Connect with us

Punjab

AAP अमन अरोड़ा : बीजेपी उम्मीदवार शीतल अंगुराल ने जालंधर की जनता से विश्वासघात करने का लगाया आरोप

Published

on

पंजाब में उप चुनाव जल्दी ही शुरू होने वाले है | ऐसे में सभी पार्टी एक दूसरे पर तीखे हमले कर रही है | किसी न किसी बात को लेकर हर एक पार्टी सुना रही | वहीं AAP पंजाब पार्टी ने बीजेपी पर निशान साधा है | AAP मंत्री अमन अरोड़ा ने बीजेपी उम्मीदवार शीतल अंगुराल पर आरोप लगाया है | आरोप लगते हुए आप मंत्री ने कहा की भाजपा उम्मीदवार शीतल अंगुराल जालंधर पश्चिम के लोगों के साथ वादाखिलाफी कर रहे है |

बतादें आप मंत्री अमन अरोड़ा ने गुरुवार को जालंधर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बीजेपी अंगुराल से पांच सवाल पूछे और उन्होंने कहा कि उन्हें जालंधर पश्चिम के लोगों को इन सवालों के जवाब देने चाहिए। इस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप पार्टी के पवन कुमार टीनू और लहरा गागा से आप विधायक बरिंदर गोयल भी मौजूद थे|

पत्रकार से बात करते हुए आप नेता ने आरोप लगाया कि शीतल अंगुराल ने अपने स्वार्थ के लिए जालंधर की जनता पर यह उपचुनाव थोपा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों के साथ विश्वासघात किया है और अब जालंधर की जनता इस दल बदलू को सबक सिखाएगी। अरोड़ा ने आगे कहा कि शीतल अंगुराल ने अपने हलके की जनता और उनके जनादेश की जगह एक तानाशाह पार्टी भाजपा को चुना है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी हमारे संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करने का काम कर रही है और शीतल अंगुराल जैसे लोग ऐसा करने में उनकी मदद कर रहे हैं। आप नेता ने लोगों से ऐसे लोगों और पार्टियों के खिलाफ वोट देने का आग्रह किया और कहा कि ये हमारे लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि केवल आम आदमी पार्टी ही बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को बचाने का काम कर रही है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि जालंधर पश्चिम की जनता शीतल अंगुराल को अच्छी तरह से जानती है लेकिन आम आदमी पार्टी अभी भी कुछ सवाल उठाना चाहती है जिसका जवाब पूर्व विधायक को देना चाहिए, इससे पहले कि वह लोगों के बीच जाकर उनके साथ इस तरह से विश्वासघात करने के बाद दोबारा उनका वोट और विश्वास मांगे। अरोड़ा ने कहा कि शीतल अंगुराल ने ढाई महीने पहले इस्तीफा दिया और फिर आम चुनाव के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेने की कोशिश की लेकिन तब तक स्पीकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।

आप नेता ने पूछा कि ढाई महीने तक शीतल अंगुराल भाजपा के साथ थे और उनके लिए प्रचार कर रहे थे फिर ऐसा क्या हुआ कि चुनाव के तुरंत बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेकर आप में वापस आना चाहा? क्या उन्होंने खुद देखा कि पंजाब की जनता भाजपा जैसी भ्रष्ट पार्टी को कभी स्वीकार नहीं करेगी? अरोड़ा ने कहा कि भाजपा के पास पंजाब में दो विधायक और एक भी सांसद नहीं है। दूसरा सवाल जो जालंधर पश्चिम के हर निवासी के मन में है वह यह कि शीतल अंगुराल और सुशील कुमार रिंकू दुश्मन थे फिर ऐसी क्या परिस्थिति आई कि उन्हें एक दूसरे का सहयोगी बनना पड़ा? उनके इस नए गठबंधन से उन्हें क्या हासिल होने वाला है?

अरोड़ा ने कहा कि शीतल अंगुराल ने पवित्र विधानसभा में 40 मिनट तक भगवंत मान का गुणगान किया, लेकिन अब उसी व्यक्ति की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान तो वही हैं। भ्रष्टाचार या भ्रष्टाचार के प्रति उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति है, तो शीतल अंगुराल बताएं कि विधानसभा में झूठ बोल रहे थे या अब बोल रहे हैं?

