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जब तक Punjab में आम आदमी पार्टी की सरकार है, महिलाओं को सम्मान राशि और मुफ्त बिजली मिलती रहेगी – भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर जिले के दसूहा हलके के घोगरा में लोक मिलनी में विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए एलान किया कि जब तक आम आदमी पार्टी (आप) सत्ता में है, महिलाओं को उनकी सम्मान राशि और सूबे में मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। इस मौके पर उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी रूप से व्यवस्था कर दी है क्योंकि बेअदबी के अपराधी को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष की नीयत साफ होती तो बहुत पहले बेअदबी की घटनाओं का होना बंद हो सकता था।

पंजाब को नशों में डुबोने के लिए अकाली दल और सूबे को बदनाम करने के लिए हर रोज झूठा प्रचार करने वाली सभी विपक्षी पार्टियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और पहले आई सरकारों में एक ही फर्क है कि अब लोगों का पैसा लोगों के पास जाता है, पहले की तरह नेताओं की जेबों में नहीं जाता। लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सूबे की बेमिसाल तरक्की और खुशहाली से ईर्खा करते हुए पंजाब के द्रोही बुरी नीयत से मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। ये ताकतें जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली की दुश्मन हैं, अब मुझे बेहूदा मुद्दों पर बदनाम करने के लिए निचले स्तर पर गिर चुकी हैं। मेरा जीवन एक खुली किताब है क्योंकि मैंने अपना सारा जीवन पंजाब और पंजाबियों की भलाई को समर्पित किया है और इस नेक काम के लिए सख्त प्रयास कर रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “परंपरागत पार्टियों ने हमेशा लोगों को अपना वोट बैंक समझा है और कभी उनकी भलाई की परवाह नहीं की, और वे इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण मेरे खिलाफ निराधार प्रचार कर रहे हैं।”

विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये ताकतें अब निराधार, तर्कहीन और भ्रामक प्रचार से मेरी छवि खराब करने पर तुली हुई हैं, जिस कारण सूबे के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। मैं सूबे के बेमिसाल विकास को सुनिश्चित करने के लिए जी-जान से काम कर रहा हूं और प्रतिदिन हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई लोक-हितैषी कदम उठा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछली सरकारों के विपरीत, मैंने कभी भी सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि मैंने यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनता की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “उनके बेटे और भाई के नाते मैं अपने पहले के नेताओं की तरह अमीरी की जिंदगी जीने के बजाय आम लोगों के दुख-दर्द बांटने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हूं। पहले का कोई भी शासक लोगों के पास इस तरह नहीं आया था कि उनकी मुश्किलों के बारे में खुलकर बातचीत करे और उन मुश्किलों को लगन से हल करे।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन घमंडी सियासतदांनों ने हमेशा लोगों से मिलने के बजाय अपने महल की ऊंची दीवारों में अपने आप को सीमित रखा है और अब सूबा सरकार के हर कदम से वे बौखलाए हुए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं हमेशा विकासोन्मुखी और नागरिक केंद्रित नीतियां बनाने के लिए सीधे लोगों से फीडबैक लेने के लिए मैदान में रहा हूं, जिससे पंजाब के विकास को बड़ा बढ़ावा मिला है। इससे पूरा विपक्ष सदमे में है और सभी विरोधियों ने झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने के लिए सोची-समझी रणनीति से मेरे खिलाफ हाथ मिलाया है।” उन्होंने आगे कहा, “ये ताकतें मनघड़ंत और अपमानजनक कहानी गढ़कर लोगों को बहकाने की कोशिश कर रही हैं, जिसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे और इन ताकतों को सबक सिखाया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “सूबे के समझदार लोग विपक्ष के इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे जरूर इन्हें सबक सिखाएंगे। विपक्ष के नाटक मुझे कभी भी सूबे के लोगों की सेवा से नहीं रोक सकते और मैं अपनी अंतिम सांस तक डटा रहूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “इन पार्टियों के पास सूबा सरकार के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि पंजाब सरकार ने लोक भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसकी वजह से विपक्षी दल मुद्दाहीन हैं।”

