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अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, CM भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  अमृतसर के अटारी क्षेत्र में एक व्यापक विकास अभियान की शुरुआत करते हुए 137 किलोमीटर लंबी 121 सड़कों के नवीनीकरण के लिए 57.80 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमा के साथ अपनी रणनीतिक स्थिति के बावजूद लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों में अब निवेश, बेहतर संपर्क और नई आर्थिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

इस पहल को बेहतर शासन और सीमा सुधारों के साथ रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार कांटेदार तार को सीमा वाले तरफ करके किसानों के लिए बिना रुकावट खेती हेतु लाखों एकड़ जमीन को खोलने, नशों के खतरे को जड़ से खत्म करने और 2027 में पंजाब को विकास के नाम पर जनादेश स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार के सत्ता में आने से पहले पंजाब को काला दौर भी देखना पड़ा, जब नशों के कारोबार ने पंजाब में पैर पसार लिए। सत्ता में बैठे लोगों ने इसे संरक्षण देकर राज्य में नशों के कारोबार को फलने-फूलने के लिए अपने अधिकार का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि काले दिनों के दौरान राज्य सरकार के वाहनों का उपयोग राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में नशों की सप्लाई के लिए किया जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने प्रदेश की तरक्की और खुशहाली को पटरी से उतार कर पंजाब और हमारी युवा पीढ़ियों के रास्ते में कांटे बोए। इन नेताओं के हाथ प्रदेश के खिलाफ इस अपराध से रंगे हुए हैं और इतिहास इन्हें पंजाब की पीठ में छुरा घोंपने के लिए कभी माफ नहीं करेगा। इन पार्टियों ने युवाओं की नसों में नशे का जहर भरकर प्रदेश की पीढ़ियों को तबाह कर दिया, जिसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह कितनी हास्यास्पद बात है कि जो लोग नशों से पंजाब को तबाह करने के जिम्मेदार हैं, वही लोग अब लोगों को मूर्ख बनाने के लिए झूठे दावे कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इन सरकारों ने कभी प्रदेश और लोगों की परवाह नहीं की, बल्कि सिस्टम को तबाह कर दिया, जिससे युवाओं में विदेश जाकर बसने का रुझान पैदा हुआ। प्रदेश से नशों की कुरीति को जड़ से उखाड़ने के लिए ‘आप’ सरकार ने कड़े प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि नशों की समस्या प्रदेश पर एक कलंक थी और इस अभिशाप को मिटाने के लिए ‘आप’ सरकार को रणनीति बनाने में दो साल से अधिक समय लगा।

उन्होंने कहा कि आप सरकार ने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत नशों की सप्लाई लाइन को तोड़कर इस घिनौने अपराध में शामिल तस्करों को सलाखों के पीछे डाला गया। आम लोगों के सक्रिय समर्थन और सहयोग से हर स्तर पर नशों के अभिशाप का सफाया किया जा रहा है और इस अभियान को आम लोगों के सहयोग से जन आंदोलन में बदल दिया गया है। ‘आप’ सरकार ने इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डालकर और नशा तस्करों पर शिकंजा कसकर नशों के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल की तथाकथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल प्रदेश को लूटने के बाद वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं? लोगों ने अकालियों को कई बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा प्रदेश और लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। जब पूरा किसान समुदाय अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा था, तो अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सी बचाने के लिए मोदी सरकार के काले कृषि कानूनों पर समर्थन भी किया था।

उन्होंने कहा, “अकालियों ने अपने निजी सियासी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, जिसके लिए लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और उनके किए गए पापों के लिए उचित सबक सिखाएंगे। लोगों ने अकालियों को बार-बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा पंजाब और पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पवित्र धरती ने संतों, महापुरुषों, शहीदों, महान खिलाड़ियों और जरनैलों को पैदा किया है, लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि पिछली सरकारों के संरक्षण में तस्करों, गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों ने इस प्रदेश को अपना ठिकाना बनाया। युवाओं को पथभ्रष्ट करने के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और उन्हें अपने पापों का भुगतान करना होगा। प्रदेश की पीढ़ियों को बर्बाद करने वाले इन नेताओं को अपनी बदनीयती की कीमत चुकानी होगी और ‘आप’ सरकार उनके बुरे कामों के लिए मिसाली सजा सुनिश्चित कराएगी।”

उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों की कठपुतली बनकर रहा और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए उन्हें ‘सर’ की उपाधि दी गई थी। इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने पर बुलाकर सम्मानित किया था। ऐसे काम उनकी देशविरोधी और पंजाब विरोधी मानसिकता और दोगले चरित्र का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सिर्फ इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता और बादल के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर अंकित है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा, “2027 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में, लोगों के पास तीन कलमों को चुनने का मौका होगा। पहली कलम कांग्रेस की है, जिसमें लाल स्याही है जो श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के नरसंहार और अन्य सिख विरोधी व पंजाब विरोधी रुखों का प्रतीक है। दूसरी कलम अकालियों की है, जिसमें सिर्फ एक स्याही है जिसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की है। तीसरी कलम ‘आप’ की है जो हर गुजरते दिन मार्गदर्शक पहलों के द्वारा पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का रास्ता दिखा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने हर क्षेत्र में कई लोक-पक्षीय पहलें की हैं, जिससे हर क्षेत्र में पूरे प्रदेश की सूरत बदल गई है। लोगों के टैक्स का पैसा प्रदेश का है और इसे लोगों की भलाई पर समझदारी से खर्च किया जा रहा है। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस पहुंच रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार द्वारा 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, बंद किए गए टोल प्लाजा से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। आप सरकार द्वारा सत्ता संभालते समय सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन आज 71 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है और धान के अगामी के सीजन तक इसे 90 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश का हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। इस योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लगभग 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है। लोगों को इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “प्रदेश के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पूरी समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। मांवां धियां सतिकार योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये और बाकी वर्गों की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की सहायता दी जाएगी।”

उन्होंने कहा, “आप सरकार द्वारा प्रदेश भर में लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और उनकी मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच सालों के लिए इन सड़कों का रखरखाव भी किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का सारा पैसा प्रदेश के लोगों का है और यह उनकी भलाई पर खर्च किया जा रहा है। करदाताओं का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों के पास वापस आ रहा है। चाहे ‘आप’ सरकार ने अपनी सभी गारंटियां पूरी कर ली हैं, लेकिन आगे बढ़ने के प्रयास जारी रहेंगे। दूसरी सियासी पार्टियां अपने मंचों पर सत्ता हड़पने की चालें चल रही हैं, लेकिन इस मंच से हम शिक्षा, सेहत, बिजली, खेती और समग्र विकास की बात करते हैं।”

सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “आप सरकार के ठोस प्रयासों के कारण भारत सरकार ने कांटेदार तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के 300 मीटर के भीतर स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे लाखों एकड़ जमीन पर बिना किसी प्रतिबंध के खेती की जा सकेगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इससे पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तारन, फाजिल्का और फिरोजपुर के किसानों को बहुत फायदा होगा। एसडीएम को सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस फैसले को समय पर लागू करने के लिए 300 मीटर के क्षेत्र को सुचारू रूप से चिह्नित किया जा सके।”

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पाकिस्तान से पंजाब तक फैला नशा गिरोह बेनकाब, तकरीबन 448 करोड़ की हेरोइन बरामद

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पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर की संयुक्त कार्रवाई में 64.62 किलो हेरोइन बरामद की गई है।

इसके साथ ही एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया गया है, जिसके तार पाकिस्तान से लेकर यूरोप तक जुड़े पाए गए हैं। जब्त हेरोइन की इंटरनेशनल वेल्यू तकरीबन 448 करोड़ रुपए आकी जा रही है। 

डीजीपी के अनुसार यह कार्रवाई सामान्य नहीं है, बल्कि सीमा पार से संचालित एक संगठित और मजबूत तस्करी नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा तस्कर मूसा इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक है। यह वही व्यक्ति है, जिसका नाम पहले 532 किलो हेरोइन की बड़ी खेप के मामले में भी सामने आ चुका है।

पुर्तगाल तक पहुंचे लिंक

इस बार मूसा ने अपने नेटवर्क को और विस्तार देते हुए यूरोप, विशेष रूप से पुर्तगाल में बैठे अपने साथियों के जरिए पंजाब के स्थानीय तस्करों को जोड़ रखा था। इस तरह यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे की आपूर्ति का एक बड़ा चैनल बना चुका था।

