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‘ युद्ध नशों के विरुद्ध’ की तर्ज पर गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ी जाएगी। Punjab से सभी गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क का होगा सफाया: अरविंद केजरीवाल

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एक मजबूत राजनीतिक संदेश देते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नव-निर्वाचित जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों से मुलाकात की और जोर देकर कहा कि पंजाब डर, गुंडागर्दी और धांधली वाली चुनावी राजनीति के युग से निर्णायक रूप से बाहर आ चुका है। उन्होंने साथ ही यह घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार अब ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ की तर्ज पर गैंगस्टरों के खिलाफ बड़े स्तर पर जंग शुरू करेगी।

पंचायत चुनावों में ‘आप’ की 70 प्रतिशत से अधिक सीटों पर शानदार जीत को साफ-सुथरी राजनीति और ईमानदार शासन के पक्ष में जनादेश बताते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब ने अपने इतिहास में स्थानीय इकाइयों के चुनाव सबसे अधिक पारदर्शिता के साथ होते देखे हैं, जिनमें एक भी वोट नहीं बदला गया। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि जन-हितैषी शासन ने पारंपरिक पार्टियों को अपने घोषणा-पत्र दोबारा लिखने के लिए मजबूर कर दिया है।

– ‘श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष एक विनम्र सिख के रूप में पेश होऊंगा और अकाल तख्त का आदेश सर्वोपरि है: भगवंत सिंह मान

श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े मुद्दे पर भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे सभी सबूतों के साथ तख्त साहिब के समक्ष अवश्य पेश होंगे और अनुरोध किया कि पूरी कार्यवाही का सभी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाए। उन्होंने कहा, “मैं वहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक विनम्र सिख के रूप में पेश होऊंगा। श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए पवित्र है और हमारे समुदाय का सबसे पवित्र स्थान है। भले ही उस दिन देश के राष्ट्रपति गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर का दौरा करेंगे, फिर भी मैं श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करूंगा।”

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोपरि हैं और वहां से प्राप्त किसी भी आदेश का सच्चे दिल से पालन किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब का आदेश मेरे और मेरे परिवार के लिए हमेशा सर्वोच्च था, है और रहेगा। यह एक अत्यंत सम्माननीय स्थान है, जहां से सिखों को शाश्वत शांति और शक्ति मिलती है।”

लुधियाना में चुने हुए प्रतिनिधियों के एकत्रित सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “सबसे पहले, मैं आप सभी को बधाई देता हूं, जो इतनी बड़ी संख्या में जिला परिषदों और ब्लॉक समितियों के सदस्य चुने गए हैं। आज आपको खुशी होनी चाहिए क्योंकि लोगों ने आपको एक नई जिम्मेदारी सौंपी है। यह बहुत गर्व की बात है कि इन चुनावों में ‘आप’ ने कुल सीटों में से 70 प्रतिशत से अधिक पर जीत हासिल की है। ये आपकी पार्टी की सीटें हैं।”

बीते समय को याद करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पारंपरिक रूप से सत्ताधारी पार्टी द्वारा पंचायत चुनाव शक्ति और धांधली के माध्यम से जीते जाते थे। उन्होंने कहा, “2013 में पंचायत चुनाव सरकार बनने के एक साल बाद हुए थे। 2017 में भी सरकार बनने के एक साल बाद 2018 में चुनाव हुए। इसके बावजूद बड़े स्तर पर बूथ कैप्चरिंग, गुंडागर्दी और जबरदस्ती हुई और उसी तरह जीत दर्ज की गई।”

वर्तमान समय से तुलना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज हमारी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों के चुनाव हुए और बिल्कुल भी जबरदस्ती नहीं की गई। नतीजे देखिए—600 से अधिक सीटें ऐसी हैं, जहां उम्मीदवार 100 से कम वोटों से जीते। इनमें से 350 से अधिक सीटें विपक्ष ने जीती हैं। कई सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस या अकाली दल के उम्मीदवार सिर्फ एक वोट से जीते हैं। क्या आपने कभी सुना है कि सत्ताधारी पार्टी का कोई उम्मीदवार एक वोट से हार गया हो?”

उन्होंने आगे कहा कि अगर ‘आप’ सत्ता का दुरुपयोग करना चाहती तो यह बहुत आसान था। “अगर हम जबरदस्ती करना चाहते तो सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एस.डी.एम.) को बुलाकर अपने उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित कर सकते थे। एक वोट को इधर-उधर करना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हम इस उद्देश्य से राजनीति में नहीं आए हैं। ‘आप’ जबरदस्ती, भ्रष्टाचार या गुंडागर्दी करने के लिए नहीं बनी है। अगर यही लक्ष्य होता तो हमारे और कांग्रेस, भाजपा या अकाली दल में क्या फर्क रह जाता। हम राजनीति बदलने, उसे साफ करने और जबरदस्ती व गुंडागर्दी को खत्म करने के लिए आए हैं।”

पंजाब में गहरी जड़ें जमा चुकी समस्याओं पर बोलते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा, “वे पूरे पंजाब में नशा फैलाते हैं। नशा कौन बेचता है? चाहे कोई भी पार्टी हो, उनके चाचा, भाई, दामाद नशा बेच रहे हैं, अपराध में शामिल हैं और गैंग चला रहे हैं। वे खुलेआम गैंगस्टरों को टिकट देते हैं। हम ऐसा करने नहीं आए। हम इस सिस्टम को साफ करने आए हैं। हमने अपनी जान दांव पर लगा दी है, सब कुछ कुर्बान कर दिया है। उन्होंने मेरे खिलाफ आवाज उठाने पर मुझे जेल भेज दिया। उन्हें लगा कि अरविंद केजरीवाल बोलना बंद कर देगा, लेकिन मैं बाहर आया और और भी ऊंची आवाज में गरजा।”

उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव पूरी तरह साफ-सुथरे ढंग से हुए। “एक भी वोट नहीं बदला गया। चार साल के शासन के बाद पंजाब को चलाने की बड़ी चुनौतियों के बावजूद लोगों ने हमें वोट दिया। जब हमने सत्ता संभाली, तब पैसा नहीं था और पंजाब कर्ज में डूबा हुआ था। उन्होंने सब कुछ लूट लिया था। पहले समय पर वेतन नहीं मिलता था। हमारे शासन में एक भी महीना ऐसा नहीं गया, जब वेतन में देरी हुई हो। सभी को समय पर वेतन मिल रहा है। हम ईमानदारी से सरकार चला रहे हैं, एक-एक पैसा बचा रहे हैं और परिणाम दे रहे हैं।”

अरविंद केजरीवाल ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “बड़े काम हो रहे हैं। बिजली मुफ्त हो गई है। पहले चुनावों के दौरान जहां भी मैं जाता था, लोग बिजली के बिल लेकर बैठते थे और कहते थे कि उनका छोटा सा घर है, एक पंखा है, फिर भी 10 हजार रुपये के बिल आ गए। आज लोगों को जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं। अगर यह चमत्कार नहीं है तो और क्या है—पुराने बिल माफ कर दिए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि चुनावी जनादेश प्रदर्शन को दर्शाता है। “चार साल सत्ता में रहने के बाद अगर हम 38 प्रतिशत वोट हिस्सेदारी के साथ 70 प्रतिशत से अधिक सीटें जीतते हैं, तो वह 38 प्रतिशत वोट हमारे काम के लिए है, न कि जबरदस्ती या भ्रष्टाचार के लिए। यह ईमानदारी और शालीनता के लिए वोट है। हमारी पार्टी नेक लोगों की पार्टी है।”

नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को भविष्य के लिए अहम बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अब आपकी जिम्मेदारी है कि अगली चुनावों में इस 38 प्रतिशत वोट हिस्सेदारी को 45 प्रतिशत तक ले जाएं। 45 प्रतिशत से कम स्वीकार्य नहीं है। आपको गांव-गांव जाना चाहिए, लोगों से हाथ जोड़कर मिलना चाहिए। अहंकार ने अकाली दल और कांग्रेस को तबाह कर दिया। अगर आप अहंकारी बन गए तो हमारे साथ भी यही होगा। लोगों के घरों में जाएं, उनकी खुशियों और दुखों में साथ दें, सिर्फ सरकारी मामलों में ही नहीं बल्कि निजी कठिनाइयों में भी—लोगों के भाई, उनके बेटे बनें।”

‘आप’ प्रमुख ने आम नागरिकों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आप वह पार्टी है जो आम लोगों को टिकट देती है। यह वह पार्टी है जहां एक आम आदमी मुख्यमंत्री बनता है। भगवंत सिंह मान के पिता राजनीतिज्ञ नहीं थे, उनके रिश्तेदारों में भी कोई राजनीति में नहीं था, फिर भी वे मुख्यमंत्री बने। मेरे परिवार में भी कोई राजनीतिज्ञ नहीं था, फिर भी मैं मुख्यमंत्री बना। आप में से 90 प्रतिशत से अधिक ऐसे परिवारों से आते हैं जिनका कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। अगर आप अच्छा काम करते हैं तो सिर्फ अपने काम के आधार पर विधायक और मंत्री बन सकते हैं।”

ढिलाई के खिलाफ स्पष्ट चेतावनी देते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने जोर देकर कहा, “यह न सोचो कि दिल्ली में बैठे अरविंद केजरीवाल को नहीं पता कि पंजाब में क्या हो रहा है। हम जानते हैं कि कौन काम कर रहा है और कौन नहीं। आपको किसी की चापलूसी करने या दिल्ली आने या भगवंत सिंह मान से मिलने की जरूरत नहीं है। जिस व्यक्ति को लोग प्यार करते हैं, जिसके काम की वे प्रशंसा करते हैं, अरविंद केजरीवाल उसके घर जाकर उसे टिकट देंगे। आपको टिकट मांगने की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने स्वार्थ से ऊपर उठकर सेवा की अपील करते हुए कहा, “लोगों की सेवा करो। परमात्मा ने आपको यह मौका दिया है और बहुत कम लोगों को ऐसा मौका मिलता है। यह मौके सिर्फ ‘आप’ में ही होते हैं। अन्य पार्टियां गैंगस्टरों या उनके रिश्तेदारों को टिकटें देती हैं। हमने कभी अपने बच्चों या रिश्तेदारों को टिकटें नहीं दीं। सिर्फ उन्हें ही टिकटें मिलती हैं, जो लोगों की सेवा करते हैं।”

2017 से पहले के माहौल के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अकाली दल और कांग्रेस के शासन दौरान पंजाब डर के माहौल में रहता था। झूठे मामले आम थे। लोग डरे हुए थे। हमने उस माहौल को खत्म कर दिया। झूठे केस और गुंडागर्दी का संस्कृति खत्म हो गया है। पहले, अखबार दलित भाईचारे के खिलाफ बेरहमी की रिपोर्टों से भरे रहते थे। आज हमने ऐसी घटनाओं को सफलतापूर्वक रोका है। आज कोई भी सरकार से नहीं डरता क्योंकि लोग जानते हैं कि सरकार उनकी सेवा करने के लिए है।”