अकाली दल पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों को डाला गया हर वोट गुरु साहिब जी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन बाणी की बेअदबी के पक्ष में होगा। उन्होंने कहा कि इन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करके हर व्यक्ति की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंचाई है और बहबल कलां और बरगाड़ी में निर्दोषों पर गोली चलाने का हुक्म दिया है। इन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब का भी घोर निरादर किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “पूर्व उप मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासन के दौरान सूबे का बड़ा विकास हुआ है, लेकिन कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य स्थानों के मुद्दे पर आंखें बंद कर लेते हैं, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष लोग मारे गए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा असल में ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल तक सूबे को लूटने के बाद, उन्हें बताना चाहिए कि वे सूबे को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को गहरी चोट पहुंचाने और सूबे के कई माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा, सूबे को बेरहमी से लूटा है। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सूबे की कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था और नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया था और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह कारोबार फला-फूला।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए क्योंकि नशे के व्यापार को उनके द्वारा संरक्षण दिया गया था। इन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं जो उनकी सरकारी गाड़ियों में सूबे में सप्लाई किए जाने वाले नशे का शिकार हो गए थे। इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और उन्हें उनके कुकर्मों के लिए लोग कभी माफ नहीं कर सकते।”

विधायी कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि परमात्मा ने हमें सर्वसम्मति से जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए सख्त सजा निर्धारित की गई है। यह अधिनियम भविष्य में बेअदबी के अंत को दर्शाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी कभी भी ऐसे जघन्य अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का जघन्य जुर्म सूबे में सख्त मेहनत करके हासिल की गई शांति, सद्भावना, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश थी। यह अधिनियम यह सुनिश्चित करेगा कि इस अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और दूसरों के लिए मिसाल कायम होगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और सूबा सरकार पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है। दुनिया भर के लोग खुश हैं और मुझे रोजाना उन लोगों के कई फोन आ रहे हैं जो इस ऐतिहासिक अधिनियम के लिए मेरा धन्यवाद करते हैं।”

अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग और स्टैंड बदलते हैं। हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों की कठपुतली था और इन्होंने देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ साजिश रचने के लिए उन्हें ‘सर’ की उपाधि दी थी।”

उन्होंने आगे कहा, “इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस जघन्य घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी करके सम्मानित किया था। इस कार्रवाई ने उनकी राष्ट्र विरोधी और पंजाब विरोधी मानसिकता और चरित्र को नंगा कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “केवल इतना ही नहीं, परिवार ने यह भी सुनिश्चित किया कि जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दी जाए। यह और भी हैरान करने वाली बात है कि जत्थेदार अरूड़ सिंह, जिसने सिरोपा दिया था, पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरजीत सिंह मान के नाना जी थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि इतिहास मिटाया नहीं जा सकता और बादलों के पुरखों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर अंकित है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में उनकी भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है, जिस कारण उनके पास चुनावों में काम करने के लिए आम कार्यकर्ताओं की जगह ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे हैं। कांग्रेस पार्टी एक बंटा हुआ घर है जो उनके आपसी कलह से ही ढह जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में लोगों के पास तीन कलमों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली कलम लाल स्याही वाली कांग्रेस की कलम है, जो श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और अन्य सिख विरोधी तथा पंजाब विरोधी स्टैंडों की प्रतीक है। दूसरी कलम अकालियों की है जिसके पास सिर्फ एक स्याही है, जिसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। तीसरी कलम ‘आप’ पार्टी की है जो हर दिन मार्गदर्शक पहलों से पंजाब को रंगला पंजाब बना रही है।”

प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा सूबे का है और हम इसे समझदारी से लोगों की भलाई पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमने 90 फीसद घर-परिवारों को मुफ्त बिजली प्रदान की, भ्रष्टाचार के बिना युवाओं को 65,000 से अधिक नौकरियां दीं, मजबूत सड़कें बनाईं, टोल प्लाजा बंद किए, जिससे प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हुई है, और ठोस बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “जिस समय हम सत्ता में आए, उस समय सूबे में सिंचाई के उद्देश्यों के लिए सिर्फ 22 फीसद नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था।”

समाज सुधार पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायत वाले कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस जाल से बाहर निकाल सकती है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया को रोशन करती है और इसीलिए हम इस पर विशेष जोर दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं और हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही सेहत कार्ड बनवा चुके हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इस योजना के तहत अब तक 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल की है और मैं लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “सूबे के इतिहास में यह पहली बार है कि धान के सीजन के दौरान खेतों के लिए ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली की सप्लाई दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”