पुलिस ने अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए स्वर्ण सिंह, मखन सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से आई हेरोइन की खेप को प्राप्त कर उसे आगे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करते थे।

कड़ियों को जोड़ने की प्रयास में जुटी पुलिस

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह पूरा अभियान गुप्त सूचनाओं के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे और पीछे जुड़े सभी कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तस्कर या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध देश के भीतर हो या विदेश से जुड़ा हो।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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दीपक बाली का केंद्र पर हमला: “ED कार्रवाई राजनीतिक साजिश, आप नहीं झुकेगी”

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पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और दफ्तर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी (आप) के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।

दीपक बाली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में आगामी चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और उसी के तहत केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्र सरकार ईडी को शस्त्र बनाकर प्रयोग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के लोग इस तरह की “दबाव की राजनीति” को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका करारा जवाब देंगे और समय आने पर इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। आम आदमी पार्टी की चढ़त से भाजपा हिल गई है।

उन्होंने ईडी की छापेमारी को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और असंवैधानिक बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और जहां भाजपा की सरकार नहीं है, वहां केंद्र सरकार द्वारा ग्रांट तक रोक दी जाती है। केंद्र द्वारा राज्यों के साथ भेदभाव किया जाता है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ है और लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर करता है।

दीपक बाली ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ विशेष रूप से सख्ती बरती जा रही है क्योंकि यह पार्टी तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर उभर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।

इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए बाली ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आप नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है ताकि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाए जाने के बाद इस तरह की कार्रवाई होना संदेह पैदा करता है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से देखा जाना चाहिए।

भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधे निशाना साधते हुए बाली ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता और नेता किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि आप सच्चाई के रास्ते पर चल रही है और हर हाल में जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।

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पंजाब में ED के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि पिछले तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ई.डी.) के छापों से भाजपा, पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि 117 उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाने वाली पार्टी जनता का समर्थन हासिल करने की बजाय डर फैलाने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विरोधी सरकारों को रोके गए फंडों, राज्यपालों, ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग के माध्यम से तंग किया जा रहा है, जबकि भाजपा में शामिल होने वाले नेता इसकी ‘वॉशिंग मशीन’ से साफ निकलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ नहीं डरेगी, पंजाबी अपनी गर्दन कटा सकते हैं लेकिन डर के आगे कभी नहीं झुकेंगे। उन्होंने भाजपा को छापों और दबाव की चालों पर भरोसा करने की बजाय लोगों के बीच काम करके 2027 की तैयारी करने की सलाह दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे देश को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यहां लोग अपनी पसंद की सरकार चुनते हैं। यह केंद्र सरकार का फर्ज है कि वह हर राज्य को राजनीति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर उसका हक दे, लेकिन पिछले कुछ समय से हम देख रहे हैं कि लोकतंत्र का धीरे-धीरे गला घोंटा जा रहा है। सारी गैर-भाजपा सरकारों को या तो सीधे केंद्र के फंड रोके जा रहे हैं या राज्यपालों के माध्यम से परेशान किया जा रहा है।”

भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप को खास तौर पर इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जो बहुत तेजी से बढ़ रही है। यह सिर्फ दस सालों में राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। भाजपा सोचती है कि वह कांग्रेस से सुलझ सकती है और वह कई बार कांग्रेस से हाथ भी मिला चुकी है, लेकिन वह नहीं चाहती कि कोई तीसरी ताकत उभरे।”

उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया के तहत उन्होंने दिल्ली में हमारे नेताओं के खिलाफ झूठे ई.डी. केस दर्ज किए, जैसे शराब घोटाले के मामले में केस दर्ज करके हमारे सीनियर नेताओं को जेल भेज दिया गया। उस समय के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ जेल भेज दिया गया। हमारे राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को जेल भेज दिया गया। जिस किसी ने भी काम करके दिखाया, चाहे वह वर्कर हो या नीति-निर्माता, सबको जेल भेज दिया गया, धमकियां दी गईं, डराया गया और भाजपा में शामिल होने या नतीजे भुगतने का डर दिखाया गया। डराने और धमकाने की यह राजनीति जारी है।”

