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श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर श्री आनंदपुर साहिब में बनेगी world class university : मान

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के विचार को अमली जामा पहनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की।

यहां के गुरुद्वारा बुड्डा दल छावनी में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर ‘सरबत दा भला’ एकत्रीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वरोसाई पवित्र नगरी में स्थापित की जाने वाली यह यूनिवर्सिटी गुरु साहिब जी के महान संकल्प को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी नौवें पातशाह जी की अद्वितीय शहादत, महान जीवन और दर्शन के बारे में गहन शोध के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रतिष्ठित संस्था हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ महान गुरु साहिब जी के जीवन और दर्शन का प्रसार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता की जीवंत मूर्ति थे क्योंकि गुरु साहिब जी ने देश में मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए महान बलिदान दिया। भगवंत सिंह मान ने लोगों से ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी की आत्म-बलिदान की भावना को अपनाने की अपील की, जिन्होंने मानवीय अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों-कीमतों को कायम रखने के साथ-साथ धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज श्री गुरु तेग बहादुर जी की पावन बाणी एकता, विश्व-व्यापी भाईचारे, धार्मिकता, बहादुरी और दया का संदेश देती है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए गुरु साहिब की अद्वितीय शहादत मानवता के इतिहास में बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने सच्चाई और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों को कायम रखने के लिए अपनी कुर्बानी दी और इसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित की जा रही विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी दुनिया के कोने-कोने में गुरु साहिब के जीवन और दर्शन का प्रचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और दर्शन समूची मानवता के लिए एक प्रकाश बिंदु है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी एक ओर इस शानदार विरासत को कायम रखने और दूसरी ओर लोगों के बीच साझ को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दी गई कुर्बानी बेमिसाल है और ऐसी मिसाल दुनिया के किसी अन्य इतिहास में नहीं मिलती। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब से पहले शासकों द्वारा भारी जुल्म किए जाते थे लेकिन गुरु साहिब कभी ऐसी चालों के आगे नहीं झुके और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, जिसकी विश्व में कोई मिसाल नहीं मिलती।

मुख्यमंत्री ने इस नेक कार्य को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार का समर्थन करने पर संत समाज का धन्यवाद किया और कहा कि प्रदेश सरकार ने अपना फर्ज पूरी तनदेही और श्रद्धा भावना से निभाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस पवित्र स्थान पर पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र आयोजित करवाया जो अत्यंत बेमिसाल था क्योंकि पूरी विधान सभा को गुरु साहिब के चरणों में लाया गया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विधान सभा ने सर्वसम्मति से सभी तख्तों वाली सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिखों के पांच तख्त साहिब हैं जिनमें से तीन श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों की पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए और पंजाब विधान सभा के इस सत्र को यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इन शहरों को पंजाब के पवित्र शहर घोषित किया है। उन्होंने कहा कि संगत की पुरानी मांग को पूरा करने के लिए इन शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध होगा।

इन शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस नेक कार्य के लिए फंडों एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने इन शहरों में नतमस्तक होने आने वाली संगत के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें और अन्य मुफ्त जन परिवहन प्रणाली की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन शहरों के विकास को और गति देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे क्योंकि इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को नम्र श्रद्धांजलि भेंट करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गुरु साहिब के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित पूरे प्रदेश में क्रमवार समागम करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अनुपम शहादत सर्वोच्च और बेमिसाल है क्योंकि इस शहादत का उद्देश्य दूसरों के धर्म की रक्षा करना था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए महान कुर्बानी दी ताकि दुनिया के लिए मिसाल कायम की जा सके।

मुख्यमंत्री ने लोगों को गुरु साहिब द्वारा दिखाए मानवता और सच्चाई के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु साहिब का संदेश धर्मनिरपेक्षता, एकता और विश्वव्यापी भाईचारे का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन और दर्शन हमेशा मानवता के लिए प्रकाश बिंदु बना रहेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये समागम आने वाले समय में भी जारी रहेंगे और आने वाले वर्षों में भी शहीदी दिवस को समर्पित पूरे प्रदेश में समागम करवाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समागमों का एकमात्र उद्देश्य महान गुरु साहिब की महान विरासत को हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। भगवंत सिंह मान ने पवित्र नगरी में मौजूदा चरण गंगा स्टेडियम के नवीनीकरण और अपग्रेड की योजनाओं की भी घोषणा की ताकि हर साल होला मोहल्ला के अवसर पर पवित्र नगरी आने वाली संगत को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए वचनबद्ध है और इस संबंध में पहले से ही ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब में नतमस्तक होने का सौभाग्य मिला

