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अपराध के प्रति कड़ा रुख; भगवंत मान सरकार के ‘अपराध-मुक्त’ Punjab के लक्ष्य को साकार कर रहीं महिला पुलिस कर्मी

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पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी महत्त्वपूर्ण ऑपरेशनों का नेतृत्व करते हुए , भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के अपराध और गैंगस्टर-मुक्त पंजाब के निरंतर प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रही हैं व आधुनिक पुलिसिंग की अग्रिम पंक्ति में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रही हैं। गैंगस्टर विरोधी अभियानों की निगरानी से लेकर समुदाय-केंद्रित पहलों को आगे बढ़ाने तक, ये अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं, बल्कि पुलिस बल में नेतृत्व की अपनी नई परिभाषा भी गढ़ रही हैं।

नेतृत्व पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील पुलिस बलों में शामिल कर दिया है। महिला अधिकारी ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं। ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से सुरक्षित कर रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी की युवतियों को भी पुलिस सेवा में आने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

पंजाब सरकार के सहयोग से वर्तमान में कुल 79 महिला अधिकारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें स्पेशल डीजीपी से लेकर डीएसपी तक के पद शामिल हैं। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, इन महिला अधिकारियों में 4 डीजीपी, 1 एडीजीपी, 2 आईजीपी/सीपी, 2 डीआईजी, 18 एसएसपी/एआईजी/कमांडेंट (जिनमें 3 एसएसपी), 23 एसपी, 1 एएसपी और 28 डीएसपी शामिल हैं। कुल 79 में से 5 अधिकारी फील्ड पदों का नेतृत्व कर रही हैं, जहाँ वे ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ जैसे अभियानों की निगरानी और भागीदारी करती हैं। ये अधिकारी अपराध से निपटने में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं और उनके परिवार तथा सहकर्मी उन पर गर्व महसूस करते हैं।

मजबूत शैक्षणिक और प्रशिक्षण पृष्ठभूमि के साथ, महिला पुलिस अधिकारियों ने संचालन और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में अपनी नेतृत्व क्षमता को शीघ्र ही स्थापित किया है।

यह किसी से छिपा नहीं है कि पंजाब पुलिस की महिला अधिकारियों ने पुलिसिंग के मानकों को ऊँचा उठाया है। वे न केवल मैदान में सक्रिय हैं, बल्कि तकनीक में दक्ष, अपराध नियंत्रण के प्रति सजग और पंजाब को राष्ट्र के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बनाने के लक्ष्य के प्रति स्पष्ट हैं।

फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग का आधार लिंग नहीं, बल्कि क्षमता और समन्वय है।महिला अधिकारी संचालन के हर स्तर पर अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा,“मेरे अनुसार पुलिसिंग साहस, क्षमता और प्रतिबद्धता पर आधारित है, न कि लिंग पर। ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ जैसे अभियानों में महिला अधिकारियों ने इन तीनों का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। गैंगस्टर विरोधी अभियान यह दर्शाते हैं कि आधुनिक पुलिसिंग खुफ़िया जानकारी व सामूहिक नेतृत्व पर आधारित है।”

फरीदकोट की एसएसपी ने कहा, “महिला अधिकारी योजना और क्रियान्वयन के चरणों में अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व करती हैं। एक विशेष मामले में, एक आदतन अपराधी नेटवर्क को निशाना बनाकर चलाए गए देर रात के ऑपरेशन के दौरान हमारी महिला पीसीआर टीम ने इलाके की महिलाओं से महत्त्वपूर्ण स्थानीय खुफ़िया जानकारी प्राप्त की, जो अक्सर पुरुष टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। उसी जानकारी के आधार पर अगली सुबह सीधे गिरफ्तारियाँ संभव हो सकीं।”