देश भर में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाते हुए उन्होंने कहा, “बंगाल में डी.जी.पी. से लेकर अधिकारियों तक को बदल दिया गया है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं। वे लोगों के माध्यम से चुनाव नहीं जीतते। वे ई.डी., सी.बी.आई., चुनाव आयोग और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य विभागों के माध्यम से चुनाव जीतते हैं। कुछ दिन पहले ई.डी. ने आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर छापा मारा, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी चलाते हैं, जहां लगभग चार हजार छात्र पढ़ते हैं। 35 से अधिक देशों के छात्र वहां पढ़ने आते हैं, लेकिन वे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य होने के कारण अचानक दागी हो गए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ई.डी. की छापेमारी चल रही है। उन्होंने लुधियाना उपचुनाव में भाजपा को बुरी तरह हराया था। इसलिए आज वे भी भाजपा के अनुसार दागी हो गए हैं। इसका मतलब है कि भाजपा ने 2027 की विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। ई.डी. भेजो, आयकर भेजो, नोटिस भेजो, डर पैदा करो क्योंकि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 117 नेता भी नहीं मिल रहे। भाजपा को 117 उम्मीदवार नहीं मिल रहे, इसलिए वे कह रहे हैं कि या तो डर-डर कर चुनाव लड़ो या हमारी ‘वॉशिंग मशीन’ से बेदाग होकर निकलो।”

उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत ही खतरनाक रुझान है। लोकतंत्र का कत्ल किया जा रहा है। हम इसकी सख्त निंदा करते हैं। सिर्फ गैर-भाजपा सरकारों को ही तंग किया जा रहा है। सिर्फ विपक्षी नेताओं को ई.डी. की लाठी का सामना करना पड़ता है और इसमें से कुछ भी नहीं निकलता। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ इतना झूठा केस दर्ज किया गया था, जिसमें अदालत ने माना कि केस चलाने लायक नहीं है। लेकिन वे कहते हैं कि पहले इन्हें जेल में डालो, चुनाव होने दो, फिर देखेंगे।”

राजनीतिक हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर कोई उनके आगे झुकता है और उनकी शर्तें स्वीकार करता है तो वह ‘वॉशिंग मशीन’ से बेदाग होकर बाहर आ जाता है। उसके सारे दाग गायब हो जाते हैं। क्या यह लोकतंत्र है? यह खुल्लमखुल्ला तानाशाही है।”

भाजपा की बिहार लीडरशिप के बारे में उन्होंने कहा, “उन्होंने अब सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया है। उनके खिलाफ सात हत्याओं के मामले दर्ज हैं। वे जेल जा चुके हैं। उन्होंने गलत उम्र लिखवाई और तीन बार अपनी जन्मतिथि बदली। ये वे लोग हैं जो ‘जंगल राज’ की बातें करते रहते थे, लेकिन अब बिहार में कैसा राज आ गया है? अब यह भाजपा के नेतृत्व वाला जंगल अच्छा है, जैसा उनका विज्ञापन कहता है कि ‘दाग अच्छे हैं’। इसलिए भाजपा द्वारा दिए गए दाग अच्छे माने जाते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और राजनीतिक असुरक्षा के कारण विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी छापों या धमकियों से नहीं डरेगी और कोई भी दबाव ‘आप’ के इरादे को नहीं हिला सकता। वे हमें जितना मर्जी परेशान करें। उन्हें ई.डी., सी.बी.आई. या उनके पास जो भी एजेंसियां हैं, भेजने दें, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।

पंजाब में भाजपा की संगठनात्मक कमजोरी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी राज्य में कोई असली आधार बनाने में नाकाम रही है। अब भाजपा जोर-जबरदस्ती और दल-बदल के माध्यम से विस्तार करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब में उन्हें एक या दो विधानसभा सीटें मिलती हैं। इस संख्या को बढ़ाने के लिए वे अब ई.डी. का सहारा ले रहे हैं। भाजपा का पंजाब में कोई कैडर नहीं है, कोई नेता नहीं है। इसलिए जहां भी उन्हें कांग्रेस या अकाली दल से कोई नेता मिलता है, उसे भाजपा ले जाती है। भाजपा ने पंजाब में कांग्रेस विंग बना रखा है। ज्यादातर कांग्रेसियों के खिलाफ केस चलते हैं, जिन्हें डरा कर फाइलें दिखाकर भाजपा में शामिल कर लिया जाता है। क्या यह लोकतंत्र है?”