नशों के खिलाफ लड़ाई के बारे में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही जंग ‘आप’ सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति और हिम्मत का नतीजा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “लोग पूछते हैं कि यह नशा विरोधी मुहिम कहां से आई है। पंजाब में नशे किसने फैलाए। नशे पिछली सरकारों के समय फैले और उनके चाचे और रिश्तेदार नशे बेचते थे। उनका एक सबसे बड़ा नेता आज जेल में बैठा है। पहले न तो पुलिस और न ही प्रशासन के पास उसे छूने की हिम्मत थी। जब हमने कहा कि उसे जेल भेजा जाना चाहिए तो सिर्फ ‘आप’ सरकार थी, जिसके पास ऐसा करने का इरादा था क्योंकि हमने फैसला किया था कि पंजाब के नौजवानों को नशों से मुक्त किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “हिम्मत से, हमने बड़े नशा तस्करों को जेल भेजा है। 28,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और 400 से ज्यादा नशा तस्कर इस समय सलाखों के पीछे हैं। सरकार ने अब ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ का दूसरा चरण शुरू किया है। कल से हर गांव और हर घर में जाओ और लोगों को स्पष्ट रूप से बताओ कि अगर वे इन पार्टियों को दोबारा वोट देते हैं तो पंजाब में नशे वापस आ जाएंगे और इस बार ये राज्य को पूरी तरह तबाह कर देंगे। गलती से भी इन पार्टियों को वोट न दो।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब को नशे के संकट से निकालना बहुत मुश्किल रहा है। उन्होंने कहा, “बहुत हिम्मत और मेहनत से हम पंजाब को नशों से बाहर निकाल रहे हैं। घर-घर जाकर लोगों को समझाओ कि अगर ये लोग सत्ता में वापस आते हैं तो 10,000 रुपये के बिजली बिल वापस आ जाएंगे। हमने बहुत मुश्किल से पंजाब की वित्तीय स्थिति को ठीक किया है। हमने राज्य के बजट का प्रबंधन किया है और लोगों को सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।”

लोक कल्याण का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली में मैंने मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए मोहल्ला क्लीनिक बनाए। अब वहां भाजपा सरकार सत्ता में आ गई है और वे एक-एक करके मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर रहे हैं। आपने यह अखबारों में पढ़ा होगा। अगर उन्हें सत्ता में लाया गया तो वे सारे मोहल्ला क्लीनिक बंद कर देंगे। अगर उन्हें सत्ता में लाया गया तो वे उन स्कूलों को बंद कर देंगे, जिनकी हम इतनी मेहनत से मरम्मत कर रहे हैं।”

रोजगार पैदा करने के बारे में प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “आज पंजाब में नौकरियां दी जा रही हैं। पहले एक भी सरकारी नौकरी रिश्वत या सिफारिशों के बिना नहीं मिलती थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 60,000 नौकरियां दी हैं। मुझे एक ऐसा व्यक्ति दिखाओ, जो कहता है कि उसने रिश्वत देकर नौकरी प्राप्त की है। मुझे एक ऐसा व्यक्ति दिखाओ, जो कहता है कि उसे सिफारिश से नौकरी मिली है। आज गरीब किसानों और मजदूरों के बच्चों को सिर्फ योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्हें पुलिस और प्रशासन में भर्ती किया जा रहा है। पहली बार, लोगों को ईमानदारी से नौकरियां मिल रही हैं।”

उन्होंने याद किया कि पहले विरोध प्रदर्शन कितने आम हो गए थे। उन्होंने कहा, “पहले, जब मैं और भगवंत सिंह मान पंजाब का दौरा करते थे तो हम हर जगह शिक्षकों और कर्मचारियों को पानी की टंकियों पर बैठे देखते थे। शिक्षकों को क्लास-रूम में होना चाहिए। आज, आपको एक भी कर्मचारी पानी की टंकी पर बैठा नहीं मिलेगा। हमने सभी की मांगें पूरी की हैं।”

बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में बोलते हुए, अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज बन रही सड़कों को देखो। हर गांव में शानदार सड़कें बनाई जा रही हैं। लगभग 19,000 किलोमीटर गांवों की सड़कें बनाई जा रही हैं। पंजाब की कुल 64,000 किलोमीटर सड़कों में से, 42,000 किलोमीटर इस समय निर्माणाधीन हैं। गांवों और शहरों में सारी सड़कें छह महीनों के अंदर पूरी हो जाएंगी। आप खुद देखोगे।”

उन्होंने तीर्थ यात्रा पहल के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “हमने तीर्थ यात्राएं शुरू की हैं। हर गांव से एक या दो बसें तीर्थ यात्रा के लिए जा रही हैं। बसें दरबार साहिब, दुर्गियाना मंदिर और वाघा बॉर्डर की ओर जा रही हैं।”

कानून व्यवस्था के बारे में ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि नशों के बाद सरकार गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “जैसे हमने नशों के खिलाफ जंग शुरू की थी, उसी तरह हम गैंगस्टरों के खिलाफ भी जंग शुरू करेंगे। पंजाब में सारे गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क का खात्मा किया जाएगा। हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।”

नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी संभालने का आह्वान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज आप सभी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। जैसे मैंने पहले कहा था, हमारा सिर्फ एक ही लक्ष्य है। हमारे पास जो 38 प्रतिशत वोट शेयर है, उसे 45 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए। यह जिम्मेदारी अब आपके कंधों पर है। लोगों ने आपको मौका दिया है। आप में से बहुत से पहली बार राजनीति में आए हैं। परमात्मा ने आपको यह मौका दिया है।”

अरविंद केजरीवाल ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आप अहंकारी हो जाते हो, अगर आप पैसा कमाने पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देते हो या भ्रष्टाचार में शामिल हो जाते हो तो आपका राजनीतिक जीवन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर आप खुद को सेवा के लिए समर्पित कर देते हो, तो परमात्मा आपको बहुत दूर ले जाएगा। यह संभव है कि मान साहिब के बाद, पंजाब का अगला मुख्यमंत्री आज इसी हॉल में बैठा हो।”

इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की दूरदर्शी सोच और गतिशीलता ने पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को अपने चुनावी घोषणा-पत्रों को दोबारा लिखने और अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल के कारण इस देश की राजनीति बदल गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली सिर्फ ‘आप’ के कारण राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आए हैं। इससे पहले किसी भी राजनीतिक पार्टी ने कभी इन क्षेत्रों की चिंता नहीं की, भले ही ये आम आदमी के लिए सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।”

नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने लोगों से सीधा संबंध बनाकर ये चुनाव जीते हैं, उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के चुनाव विधानसभा या संसदीय चुनावों से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा, “आप लोगों में काम करके विजेता बनकर उभरे हो। इस जीत का उपयोग राजनीति में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए किया जाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि आप में से बहुत से भविष्य में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।” उन्होंने कहा, “यह दूसरी पार्टियों के बिलकुल उलट है, जहां परिवारवाद की राजनीति भारी होती है और टिकटें परिवारों में ही बांटी जाती हैं।”

अकाली दल पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की कि पार्टी श्री मुक्तसर साहिब में होने वाली माघी कॉन्फ्रेंस के लिए स्पीकर ढूंढने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा, “उनके पास लोगों को संबोधित करने के लिए कोई नेता नहीं बचा है।” उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करवाए गए। “यही कारण है कि कई सीटों पर जीत का अंतर बहुत कम था। लोग ‘आप’ की लोक-पक्षीय नीतियों के कारण बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं, जबकि कई पार्टियां उम्मीदवार भी नहीं ढूंढ पा रही हैं क्योंकि जनता उनकी विभाजनकारी राजनीति से तंग आ चुकी है।”

उन्होंने कहा कि तीखे मुकाबले के दौरान लोगों के लिए आवाज बुलंद करना और जीतना वाकई प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और अकालियों का कोई एजेंडा नहीं है। वे सिर्फ सत्ता में वापस आने की अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि लोग पंजाब और जन कल्याण के खिलाफ उनकी संदिग्ध भूमिका से पूरी तरह वाकिफ हैं।”

इकट्ठ को संबोधित करते हुए वरिष्ठ ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि नव निर्वाचित सदस्यों को लोगों ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा, “यह जनादेश पंजाब सरकार की जन हितैषी और विकास-मुखी नीतियों में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।”

मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के दूसरे चरण में उत्साह से हिस्सा लिया था, जिससे इसने बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने कहा, “पंजाब की आत्मा इसके गांवों में बसती है और मुझे विश्वास है कि आप गांवों के विकास और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करोगे।”

पूरी सरकारी सहायता का भरोसा देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार आपके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। मैं आपको पंचायतों के साथ तालमेल करके काम करने की सलाह देता हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सारे परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बिना किसी देरी के तैयार किए जाएं।” 

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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E-20 के खिलाफ टाउनहॉल में बोले केजरीवाल, ‘‘देश को पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प दे सरकार

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आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन ब्लब में आयोजित नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20 को देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सवालों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में देकर ऑनलाइन और ऑफलाइन टाउनहॉल को देख रहे 7 लाख से अधिक लोगों को हंसने और जबरदस्ती ई-20 के थोपने के पीछे की वजह को समझने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों की तरफ से मोदी सरकार के सामने तीन मांगे रखी। पहला, पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प होना चाहिए। दूसरा, शुद्ध पेट्रोल से ई-20 सस्ता होना चाहिए और तीसरा, पेट्रोल का दाम 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी, ट्रम्प को खुश करने के लिए हमारे देश के लोगों पर ज़बरदस्ती इथेनॉल थोप रहे हैं। अमेरिका इथेनॉल का उत्पादन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर इथेनॉल आयात किया था। इस साल ई-20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक इथेनॉल इंपोर्ट करेगा। ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दें। जब तक देश में ई-100 की गाड़ियां बननी शुरू न हो जाएं, गाड़ी न खरीदें। यह सरकार आपको बर्बाद कर देगी।

सरकार और उसके मंत्री बार-बार ई-20 को सुरक्षित और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को एंटी नेशनल बता रहे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने ई-20 मिलावटी पेट्रोल हमारे देश के ऊपर थोपा है। इससे देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है। 7 लाख से ज्यादा लोग इस मुद्दे पर अपना समर्थन प्रकट करने के लिए जुड़े हैं। मुझे पूरा यकीन है कि केंद्र सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही होगी। जब भी इनके मंत्री आते हैं, तब कहते हैं कि ई-20 सेफ है, ई-20 से कोई प्रॉब्लम नहीं है और ई-20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले एंटी-नेशनल हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आज हमने इतनी सारी टेस्टिमनीज उनके सामने रखीं और इतने सबूत रखे। लोकल सर्कल्स नाम की एक संस्था ने देशभर में गाड़ियां इस्तेमाल करने वाले 45 हजार लोगों का सर्वे किया। उसमें पता चला कि 67 फीसद लोगों की माइलेज कम हो गई और 45 फीसद लोगों के इंजन खराब हो गए। आज इतने लोगों ने अपनी व्यथा रखी, क्या ये सारे झूठे हैं और यह सारा गलत है? फिर भी इनके मंत्री आकर कहते हैं कि ई20 ठीक है।