अपने संबोधन में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पिछले तीन दिनों से वे अपनी पत्नी के साथ इस पवित्र धरती को नमन करने यहां मौजूद हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि उन्हें गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब में नतमस्तक होने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिवस के अवसर पर और श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की याद में आयोजित समागमों की लड़ी में शामिल होना उनके लिए एक अनूठा अनुभव था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस पवित्र नगरी में नतमस्तक होने आने वाली संगत की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि यदि इस सेवा में कोई कमी रह गई हो तो पंजाब सरकार प्रदेश के लोगों और महान गुरु साहिब से क्षमा की याचक है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेश को लोग अपने जीवन में अपनाएं तो दुनिया में किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का प्रेम, दया और मानवता का संदेश विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन समागमों के लिए सारे प्रबंध इसलिए संभव हो सके क्योंकि प्रदेश सरकार महान गुरुओं द्वारा दिखाए मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी के रास्ते पर चलते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए एक-एक पैसा पूरी सूझबूझ और सजगता के साथ खर्च किया गया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में भी किसानों को नहरी पानी मिल रहा है और साथ ही प्रदेश के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सौभाग्यशाली है कि उन्हें प्रदेश के लोगों की सेवा करने और गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समागम करवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि समूचा सिख इतिहास चढ़दी कला का प्रतीक है जो लोगों को मेहनत करने, परमात्मा का नाम जपने, दूसरों के साथ बांटकर खाने और कमजोर व दबे-कुचले लोगों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।

पंजाबी महान गुरुओं से जुल्म, जबर और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा लेते हैं

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज भी पंजाबी महान गुरुओं से जुल्म, जबर और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इस पवित्र नगरी के विकास के लिए अधिक से अधिक योगदान देना अपना फर्ज समझती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि मंत्री से लेकर अधिकारी तक प्रदेश सरकार से जुड़ा हर व्यक्ति ने गुरु साहिब की सेवा में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समागमों को सुचारु रूप से संपन्न कराना उनके सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल चीमा, हरजोत सिंह बैंस, तरुणप्रीत सिंह सौंद, लाल चंद कटारूचक्क, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लोक सभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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भगवंत मान ने आरोपों को बताया ‘गंदी राजनीति’, कहा- फर्जी वीडियो से छवि खराब करने की साजिश

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ऊपर लगाए गए “अपवित्र आचरण” और सिख गुरुओं के अपमान से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक विरोधियों की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए फर्जी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं और धर्म का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी वीडियो संदेश में मान ने कहा कि जिस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा किया गया है, वह पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति न तो उनके शरीर से मेल खाता है और न ही उनके हाव-भाव उनसे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक जांच में भी वीडियो को फर्जी बताया गया है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनके विरोधियों को सरकार के कामकाज पर हमला करने का कोई मुद्दा नहीं मिलता, तो वे धर्म का सहारा लेकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ फैला रहा है।

भगवंत मान ने कहा कि वे पंजाब के विकास, रोजगार, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सरकार के कार्यों को उसी गति से जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि विरोधी दल उनकी लोकप्रियता से घबराकर ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।

वहीं, इस मामले को लेकर भाजपा लगातार आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमलावर है। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मामला इतना गंभीर है तो मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।

इधर, गुरुग्राम पुलिस ने वायरल वीडियो और कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट मामले में जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए बड़ी रकम का लेन-देन हुआ था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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मौसम ने ली करवट, हरियाणा-पंजाब-चंडीगढ़ में 26 जून तक आंधी-बारिश का येलो अलर्ट

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भीषण गर्मी और उमस से परेशान हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग (IMD) ने 26 जून तक मौसम के बदलते रहने का अनुमान जताते हुए कई इलाकों में आंधी, तेज हवाओं और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंजाब के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। 24 से 26 जून के बीच कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 26 जून तक बादलों की आवाजाही और हवाओं की दिशा में बदलाव देखने को मिलेगा। 25 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी, जबकि 25 से 30 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में दस्तक दे सकता है।

हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और जींद में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।

पंजाब और चंडीगढ़ में भी अगले तीन दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में सबसे पहले मानसून अमृतसर पहुंच सकता है, जबकि बठिंडा में इसकी एंट्री सबसे बाद में होने की संभावना है। चंडीगढ़ में 27 से 30 जून के बीच मानसून पहुंचने के आसार हैं और 28-29 जून के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है।

उधर हिमाचल प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ के असर से शिमला, सोलन, कांगड़ा और अन्य मध्य व निचले पर्वतीय क्षेत्रों में 26 जून तक बारिश और बौछारों का दौर जारी रह सकता है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

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पंजाब के गांव देश में सबसे अधिक विकसित होंगे; सरपंचों को आगे बढ़कर बदलाव का नेतृत्व करना चाहिए: CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सरपंचों को ग्रामीण पंजाब के बदलाव का नेतृत्व करने का आह्वान किया और स्पष्ट किया कि पंजाब को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने के सपने को साकार करने के लिए राज्य के गांव देश में सबसे अधिक विकसित होकर उभरने चाहिए। रामपुरा फूल और तलवंडी साबो के सरपंचों और पंचों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने पंचायतों से अपील की कि वे सरकारी फंडों का उपयोग इस प्रकार करें, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिले, जबकि शिक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सतत विकास को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने गांवों के विकास और सिंचाई से संबंधित मुद्दों की भी समीक्षा की और किसानों के लिए नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और पंजाब की प्रगति एवं समृद्धि की गति को तेज करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सरपंच मिलनी की कुछ झलकियाँ एक्स पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “रामपुरा फूल और तलवंडी साबो के सरपंचों और पंचों के साथ बैठक के दौरान पंजाब सरकार की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की गई। सभी ने पूरी तरह से मेरिट के आधार पर नौकरियाँ देने और शिक्षा के मानक को सुधारने के लिए सरकार के प्रयासों का स्वागत किया। ग्रामीण विकास और किसानों के लिए नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। पंजाब के विकास और प्रगति का यह सफर निरंतर जारी रहेगा।”