शासन की प्राथमिकताओं के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बदले की राजनीति की बजाय बेरोजगारी दूर करने, स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारने तथा बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए था कि करोड़ों युवाओं को नौकरियां कैसे मिलें, अच्छे स्कूल कैसे बनाए जा सकें, अस्पताल बेहतर इलाज कैसे प्रदान कर सकें और लोगों को एल.पी.जी. तथा पेट्रोलियम की कीमतों के बोझ से कैसे मुक्त किया जा सके। इसके बजाय मोदी का ध्यान किसी की सुरक्षा घटाने, किसी की सुरक्षा बढ़ाने, ई.डी. और सी.बी.आई. को इधर-उधर भेजने पर है। क्या सरकारें इस तरह चलाई जाती हैं? सरकार कहीं और से चलाई जा रही है। आदेश वाशिंगटन और व्हाइट हाउस से आते हैं। वे विश्व गुरु बनना चाहते थे लेकिन हम विश्व चेला बन गए हैं।”

आलोचना जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ नेताओं को बार-बार जेल भेजा गया है, भले ही कोई गलत काम साबित न हुआ हो। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी के लगभग 90 फीसदी नेताओं को जेल का मुंह दिखाया गया, भले ही उन्होंने कुछ नहीं किया। ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग के इस हथियार से देखो बंगाल में क्या हो रहा है। हड़बड़ी है और एक राजनीतिक पार्टी को धमकाया जा रहा है। इसका मतलब है कौन जीतेगा? सब कुछ भाजपा के हिसाब से हो रहा है।”

भाजपा के बड़े मंसूबों के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी किसी भी कीमत पर सत्ता चाहती है और जिन राज्यों में इसे समर्थन नहीं मिल रहा, वहां कब्जा करने के लिए संस्थाओं और नियमों को तोड़ने-मरोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “वे बंगाल, केरल और तमिलनाडु पर कब्जा करना चाहते हैं। भले ही इसके लिए उन्हें हदबंदी करनी पड़े या जो भी लालच देना पड़े, वे सिर्फ सत्ता हथियाना चाहते हैं।”

लोकतंत्र को खुद दबाव में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पार्टी स्तर से ऊपर उठकर नागरिकों को संवैधानिक कदरों-कीमतों की रक्षा करनी पड़ेगी और उन कुर्बानियों को याद रखना पड़ेगा, जिनसे देश का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा, “शहीदों ने अपना खून देकर हमें यह देश दिया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, लाला लाजपत राय ने देश के लिए कुर्बानियां दीं। 19 साल, 22 साल या 23 साल की उम्र में देशभक्तों ने फांसी के फंदे चूम लिए।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “क्या आज के हालात देखकर इन देशभक्तों की आत्मा को शांति मिलेगी? उन्होंने अपना सब कुछ कुर्बान करके हमें यह देश दिया, सिर्फ इसलिए कि आज इसे सिर्फ दो लोग चलाएं। पहले हम ‘हम दो, हमारे दो’ का नारा सुनते थे। यह परिवार भलाई के लिए था लेकिन अब यह शासन का मॉडल बन गया है। आज भी यह ‘हम दो, हमारे दो’ है। अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उनके आगे उनके दो अंबानी और अडानी हैं। यह सरकार इसी फॉर्मूले पर चल रही है, जबकि 140 करोड़ लोगों को किस्मत के सहारे छोड़ दिया गया है।”

पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र चुनी हुई राज्य सरकारों के रास्ते रोककर और देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाकर संवैधानिक पदों का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, “राज्यपालों को राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। वे सालों से बिल रोककर बैठे हैं। राज्यों को अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह स्पष्ट करने के बाद भी कि राज्यपाल और राष्ट्रपति अनिश्चितकाल के लिए बिलों को नहीं रोक सकते, मामलों को ठंडे बस्ते में धकेल दिया गया। जजों का तबादला किया जाता है, उनकी फाइलें बाहर निकाली जाती हैं। सवाल यह है कि क्या वे किसी को बख्शेंगे या नहीं। हमने सुना था कि उत्तर कोरिया और रूस में कोई तानाशाह खुद को सालों के लिए शासक घोषित कर लेता है, लेकिन यहां भी किसी और रूप में यही कुछ हो रहा है।”