अमन अरोड़ा ने कहा कि आप के उम्मीदवार मोहिंदर भगत की छवि बहुत साफ सुथरी है। उनके पिता चुन्नी लाल भगत ने जालंधर के लिए बहुत मेहनत की और मंत्री रहते हुए बहुत काफी विकास कार्य किया। इसलिए जालंधर पश्चिम के लोगों को इस उपचुनाव में मोहिंदर भगत जैसे ईमानदार नेता को ही वोट देना चाहिए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

“पंजाब में किसी भी योग्य नागरिक की वोट नहीं कटने दी जाएगी”, SIR को लेकर CM भगवंत मान का बड़ा बयान

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पंजाब में यह अभियान 15 जून से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहेंगे ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार किसी भी योग्य नागरिक की वोट नहीं कटने देगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR के नाम पर पंजाब में किसी भी तरह का डर या नकारात्मक माहौल नहीं बनने दिया जाएगा।

सीएम मान ने बताया कि आम आदमी पार्टी के BLAs और वालंटियर इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे और चुनाव आयोग के साथ लगातार संपर्क बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार SIR की हर प्रक्रिया पर नजर रखेगी ताकि किसी भी योग्य मतदाता के साथ अन्याय न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में SIR पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। अगर किसी भी राजनीतिक दल को कोई शिकायत होती है तो चुनाव आयोग को उसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में SIR के दौरान कई विवाद सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ राज्यों में लाखों वोट काटे जाने के आरोप लगे और पश्चिम बंगाल से जुड़ा मामला अभी भी लंबित है। इसी तरह हरियाणा में भी एक ही व्यक्ति की कई वोट होने के आरोप सामने आए थे।

सीएम मान ने कहा कि पंजाब का सामाजिक ढांचा और आपसी भाईचारा काफी मजबूत है, इसलिए यहां इस तरह की गड़बड़ियों की संभावना कम है। इसके बावजूद अगर चुनाव आयोग के पास कोई शिकायत पहुंचती है तो उस पर तुरंत और गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है या वह विदेश जाकर वहां की नागरिकता ले चुका है तो उसकी वोट हटाई जा सकती है। लेकिन यदि किसी योग्य नागरिक की वोट गलत तरीके से काटी जाती है तो सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी।

अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि वे अपने वोटर संबंधी सभी जरूरी काम समय पर पूरा करें, फॉर्म भरें और अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी है।

Continue Reading

Punjab

मजीठा में कांग्रेस को बड़ा झटका, कई नेता आप में शामिल

Published

on

मजीठा में आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है, जबकि कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। शनिवार को कांग्रेस के कई सीनियर नेता और ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता अपनी पार्टी छोड़कर आप में शामिल हो गए।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नेताओं को औपचारिक रूप से आप में शामिल किया और उनका स्वागत किया। उनके साथ मजीठा इलाके के इंचार्ज तलबीर सिंह गिल भी मौजूद थे। कांग्रेस से आप में शामिल होने वाले खास नेताओं में परमजीत सिंह पम्मा, पलविंदर सिंह पाली, जगदीप सिंह गोगा, अप्रमदीप सिंह अप्पू और अमनदीप सिंह शामिल हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आप सरकार की नीतियां हर वर्ग की भलाई के लिए हैं। आज राज्य के लोग राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राजनीति चुन रहे हैं। मजीठा से इन साथियों के शामिल होने से पार्टी को इलाके में बहुत ज़्यादा ताकत मिलेगी। हम सब मिलकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाएंगे।

दूसरी तरफ, तलबीर सिंह ने कहा कि मजीठा में कांग्रेस का ग्राफ पूरी तरह से गिर गया था और आज पार्टी के मेहनती नेताओं के ‘आप’ में शामिल होने से इलाके में पार्टी का बेस और मज़बूत हुआ है। ‘आप’ में शामिल हुए सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का भी शुक्रिया अदा किया और कहा कि वे पार्टी की मज़बूती के लिए दिन-रात काम करेंगे।

Continue Reading

Punjab

CM भगवंत मान ने 72 शिक्षकों को फिनलैंड के लिए किया रवाना

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ मिलकर 72 शिक्षकों के एक बड़े दल को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड रवाना किया। चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से शिक्षकों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक और प्रिंसिपल पंजाब में शिक्षा क्रांति के राजदूत बन रहे हैं और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री मान ने शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दे आज देश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाना और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार अब तक 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों को पांच दिवसीय लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए सिंगापुर भेज चुकी है। इसके अलावा अब 72 प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को फिनलैंड के तुर्कू शहर में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, जहां वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, नए शिक्षण उपकरणों और बच्चों के समग्र विकास से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करेंगे।

भगवंत मान ने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा बैच है, जो 29 मई तक प्रशिक्षण पूरा कर वापस लौटेगा। उन्होंने कहा कि पहले विदेश प्रशिक्षण लेकर लौटे शिक्षकों और प्रिंसिपलों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पंजाब के सरकारी स्कूलों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में भी पंजाब के स्कूलों ने कई मानकों पर शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट स्कूलों के मामले में पंजाब के सरकारी स्कूल देशभर में मिसाल बन रहे हैं। स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों का अनुपात, कंप्यूटरों की उपलब्धता और बिजली जैसी सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लगभग 99.9 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर और बिजली की सुविधा उपलब्ध है, जो शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे फिनलैंड से नया अनुभव और ज्ञान हासिल कर वापस आएं और पंजाब के बच्चों के भविष्य को और मजबूत बनाने में योगदान दें।

Continue Reading

Trending