अगर ई-20 पर सरकार की कोई रिपोर्ट या स्टडी है तो देश के सामने रखे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जवाब में कोई रिपोर्ट, कोई वैज्ञानिक स्टडी या कोई इंजीनियरिंग की बात तो रखे, लेकिन वे कुछ नहीं रखेंगे। वे कहते हैं कि उन्होंने स्टडी करा ली है। अगर स्टडी करा ली है तो उसकी कोई रिपोर्ट तो होगी, वे उस रिपोर्ट को दिखाएं। हम भी पढ़े-लिखे हैं और उनसे ज्यादा ही पढ़े-लिखे हैं। उनकी डिग्री तो नकली है, लेकिन हमारी डिग्री असली है। मेरी डिग्री लोगों ने आरटीआई के तहत मांग रखी है और मेरे इंस्टिट्यूट आईआईटी खड़गपुर ने वह दी हुई है। मैंने उनकी डिग्री मांग ली, तो मेरे खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया गया। गुजरात में मेरे खिलाफ ट्रायल चल रहा है कि मैंने उनकी डिग्री क्यों मांगी? अगर उनकी कोई रिपोर्ट है तो वे रिपोर्ट दिखाएं। देश के अंदर इस पर बातचीत तो होनी चाहिए।

लोग सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें, यह सरकार डीजल में भी मिलावट करने की योजना बना रही- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार कह रही है कि ई-25, ई-30 या ई-40 अभी नहीं ला रहे, अभी स्टडी चल रही है। वे बस यह देख रहे हैं कि यह मुद्दा कितने दिन में ठंडा पड़ता है। जैसे ही मुद्दा शांत होगा वे ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे। वे कोई स्टडी नहीं कर रहे, गुंडागर्दी कर रहे हैं और देश के साथ जबरदस्ती कर रखी है। इसलिए मेरी अपील है कि पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दो। जैसे ई-10 वाली गाड़ियों में धक्का करके ई-20 ले आए और गाड़ियां खराब हो गईं। अगले साल ई-10 वाली गाड़ी में ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे और भट्ठा बैठ जाएगा। अभी ई-20 वाली गाड़ियां मार्केट में मिल रही हैं, कल उसमें ई-30 आ गया तो वो भी खराब हो जाएंगी। पहले सरकार को ई-100 ले आने दो, उसके बाद गाड़ी खरीदना। खरीदनी हो तो इलेक्ट्रिकल व्हीकल खरीदना, डीजल वाली भी मत खरीदना, क्योंकि ये लोग डीजल में भी मिलावट करने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब तक भारत के अंदर ई-100 की गाड़ी बनना शुरू न हो जाए, कोई गाड़ी मत खरीदना। ये धोखा दे रहे हैं, ई-10 की गाड़ी में ई-20 डालेंगे, ई-20 की गाड़ी में ई-50 डालेंगे, 50 की गाड़ी में ई-100 डालेंगे। इन्होंने धक्का कर रखा है।

कई ऑटो निर्माता कंपनियां भी मान रहीं, 2023 से पहले की गाड़ियों में ई-20 सुरक्षित नहीं, पर मोदी सरकार के डर से लिखकर देने को तैयार नहीं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने भारत में पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बनाने वाली 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी। मैंने उनसे दो ही चीजें पूछीं कि 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई-20 इस्तेमाल हो सकता है क्या? अगर हो सकता है और किसी की गाड़ी खराब हो जाए या माइलेज कम आए, तो क्या वे लिखकर देंगे कि हर्जाना वे देंगे? किसी का लिखित जवाब नहीं आया, लेकिन नौ कंपनियों के अफसरों से मेरी डिटेल में बात हुई। वे बोले कि 2023 के पहले वाली गाड़ियां ई-10 थीं, उनमें ई-20 इस्तेमाल नहीं हो सकता। सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है, ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी और माइलेज दोनों खराब होगी। अफसरों ने बताया कि अगर वे लिखकर देंगे तो प्रधानमंत्री धमकी दे रहे हैं कि फैक्ट्री बंद करा दूंगा, इनकम टैक्स की रेड करा दूंगा, प्लांट बंद कर दूंगा और ईडी भेज दूंगा। कंपनियों का कहना है कि अगर उन्होंने सरकार के कहने पर लिखकर दे दिया कि ई-20 सही है, तो कंज्यूमर कोर्ट में जाकर लोग हर्जाना मांगेंगे। ना वे ये लिखकर दे सकते हैं और ना वो, क्योंकि सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है।

पूरा देश ई-20 से परेशान है, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक चुटकुला है कि रूस, अमेरिका और भारत की पुलिस के बीच शेर पकड़ने का कंपटीशन हुआ। रूस की पुलिस पांच दिन में और अमेरिका की पुलिस एक दिन में शेर पकड़ लाई। लेकिन मोदी जी की पुलिस ने तीन दिन बाद एक कुत्ते को पकड़कर मारना शुरू कर दिया कि बोल मैं शेर हूं। यही हाल सरकार ने हमारे साथ कर रखा है। इतने सारे लोग ई-20 से परेशान होकर सच बोल रहे हैं, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है। अब तो जो भाजपा वाले इसे विपक्ष का एजेंडा या एंटी-नेशनल बता रहे थे, वे भी अब इन्हें गालियां दे रहे हैं।

पेट्रोल से इथेनॉल महंगा है, इससे न विदेशी मुद्रा बचती है और ना किसानों को ही फायदा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है। सारे टैक्स हटा दें तो पेट्रोल 50 रुपए और एथेनॉल 70 रुपए पड़ता है। कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण एथेनॉल की माइलेज भी कम है। सरकार कह रही थी कि एथेनॉल से फॉरेन एक्सचेंज बचती है, लेकिन कई कैलकुलेशन से साफ हो गया है कि इससे कोई फॉरेन एक्सचेंज नहीं बचती। एथेनॉल से किसान को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है, बल्कि जहां इसके प्लांट लगे हैं वहां 20-20 किमी तक पानी और जमीन बर्बाद हो गई है, जिससे किसान दुखी है। अगर एथेनॉल से कोई फायदा नहीं है तो मोदी जी इसे पूरे देश में जबरदस्ती क्यों थोप रहे हैं?

