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मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत रिकॉर्ड 72.56 लाख महिलाओं ने रजिस्टर किया, मान सरकार पर भरोसे की मुहर: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार की बड़ी वेलफेयर स्कीमों को मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स इस बात का सबूत है कि पंजाब के लोगों को सरकार के वादे पूरे करने के प्रतिबद्धता पर पूरा भरोसा है पन्नू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मावन धीयां सत्कार योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की जानकारी दी, जिसमें जनता की बड़ी भागीदारी और राज्य के लाखों परिवारों को मिल रहे फायदों का ज़िक्र किया।

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि विरोधी पार्टियों ने बार-बार दावा किया था कि मावन धीयां सत्कार योजना कभी लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज आंकड़ों ने खुद उनके झूठ को बेनकाब कर दिया है। पंजाब के लोगों ने मान सरकार पर इसलिए भरोसा किया क्योंकि उन्हें पता था कि यह सरकार अपने हर वादे को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि मावन धीयां सत्कार योजना के तहत 18 साल और उससे ज़्यादा उम्र की 72,56,686 महिलाओं ने रजिस्टर कराया है। उन्होंने आगे कहा कि जिन महिलाओं का रजिस्ट्रेशन बाद में पूरा हो गया है, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें भी तीन महीने का फायदा एक साथ उनके बैंक अकाउंट में मिल जाएगा। पेमेंट की अगली किस्त 1 अगस्त को अकाउंट में क्रेडिट कर दी जाएगी।

जिलेवार आंकड़े शेयर करते हुए पन्नू ने कहा कि लुधियाना में सबसे ज़्यादा 7,86,863 महिलाएं रजिस्टर हुईं, इसके बाद पटियाला में 5,50,035 और अमृतसर में 5,39,285 महिलाएं रजिस्टर हुईं।

इस स्कीम के लॉन्च को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि आप नेता मनीष सिसोदिया ने सही कहा था कि सरकार सिर्फ़ बैंक अकाउंट में पैसे नहीं भेज रही, बल्कि भरोसा भेज रही है। उन्होंने कहा, “पूरे पंजाब में महिलाओं से मिला ज़बरदस्त रिस्पॉन्स यह साबित करता है कि लोगों को भगवंत मान सरकार पर पूरा भरोसा है।”

पिछली सरकारों से तुलना करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि कांग्रेस ने 2017 के चुनाव से पहले खेती के लोन माफ़ करने और नौकरी देने के लिए फ़ॉर्म जमा किए थे, लेकिन न तो फ़ॉर्म और न ही वादे कभी हकीकत बने। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी हर घर में नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन वादा अधूरा रह गया। इसके उलट, मान सरकार जो भी वादा करती है, उसे पूरा करती है।

मुख्यमंत्री हेल्थ स्कीम की सफलता पर रोशनी डालते हुए पन्नू ने कहा कि विपक्ष की यह झूठ फैलाने की कोशिशों के बावजूद कि ये हेल्थ कार्ड कहीं स्वीकार नहीं किए जाएंगे, यह स्कीम एक बड़ी सफलता बनकर उभरी है।

उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत 50 लाख से ज़्यादा लोगों का इलाज हो चुका है, जबकि पंजाब सरकार ने कैशलेस हेल्थकेयर देने पर 917 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह स्कीम 10 लाख रुपये तक का फ्री इलाज देती है और यह सरकारी और लिस्टेड प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध है।

बलतेज पन्नू ने आगे बताया कि पूरे पंजाब में 50 लाख से ज़्यादा हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लुधियाना 5,36,504 कार्ड के साथ सबसे आगे है, इसके बाद पटियाला 4,52,030 कार्ड के साथ और जालंधर 3,65,366 कार्ड के साथ दूसरे नंबर पर है।

उन्होंने भगवंत मान सरकार की दूसरी बड़ी कामयाबियों के बारे में भी बताया और कहा कि 2022 में आप सरकार बनने के बाद 600 यूनिट फ्री बिजली स्कीम के तहत 90 परसेंट घरों में ज़ीरो बिजली बिल आ रहे हैं, किसानों को दिन में बिजली मिल रही है और नहर के पानी तक पहुंच 21% से बढ़कर 80% हो गई है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अपने वादे पूरे न कर पाने के बावजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अक्सर भाजपा सरकार की लाडो स्कीम के बारे में बात करने पंजाब आते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने हरियाणा की हर महिला को हर महीने 2,100 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फायदा सिर्फ करीब 20 लाख महिलाओं तक ही पहुंचा है, जबकि राज्य में महिलाओं की आबादी करीब 80 लाख है।

सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का जवाब देते हुए बलतेज पन्नू ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा मावन धीयां सत्कार योजना पर रोक लगाने के दावों को साफ तौर पर खारिज कर दिया।

उन्होंने साफ किया कि हाई कोर्ट ने स्कीम पर रोक नहीं लगाई है और सरकार इसे प्लान के मुताबिक लागू करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार सिर्फ घोषणाओं में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखती है। ये रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन और लाखों लोगों तक पहुंच रहे फायदे यह साबित करते हैं कि पंजाब के लोगों को इस सरकार पर पूरा भरोसा है।

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मालवा में अत्याधुनिक अस्पताल का CM भगवंत सिंह मान ने किया उद्घाटन; गंभीर बीमारियों के इलाज का केंद्र बनने के लिए तैयार

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मोगा में 120 बेड वाले अत्याधुनिक ‘कैपिटल अस्पताल’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सुविधा मालवा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी। इसे मोगा जिले का पहला नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एन.ए.बी.एच.)-मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल लोगों को उनके घरों के नजदीक ही गंभीर बीमारियों का विशेष इलाज मुहैया कराएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पात्र मरीज ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ और ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत कैशलेस इलाज का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही पंजाब सरकार 1,090 आम आदमी क्लीनिकों के नेटवर्क के माध्यम से पूरे राज्य में किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है।

ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज मैंने मोगा में 120 बेड वाला अत्याधुनिक कैपिटल अस्पताल पंजाब के लोगों को समर्पित किया है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस यह अस्पताल ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ के तहत मुफ्त इलाज भी प्रदान करेगा। अब मालवा क्षेत्र के लोगों को मानक इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। हम हर पंजाबी के लिए किफायती, आधुनिक और उच्च मानक वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई राजनीतिक रैली नहीं है। यह पूरे पंजाब में विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए हमारे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकार की दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं क्योंकि ये सर्वांगीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा मानवता की सेवा को समर्पित पेशे हैं। दुर्भाग्य से कुछ लोग इन पवित्र पेशों को बदनाम कर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार दोनों क्षेत्रों में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

निजी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि यहां आधुनिक मशीनों और प्रौद्योगिकी से लैस ऐसा अस्पताल बना है। विशेषज्ञ डॉक्टर लोगों को मानक इलाज देंगे। जब 2022 में हमारी सरकार ने बागडोर संभाली थी तो स्कूली शिक्षा में पंजाब 27वें स्थान पर था। आज निरंतर सुधारों और अथक प्रयासों के कारण पंजाब स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनकर उभरा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक समय था, जब सरकारी स्कूल सिर्फ गरीब बच्चों के लिए माने जाते थे और लोग उनका मजाक उड़ाते थे। हमने ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ की स्थापना की और शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प किया। आज पंजाब केरल को पछाड़कर स्कूली शिक्षा में देश का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “2022 में सरकारी स्कूलों के केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा पास की थी। इस साल सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने नीट पास किया है, जो हमारी शिक्षा प्रणाली में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “इस नए अस्पताल में पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाएं दोनों उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को अधिकतम लाभ मिलेगा। हमारी सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्यीय तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ की शुरुआत की है। इस फोर्स में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान और 144 अत्याधुनिक वाहन शामिल हैं।”

उन्होंने कहा, “पिछले साल फरवरी में अपनी शुरुआत से लेकर सड़क सुरक्षा फोर्स ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को लगभग 50 प्रतिशत तक घटाया है, साथ ही हादसे के शिकार लोगों के कीमती सामान और पैसों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने देश की पहली सर्व-व्यापी स्वास्थ्य सेवा योजना ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ भी शुरू की है, जो राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है। पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो ऐसी व्यापक स्वास्थ्य कवरेज मुहैया करा रहा है, जिससे मानक इलाज सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है।”

उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक पहल सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस इलाज प्राप्त कर चुके हैं और पंजाब स्वास्थ्य क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिख रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “चेन्नई का अपोलो अस्पताल लिवर ट्रांसप्लांट के लिए जाना जाता है और उत्तरी भारत में ऐसी बहुत कम सुविधाएं हैं। पंजाब अब दिल्ली के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने मोहाली में लिवर ट्रांसप्लांट केंद्र स्थापित किया है। विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और कीमती जानें बचाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है।”