महिला सशक्तिकरण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ” मांवां धीयां सतिकार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों से बातचीत का एक माध्यम है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी लोगों की भलाई की परवाह नहीं की। इन पार्टियों ने अपने मुनाफे के लिए घिनौने खेल खेले और राज्य की दौलत लूटी, लेकिन लोगों ने झाड़ू को वोट दिया, जिसने स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों की तस्वीर बदल दी है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता पांच मौके दिए जाने के बावजूद लोगों से एक और मौका मांग रहे हैं। लोगों की सेवा करने के बजाय, उन्होंने सूबे को लूटा और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “ये पार्टियां सूबे की दौलत को फिर से लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं, जो कि सत्ता प्राप्त करने का उनका एकमात्र उद्देश्य है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये लोग कभी भी सूबे या यहां के लोगों की परवाह नहीं करते और उनका एकमात्र उद्देश्य सरकार का दुरुपयोग करके सत्ता हथियाना है। ये मौकापरस्त नेता हैरान हैं क्योंकि लोग अब उनकी तरफ आंख नहीं उठा रहे और उनका एजेंडा अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है।”

उन्होंने आगे कहा, “इन पार्टियों ने लंबे समय तक राज किया, लेकिन अपनी अयोग्यता और कुशासन के कारण लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना जो उनके लिए अथक मेहनत कर रही है। परंपरागत पार्टियां हमसे इसलिए ईर्खा करती हैं क्योंकि हमने आम आदमी की भलाई का एजेंडा रखा है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इन पार्टियों ने सत्ता में आकर लोगों और देश को लूटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुखबीर सिंह बादल पंजाब के एक कॉन्वेंट पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो सूबे की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन फिर भी राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।”

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NEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षा

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NEET परीक्षा से ठीक पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने परीक्षा देने जा रहे लाखों विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने की सलाह दी।

केजरीवाल ने कहा कि वह जानते हैं कि छात्रों ने पिछले कुछ समय में काफी चुनौतियों और मानसिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने कहा कि एक ही महीने में दो बार परीक्षा देना आसान नहीं होता और इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि अब वे पिछली सभी चिंताओं और परिस्थितियों को पीछे छोड़कर केवल अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा, “अब कुछ ही घंटे बचे हैं। पूरी एकाग्रता और शांत मन से परीक्षा दें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और बिना किसी तनाव के परीक्षा केंद्र जाएं।”

अरविंद केजरीवाल ने छात्रों की मेहनत पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी विद्यार्थी शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, NEET में सफलता हासिल करेंगे और भविष्य में देश के योग्य डॉक्टर बनेंगे।”

अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘ऑल द बेस्ट’ कहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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G7 सम्मेलन में PM मोदी ने होरमुज़ में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया

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फ्रांस के बियारित्ज़ में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होरमुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण कई देशों को नुकसान हुआ है और कुछ भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामान की आवाजाही होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री यात्रियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उनके अनुसार इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है।

उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत हमेशा संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। मोदी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में विश्व समुदाय को मिलकर तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।

इस सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठे थे। सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

जिस सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने हिस्सा लिया, उसका विषय था “नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से स्थापित करना”। इसमें G7 देशों के नेताओं के अलावा कई साझेदार देशों के प्रमुखों, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चा का केंद्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना रहा।

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, मिस्र, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं से भी मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की ये बैठकें भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सक्रिय कूटनीति को दर्शाती हैं। G7 सम्मेलन में भारत ने न केवल क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए, बल्कि आर्थिक सहयोग और साझा वैश्विक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

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भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत, महिला टी-20 विश्व कप का धमाकेदार आगाज़

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महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। बर्मिंघम में खेले गए ग्रुप-1 के इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं। मंधाना ने बल्ले से कमाल दिखाया, जबकि दीप्ति ने गेंद से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह 6 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 18 रन पर दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी की। मंधाना ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दीप्ति शर्मा ने भी नाबाद 12 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट हासिल करती रहीं। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने कुछ संघर्ष जरूर किया और 41 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला।

भारत की गेंदबाजी की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके साथ श्री चरणी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शेफाली वर्मा को भी एक सफलता मिली।

भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 17 ओवर में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने अपने पहले ही मुकाबले में 64 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में जोरदार शुरुआत की।

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