इस साल भारत सरकार अमेरिका से 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट करेगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की रिसर्च में सामने आया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील साइन हुई है। उसमें लिखा है कि अगले 5 साल में भारत को अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना कंपलसरी है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है लेकिन वहां इसकी खपत नहीं है। अमेरिका में ई-10 से भी कम का इस्तेमाल होता है और वहां भी पेट्रोल पंप पर ऑप्शन मिलती है। ई-20 लागू करने के बाद इस साल भारत, पिछले साल के मुकाबले पांच गुना ज्यादा एथेनॉल इंपोर्ट करेगा और यह सारा अमेरिका से आएगा। पिछले साल 1 बिलियन लीटर एथेनॉल अमेरिका से इंपोर्ट किया गया था। इस साल 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट किया जाएगा। ट्रंप को खुश करने के लिए भारत के ऊपर जबरदस्ती एथेनॉल थोपा जा रहा है।

मोदी जी की ट्रम्प के आगे झुकने की क्या मजबूरी है, ये नहीं पता, पर उन्होंने पूरा देश बेच दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि 2030 तक देश के अंदर ई-20 लागू करेंगे, लेकिन ट्रंप के आने के बाद मोदी जी कह रहे हैं कि 2025-2026 में ही ई-20 लागू कर दिए। 5 बिलियन लीटर का मतलब हुआ लगभग ढाई बिलियन डॉलर। एक साल में ढाई बिलियन डॉलर का एथेनॉल भारत अमेरिका से खरीदेगा। 5 साल में 15 से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम खरीदेंगे। 100 बिलियन डॉलर के सामान में से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम अमेरिका से खरीदेंगे, जिसकी हमें कोई जरूरत नहीं है। मोदी जी की जो भी मजबूरी हो, कोई कहता है एपस्टीन फाइल है, कोई कहता है अडानी को बचाना है। मुझे नहीं पता उनकी ट्रंप के सामने क्या मजबूरी है, लेकिन उन्होंने पूरा देश बेच दिया, लोगों की गाड़ियां खराब कर दीं और देश का बेड़ा गर्क कर दिया।

जब जनता के अंदर डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि युवाओं का आंदोलन अभी सफल हुआ और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उसका टर्निंग पॉइंट क्या था? मोदी जी को बड़ा गुरूर था कि इन बच्चों को तो वे देख लेंगे। एक दिन उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती वहां से उठा दिया। उनको लगा कि सोनम वांगचुक को उठा देंगे तो धरना खत्म हो जाएगा, लेकिन धरना और बढ़ गया। फिर 20 जुलाई को उनको लगा कि इनको डंडे मारो, आंसू गैस छोड़ो। उन्होंने अपने ही बच्चों के सर फोड़ दिए, टांगे तोड़ दीं और खूब मारा। उनको लगा कि मां-बाप और बच्चे डर जाएंगे। लोग डर भी जाते हैं, मां-बाप कहते हैं कि खबरदार जो गया। लेकिन कुछ तो चमत्कार हुआ। एक बार तो जंतर-मंतर खाली हो गया था, लेकिन रात होते-होते 20 जुलाई की रात को 4-5 हजार से लेकर 10 हजार लोग जंतर-मंतर पहुंच गए। जब जनता के बीच से डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है। 20 जुलाई की रात ने ही तय कर दिया था और उसी दिन मैंने अपने दोस्तों को बोल दिया था कि अब तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा।

लोग डरें नहीं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें, मोदी जी कितनों को जेल भेजेंगे?- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने मुझे जेल में डाला। अगर मैंने कुछ गलत काम किया होता और मेरे मन में कन्विक्शन का डर होता, तो मैं भी भाजपा या एनडीए में चला जाता और उनसे दोस्ती कर लेता। मुझे पता था कि आज नहीं तो कल, न्याय तो मिलेगा ही। मैं जेल चला गया और अब मेरे मन से भी जेल का डर निकल गया है। मैं छह महीने रहकर आया हूं, छह साल भी रह लूंगा। जिस दिन जनता के मन से जेल और डंडे का डर खत्म हो जाता है, उस दिन जनता की जीत हो जाती है। कुछ लोग डरे हुए हैं, उन्हें वीडियो डालने में भी डर लगता है। एक बार मन से डर निकाल दो और सभी लोग वीडियो डालना चालू कर दो। देखते हैं मोदी जी कितने लोगों को जेल भेजेंगे। मोदी जी की ईडी, सीबीआई, पुलिस, इनकम टैक्स और सारी एजेंसियां छोटी पड़ जाएंगी।

मोदी सरकार डराकर हम पर शासन कर रही है, हमें अपने मन से डर निकालना पड़ेगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बार हम सोचते हैं कि अंग्रेज तो 80 हजार थे और उस समय देश की जनता 30 करोड़ थी, तो 80 हजार लोगों ने 30 करोड़ लोगों पर कैसे शासन कर लिया। आज भी वही बात है। मोदी जी की कितनी पुलिस और कितनी एजेंसियां हैं, जबकि हम 140 करोड़ लोग हैं। 140 करोड़ लोगों ने जब मिलकर अपनी आवाज उठा दी, तो मोदी जी को झुकना पड़ेगा। सब लोगों को अपने मन से डर निकालना पड़ेगा। सभी लोग खूब वीडियो बनाओ, अपने और दोस्तों के वीडियो सोशल मीडिया पर डालो। मुझे टैग करो और कोलैब रिक्वेस्ट भेजो, मैं सबके वीडियो शेयर करूंगा। मुझे इनसे डर नहीं लगता।