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पैसा सही हाथों तक पहुँचा’: पंजाब की महिलाओं ने ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत DBT की सराहना की

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भगवंत मान सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक ख़ातों में वित्तीय सहायता सीधे भेजने के निर्णय को राज्यभर की लाभार्थियों से भरपूर सराहना मिली है। महिलाओं का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली ने पारदर्शिता, सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित किया है, क्योंकि सहायता राशि सीधे उनके ख़ातों में पहुँच रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अब तक इस योजना के तहत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक ख़ातों में ₹1,149 करोड़ सीधे भेज चुकी है। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र लाभार्थियों को ₹1,500 की तीन मासिक किस्तों के रूप में कुल ₹4,500 दिए गए हैं, जबकि अन्य वर्गों की लाभार्थियों को ₹1,000 की तीन मासिक किस्तों के रूप में कुल ₹3,000 प्रदान किए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं की रजिस्ट्रेशन के साथ यह योजना पंजाब की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बन गई है।

राज्यभर की महिलाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह राशि बिना किसी बिचौलिये और बिना किसी देरी के सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँची है तथा वे आवश्यकता पड़ने पर यह राशि कभी भी निकाल सकती हैं।

गुरदासपुर की 32 वर्षीय सरबजीत कौर ने कहा कि डीबीटी प्रणाली ने यह सुनिश्चित किया है कि वित्तीय सहायता अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए ही उपयोग हो। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पैसा सीधे हमारे बैंक ख़ातों में भेजा है, जिससे मैं बहुत ख़ुश हूँ। अगर यह राशि नकद दी जाती तो शायद इसका सही उपयोग नहीं होता। कैश देंदे ता आदमी लोग पेग-शेग ते ख़र्च कर देंदे हैं, पर ख़ाते विच ता साडा पैसा सेफ़ है (अगर नकद देते तो आदमी लोग इसे दारू-वगैरह पर ख़र्च कर देते, लेकिन ख़ाते में हमारा पैसा सुरक्षित है।) अब पैसा हमारे अपने ख़ाते में है और जब भी ज़रूरत होगी, हम उसे निकाल सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि यह राशि केवल घर की ज़रूरतों और अन्य आवश्यक ख़र्चों पर ही ख़र्च हो।”

हरचोवाल गाँव की 35 वर्षीय गगनदीप कौर ने इस योजना को अपने अनुभव की सबसे पारदर्शी जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक यह राशि नहीं निकाली है क्योंकि जब ज़रूरत होगी तभी इसका उपयोग करूँगी। आर्थिक सहायता देने का यह सबसे अच्छा तरीका है। अगर सरकार नकद राशि बाँटती तो लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता। आवेदन करने के पाँच से छह दिनों के भीतर ही पैसा मेरे ख़ाते में आ गया। पूरी प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के है।”

श्री हरगोबिंदपुर की 49 वर्षीय सुमन कुमारी ने कहा कि इस आर्थिक सहायता से उनके परिवार को घरेलू तथा शिक्षा संबंधी महत्त्वपूर्ण ख़र्च पूरे करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि पैसा सीधे महिलाओं के ख़ातों में आता है। मैंने इस राशि का उपयोग सार्थक कार्यों में किया है। मेरी दोनों बेटियाँ, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिला है। इसके साथ-साथ हमारे परिवार को मुफ़्त राशन, मुफ़्त बिजली और मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा भी मिल रही है, जिससे काफ़ी राहत मिली है।”

मंडी अहमदगढ़ की हरपाल कौर ने कहा कि इस आर्थिक सहायता ने महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार ख़र्च करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने यह राशि घर की ज़रूरतों पर ख़र्च की है। मेरी दोनों बेटियों को भी यह राशि मिली है और वे इसका उपयोग अपनी ज़रूरतों के अनुसार कर रही हैं। बेटियों की अपनी आवश्यकताएँ होती हैं और यह अच्छी बात है कि सरकार इस समय उनका सहयोग कर रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि डीबीटी के माध्यम से पैसा सीधे हमारे बैंक ख़ातों में आया है, जिसे हम ज़रूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं। सरकार ने एह पैसा चंगी नीयत नाल दित्ता है, एह चंगी जगह ही ख़र्च करना चाहीदा है (सरकार ने यह पैसा अच्छे इरादे से दिया है, इसलिए इसे अच्छे कामों पर ही ख़र्च करना चाहिए।)”