चुनावों पर चिंताएं जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष की वोटों को निशाना बनाया जा रहा है और हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने कहा, “एस.आई.आर. के माध्यम से असली वोटों को काटा जा रहा है। उन्होंने हर गली और इलाके में पन्ना प्रधान और पन्ना प्रमुख बनाए हैं। वे पहचान करते हैं कि कौन सा घर भाजपा का समर्थन करता है, कौन सा आम आदमी पार्टी का और कौन सा कांग्रेस का, फिर विपक्ष की वोटों को निशाना बनाया जाता है और नई वोटें बनाई जाती हैं। एक ही वोटर कई राज्यों में वोट डाल रहा है। एक तरफ वे कहते हैं कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ हो लेकिन जब दो राज्यों में चुनाव होते हैं तो एक हफ्ते का फर्क होता है। अगर देश में काफी सुरक्षा बल हैं तो फर्क क्यों है? पहले एक जगह वोट डाली जाती है, फिर लोगों को वाहनों और रेलगाड़ियों में दूसरी जगह ले जाया जाता है। क्या यह लोकतंत्र है? यह नई किस्म का लोकतंत्र है।”

उन्होंने कहा कि जिन मूल्यों के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जानें दी, उनके साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह वह लोकतंत्र नहीं है जिसका हमारे शहीदों ने सपना देखा था, वह लोकतंत्र जिसके लिए लाला लाजपत राय ने लाठियां खाईं और भगत सिंह ने फांसी का फंदा चूमा। भाजपाईयों ने कोई कुर्बानी नहीं दी, फिर भी अब वे संविधान को बदलते रहना चाहते हैं। उन्हें 360 सीटें दे दो और वे संविधान से कुछ भी कर लेंगे। ऐसे बिल आते रहते हैं। ऐसा लगता है कि वे 24 घंटे सिर्फ यही सोचते हैं कि लोकतंत्र को कैसे कमजोर किया जाए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्षी पार्टियों, खासकर ‘आप’ को जांच एजेंसियों के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है लेकिन उन्हें डराया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल हमारे जनरल हैं। हम उनसे डरने या घबराने वाले नहीं हैं। उन्हें ई.डी., सी.बी.आई. या कोई भी विभाग भेजने दें। हम हर हिसाब देंगे। जिस पल कोई आम आदमी पार्टी या किसी अन्य विपक्षी पार्टी में होता है, वह भ्रष्ट हो जाता है। जिस समय कोई बहुत ज्यादा भ्रष्ट भाजपा में शामिल हो जाता है, वह दूध-धुला बन जाता है। भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन राजनीति’ आखिरकार ढह जाएगी। यह वॉशिंग मशीन ज्यादा देर तक नहीं चलेगी। अगर आप बार-बार मशीन में मैले कपड़े डालते रहोगे तो एक दिन इसका फिल्टर भी जाम हो जाएगा।”

उन्होंने कहा कि इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि घमंड पतन की ओर ले जाता है। “सिकंदर जीतता रहा और भूल गया कि वापस कैसे लौटना है। ये छापे कायरतापूर्ण कार्य हैं। पुराने आरोपों को बार-बार वापस लाया जाता है। हम इन छापों की सख्त निंदा करते हैं। हम सच्चाई के साथ खड़े हैं और सच्चाई को खत्म नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने हमेशा मोदी का गुणगान करते रहने के लिए मीडिया के एक हिस्से की आलोचना की। उन्होंने कहा, “हर चीज एक मास्टर स्ट्रोक बन जाती है। मनरेगा हटाओ, मास्टर स्ट्रोक। मनरेगा लाओ, मास्टर स्ट्रोक। हर फैसले को उसी तरह पेश किया जाता है, जिस तरह सरकार चाहती है।” उन्होंने हंगरी की मिसाल देते हुए कहा कि वहां न्यायपालिका, मीडिया और हर स्रोत को खरीद लिया गया था, फिर भी जब लोग इकट्ठे होकर टूट पड़े तो तानाशाही की बुरी हार हुई। अगर वे 2027 की तैयारी करना चाहते हैं तो उन्हें ई.डी. और सी.बी.आई. का सहारा लेने की बजाय लोगों के बीच जाकर काम करना चाहिए।

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