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जब तक Punjab में आम आदमी पार्टी की सरकार है, महिलाओं को सम्मान राशि और मुफ्त बिजली मिलती रहेगी – भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर जिले के दसूहा हलके के घोगरा में लोक मिलनी में विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए एलान किया कि जब तक आम आदमी पार्टी (आप) सत्ता में है, महिलाओं को उनकी सम्मान राशि और सूबे में मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। इस मौके पर उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी रूप से व्यवस्था कर दी है क्योंकि बेअदबी के अपराधी को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष की नीयत साफ होती तो बहुत पहले बेअदबी की घटनाओं का होना बंद हो सकता था।
पंजाब को नशों में डुबोने के लिए अकाली दल और सूबे को बदनाम करने के लिए हर रोज झूठा प्रचार करने वाली सभी विपक्षी पार्टियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और पहले आई सरकारों में एक ही फर्क है कि अब लोगों का पैसा लोगों के पास जाता है, पहले की तरह नेताओं की जेबों में नहीं जाता। लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सूबे की बेमिसाल तरक्की और खुशहाली से ईर्खा करते हुए पंजाब के द्रोही बुरी नीयत से मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। ये ताकतें जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली की दुश्मन हैं, अब मुझे बेहूदा मुद्दों पर बदनाम करने के लिए निचले स्तर पर गिर चुकी हैं। मेरा जीवन एक खुली किताब है क्योंकि मैंने अपना सारा जीवन पंजाब और पंजाबियों की भलाई को समर्पित किया है और इस नेक काम के लिए सख्त प्रयास कर रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “परंपरागत पार्टियों ने हमेशा लोगों को अपना वोट बैंक समझा है और कभी उनकी भलाई की परवाह नहीं की, और वे इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण मेरे खिलाफ निराधार प्रचार कर रहे हैं।”
विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये ताकतें अब निराधार, तर्कहीन और भ्रामक प्रचार से मेरी छवि खराब करने पर तुली हुई हैं, जिस कारण सूबे के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। मैं सूबे के बेमिसाल विकास को सुनिश्चित करने के लिए जी-जान से काम कर रहा हूं और प्रतिदिन हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई लोक-हितैषी कदम उठा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकारों के विपरीत, मैंने कभी भी सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि मैंने यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनता की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “उनके बेटे और भाई के नाते मैं अपने पहले के नेताओं की तरह अमीरी की जिंदगी जीने के बजाय आम लोगों के दुख-दर्द बांटने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हूं। पहले का कोई भी शासक लोगों के पास इस तरह नहीं आया था कि उनकी मुश्किलों के बारे में खुलकर बातचीत करे और उन मुश्किलों को लगन से हल करे।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन घमंडी सियासतदांनों ने हमेशा लोगों से मिलने के बजाय अपने महल की ऊंची दीवारों में अपने आप को सीमित रखा है और अब सूबा सरकार के हर कदम से वे बौखलाए हुए हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं हमेशा विकासोन्मुखी और नागरिक केंद्रित नीतियां बनाने के लिए सीधे लोगों से फीडबैक लेने के लिए मैदान में रहा हूं, जिससे पंजाब के विकास को बड़ा बढ़ावा मिला है। इससे पूरा विपक्ष सदमे में है और सभी विरोधियों ने झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने के लिए सोची-समझी रणनीति से मेरे खिलाफ हाथ मिलाया है।” उन्होंने आगे कहा, “ये ताकतें मनघड़ंत और अपमानजनक कहानी गढ़कर लोगों को बहकाने की कोशिश कर रही हैं, जिसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे और इन ताकतों को सबक सिखाया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “सूबे के समझदार लोग विपक्ष के इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे जरूर इन्हें सबक सिखाएंगे। विपक्ष के नाटक मुझे कभी भी सूबे के लोगों की सेवा से नहीं रोक सकते और मैं अपनी अंतिम सांस तक डटा रहूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “इन पार्टियों के पास सूबा सरकार के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि पंजाब सरकार ने लोक भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसकी वजह से विपक्षी दल मुद्दाहीन हैं।”
अकाली दल पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों को डाला गया हर वोट गुरु साहिब जी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन बाणी की बेअदबी के पक्ष में होगा। उन्होंने कहा कि इन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करके हर व्यक्ति की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंचाई है और बहबल कलां और बरगाड़ी में निर्दोषों पर गोली चलाने का हुक्म दिया है। इन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब का भी घोर निरादर किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “पूर्व उप मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासन के दौरान सूबे का बड़ा विकास हुआ है, लेकिन कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य स्थानों के मुद्दे पर आंखें बंद कर लेते हैं, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष लोग मारे गए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा असल में ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल तक सूबे को लूटने के बाद, उन्हें बताना चाहिए कि वे सूबे को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को गहरी चोट पहुंचाने और सूबे के कई माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा, सूबे को बेरहमी से लूटा है। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सूबे की कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था और नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया था और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह कारोबार फला-फूला।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए क्योंकि नशे के व्यापार को उनके द्वारा संरक्षण दिया गया था। इन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं जो उनकी सरकारी गाड़ियों में सूबे में सप्लाई किए जाने वाले नशे का शिकार हो गए थे। इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और उन्हें उनके कुकर्मों के लिए लोग कभी माफ नहीं कर सकते।”