लाभार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि डीबीटी मॉडल ने न केवल कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पहुँचाना सुनिश्चित किया है, बल्कि महिलाओं को सरकारी वित्तीय सहायता पर सीधा अधिकार देकर उनकी आर्थिक स्वतंत्रता भी मज़बूत की है।

इस बीच, पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता मिले। कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।”

डीबीटी प्रणाली का सफल क्रियान्वयन योजना के नोडल बैंकिंग साझेदार एक्सिस बैंक के सहयोग से भी संभव हुआ है, जिसने पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर लाभ राशि के हस्तांतरण को सुगम बनाया है।

एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड (ब्रांच बैंकिंग, नॉर्थ एवं टैस्क बिज़नेस) रेनॉल्ड डी’सूज़ा ने कहा, “पंजाब सरकार के साथ मिलकर मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना के क्रियान्वयन में भागीदार बनना एक्सिस बैंक के लिए गर्व की बात है। यह पहल राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हम लाभार्थियों तक सहायता राशि का समय पर, पारदर्शी और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम जब प्रभावी ढंग से और बड़े स्तर पर लागू किए जाते हैं, तो वे आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।”

लाभार्थियों के बैंक ख़ातों में सीधे राशि भेज कर डीबीटी प्रणाली न केवल समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित कर रही है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा परिवार में निर्णय लेने की उनकी क्षमता को भी सशक्त बना रही है।

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पंजाब सरकार ने मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का किया और विस्तार; 100 नए आम आदमी क्लीनिकों की शुरुआत, कुल संख्या 1,090 हुई

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रदेश के लोगों को उनके घर के निकट मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए 100 नए आम आदमी क्लीनिकों की शुरुआत की है। इन नए क्लीनिकों का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज पटियाला ग्रामीण के विकास नगर में नव-निर्मित आम आदमी क्लीनिक का उद्घाटन करके किया। इन नए क्लीनिकों के शुरू होने के साथ ही पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी।

इन 100 नए क्लीनिकों में से आज विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने राज्यभर में 71 नए आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया, जबकि शेष 29 क्लीनिकों को विभिन्न जिलों में अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा 31 जुलाई तक चरणबद्ध तरीके से जनता को समर्पित किया जाएगा।

आज जिन कैबिनेट मंत्रियों ने नए क्लीनिकों का उद्घाटन किया, उनमें डॉ. बलजीत कौर ने मलोट के अंबेडकर भवन, डेरा सच्चा सौदा रोड तथा वार्ड नंबर 11, श्री मुक्तसर साहिब में तीन आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया। श्री लाल चंद कटारूचक्क ने 25 लाख रुपये की लागत से बने पठानकोट शहर के एक क्लीनिक का लोकार्पण किया। श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने श्री मुक्तसर साहिब में एक क्लीनिक जनता को समर्पित किया। श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने विधानसभा क्षेत्र साहनेवाल में 76.41 लाख रुपये की लागत से तैयार तीन आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया। श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना के नरोत्तम नगर, फोकल प्वाइंट और उत्तम नगर में 87 लाख रुपये की लागत से बने तीन नए क्लीनिकों का शुभारंभ किया। इसी प्रकार श्री मोहिंदर भगत ने जालंधर के सिद्धार्थ नगर, बुद्धा मल ग्राउंड तथा स्पोर्ट्स एंड सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में तीन आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के निकट पहुंचाकर इलाज को सरल, सुविधाजनक और किफायती बनाया है। उन्होंने कहा कि नए क्लीनिकों के शुरू होने से और अधिक लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

पंजाब सरकार ने राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए एक प्रभावी मॉडल विकसित किया है। वर्तमान में प्रदेश में 990 आम आदमी क्लीनिक सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जिनमें 414 शहरी तथा 576 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हैं। इन क्लीनिकों में लोगों को 107 प्रकार की आवश्यक दवाइयां तथा 47 प्रकार की प्रयोगशाला जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक क्लीनिक में मेडिकल अधिकारी, फार्मासिस्ट और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। आधुनिक आईटी प्रणाली के माध्यम से मरीजों का पंजीकरण, जांच, उपचार तथा दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।

आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया गया है। अब यहां गर्भवती महिलाओं की प्रसव-पूर्व देखभाल, कुत्ते के काटने का उपचार, परिवार नियोजन सेवाएं, उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच और उपचार जैसी सेवाएं भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पंजाब सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन 100 नए आम आदमी क्लीनिकों की शुरुआत से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक व्यापक तथा सुदृढ़ होगी।

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