Chandigarh
AAP सरकार ने दी Punjab के Airports को नई उड़ान — Amritsar रिकॉर्ड पर, Halwara को मिली नई जान
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में एक और बड़ी छलांग लगाई है। सरकार ने प्रदेश के विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) को नई पहचान देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पिछले ढाई सालों में राज्य के हवाई अड्डों पर सरकार ने न सिर्फ काम की रफ्तार बढ़ाई है, बल्कि उन्हें आर्थिक विकास और पर्यटन का अहम जरिया बना दिया है।
हलवारा एयरपोर्ट को मिली नई उड़ान
लुधियाना के पास स्थित हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कभी ठप पड़ा हुआ प्रोजेक्ट था। पिछली सरकारों के समय शुरू हुई यह परियोजना 2022 तक लगभग रुक गई थी। पैसे की कमी और सरकारी लापरवाही के कारण काम बंद था।
लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस रुके हुए प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करवाया। सरकार ने ₹60 करोड़ की राशि जारी की ताकि काम दोबारा शुरू हो सके। इसके बाद निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी और अप्रैल 2025 तक इंटरिम टर्मिनल का 100% काम पूरा कर लिया गया।
27 जुलाई 2025 को इसका उद्घाटन किया गया, और पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हलवारा रखने का प्रस्ताव पारित किया।
अब यह हवाई अड्डा जल्द ही पूरी तरह चालू होने जा रहा है और इसके शुरू होने से करीब 10,000 लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। हलवारा एयरपोर्ट लुधियाना के उद्योगों और व्यापार के लिए वरदान साबित होगा।
अमृतसर एयरपोर्ट ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
पंजाब में अमृतसर का श्री गुरु राम दास जी (SGRDJ) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब प्रदेश का सबसे व्यस्त और शानदार हवाई अड्डा बन गया है।
वित्त वर्ष 2024–25 में यहां 22.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और हवाई अड्डे ने 35 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड आंकड़ा पार कर लिया — जो अब तक का सबसे ज्यादा है।
इस दौरान नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की गईं — कुआलालंपुर, लंदन, रोम और वेरोना जैसे गंतव्यों के लिए।
इसके अलावा, जुलाई 2024 में एयरएशिया एक्स ने अमृतसर एयरपोर्ट को अपनी “Best Station Award” से सम्मानित किया। इस हवाई अड्डे को यह सम्मान 95% ऑन-टाइम परफॉर्मेंस और बेहतरीन सुविधाओं के लिए दिया गया।
यह उपलब्धि साबित करती है कि आप सरकार के कार्यकाल में पंजाब के हवाई अड्डे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
क्षेत्रीय हवाई अड्डों को भी नई जान
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने केवल बड़े हवाई अड्डों पर ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों के रीजनल एयरपोर्ट्स पर भी ध्यान दिया है।
सरकार की मेहनत और केंद्र से लगातार बातचीत के बाद, आदमपुर (जालंधर) और बठिंडा जैसे हवाई अड्डों से उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं।
इसके साथ ही आदमपुर से मुंबई और जयपुर के लिए नई उड़ानों की घोषणा भी की गई है।
यह कदम दोआबा क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी राहत और सुविधा लेकर आया है, क्योंकि अब लोगों को दिल्ली या अमृतसर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार का बड़ा निवेश और विज़न
AAP सरकार ने अब तक विमानन क्षेत्र में ₹150 से ₹200 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है।
इसके तहत चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए ₹200 करोड़ की लागत से 8.5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है।
सरकार का मकसद है कि पंजाब का हर हिस्सा हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ सके और राज्य को एक वैश्विक विमानन हब (Global Aviation Hub) के रूप में विकसित किया जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि यह सारी पहलें सिर्फ बुनियादी ढांचा नहीं हैं, बल्कि यह पंजाब के नए आर्थिक दौर की उड़ान हैं — जो उद्योग, रोजगार और पर्यटन तीनों को नई ऊँचाइयाँ देंगी।
नतीजा — पंजाब का आसमान अब और ऊँचा
आज पंजाब में जहाँ एक ओर हलवारा एयरपोर्ट नई उम्मीद लेकर आया है, वहीं अमृतसर एयरपोर्ट ने रेकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है।
क्षेत्रीय हवाई अड्डे भी सक्रिय हो चुके हैं और निवेश का प्रवाह बढ़ा है।
इन सभी कदमों से साफ है कि आप सरकार की नीतियाँ सिर्फ कागज़ों पर नहीं, ज़मीन पर उतर चुकी हैं।
पंजाब का आसमान अब सचमुच विकास की नई और ऊँची उड़ानें भर रहा है।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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