सरकार ने तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरदस्ती पेट्रोल महंगा कर रखा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के सामने देश की जनता की तरफ से तीन मांगें रखी। पहली, हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प मिलना चाहिए। लोग की मर्जी है कि वे प्योर पेट्रोल लें या ई-20। अगर सरकार यह ऑप्शन देगी और ई-20 बिका, तो इसका मतलब ई-20 सही है। यह मार्केट है, मार्केट को तय करने दें। जिसे ई-20 खरीदना हो वह ई-20 खरीदे और जिसे प्योर पेट्रोल खरीदना हो वह प्योर पेट्रोल खरीदे। दूसरी मांग यह है कि ई-20 प्योर पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी मांग यह है कि आज जबरदस्ती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोल महंगा कर रखा है, इसलिए पेट्रोल 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए। लोग कैलकुलेट भी कर सकते हैं कि ई-20 की वजह से सालाना और 5 साल में उनके घर में कितने पैसे का नुकसान होगा।

जब टाउनहॉल में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी…

ई-20 के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल में बैठे लोगों के अंदर उस वक्त जोश भर गया, जब कॉमेडियन श्याम रंगीला मंच पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीएम की आवाज में कहा कि आज अरविंद केजरीवाल ने मेरे लिए कुर्सी लगाई है, लेकिन मुझे वे इस कुर्सी पर भी बैठे हुए ठीक नहीं लग रहे हैं, यह देखकर मुझे थोड़ी पीड़ा होती है। हमने अच्छे दिनों का वादा किया था और आज जनता इकट्ठा होकर यही मांग कर रही है कि पिछले दिन वापस आने चाहिए। एक साल पहले जब पेट्रोल शुद्ध और सही रेट में मिलता था, तब लोगों को एहसास ही नहीं हुआ कि वे अच्छे दिन थे। अब जनता की आंखें खोलने के लिए ही हम ई-20 लेकर आए हैं और पेट्रोल का रेट बढ़ाया है, ताकि लोगों को अब वो अच्छे दिन नजर आने लगें। हम इसी प्रकार देश हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल और ई-20 का अनुभव साझा कर रहे लोगों के सवालों के जवाब भी प्रधानमंत्री की आवाज में देकर सबको खूब हंसाया।

7 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन देखा टाउनहॉल

कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस टाउन हॉल को ऑनलाइन भी रिकॉर्ड समर्थन मिला। जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किसी अन्य टॉउनहॉल को शायद ही इतना समर्थन मिला होगा। सुबह 11ः30 बजे से शुरू हुए टाउनहॉल से धीरे-धीरे लोग जुड़ते थे और हर मिनट हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। कार्यक्रम खत्म होने से ठीक पहले तक 7 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन टाउनहॉल को देख रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के अंदर ई-20 को लेकर कितनी नाराजगी और असंतोष है।

कांस्टीट्यूशन क्लब का हॉल खचाखच भरा, बाहर लगी स्क्रीन पर भी सैकड़ों लोगों ने देखा

इस टॉउन हॉल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जैसी उम्मीद जताई जताई थी कि टाउनहॉल में बड़ी तादात में लोग हिस्सा लेंगे, वैसा ही हुआ। क्लब का जो हॉल बुक किया गया था, वह पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। यहां तक की बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर भी कार्यक्रम देख रहे थे। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बाहर भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी और वहां भी सैकड़ों लोगों ने पूरा कार्यक्रम देखा।

नाटक के जरिए भी ई-20 को लेकर केंद्र सरकार को दिखाया आइना

टाउनहाल कार्यक्रम की शुरूआत ही एक नाटक के जरिए की गई। यह नाटक कौन बनेगा करोड़पति से प्रेरित था। इसमें कुछ युवाओं ने ई-20 के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और फायदे के बारे में बड़े तार्किक ढंग से समझाने की कोशिश की। नाटक के जरिए युवाओं ने देश की जनता को समझाने की कोशिश की कि ई-20 कहीं से भी पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है और ना तो कोई फायदा है। अगर किसी को फायदा हो रहा है तो वह सिर्फ सरकार और तेल कंपनियों को हो रहा है।

लोगों ने टाउनहॉल में साझा किए ई-20 के अनुभव

ई-20 से सिर्फ रबर पार्ट्स ही नहीं, फ्यूल पंप भी खराब हो रहे- मनीष कश्यप, यू-ट्यूबर

टाउन हॉल में देश की जानी-मानी शख्सियत मनीष कश्यप ने कहा कि कम सेकम अरविंद केजरीवाल ने उन 30 करोड़ गाड़ियों की आवाज सुनी, जो खुद बोल नहीं सकतीं। चुनाव के बाद सिर्फ जनता के हित की बात होनी चाहिए। मैंने टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड गाड़ी ली थी। 12 हजार किमी चलने पर गाड़ी ने पिकअप लेना बंद कर दिया। देश के 1.03 लाख पेट्रोल पंपों में से मात्र पांच से सात हजार पेट्रोल पंप ही ई-20 के लायक हैं। सरकार 300 रुपए के रबर पार्ट बदलने की बात कहती है, लेकिन ई-20 से सबसे पहले 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का फ्यूल पंप खराब होता है। मेरी गाड़ी खराब होने पर सर्विस सेंटर ने 7,960 रुपए का बिल बनाया, जिसमें 9 फीसद स्टेट और 9 फीसद सेंट्रल जीएसटी सरकार को गया। एक साल बाद गाड़ियों की सर्विसिंग कॉस्ट डेढ़ गुना हो जाएगी।

इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है- डॉ. अनुपम सैनी, प्रोफेेसर