उन्होंने चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा, “हम साक्ष्य-आधारित पूछताछ करते हैं और मानसिक दबाव में भी शांत रहते हैं, जिससे सफलता मिलती है। सूचना की असमानता और समय की संवेदनशीलता बड़ी चुनौतियाँ हैं। पुलिसिंग में आज विविध नेतृत्व शैली आवश्यक है l महिला अधिकारियों को मुख्यधारा में लाना, उन्हें प्रशिक्षित करना और उन्हें विभिन्न संचालनात्मक भूमिकाओं में तैनात करना संस्थागत परिपक्वता को दर्शाता है।”

एसएसपी ने कहा, “पुलिसिंग अंततः सेवा और जवाबदेही का कार्य है। चाहे पुरुष हो या महिला, हर अधिकारी की जिम्मेदारी समान है। फरीदकोट में मेरा प्रयास एक ऐसा पुलिस बल तैयार करना रहा है, जहाँ प्रत्येक अधिकारी को नेतृत्व करने, योगदान देने और ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने का समान अवसर मिले।”

‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ के तहत पंजाब पुलिस की कार्रवाई में उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं।

अभियान की शुरुआत से अब तक पुलिस बल ने राज्य भर में गैंगस्टर सहयोगियों से जुड़े चिन्हित स्थानों पर 59,015 छापेमारी की है और 21,154 गिरफ्तारियाँ की हैं। इस दौरान पुलिस टीमों ने 888 घोषित अपराधियों को भी गिरफ़्तार किया है।

फरीदकोट रेंज की आईजीपी ‘निलांबरी जगदाले’ ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अपराध को जड़ से खत्म करना है। “गैंगस्टरवाद , नशा तस्करी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के दृढ़ संकल्प के साथ, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के निर्देशों में, टीमें पूरे राज्य में गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों, असामाजिक तत्त्वों, नशा तस्करों और संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ लगातार लक्षित और कड़ी कार्रवाई कर रही हैं।”

उन्होंने कहा, “इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करना,उनकी गतिविधियों को पूरी तरह ध्वस्त करना और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। इसी क्रम में ‘ऑपरेशन प्रहार 1.0’ और ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ शुरू किए गए।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नेतृत्व और साहस का संबंध लिंग से नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “महिला हो या पुरुष, नेतृत्व क्षमता,योजनाबद्धता और साहस , किसी भी लिंग पर निर्भर नहीं करते। मेरा मानना है कि महिला अधिकारी समन्वय में बेहतरीन कार्य कर रही हैं और पंजाब पुलिस के कर्मियों के पास उत्कृष्ट कौशल है। पीड़ित और गवाह, महिला अधिकारियों पर भरोसा करते हैं और अपनी समस्याएँ साझा करने में कभी हिचकिचाते नहीं हैं। ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ के तहत हमने विभिन्न मामलों को संभाला है और चुनौतियाँ हर बार अलग होती हैं। हमें हमेशा अपराधियों से एक कदम आगे रहकर कार्य करना होता है।

कभी-कभी अपराधी घनी आबादी वाले क्षेत्रों को इस्तेमाल करते हैं, ताकि वहाँ जनता को ढाल बनाया जा सके I लेकिन हमें सक्रिय रहकर पूरी तत्परता के साथ काम करना होता है ताकि उन्हें अपराध करने से रोका जा सके। आजकल गैंगस्टर आधुनिक तकनीक का भी उपयोग कर रहे हैं, और यह वह क्षेत्र है जहाँ हमने अपनी टीमों को और मजबूत किया है। महिला और पुरुष पुलिस बल का संतुलित मिश्रण एक प्रगतिशील राज्य का सकारात्मक संकेत है। यह युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए महत्त्वपूर्ण है।”

इन अभियानों ने संगठित अपराध नेटवर्क के वित्तीय और लॉजिस्टिक ढांचे को भी उजागर कर बाधित किया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर डंप और आईपी डेटा के उन्नत विश्लेषण का उपयोग करते हुए, पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और उनके सहयोगी नेटवर्क पर लक्षित छापेमारी की है, जिससे व्यापक सत्यापन और खुफिया-आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।

एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने पुलिसिंग के परिणामों को मजबूत करने में सामुदायिक भागीदारी को महत्त्वपूर्ण बताया l उन्होंने कहा,”गैंग्स्ट्रां ते वार’ के तहत, खन्ना पुलिस सामुदायिक भागीदारी को एक मुख्य रणनीति के रूप में मजबूत कर रही है। हालांकि इसे अक्सर ‘सॉफ्ट पुलिसिंग’ कहा जाता है, लेकिन इस दृष्टिकोण ने ज़मीनी स्तर पर मजबूत प्रभाव दिखाया है, विशेषकर उन चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जहाँ सिविल प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की गई हैl ‘घर-घर संपर्क मुहिम’ के माध्यम से हमारी टीमें बिना वर्दी के, सिविल कपड़ों में सीधे नागरिकों से जुड़ रही हैं। वे घर-घर जाकर लोगों की शिकायतें सुन रही हैं और महत्त्वपूर्ण मानव खुफ़िया जानकारी एकत्र कर रही हैं।अपराध के खिलाफ लड़ाई एक सामूहिक संघर्ष है, जिसे केवल पुलिस अकेले नहीं जीत सकती, बल्कि पंजाब के लोगों के सक्रिय सहयोग से ही जीता जा सकता है।”

ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई गिरफ़्तारियों को व्यवस्थित रूप से सहयोगियों, रिश्तेदारों और अज्ञात व्यक्तियों की श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया हैl इन्हें आगे A+, A और B श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे अपराधियों की संरचित निगरानी सुनिश्चित हो सके और पूरे पंजाब में निवारक हिरासत, पूछताछ तथा प्रवर्तन रणनीतियों को और मजबूत बनाया जा सके।

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पंजाब पुलिस की कार्रवाई की लोगों ने सराहना, उद्योग और निवेश के लिए बना सुरक्षित माहौल: DGP गौरव यादव

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पंजाब पुलिस राज्य में सुरक्षित और अपराधमुक्त माहौल बनाने के लिए लगातार आधुनिक तकनीक, सामुदायिक पुलिसिंग और जनसंवाद को मजबूत कर रही है। इसी का परिणाम है कि राज्य की औद्योगिक राजधानी लुधियाना में उद्योगपति और आम नागरिक खुलकर पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना कर रहे हैं।

डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया है। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, लोगों के साथ लगातार संपर्क और तकनीक आधारित पुलिसिंग के कारण राज्य में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है।

लुधियाना के उद्योगपति अनमोल सूद ने कहा कि पंजाब पुलिस ने कारोबारी वर्ग को सुरक्षा का मजबूत एहसास दिलाया है। उन्होंने बताया कि एक बार कुछ असामाजिक तत्व उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कुछ ही मिनटों में कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने कहा कि लुधियाना में सामुदायिक पुलिसिंग के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

उद्योगपति संचित सूद ने कहा कि राज्य में आपराधिक गतिविधियों में कमी आने से लोगों का कानून-व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि फिरौती के फोन जैसी घटनाएं अब काफी कम सुनने को मिलती हैं और यह पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों का नतीजा है।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य और नागरिकों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे समर्पित है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर जनसंवाद कार्यक्रमों तक कई आधुनिक पहलें शुरू की गई हैं, ताकि हर नागरिक तक पहुंच बनाकर सुरक्षा की भावना को मजबूत किया जा सके।

पंजाब में बढ़ते निवेश को कानून-व्यवस्था में सुधार का बड़ा संकेत माना जा रहा है। पिछले एक वर्ष में राज्य में करीब 57 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। सरकार का मानना है कि सुरक्षित माहौल और बेहतर पुलिसिंग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री Bhagwant Mann भी राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में विदेश दौरे के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर वैश्विक कंपनियों से चर्चा की। वहीं राजपुरा क्षेत्र में एक नई ग्रीन सीमेंट यूनिट स्थापित करने के लिए 250 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा भी की गई है।

