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Air India AI-171 Plane Crash: Investigation Report पर उठे गंभीर सवाल

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12 जून को हुए एयर इंडिया के विमान AI-171 हादसे की जांच रिपोर्ट अब विवादों में घिर गई है। इस रिपोर्ट को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं – सबसे बड़ा सवाल ये है कि रिपोर्ट बिना किसी आधिकारिक हस्ताक्षर के मीडिया में कैसे लीक हो गई? और क्या इसमें सिर्फ पायलट्स को दोषी ठहराकर विदेशी कंपनी बोइंग को बचाने की कोशिश की जा रही है?

क्या था हादसा?

AI-171 फ्लाइट एयर इंडिया की एक इंटरनेशनल उड़ान थी, जो उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई। हादसा इतना भीषण था कि 240 से ज़्यादा यात्रियों की मौत हो गई। विमान में लगभग 300 लोग सवार थे।

बाद में सामने आया कि टेकऑफ के कुछ सेकेंड बाद ही विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे। इस वजह से प्लेन सीधे नीचे गिर गया।

लीक हुई जांच रिपोर्ट बिना हस्ताक्षर के

12 जून को हादसे की 15 पन्नों की जांच रिपोर्ट मीडिया में सामने आई। लेकिन हैरानी की बात ये थी कि इस रिपोर्ट पर किसी अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। यानी यह रिपोर्ट ऑफिशियली जारी नहीं की गई थी, बल्कि लीक की गई थी।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि:

  • इंजन फ्यूल स्विच “कटऑफ” पोजीशन में थे, यानी बंद थे।
  • इसका मतलब ये बताया गया कि पायलट्स की गलती से हादसा हुआ।

पायलट्स एसोसिएशन ने उठाई आपत्ति

Airline Pilots Association of India (ALPA-I) ने इस रिपोर्ट को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि:

“ये जांच एकतरफा है। बिना पूरी सच्चाई जाने पायलट्स को दोषी ठहराया जा रहा है। ये रिपोर्ट न तो पारदर्शी है और न ही निष्पक्ष।”

ALPA-I का कहना है कि रिपोर्ट में तकनीकी खामियों या डिजाइन फेलियर की जांच नहीं की गई, और बोइंग जैसी बड़ी कंपनी को क्लीन चिट देने की कोशिश की जा रही है।

बोइंग को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?

AI-171 हादसे में इस्तेमाल हुआ विमान था Boeing 787 Dreamliner, जिसे अमेरिका की मशहूर विमान निर्माता कंपनी बोइंग बनाती है।
रिपोर्ट में बोइंग की किसी भी गलती या तकनीकी कमी की बात नहीं की गई, जिससे ये शक और भी गहरा गया है कि कहीं बोइंग को जानबूझकर बचाया तो नहीं जा रहा?

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • फ्यूल स्विच जैसी चीज़ें इतनी आसानी से खुद से कटऑफ पोजीशन में नहीं जातीं।
  • ऐसे में केवल पायलट्स को दोष देना जल्दबाज़ी भरा फैसला हो सकता है।

मोदी सरकार पर भी उठे सवाल

रिपोर्ट के लीक होने के बाद अब मोदी सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विपक्षी पार्टियों और कई सामाजिक संगठनों ने पूछा है:

  • सरकार ने इस रिपोर्ट को बिना साइन किए मीडिया में क्यों लीक होने दिया?
  • क्या भारतीयों की जान की कीमत पर विदेशी कंपनियों को बचाया जा रहा है?
  • अगर बोइंग की गलती है तो क्या सिर्फ पायलट्स पर इल्ज़ाम डालकर कंपनी को बचाया जा रहा है?

कुछ अहम सवाल जो अब देश पूछ रहा है:

  1. रिपोर्ट बिना साइन के बाहर कैसे आई?
  2. क्या हादसे के पीछे टेक्निकल फेलियर था, या सिर्फ मानवीय गलती?
  3. बोइंग की भूमिका की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही?
  4. क्या सरकार विदेशी कंपनियों के दबाव में है?
  5. क्या मृतकों के परिवारों को कभी इंसाफ मिल पाएगा?

AI-171 विमान हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं था – यह देश की एविएशन सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल है।
जहां एक तरफ 240 से ज़्यादा मासूम लोगों की जान गई, वहीं दूसरी ओर सच को छुपाने और दोषियों को बचाने की कोशिशें नजर आ रही हैं।

देश उम्मीद करता है कि सरकार निष्पक्ष जांच करवाएगी, दोषी चाहे कोई भी हो – पायलट, कंपनी या कोई और, सबको जवाब देना होगा।

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हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |

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यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड

नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।

क्या है लॉक-इन पीरियड?

लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।

वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।

डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल

इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।

मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट

बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

  • बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
  • आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
  • भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी

केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी

यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।

हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

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जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।

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गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला

CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व

नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।


कौन हैं सिमरन बाला?

सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।

CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:

  • नक्सल विरोधी अभियान
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
  • उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन

शिक्षा और करियर

  • स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
  • UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
  • बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
  • पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन

छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।


प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:

  • उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
  • प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण

के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।


गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीमडेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।

उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।


प्रेरणा का प्रतीक

सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।


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77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

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77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।

कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:

  • अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
  • और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने

उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

अनुभवी फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:

  • Su-30 MKI
  • MiG-21
  • MiG-29
  • Jaguar
  • Hawk
  • Dornier
  • An-32

जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।

एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका

Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:

  • NASA
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
  • ISRO

भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।

देश के लिए प्रेरणा

सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

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