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मनरेगा खत्म करने में अकाली दल की मिलीभगत, अकाली दल की चुप्पी BJP के साथ उनके गुप्त समझौते का पर्दाफाश करती है: कुलदीप धालीवाल

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आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भाजपा की लीडरशिप वाली केंद्र सरकार और शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे नए लाए गए जी राम जी बिल के ज़रिए गरीबों, दलितों और महिला मनरेगा मजदूरों के खिलाफ साज़िश रच रहे हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, धालीवाल ने कहा कि सुधारों के नाम पर यह नया बिल लाकर भाजपा ने गरीबों के मुंह से आखिरी निवाला भी छीन लिया है। यह बिल करोड़ों मनरेगा मजदूरों, खासकर दलितों और पिछड़े वर्गों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला है।

धालीवाल ने दावा किया कि आप ने पंजाब विधानसभा में इस बिल का कड़ा विरोध किया है और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी संघर्ष करेगी। उन्होंने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है। हम इस गरीब विरोधी बिल को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे।

अकाली दल के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए धालीवाल ने कहा कि विधानसभा में चर्चा के दौरान अकाली दल का न होना भाजपा के साथ उनके गुप्त गठबंधन को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब विधानसभा ने भाजपा के इस बिल को खारिज करने का प्रस्ताव पास किया, तो अकाली दल ने नदारद रहना चुना। यह नदारद होना भाजपा के साथ पर्दे के पीछे उनके समझौते का साफ इशारा है।

उन्होंने इशारा किया कि अकाली दल के दो विधायक पहले ही बादल गुट छोड़ चुके हैं और अब सिर्फ एक विधायक बचा है, जिसकी गैरमौजूदगी ने पार्टी के असली चेहरे को नंगा कर दिया है। धालीवाल ने आगे कहा कि अकाली दल ने चुपचाप इस गरीब विरोधी और दलित विरोधी बिल का सपोर्ट किया है। 

पहले के मामलों का ज़िक्र करते हुए धालीवाल ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी और साहिबज़ादों के बारे में भाजपा के विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि कमेटी की चुप्पी भी उनकी बढ़ती नज़दीकियों को दिखाती है। यह चुप्पी अचानक नहीं, बल्कि जानबूझकर थी।

धालीवाल ने चेतावनी दी कि मनरेगा को कमज़ोर करने से लाखों परिवार बेरोज़गार हो जाएँगे, जिसका सबसे ज़्यादा असर महिलाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात करती है, जबकि हमारी बहुत सारी माताएँ और बहनें मनरेगा में काम करती हैं। उनसे काम छीनना महिलाओं की आज़ादी पर हमला है।

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पंजाब की आप सरकार ने पूरे किए 4 साल, मुख्यमंत्री मान की घोषणा- पंचायतों को मिलेगा इनाम

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार को राज्य में चार साल पूरे हो गए हैं. इसी उपलक्ष्य में वह ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ के तहत सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा साझा कर रहे हैं. आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान  मुख्यमंत्री मान ने हर विभाग की तरह ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के कार्यों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया. उन्होंने इस दौरान पंचायतों के लिए एक खास घोषणा भी की. 

 मुख्यमंत्री मान ने इस दौरान बताया कि पंजाब में कुल 13,236 पंचायतें हैं.  2024 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान अधिकतर पंचायतों का गठन सर्वसम्मति से हुआ है. उन्होंने कहा कि साल 2018 में हुए चुनावों के दौरान 1,870 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई थीं. वहीं, 2024 में यह संख्या बढ़कर 2,970 हो गईं. यह दर्शाता है कि 1,100 से अधिक गांवों ने मिलकर सर्वसम्मति पंचायत चुनी है.

पंचायतों के लिए की खास घोषणा

 मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इससे स्पष्ट है कि गांवों में एकता और सामुदायिक सद्भाव बढ़ा है. इस दौरान उन्होंने ‘विशेष विकास अनुदान’ योजना की घोषणा के बारे में भी बताया. इस योजना के तहत उन पंचायतों को  ₹5 लाख का विशेष अनुदान दिया जाएगा जो निर्विरोध चुनी गई हैं. इसका उद्देश्य गांवों के बीच  एकता और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना है. इससे न केवल चुनाव पर होने वाले खर्च में कमी आयेगी, बल्कि समय की भी बचत होगी. 