‘सरपंच मिलनी’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में सबसे कठिन चुनाव सरपंच का होता है क्योंकि वही जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा, “सरपंच गांव का मुखिया होता है और एक अच्छा सरपंच गांव की सूरत बदल सकता है और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित कर सकता है। वास्तव में सरपंच वह नींव हैं, जिस पर लोकतंत्र का स्तंभ खड़ा है, जिसके कारण वे समाज का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के स्तर पर समस्याओं को जानने के लिए ये लोक मिलनियाँ अनूठी पहल हैं। उन्होंने कहा कि अनुदानों की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों में इनका उपयोग सही और ईमानदारी से होना चाहिए। उन्होंने कहा, “आरोप किसी पर भी लगाए जा सकते हैं, लेकिन सही सरपंच ही गांवों के विकास का धुरा होते हैं। पहले पिछली सरकारों का अनुदानों में हिस्सा होता था, जिसके कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे। अब गांवों को बड़ी मात्रा में अनुदान आ रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब इस पैसे से राज्य के गांवों की पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगी।”

सरपंचों को विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फंड इस प्रकार खर्च किए जाने चाहिए कि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पुस्तकालयों, स्कूलों के निर्माण और सोलर लाइटें लगाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उसके बाद गलियों-नालियों को, ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के विकास को तेज करने के लिए यह बहुत आवश्यक है और समय की मांग है ताकि पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गांवों की पंचायतें लोकतांत्रिक प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सहायक रही हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार सरपंचों को हर संभव सहायता और सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि वे संपूर्ण ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंचायतें और सरपंच राज्य सरकार की वास्तविक आँखें और कान हैं क्योंकि वे जमीनी स्तर पर जनता से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “पंचायतों को लोकतंत्र की नींव के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनके पास अपार शक्ति होती है और उनके फैसलों को पूरा गांव सम्मान से मानता है।”

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सरपंचों को यह ताकत दी है और उनके हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना सरपंचों का मूल कर्तव्य है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये संस्थाएँ राज्य सरकार की जन-पक्षधर और विकास-उन्मुख योजनाओं के लाभों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए माध्यम के रूप में काम करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतियाँ राज्य सरकार द्वारा बनाई जाती हैं और सरपंच तथा पंच इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी सरपंचों से अपील की कि वे स्वयं को विकास कार्यों के लिए पुनः समर्पित करें और विकास कार्यों तथा सेवाओं की निगरानी पूरी तनदेही से सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरपंचों को एक स्पष्ट आह्वान दिया कि वे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप से दूर रहें। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अतीत में गांवों में व्यापक गुटबाजी के कारण कई काम अधूरे रह गए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरपंचों को गांवों में गुटबंदी समाप्त करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में बहुमत हासिल करने वाला व्यक्ति या पार्टी विजेता होती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है। एक सरपंच को गांव के प्रत्येक निवासी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और निर्णय निष्पक्ष होकर लिए जाने चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कई सरपंच हैं, जिन्होंने अपनी समझदारी और दूरदर्शिता से अपने गांवों की तस्वीर बदल दी है।

सर्वसम्मति से पंचायतों का चुनाव करने वाले गांवों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा, “इन गांवों ने संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर और एक ओर गांवों में आपसी भाईचारे तथा सौहार्द की भावना को मजबूत किया है तथा दूसरी ओर सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सर्वसम्मति से अपने सरपंच चुने हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार गांवों के समग्र विकास और प्रगति के लिए वचनबद्ध है तथा इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, “सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक पुल हैं और उन्हें गांवों के विकास में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए।”

उन्होंने सरपंचों से गांवों को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील भी की ताकि राज्य के पर्यावरण को बचाया जा सके। बैठक में महिला सरपंचों की बड़ी संख्या में मौजूदगी से उत्साहित होकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं की भूमिका के प्रति व्यापक दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण शिक्षा, प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों में निहित है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महिलाओं से निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में आगे आने और राज्य के भविष्य को नया स्वरूप देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से स्वयं को सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा, “यह देश के व्यापक हित में है, क्योंकि जो महिलाएं घरों और परिवारों का कुशलतापूर्वक संचालन करती हैं, उन्हें देश भी चलाना चाहिए। राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए वचनबद्ध है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है।”

राजनीति में अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में आगे आकर हिस्सा लेना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें और समाज में आवश्यक परिवर्तन ला सकें।

उन्होंने कहा कि लड़कियों ने लगभग हर क्षेत्र में लड़कों को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन राजनीति अभी भी उनकी पहुंच से दूर है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “इस क्षेत्र को लंबे समय से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाएं यहां भी अपनी पहचान बनाएं। समानता आधारित समाज की स्थापना और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इससे पंजाब को एक प्रगतिशील और समृद्ध राज्य बनाने में मदद मिलेगी।”

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