विधायी कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि परमात्मा ने हमें सर्वसम्मति से जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए सख्त सजा निर्धारित की गई है। यह अधिनियम भविष्य में बेअदबी के अंत को दर्शाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी कभी भी ऐसे जघन्य अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का जघन्य जुर्म सूबे में सख्त मेहनत करके हासिल की गई शांति, सद्भावना, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश थी। यह अधिनियम यह सुनिश्चित करेगा कि इस अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और दूसरों के लिए मिसाल कायम होगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और सूबा सरकार पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है। दुनिया भर के लोग खुश हैं और मुझे रोजाना उन लोगों के कई फोन आ रहे हैं जो इस ऐतिहासिक अधिनियम के लिए मेरा धन्यवाद करते हैं।”
अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग और स्टैंड बदलते हैं। हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों की कठपुतली था और इन्होंने देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ साजिश रचने के लिए उन्हें ‘सर’ की उपाधि दी थी।”
उन्होंने आगे कहा, “इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस जघन्य घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी करके सम्मानित किया था। इस कार्रवाई ने उनकी राष्ट्र विरोधी और पंजाब विरोधी मानसिकता और चरित्र को नंगा कर दिया।”
उन्होंने आगे कहा, “केवल इतना ही नहीं, परिवार ने यह भी सुनिश्चित किया कि जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दी जाए। यह और भी हैरान करने वाली बात है कि जत्थेदार अरूड़ सिंह, जिसने सिरोपा दिया था, पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरजीत सिंह मान के नाना जी थे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि इतिहास मिटाया नहीं जा सकता और बादलों के पुरखों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर अंकित है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में उनकी भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है, जिस कारण उनके पास चुनावों में काम करने के लिए आम कार्यकर्ताओं की जगह ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे हैं। कांग्रेस पार्टी एक बंटा हुआ घर है जो उनके आपसी कलह से ही ढह जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में लोगों के पास तीन कलमों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली कलम लाल स्याही वाली कांग्रेस की कलम है, जो श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और अन्य सिख विरोधी तथा पंजाब विरोधी स्टैंडों की प्रतीक है। दूसरी कलम अकालियों की है जिसके पास सिर्फ एक स्याही है, जिसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। तीसरी कलम ‘आप’ पार्टी की है जो हर दिन मार्गदर्शक पहलों से पंजाब को रंगला पंजाब बना रही है।”
प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा सूबे का है और हम इसे समझदारी से लोगों की भलाई पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमने 90 फीसद घर-परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान की, भ्रष्टाचार के बिना युवाओं को 65,000 से अधिक नौकरियां दीं, मजबूत सड़कें बनाईं, टोल प्लाजा बंद किए, जिससे प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हुई है, और ठोस बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “जिस समय हम सत्ता में आए, उस समय सूबे में सिंचाई के उद्देश्यों के लिए सिर्फ 22 फीसद नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था।”
समाज सुधार पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायत वाले कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस जाल से बाहर निकाल सकती है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया को रोशन करती है और इसीलिए हम इस पर विशेष जोर दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं और हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही सेहत कार्ड बनवा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इस योजना के तहत अब तक 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल की है और मैं लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “सूबे के इतिहास में यह पहली बार है कि धान के सीजन के दौरान खेतों के लिए ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली की सप्लाई दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”
महिला सशक्तिकरण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ” मांवां धीयां सतिकार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों से बातचीत का एक माध्यम है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी लोगों की भलाई की परवाह नहीं की। इन पार्टियों ने अपने मुनाफे के लिए घिनौने खेल खेले और राज्य की दौलत लूटी, लेकिन लोगों ने झाड़ू को वोट दिया, जिसने स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों की तस्वीर बदल दी है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता पांच मौके दिए जाने के बावजूद लोगों से एक और मौका मांग रहे हैं। लोगों की सेवा करने के बजाय, उन्होंने सूबे को लूटा और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “ये पार्टियां सूबे की दौलत को फिर से लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं, जो कि सत्ता प्राप्त करने का उनका एकमात्र उद्देश्य है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये लोग कभी भी सूबे या यहां के लोगों की परवाह नहीं करते और उनका एकमात्र उद्देश्य सरकार का दुरुपयोग करके सत्ता हथियाना है। ये मौकापरस्त नेता हैरान हैं क्योंकि लोग अब उनकी तरफ आंख नहीं उठा रहे और उनका एजेंडा अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है।”