सुभाष चंद्र रल्हाण ने कहा कि पंजाब पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने कारोबारियों और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा की मांग पर पुलिस ने बहुत कम समय में कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया।

करीब चार दशक से लुधियाना में कारोबार कर रहे उद्योगपति अरुण शर्मा ने कहा कि वर्तमान पुलिसिंग व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनी है। अब लोगों में पुलिस के पास जाने का डर कम हुआ है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो रहा है।

तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए पंजाब पुलिस ने लुधियाना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) भी शुरू किया है। इस केंद्र के जरिए ट्रैफिक प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था और पुलिस कंट्रोल रूम संचालन को एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रतिक्रिया समय और जांच क्षमता में सुधार हुआ है।

स्वपन शर्मा ने कहा कि पंजाब पुलिस नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस स्कूलों, व्यापारिक संगठनों, डॉक्टरों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ नियमित बैठकें कर रही है, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके।

संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन गैंगस्टरों पर वार” अभियान का जिक्र करते हुए स्वपन शर्मा ने कहा कि पंजाब पुलिस लगातार अपराधी नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपराध के रास्ते से दूर रहकर शिक्षा और अपने भविष्य पर ध्यान दें।

पंजाब पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक, सामुदायिक पुलिसिंग और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के जरिए राज्य को सुरक्षित, निवेश-अनुकूल और विकासोन्मुख बनाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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कपूरथला में श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित महान कीर्तन कार्यक्रम

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पंजाब सरकार द्वारा आज कपूरथला के गुरु नानक स्टेडियम में श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक बड़ा कीर्तन कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। संतों और महापुरुषों की देखरेख में आयोजित होने वाले सालाना कार्यक्रमों की लड़ी में यह तीसरा बड़ा कीर्तन दरबार था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर गुरबानी कीर्तन सुना।

राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने खास तौर पर शामिल होकर पंजाब सरकार की इस पहल की तारीफ़ की और कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की अनमोल शिक्षाओं और पवित्र बाणी को घर-घर तक पहुंचाने के लिए यह बहुत ही सराहनीय कदम है। उन्होंने भक्तों को गुरु साहिब के दिखाए रास्ते पर चलने का न्यौता दिया।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने कहा कि हम सब बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमें इतिहास के इस महान दौर का हिस्सा बनने का मौका मिला है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने संगत की भावनाओं को समझते हुए गुरु साहिब के 650वें प्रकाश पर्व को पूरे साल मनाने का फैसला किया है।

मंत्री ने प्रण लिया कि सरकार का कर्तव्य सामाजिक और धार्मिक कामों में सहयोग करना है और गुरु साहिब के पवित्र शब्दों का प्रचार पंजाब की हर गली, मोहल्ले और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।

टूरिज्म विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने उस समय की जाति व्यवस्था और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई थी और सामाजिक समानता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह आयोजन फरवरी 2027 तक चलेगा, जिस दौरान 10 बड़े कीर्तन दरबार करवाए जाएंगे।

उन्होंने ऐलान किया कि जल्द ही काशी, बठिंडा, फरीदकोट और जम्मू से शुरू होकर श्री खुरालगढ़ साहिब में खत्म होने वाली चार खास शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इसके अलावा, सभी विधानसभाओं में ड्रोन शो किए जाएंगे और गुरु साहिब के जीवन पर आधारित एक खास फिल्म गांव-गांव दिखाई जाएगी।

इस मौके पर दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक अजय दत्त, डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल, डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन सरबजीत सिंह लुबाना, हलका इंचार्ज करमबीर सिंह चांदी, भुलत्थ से हलका इंचार्ज हरसिमरन सिंह घुम्मण, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन सज्जन सिंह चीमा, ट्रेड कमीशन के चेयरमैन कंवर इकबाल सिंह, इंदरजीत जुगनू, आप नेता परविंदर सिंह और दूसरे बड़े लोग मौजूद थे।

