Punjab
तीन दिन धूलभरी हवाओं का अलर्ट, मौसम में रहेगा बदलाव
शहर में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने 20 से 23 जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज धूलभरी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 21 से 23 जून तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि 24 और 25 जून को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 24 जून के बाद क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा।
हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन पिछले 24 घंटों के दौरान शहर में बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।
शहर में अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 75 प्रतिशत और न्यूनतम 32 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को तेज हवाओं और धूलभरी परिस्थितियों के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
Punjab
महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 290 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना
Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से आज सुबह अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को धार्मिक अरदास के बाद खालसाई जयकारों और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।
एसजीपीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 290 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान का वीजा जारी किया गया। वीजा प्राप्त सभी श्रद्धालु आज जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।
एसजीपीसी अधिकारियों के मुताबिक यह धार्मिक यात्रा 9 दिनों की होगी। इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। जत्था अपनी यात्रा पूरी करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा।
श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पहली बार पाकिस्तान में स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक विशेष और भावुक अवसर बताया।
रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में संगत ने जत्थे को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित, सफल एवं सुखद यात्रा के लिए अरदास की। श्रद्धालुओं ने भी गुरु घर के दर्शनों का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए यात्रा को यादगार बताया।
Punjab
श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर गए निहंग सिंह युवकों से मारपीट दुर्भाग्यपूर्ण: मनप्रीत सिंह इयाली
उत्तराखंड में पवित्र Sri Hemkunt Sahib यात्रा पर जा रहे निहंग सिंह जत्थेबंदियों के युवकों के साथ कुछ स्थानीय लोगों द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर वारिस पंजाब दे के नेता Manpreet Singh Iyali ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है।
प्रेस को संबोधित करते हुए मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि इस घटना से देश-विदेश की सिख संगतों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में वह पंजाब के युवकों और उनके परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
श्री हेमकुंट साहिब यात्रा के संबंध में बोलते हुए इयाली ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित युवकों को हर हाल में न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि मामले के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए उत्तराखंड सरकार से संपर्क किया गया है तथा राज्य के मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय भी मांगा गया है। इसके अलावा प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में किसी भी श्रद्धालु के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार से अपील करते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं के मन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल बहाल किया जाए।
Punjab
फर्जी वीडियो विवाद ने अकाली दल के झूठे प्रचार को किया बेनकाब, सुखबीर बादल को अंदरूनी जानकारी के स्रोत का करना चाहिए खुलासा: बलतेज पन्न
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा प्रस्तुत वीडियो ने वायरल फर्जी वीडियो विवाद पर शिरोमणि अकाली दल द्वारा चलाए जा रहे झूठे प्रचार और गुमराह करने वाले अभियान की पूरी तरह पोल खोल दी है। बलतेज पन्नू ने कहा कि फुटेज से स्पष्ट दिखाई देता है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष स्पष्ट तौर पर कहा था कि वायरल क्लिप में दिखने वाला व्यक्ति वे नहीं थे और वह वीडियो फर्जी था। उन्होंने आगे कहा कि 1,100 से अधिक फ्रेम्स की जांच करने वाली दो अलग-अलग फोरेंसिक जांचों ने भी यह सिद्ध कर दिया है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मेल नहीं खाता, जिससे मुख्यमंत्री का पहले दिन से लिया गया रुख सही साबित हुआ है।
बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि अब जब सच्चाई सामने आ चुकी है, सुखबीर सिंह बादल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे बार-बार यह दावा कैसे कर रहे थे कि उन्हें पता है कि बैठक के दौरान क्या हुआ और उन्हें ऐसी अंदरूनी जानकारी कहां से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से संबंधित सिख संस्थानों के मुद्दों पर कांग्रेस या भाजपा के पास उनकी ऐतिहासिक भूमिकाओं को देखते हुए उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
एक बयान में आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि कई दिनों से अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल बार-बार दावा कर रहे थे कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जत्थेदार के सामने स्वीकार किया था कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके तैयार की गई थी।
हालांकि, जत्थेदार द्वारा प्रस्तुत वीडियो से साफ पता लगता है कि मुख्यमंत्री ने लगातार इसे फर्जी वीडियो बताया है। उन्होंने सवाल किया, “सुखबीर बादल को यह बताना चाहिए कि उन्हें बैठक के दौरान हुई बातचीत के बारे में जानकारी कहां से मिली? यदि वे दावा कर रहे थे कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीडियो को एआई द्वारा तैयार बताया था, तो यह अंदरूनी जानकारी कहां से आई थी?”
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लैब्स द्वारा की गई 2 फोरेंसिक जांचों ने निर्णायक तौर पर पुष्टि की है कि वायरल क्लिप में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा, “ये नतीजे 1,100 से अधिक फ्रेम्स की जांच पर आधारित हैं, जो स्पष्ट तौर पर दर्शाते हैं कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है। इस जांच ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं द्वारा फैलाई जा रही झूठी अफवाहों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।”
बलतेज पन्नू ने कहा कि जत्थेदार द्वारा वीडियो प्रस्तुत किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शुरू से ही सच बोल रहे थे, जबकि जनता को गुमराह करने की कोशिश करने वालों के पास अब कोई जवाब नहीं बचा।
सुखबीर बादल द्वारा प्रस्तावित “धर्म युद्ध मोर्चा” की घोषणा पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता एक और आंदोलन शुरू करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसे आंदोलनों के इतिहास और महत्व की बहुत कम समझ है। बलतेज पन्नू ने कहा, “सुखबीर बादल ने एक बार टिप्पणी की थी कि बलतेज पन्नू उन्हें सिख इतिहास समझाएंगे। मैं उन्हें किसी भी जगह और किसी भी समय सिख इतिहास पर बहस करने की चुनौती देता हूं। उनके बयान बार-बार उसी इतिहास के बारे में समझ की कमी को दर्शाते हैं जिसका वे हवाला देने की कोशिश करते हैं।”
कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से मिले प्रतिनिधिमंडल का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पार्टी ने इस पूरी साजिश की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। बलतेज पन्नू ने कहा, “हमने डीजीपी को कहा है कि सच्चाई पूरी तरह सामने आनी चाहिए। जांच में वीडियो में दिखाए गए कलाकार, इसके पीछे के निर्माता (प्रोड्यूसर), शामिल निर्देशक (डायरेक्टर) और इसे बनाने तथा वायरल करने के लिए फंड देने वालों की पहचान होनी चाहिए। इस साजिश से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान की जानी चाहिए।”
बलतेज पन्नू ने सिख संस्थानों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के ऐतिहासिक रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब को ढहाए जाने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी। उन्होंने आगे भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी की किताब ‘माई कंट्री माई लाइफ’ का हवाला देते हुए दावा किया कि इस किताब में इस कार्रवाई की प्रशंसा करने वाले संदर्भ मौजूद हैं और यह भी कहा गया है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर इस कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए दबाव डाला गया था। बलतेज पन्नू ने कहा, “इस इतिहास को देखते हुए, लोगों को सिख भावनाओं और संस्थानों से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के रुख का बारीकी से मूल्यांकन करना चाहिए।”
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