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अदालत द्वारा ईमानदारी साबित होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने CM भगवंत सिंह मान के साथ सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका

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Punjab News: अदालत द्वारा दिल्ली शराब मामले में लगे सभी आरोपों को खारिज करने और ‘कट्टर ईमानदार’ के रूप में अपनी ईमानदारी की छवि बनाए रखने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी पत्नी के साथ सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर अरदास की और वाहेगुरु का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी पत्नी समेत अन्य सम्मानित व्यक्तियों ने भी दरबार साहिब में माथा टेका।

पार्टी के पांच प्रमुख नेताओं को फर्जी आरोपों के तहत कैद किया गया था

इस अवसर पर ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि ‘आप’ की लीडरशिप पर झूठे आरोप लगाकर और राजनीतिक कीचड़ उछालने की सोची-समझी मुहिम चलाई गई थी, जिसके तहत पार्टी के पांच प्रमुख नेताओं को फर्जी आरोपों के तहत कैद किया गया था। उन्होंने कहा कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री को भी आधी रात में उनकी रिहायश से घसीटकर जेल में डाल दिया गया था, लेकिन अदालत ने मुकदमा चलाने के लिए जरूरी सबूतों की कमी के कारण सभी आरोपों को रद्द कर दिया और उन्हें पूरी राहत प्रदान की।

मीडिया से बातचीत के दौरान ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “यह वाहेगुरु की कृपा और आशीर्वाद के बिना संभव नहीं था। मैं पहले भी कई बार दरबार साहिब आया हूं और वाहेगुरु का आशीर्वाद लिया है। अब जब हमारा सम्मान बहाल हो गया है और हम सभी आरोपों से मुक्त हो गए हैं, आज मैं, मेरी पत्नी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी पत्नी हमारे परिवारों समेत वाहेगुरु के सामने नतमस्तक होने और शुक्रिया अदा करने आए हैं। वाहेगुरु हमारा मार्गदर्शन करते रहें और हम पर अपनी असीसें बरसाते रहें। वाहेगुरु ने हमें लोगों की सेवा करने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है और हम उसी भावना से लोगों की सेवा करते रहेंगे।”

‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “पिछले चार सालों से हमारी सरकार द्वारा पंजाब में महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। सरकार ने स्कूलों, अस्पतालों, स्वास्थ्य देखभाल के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं और अब महिलाओं की भलाई के लिए कदम उठाए गए हैं। जब हमें लोगों का आशीर्वाद मिलता है तो ही हमारे जैसे आम लोग सब कुछ हासिल करने के योग्य होते हैं। वरना, ऐसे ताकतवर लोगों के सामने हमारे जैसे आम लोगों का कोई स्टैंड नहीं होता। हम मजबूती से खड़े होने के योग्य हैं क्योंकि वाहेगुरु की असीसें हमारे साथ हैं और हम सच्चे रास्ते पर चल रहे हैं।”

यह महानता को दर्शाता है। लेकिन आठ वादे करके सिर्फ चार पूरे करने में कोई महानता नहीं है

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब में अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। अगर हम चार वादे करें और बदले में सात या आठ काम कर दें तो यह महानता को दर्शाता है। लेकिन आठ वादे करके सिर्फ चार पूरे करने में कोई महानता नहीं है। हमने जो सभी वादे किए थे, वे पूरे हो गए हैं। अगले साल के लिए मान साहिब और उनकी पूरी टीम द्वारा व्यापक योजना तैयार की गई है। अब पंजाब को अगले स्तर पर ले जाना है। बुनियादी ढांचे और युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए अभी बहुत काम बाकी हैं।”

उन्होंने कहा, “शुक्रवार से पंजाब निवेशक सम्मेलन शुरू हो रहा है और अब बहुत सारे उद्योग पंजाब में आने शुरू हो गए हैं। देश भर के बड़े उद्योगपति पंजाब में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पंजाब के तीन करोड़ लोगों के साथ मिलकर हम सूबे को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”

अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स हैंडल पर यह भी लिखा, “गुरुवार को भगवंत सिंह मान और मैं अपने परिवारों सहित श्री सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। मेरे और मेरी पार्टी के कई नेताओं पर झूठे आरोप लगाए गए थे। अदालत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि मुकदमा चलाने के लिए ये सबूत काफी नहीं हैं। सच की यह जीत वाहिगुरु की कृपा के बिना संभव नहीं थी। सच के मार्ग पर चलने वालों को हमेशा गुरु का आशीर्वाद मिलता है।”

इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हाल के दिनों में दिल्ली की एक अदालत द्वारा सच्चाई का फैसला आया है कि आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर लगाए गए आरोप, जिसके लिए उन्हें जेल भेजा गया था, पूरी तरह से झूठे थे। अदालत ने कहा कि मुकदमा जारी रखने के लिए ये सबूत काफी नहीं थे। वे यह नहीं कह रहे हैं कि नेताओं को मुकदमे के बाद बरी कर दिया गया है, बल्कि वे कह रहे हैं कि मामला कभी शुरू ही नहीं हुआ और कोई ट्रायल ही नहीं हुआ। इसलिए आप के लिए सच की इस किरण के लिए शुक्रिया अदा करने के लिए हम आज अपना सिर झुकाने और प्रार्थना करने आए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमने पंजाब के लिए चढ़दी कला और सभी की भलाई के लिए अरदास की है और परमात्मा से प्रार्थना की है कि वे हमें लोक सेवा की जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए बल और ताकत प्रदान करें। हमारी सरकार के लगभग चार साल पूरे होने वाले हैं और बजट सत्र भी चल रहा है। पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने और इसके विकास के लिए लोक-पक्षीय बजट पेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस संकल्प के साथ कि हम सभी पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने में तहे दिल से योगदान देंगे, हम आज अपने परिवारों सहित परमात्मा का धन्यवाद करने आए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अरदास करते हैं कि परमात्मा हमें सच्चाई और ईमानदारी के मार्ग पर चलने की शक्ति दे ताकि हम देश और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही हम दरबार साहिब के गलियारे में प्रवेश हुए तो यह शब्द पढ़े जा रहे थे कि अगर परमात्मा आपके साथ है, तो आपको किसी भी चीज से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हम हमेशा वाहिगुरु के आगे झुकने वाले लोग हैं।

नहरी पानी अब खेतों तक पहुंच रहा है

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब में किसानों की आत्महत्या के मामलों में भारी गिरावट आई है। सरकार को प्राप्त ताजा रिपोर्ट के अनुसार आत्महत्याओं में लगातार कमी आ रही है क्योंकि नहरी पानी अब खेतों तक पहुंच रहा है। 16 मार्च 2022 को पानी केवल 21 प्रतिशत खेतों तक पहुंचा था, जबकि आज मार्च 2026 में यह लगभग 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बिजली बोर्ड ने खुद घोषणा की है कि वह टैरिफ घटा सकता है। बिजली की खपत कम हुई है और दिन के समय बिजली सप्लाई की जा रही है। किसानों को एमएसपी भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बुधवार को पंजाब सरकार ने विधान सभा में एक प्रस्ताव भी पेश किया जिसमें कृषि को प्रस्तावित भारत-अमेरिका समझौते से बाहर रखने की मांग की गई। उन्होंने आगे कहा कि अगर कृषि को इस समझौते से बाहर नहीं रखा जाता है तो हमारा किसान जो इस समय अपने खेत का मालिक है, केवल एक ग्राहक बनकर रह जाएगा। उसे बीजों के लिए बाहरी बाजारों पर निर्भर होना पड़ेगा और यह संयुक्त राज्य से आने वाले सस्ते अनाज या मक्का से मुकाबला नहीं कर सकेगा। अमेरिका में औसतन फार्म का आकार 500 एकड़ है, जबकि यहां यह लगभग ढाई एकड़ है। ऐसी स्थिति में मुकाबला संभव नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधान मंत्री को ऐसे किसान विरोधी फैसले नहीं लेने चाहिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि इन्वेस्ट पंजाब सम्मेलन 13 मार्च को शुरू होगा और 15 मार्च तक जारी रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि निवेशक न केवल देश भर से बल्कि जापान, कोरिया, यूके, फ्रांस और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से भी आ रहे हैं। पहली बार वे पंजाब में फैक्ट्रियां स्थापित करने और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी में बड़े प्लांट स्थापित करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 20 मार्च को टाटा स्टील प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा और उत्पादन शुरू होगा। जमशेदपुर के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा, जिसे पंजाब में लगाया जा रहा है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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