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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने मास्टरशेफ इंडिया की प्रतियोगी हरमनप्रीत कौर को वर्षों पुरानी बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों से राहत दिलाई

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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने पटियाला की 51 वर्षीय उद्यमी तथा मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 की टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाने वाली हरमनप्रीत कौर को बड़ी राहत प्रदान की है। हरमनप्रीत पिछले लगभग एक दशक से ब्रेन हैमरेज से जुड़ी जटिलताओं, जैसे कि क्रोनिक ब्लीडिंग, डायबिटीज और सोरायसिस सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।

करीब दो वर्षों से मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हरमनप्रीत को 30 अप्रैल 2026 को राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 मई को उनका सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। हरमनप्रीत ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने न केवल उनके इलाज का आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि उसे समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।

हरमनप्रीत की स्वास्थ्य समस्याएं वर्ष 2011 में हुए ब्रेन हैमरेज के बाद शुरू हुई थीं, जिसके कारण उन्हें न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक चली बीमारी का असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा। उनकी देखभाल के लिए उनके पति को निजी क्षेत्र की अच्छी नौकरी छोड़नी पड़ी, जबकि इलाज का खर्च लगातार बढ़ता रहा।

कुछ वर्षों बाद, वर्ष 2025 में, पेरिमेनोपॉज के दौरान वे लंबे समय तक लगातार रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हो गईं। उनके गंभीर चिकित्सकीय इतिहास के कारण एनेस्थीसिया से जुड़े किसी भी ऑपरेशन में जोखिम काफी अधिक था। वर्ष 2020 और 2024 में मिरेना इंसर्शन सहित कई उपचार करवाने के बावजूद उनकी समस्या बनी रही और लगभग दो वर्षों तक वह लगातार क्रोनिक ब्लीडिंग से पीड़ित रहीं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रीत कमल सिबिया ने कहा, “हरमनप्रीत, जो रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) की ओर बढ़ रही थीं, पिछले लगभग दस वर्षों से अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। इसके साथ ही उन्हें उच्च रक्तचाप, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपोथायरॉयडिज्म, सोरायसिस और न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं।”

डॉ. सिबिया ने आगे बताया, “उसके गर्भाशय में एक बड़ा फाइब्रॉइड था और पहले भी लंबे समय तक दवाइयों के माध्यम से उपचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विस्तृत जांच के बाद हमारी टीम ने उसका टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा, ऑपरेशन के बाद उसकी रिकवरी सुचारू रूप से हुई और उन्हें संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”

हरमनप्रीत ने बताया कि उपचार के दौरान डॉ. सिबिया की सलाह पर उसने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण करवाया, जिससे उनके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। उसने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भगवंत मान सरकार का धन्यवाद किया तथा डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने मुख्य उपचार के साथ-साथ उसकी डायबिटीज और सोरायसिस जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी पूरा ध्यान रखा।

अपने उद्यमी सफर के लिए जानी जाने वाली हरमनप्रीत ने वर्षों तक पटियाला में टिफिन सेवा, फूड कार्ट और फूड वैन संचालित की है। लंबे समय तक बीमारी से संघर्ष करने के बावजूद उन्होंने खाना बनाने के अपने जुनून को जारी रखा और मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 के टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाया। अब स्वस्थ होने के बाद वे अपने सपनों को फिर से साकार करने की तैयारी कर रही हैं।

कैशलेस इलाज और समय पर मिली स्वास्थ्य सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि इस अनुभव ने सार्वजनिक सेवाओं के प्रति उनका विश्वास फिर से मजबूत किया है और सरकार पर उसका भरोसा और बढ़ा है। उसने कहा, “मेरे जैसे लाभार्थी इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कि किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों, विशेषकर लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती हैं।”

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