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ASAP ने पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट इलेक्शन के लिए प्रधानगी पद के लिए आदिल बराड़ को अपना उम्मीदवार घोषित किया

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आम आदमी पार्टी (आप) की स्टूडेंट विंग, एएसएपी (एसोसिएशन ऑफ़ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) ने गुरुवार को आने वाले पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट इलेक्शन की घोषणा की। इलेक्शन के लिए प्रधानगी पद के लिए आदिल बराड़ को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए स्टूडेंट राइट्स और एक्टिविज़्म में उनके लंबे समय से जुड़े होने पर ज़ोर दिया।

इस मौके पर, आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा, “आप ने हमेशा स्टूडेंट एक्टिविज़्म और पब्लिक लाइफ में उनकी हिस्सेदारी को बढ़ावा दिया है। पिछले 10-12 सालों में, देश की राजनीति अक्सर लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटने पर फोकस रही है। लेकिन आज नई पीढ़ी लगातार एजुकेशन और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठा रही है।”

देश के जैन-ज़ी युवाओं को बधाई देते हुए, आप सांसद ने कहा, “युवाओं का इतना बड़ा जमावड़ा एक बड़ा बदलाव है क्योंकि अलग-अलग कम्युनिटी के युवा एक साथ आ रहे हैं और एजुकेशन और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। मैं देश के जैन-ज़ी युवाओं को अपनी आवाज़ उठाने के लिए बधाई देता हूं।”

आदिल बराड़ को एएसएपी का प्रधान उम्मीदवार बताते हुए मीत हेयर ने कहा, “आदिल बराड़ सीनेट प्रोटेस्ट समेत स्टूडेंट्स के मुद्दों को उठाने में लगातार सक्रिय रहे हैं। वह सीनेट प्रोटेस्ट में एक्टिव रूप से शामिल रहे हैं और लॉ डिपार्टमेंट के सबसे कम उम्र के डिपार्टमेंटल रिप्रेजेंटेटिव (डीआर) बनने का गौरव हासिल किया है। मुझे विश्वास है कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स की आवाज़ को मज़बूती से रिप्रेजेंट करेंगे।”

इस बीच, विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा, “शिक्षा देश के सबसे बड़े राजनीतिक मुद्दों में से एक बनकर उभरा है, और एएसएपी उम्मीदवारों ने लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया है और स्टूडेंट्स से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। आदिल बराड़ प्रधान पद के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार हैं। उन्होंने सबसे ज़्यादा वोट हासिल करके डीआर के तौर पर काम किया है, जो स्टूडेंट्स द्वारा उन पर जताए गए भरोसे को दिखाता है।”

विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सीधे तौर पर कई अंदरूनी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। “ज्योति नाम की स्टूडेंट की दुखद मौत से यूनिवर्सिटी सिस्टम में ज़्यादा जवाबदेही और संवेदनशीलता की ज़रूरत भी पता चलती है। सफ़ाई और कई दूसरे ज़मीनी मुद्दे स्टूडेंट्स के लिए ज़रूरी हैं, और एएसएपी उम्मीदवार इन समस्याओं के बारे में अच्छी तरह जानते हैं।”

प्रधान उम्मीदवार आदिल बराड़ ने कहा, “मैं पार्टी लीडरशिप और एएसएपी को मुझ पर भरोसा करने और मुझे प्रधान का चुनाव लड़ने की ज़िम्मेदारी देने के लिए धन्यवाद देता हूँ। एजुकेशन और स्पोर्ट्स मेरे कैंपेन के दो मुख्य आधार होंगे। मैं यह पक्का करने के लिए काम करूँगा कि स्टूडेंट्स की जायज़ समस्याओं को उठाया जाए और उनका हल निकाला जाए।”

एएसएपी नेताओं ने कहा कि संगठन स्टूडेंट एक्टिविज़्म को मज़बूत करना जारी रखेगा और पंजाब यूनिवर्सिटी को स्टूडेंट्स के लिए एक बेहतर एकेडमिक और स्पोर्ट्स का माहौल बनाने की दिशा में काम करेगा।

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पंजाब में ट्रैफिक चालानों का रिकॉर्ड इजाफा, 7 महीनों में 41 लाख के पार

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पंजाब में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। साल 2026 के शुरुआती सात महीनों में ही राज्य में 41 लाख से ज्यादा ट्रैफिक चालान जारी किए जा चुके हैं। हालांकि चालानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके मुकाबले जुर्माने की वसूली काफी कम रही है।

ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए डिजिटल कैमरों और CCTV का इस्तेमाल बढ़ने के कारण ई-चालानों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। कैमरों के जरिए वाहनों पर नजर रखी जा रही है और नियम तोड़ने पर चालान जारी किए जा रहे हैं। हालांकि कई वाहन मालिक समय पर इन चालानों का भुगतान नहीं कर रहे हैं।

सरकारी परिवहन ई-चालान प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में पंजाब में 53,973 चालान जारी किए गए थे और करीब 5.3 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। 2022 में चालानों की संख्या 51,876 रही, जबकि 2023 में यह बढ़कर 72,790 हो गई।

