलों तक पहुंच सकें।
गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व सिख समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों में से एक है। ऐसे में इस यात्रा पर रोक से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अब सबकी नजर केंद्र सरकार पर है कि क्या वह इस फैसले को वापस लेगी या नहीं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।
भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।
पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।
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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।
अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।
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NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षा
NEET परीक्षा से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने परीक्षा देने जा रहे लाखों विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।
केजरीवाल ने कहा कि वह जानते हैं कि छात्रों ने पिछले कुछ समय में काफी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता और इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि अब वे पिछली सभी चिंताओं और परिस्थितियों को पीछे छोड़कर केवल अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, “अब कुछ ही घंटे बचे हैं। पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा दें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और बिना किसी तनाव के परीक्षा केंद्र जाएं।”
अरविंद केजरीवाल ने छात्रों की मेहनत पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, NEET में सफलता हासिल करेंगे और भविष्य में देश के योग्य डॉक्टर बनेंगे।”
अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘ऑल द बेस्ट’ कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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