इस दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के पर्यावरण अध्ययन के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपम सैनी ने कहा कि ई-20 के बारे में यह कड़वा सच छुपाया गया है कि इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है। एक लीटर इथेनॉल बनाने में लगभग 40 से 50 फीसद कार्बन फुटप्रिंट जनरेट होता है। गाड़ियों के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं की तुलना में खेतों से निकलने वाला यह जहरीला धुआं बहुत ज्यादा खतरनाक है। भारत में गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए औसतन 2500 से 3000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि हमारा देश पानी के भारी संकट से जूझ रहा है। इसके अलावा देश में 70 फीसद बिजली अभी भी कोयले से बन रही है। एक लीटर पेट्रोल 10 से 20 यूनिट ऊर्जा देता है, जबकि इथेनॉल केवल डेढ़ से पांच यूनिट ऊर्जा पैदा करता है, जिससे गाड़ी की एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है।

ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह खराब हो गया- नीरज झा, जोमैटो राइडर

वहीं, जोमैटो राइडर नीरज झा ने कहा कि मैं जोमैटो के लिए डिलीवरी राइडर का काम करता हूं। ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह से खराब हो गया है और मैं पिछले दो महीने से बेरोजगार बैठा हूं। पहले मैं 95 रुपए प्रति लीटर वाला पेट्रोल डलवाता था, लेकिन अब यह महंगा होकर 115 रुपए हो गया है। पहले मैं जोमैटो से काम करके महीने के 15 से 20 हजार रुपए आसानी से कमा लेता था, लेकिन अब काम बंद होने की वजह से मेरी कमाई पूरी तरह से रुक गई है। मेरी नई बाइक पहले बिल्कुल सही चल रही थी, लेकिन जब इंजन में दिक्कत आने पर मैंने उसे मैकेनिक से चेक कराया, तो उसने बताया कि इंजन में पानी चला गया है। जब मैंने खुद देखा तो सच में इंजन से पानी निकला। मुझे नहीं पता कि वह पानी इथेनॉल था या कुछ और था। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मेरी इस हालत के लिए असल में जिम्मेदार कौन है?

ई-20 की वजह से पुरानी गाड़ियों के कार्बोरेटर में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही- आमिर खान, मैकेनिक

उधर, मोटर मैकेनिक आमिर खान ने कहा कि मुझे टू-व्हीलर और पेट्रोल गाड़ियों की रिपेयरिंग का 12 साल का लंबा अनुभव है। ई-20 पेट्रोल की वजह से पुरानी बीएस4 और बीएस3 गाड़ियों के कार्बाेरेटर में बहुत ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। अगर आप गाड़ी में ई-20 डलवाने के बाद उसे 15 से 20 दिन या एक महीने के लिए खड़ी कर देते हैं, तो कार्बाेरेटर के नीचे वाले हिस्से में जहां पेट्रोल इकट्ठा रहता है, वहां गाद और काई जम जाती है। वहां एक मीठा पदार्थ बन जाता है, जिससे कार्बाेरेटर पूरी तरह खराब हो जाता है और गाड़ी चलना बंद हो जाती है। यह दिक्कत पहले की गाड़ियों में नहीं आती थी। नई बीएस6 गाड़ियों में भी ई-20 डालने के बाद पिकअप और माइलेज बहुत ज्यादा ड्रॉप हो जाती है और रास्ते में चलते-चलते गाड़ी अचानक बंद हो जाती है। बीएस-6 बाइक के फ्यूल टैंक के अंदर एक फ्यूल पंप होता है जिसमें एक फिल्टर लगा होता है। ई-20 पेट्रोल की वजह से यह फिल्टर बहुत ही जल्दी चोक हो जाता है, जिसके कारण गाड़ियों की सर्विस कॉस्ट आज के समय में काफी ज्यादा बढ़ गई है।

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चार अगस्त को ई-20 के खिलाफ आई 2 लाख पीटिशन लेकर प्रधानमंत्री से मिलने जाऊंगा- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह 4 अगस्त (मंगलवार) को ई-20 के खिलाफ देश के लोगों से ऑनलाइन मिली पीटिशन को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकलूंगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मेरे साथ प्रधानमंत्री के घर वहीं लोग चलें, जिन्हें डंडे और जेल जाने से डर नहीं लगता है। साथ ही उम्मीद जताई कि नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, उन्हें भी वहां तक जाने दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने देश के लोगों से प्रधानमंत्री के नाम पिटीशन साइन करने को कहा था। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन साइन की है। मैंने उनके प्रिंट आउट ले लिए हैं और मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे सारी पिटीशन लेकर मैं खुद व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को देने उनके घर जाऊंगा। सब लोगों को आने की जरूरत नहीं है। मैं अपने साथ सिर्फ 100 ऐसे लोग लेकर जाऊंगा जिन्हें डंडे या जेल जाने से डर नहीं लगता। जो लोग जाना चाहते हैं, वे मुझे टैग करके लिख दें। हम 100 लोगों को साथ ले जाएंगे और प्रधानमंत्री के घर की तरफ कूच करेंगे, फिर देखते हैं उसके बाद क्या होता है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे उन पर एफआईआर करा देते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनकी नाक में इन्होंने दम कर रखा है। इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है और ई-20 में गड़बड़ है। अगर ई-20 सही होता तो वे आमने-सामने बैठकर बात करते। दो सबूत हम रखते और दो सबूत वे रखते। लेकिन जब वे धमकी देकर कुछ करा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। एलान करके प्रधानमंत्री आवास जाने और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, मुझे उम्मीद है कि हमें भी वहां तक तो जाने ही देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के सामने कमजोर पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री की कुछ तो मजबूरियां हैं, जिसकी वजह से उन्होंने पूरे देश को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है और देशवासी बहुत दुखी हैं। प्रधानमंत्री की जो भी मजबूरियां हों, हम उनसे निवेदन करते हैं कि अगर वे अपनी मजबूरियों को फेस नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दें। वे किसी और को प्रधानमंत्री बनने दें, जो कम से कम ट्रंप की आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर सके, लेकिन पूरे देश को दुखी न करें।

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