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Punjab में उद्योगों की नई उड़ान — Shiva Texfabs’ के बड़े कदम से बढ़ेगी तरक्की की रफ़्तार
पंजाब में इन दिनों उद्योगों का दौर फिर से लौटता दिख रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार लगातार ऐसी नीतियाँ बना रही है जिनसे निवेशकों का भरोसा बढ़े और राज्य में नई इंडस्ट्री लगे। अब इसी कड़ी में एक बड़ा नाम जुड़ गया है — शिवा टेक्सफैब्स (Shiva Texfabs), जो लुधियाना की मशहूर टेक्सटाइल कंपनी है।
हाल ही में चर्चा है कि कंपनी ने ₹815 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है, जिससे पंजाब के उद्योग क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। यह निवेश लुधियाना में अत्याधुनिक टेक्सटाइल और अपैरल (Apparel) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि अभी तक सरकार या कंपनी की ओर से इस निवेश को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा (official confirmation) नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट राज्य के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
क्या करती है शिवा टेक्सफैब्स?
शिवा टेक्सफैब्स लुधियाना की एक जानी-मानी टेक्सटाइल कंपनी है। यह स्पन पॉलिएस्टर यार्न (Spun Polyester Yarn), फिलामेंट यार्न (Filament Yarn), और हाई परफॉर्मेंस फैब्रिक (High-performance Fabric) बनाती है। कंपनी की शुरुआत साल 2012 में हुई थी और यह “शिवा ग्रुप” का हिस्सा है, जिसकी कई यूनिट्स लुधियाना जिले में काम कर रही हैं।
कंपनी का मकसद क्वालिटी के साथ इनोवेशन लाना है — यानी आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ऐसे कपड़े और धागे तैयार करना जो देश और विदेश दोनों बाजारों में पसंद किए जाएँ।
रीसाइक्लिंग और सस्टेनेबल प्रोडक्शन
शिवा टेक्सफैब्स सिर्फ कपड़ा बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी जिम्मेदार भूमिका निभा रही है। कंपनी रीसाइकिल्ड प्लास्टिक बोतलों (PET bottles) से धागा और फैब्रिक बनाती है। इसके लिए उनके पास एक rPET प्लांट (Recycled Polyester Plant) भी है, जहाँ पुराने प्लास्टिक से नया धागा तैयार किया जाता है।
कंपनी का कहना है कि “वेस्ट को वैल्यू (Waste to Value)” में बदलना उनका मिशन है — यानी कचरे से उपयोगी चीज़ें बनाना।
Rudra Ecovation के साथ जुड़ाव
हाल में एक और बड़ी खबर आई है — Rudra Ecovation Limited ने शिवा टेक्सफैब्स में 21.46% हिस्सेदारी (equity stake) लेने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी को अपने विस्तार (expansion) और नए प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग मिलेगी।
Rudra Ecovation ने अपने बोर्ड मीटिंग में बताया कि यह साझेदारी (partnership) शिवा टेक्सफैब्स के विकास को और तेज करेगी और दोनों कंपनियाँ मिलकर टेक्सटाइल सेक्टर में सस्टेनेबल प्रोडक्शन की दिशा में काम करेंगी।
मान सरकार की भूमिका और नीति
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने हाल के वर्षों में “Ease of Doing Business” पर खास ध्यान दिया है। सरकार की नई औद्योगिक नीति (Industrial Policy) ने लालफीताशाही (bureaucratic hurdles) को काफी हद तक कम किया है।
अब कंपनियों को फैक्ट्री लगाने, फाइल पास कराने और परमिशन लेने में पहले जैसी मुश्किलें नहीं होतीं। सिंगल-विंडो सिस्टम (Single Window System) के तहत सब कुछ तेज़ी और पारदर्शिता से होता है।
यही वजह है कि अब निवेशक पंजाब को एक “Most Preferred Destination” के रूप में देख रहे हैं।
रोजगार और स्थानीय विकास
अगर शिवा टेक्सफैब्स का यह ₹815 करोड़ वाला निवेश प्रोजेक्ट हकीकत में शुरू होता है, तो इससे पंजाब के हज़ारों युवाओं को नौकरी मिलेगी।
नई यूनिट में न केवल डायरेक्ट जॉब्स (Direct Jobs) मिलेंगी बल्कि छोटे व्यवसायों, ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन और सर्विस सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।
खेती के साथ उद्योग भी — नया पंजाब
कभी सिर्फ कृषि प्रधान राज्य कहे जाने वाला पंजाब अब धीरे-धीरे उद्योगों का केंद्र भी बन रहा है।
“जहाँ खेत में गेहूँ का दाना उगता है, वहीं अब फैक्ट्री में खुशहाली का ताना-बाना बुना जाएगा।”
यह निवेश पंजाब के उस सपने की शुरुआत है जहाँ हर हाथ को काम और हर परिवार को मुस्कान मिलेगी।
हालांकि ₹815 करोड़ के निवेश की पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन Rudra Ecovation और शिवा टेक्सफैब्स के बीच बढ़ता सहयोग, कंपनी की रीसाइक्लिंग तकनीक, और पंजाब सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियाँ इस बात का संकेत हैं कि राज्य अब तेज़ी से “Industrial Punjab” की दिशा में बढ़ रहा है। यह सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि पंजाब की नई औद्योगिक पहचान की ओर उठाया गया मजबूत कदम है —“अब पंजाब में सिर्फ़ इतिहास नहीं लिखा जाएगा, बल्कि भविष्य के कारखाने भी यहीं खड़े होंगे।”
Blog
नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!
पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।
इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।
इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Chandigarh
पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।
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