उन्होंने आगे कहा, “इन पार्टियों ने लंबे समय तक राज किया, लेकिन अपनी अयोग्यता और कुशासन के कारण लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना जो उनके लिए अथक मेहनत कर रही है। परंपरागत पार्टियां हमसे इसलिए ईर्खा करती हैं क्योंकि हमने आम आदमी की भलाई का एजेंडा रखा है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इन पार्टियों ने सत्ता में आकर लोगों और देश को लूटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुखबीर सिंह बादल पंजाब के एक कॉन्वेंट पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो सूबे की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन फिर भी राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।”
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सोने-चांदी के दाम में गिरावट, जानें आज के ताज़ा रेट
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। हफ्ते के पहले दिन सोमवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में हलचल देखने को मिली।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर सुबह करीब 10:36 बजे 5 जून डिलीवरी वाला सोना 1,50,900 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। यह पिछले सत्र के मुकाबले 0.30 फीसदी यानी 452 की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले सोना 1,51,150 प्रति 10 ग्राम पर खुला था, जो पिछले बंद भाव 1,51,352 से कम था।
कारोबार के दौरान सोने की कीमत ने 1,51,347 प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे हाई छुआ, जबकि इसका निचला स्तर 1,50,860 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे साफ है कि दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।
वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2,49,522 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जो 0.56 फीसदी यानी ₹1,415 की कमी दर्शाती है। चांदी का शुरुआती भाव 2,50,699 रहा, जबकि पिछले सत्र में यह 2,50,937 पर बंद हुई थी।
दिन के कारोबार में चांदी ने 2,51,231 प्रति किलोग्राम का इंट्राडे हाई और 2,49,522 का लो लेवल दर्ज किया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में दबाव बना हुआ है।
पिछले हफ्ते दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के दाम में तेजी देखी गई थी, जबकि चांदी में हल्की गिरावट रही थी। अब नए हफ्ते की शुरुआत में दोनों धातुओं में कमजोरी नजर आ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों के बदलते रुझान के कारण सोने-चांदी की कीमतों में यह गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेगी।
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गर्मी से राहत, पंजाब में तापमान 4.7°C तक गिरा, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी
बारिश के बाद पंजाब में लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से काफी राहत मिली है। तापमान में करीब 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य स्तर से लगभग 4.7 डिग्री नीचे आ गया है। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को कुछ हद तक राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने नई चेतावनी भी जारी की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार आज राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
तापमान के आंकड़ों की बात करें तो फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कई जिलों में एक सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे मौसम और भी ठंडा हो गया है।
मौसम विभाग ने 22 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 13 जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, बठिंडा, लुधियाना, पटियाला और मोहाली समेत कई इलाके शामिल हैं।
इसके अलावा अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर और मोगा जैसे जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण है, जो इस समय उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है। इसके साथ ही हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बना एक और मौसम सिस्टम भी बादलों की गतिविधि और तेज हवाओं को बढ़ा रहा है।
विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। 5 मई को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 8 मई के बीच अलग-अलग जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3 से 4 डिग्री तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है। 4 और 5 मई को हवाओं की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि 6 मई को यह 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ बारिश ने गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं, आंधी और ओलावृष्टि को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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ममता बनर्जी को बड़ा झटका? BJP बहुमत के पार, 173 सीटों पर आगे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और राजनीतिक तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। ताजा रुझानों के मुताबिक राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) मजबूत बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) पीछे चलती दिखाई दे रही है।
शुरुआती और मध्य चरण के रुझानों के बाद अब सामने आ रहे आंकड़ों के अनुसार BJP ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और करीब 170 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC कई सीटों पर पिछड़ती नजर आ रही है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
वोट शेयर की बात करें तो BJP को करीब 50 प्रतिशत के आसपास वोट मिलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि TMC लगभग 42 प्रतिशत वोटों पर बनी हुई है। ये आंकड़े बताते हैं कि मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन फिलहाल BJP बढ़त बनाए हुए है।
सीटवार स्थिति देखें तो भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी आगे चल रही हैं, जबकि नंदीग्राम सीट से BJP नेता सुवेंदु अधिकारी पीछे दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अंतिम नतीजों के लिए अभी इंतजार करना होगा।
कुल मिलाकर, अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं तो पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है, जहां BJP की पकड़ मजबूत होती दिख रही है और ममता बनर्जी के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बन सकती है।
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