जन-जन तक पहुंचाना है सरकार की उपलब्धियां- मान

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री मान ने अपने शासन में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हुए कामों का चार साल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया था.  उन्होंने इस दौरान पंजाब के सरकारी स्कूलों और उसके परिणामों को सराहा था. वास्तव में सरकार की योजना उसकी उपलब्धियों को हर गांव, गली और घर तक पहुंचाना है. बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी  2022 को सत्ता में आई थी और भगवंत मान ने मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी.

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पंजाब में आज फिर बिगड़ेगा मौसम, 12 जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

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Punjab और Chandigarh में मौसम का मिजाज बदल गया है। रातभर हल्की बारिश और गरज के साथ तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम थोड़ा ठंडा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज, 1 अप्रैल और 2 अप्रैल को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं अगले 2-3 दिनों के लिए आंधी और गरज के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आज पंजाब के 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि चंडीगढ़ में बादल छाए रहेंगे। अन्य जिलों में भी इसी तरह के हालात बने रहेंगे। खास तौर पर Pathankot, Gurdaspur, Amritsar, Hoshiarpur, Nawanshahr, Rupnagar, SAS Nagar (Mohali), Kapurthala, Jalandhar, Fatehgarh Sahib, Patiala और Tarn Taran में कुछ स्थानों पर बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य में तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक है। Patiala सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बताया जा रहा है कि मार्च महीने में पंजाब में सामान्य से 25% कम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में 16.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि औसत इससे अधिक रहता है।

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CM मान बोले-ब्लैकमेलिंग के दम पर हड़ताल नहीं चलेगी: आढ़तियों से करेंगे मीटिंग, केंद्र सरकार के समक्ष पहले ही उठा चुके हैं मुद्दा

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पंजाब की मंडियों में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है, लेकिन आढ़ती हड़ताल पर चले गए हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने कमीशन ढाई प्रतिशत पर फ्रीज किया है और इसे नियमित (रेगुलर) किया जाए। वहीं, आढ़तियों की कॉल के बाद पंजाब सरकार ने इस मुद्दे पर आढ़तियों के साथ बैठक करने का फैसला लिया है।

आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विजय कालड़ा ने बताया कि सरकार ने उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया है। वहीं, इस मामले में साफ ने किया कि ब्लैकमेलिंग के दम पर हड़ताल नहीं चलेगी। हालांकि उनकी हडताल केंद्र सरकार के खिलाफ है। हम उनसे मीटिंग करेंगे। उन्हें इस बारे में कहेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष उठा चुके है।

आढ़तियों की यह है मांगें

आढ़तियों के मुताबिक 2020 तक आढ़तियों को 2.5% कमीशन MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर मिलता था। गेहूं के MSP ₹2585 प्रति क्विंटल होने पर यह लगभग ₹65 प्रति क्विंटल बनता है। 2018-19 से कमीशन फिक्स्ड रेट पर है ।

पहले ₹46 प्रति क्विंटल था, हाल ही में केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹50.75 प्रति क्विंटल कर दिया। आढ़तियों का कहना है कि यह बहुत कम है और उनकी आय में भारी नुकसान हो रहा है (लगभग ₹170-192 करोड़ का अनुमानित घाटा इस सीजन में)।

कमीशन भी प्रतिशत आधार पर बढ़ाने की मांग

निजी साइलो या प्राइवेट खरीद में भी मंडी वाले बराबर कमीशन मिलना चाहिए। MSP बढ़ने के साथ कमीशन भी प्रतिशत आधार पर बढ़ाया जाए (APMC एक्ट 1961 के अनुसार 2.5% का प्रावधान)। आढ़ती एसोसिएशन (फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन पंजाब) के प्रधान विजय कालरा और अन्य नेताओं ने कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। लगभग 45,000 आढ़ती इस हड़ताल में शामिल होने वाले

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