इसके बाद 2024 में चालानों की संख्या में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। इस साल पंजाब में 3.98 लाख चालान जारी किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 447 प्रतिशत अधिक थे। इस दौरान करीब 54.53 करोड़ रुपये की वसूली हुई।

साल 2025 में चालानों की संख्या और तेजी से बढ़ी। पूरे साल पंजाब में 20,46,881 चालान जारी किए गए और सरकार को करीब 123.04 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।

अब 2026 में चालानों की संख्या ने पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। 1 जनवरी से 6 अगस्त 2026 तक राज्य में 41,37,775 चालान जारी किए जा चुके हैं। यह संख्या पूरे 2025 में जारी हुए चालानों की तुलना में लगभग दोगुनी है। हालांकि इसके मुकाबले अब तक सिर्फ 49.02 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।

कुल आंकड़ों की बात करें तो इस अवधि में पंजाब में 67.61 लाख चालान जारी किए गए और इनसे कुल 244.28 करोड़ रुपये का चालान राजस्व दर्ज किया गया है।

चालानों की संख्या बढ़ने के साथ पंजाब की राष्ट्रीय ई-चालान रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। साल 2021 में पंजाब 28वें स्थान पर था। इसके बाद 2024 में 23वें, 2025 में 14वें और 2026 में अब तक 13वें स्थान पर पहुंच गया है।

आंकड़ों से साफ है कि ऑटोमैटिक कैमरा आधारित ट्रैफिक निगरानी के कारण चालान तेजी से बन रहे हैं, लेकिन उनकी वसूली उसी रफ्तार से नहीं हो रही। बकाया चालानों में नोटिस की डिलीवरी, वाहन मालिक द्वारा भुगतान न करना, विवादित मामले और अदालत या लोक अदालत के जरिए निपटारा जैसे कारण अहम हो सकते हैं।

अगर मौजूदा रफ्तार जारी रहती है तो 2026 के अंत तक पंजाब में करीब 69 लाख चालान जारी होने का अनुमान है। हालांकि इसके बावजूद चालानों से होने वाली वसूली करीब 82 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है, जो 2025 में हुई 123.04 करोड़ रुपये की वसूली से काफी कम होगी।

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प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पीछे हुआ भारत- केजरीवाल

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भारत को सालाना प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से भी पिछड़ने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पर कैपिटा इनकम में भारत बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। देश ने मोदी जी को प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो हमें दुनिया का सबसे अमीर देश बनायेंगे। लेकिन उन्होंने तो भारत को बांग्लादेश से भी गरीब बना दिया। आज भारत की प्रति व्यक्ति आय 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है।

शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूं जिसे सुनकर हर देशभक्त को बड़ा धक्का लगेगा। भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब देश घोषित हो गया है। भारत की सालाना पर कैपिटा इनकम 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब हमारी पर कैपिटा इनकम बांग्लादेश से बहुत ज्यादा थी। 2014 में हमारी पर कैपिटा इनकम 1600 डॉलर थी और बांग्लादेश की 1100 डॉलर थी, लेकिन आज बांग्लादेश हमसे आगे निकल गया है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि स्विट्जरलैंड की पर कैपिटा इनकम 1,15,000 डॉलर है, सिंगापुर की 99,000 डॉलर और अमेरिका की 90,000 डॉलर है। 2014 में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया था कि हम अमेरिका को पीछे छोड़ेंगे। हमें क्या पता था कि विश्व गुरु का सपना दिखाने वाले लोग देश को इतना लूटेंगे और चूसेंगे कि 12 साल बाद भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब हो जाएगा।

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Politics

भोआ के 4 गांवों को मिलेगी बड़ी सड़क सुविधा, ₹1 करोड़ की लागत से शुरू होगा निर्माण

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पठानकोट के भोआ विधानसभा क्षेत्र के चार गांवों के लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क सुविधा मिलने जा रही है। इन गांवों में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण शुरू किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने इन विकास कार्यों का नींव पत्थर रखा।

इस मौके पर मंत्री ने सिर्फ सड़क निर्माण की शुरुआत ही नहीं की, बल्कि गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने मंत्री के सामने पानी की कमी, ड्रेनेज की समस्या, गलियों की खराब हालत और सड़कों की बदहाल स्थिति सहित कई स्थानीय मुद्दे रखे।

ग्रामीणों के मुताबिक, इन समस्याओं की ओर पिछले करीब 20 वर्षों से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खास तौर पर खराब सड़कों के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और किसानों को काफी दिक्कत होती थी।

अब सड़क निर्माण का काम शुरू होने की खबर से गांवों के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नई सड़कों के बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि गांवों को आसपास के क्षेत्रों से बेहतर तरीके से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण के अलावा उनके द्वारा बताई गई अन्य समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सड़क निर्माण की शुरुआत पर गांववासियों ने सरकार और कैबिनेट मंत्री का धन्यवाद किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही अन्य समस्याओं का समाधान भी जल्द किया जाएगा।

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