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21 जून को पाकिस्तान रवाना होगा श्रद्धालुओं का जत्था, 296 श्रद्धालुओं को मिला वीजा

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शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास ने Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (एसजीपीसी) को 296 श्रद्धालुओं के वीजा जारी किए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह जत्था 21 जून को एसजीपीसी मुख्यालय से अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। जत्थे के सदस्य 29 जून को लाहौर स्थित Gurdwara Dera Sahib में आयोजित महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के भी दर्शन करेंगे। धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद जत्था 30 जून को भारत वापस लौटेगा।

एसजीपीसी ने इस यात्रा के लिए कुल 308 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा प्रक्रिया हेतु पाकिस्तान दूतावास को भेजे थे। हालांकि, 12 श्रद्धालुओं को किसी कारणवश वीजा जारी नहीं किया गया, जबकि 296 श्रद्धालुओं को मंजूरी मिल गई है।

गौरतलब है कि हर वर्ष महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पाकिस्तान जाकर गुरुद्वारा डेरा साहिब में मत्था टेकते हैं और शेर-ए-पंजाब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह यात्रा सिख समुदाय के लिए विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखती है।

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मोहाली में बनेगा पंजाब का सबसे बड़ा वर्किंग वूमेन हॉस्टल, मंत्री बलजीत कौर ने रखा शिलान्यास

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पंजाब के मोहाली में राज्य के सबसे बड़े वर्किंग वूमेन हॉस्टल का शिलान्यास किया गया। पंजाब की कैबिनेट मंत्री Baljit Kaur ने एक समारोह के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस हॉस्टल में कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों के साथ भी रह सकेंगी, जिससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध होगा।

मंत्री ने बताया कि यह हॉस्टल लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसे नौ महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा एक अन्य महिला हॉस्टल भी अगले दो महीनों में तैयार होकर शुरू हो जाएगा।

बलजीत कौर ने कहा कि जिन शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की आवश्यकता है, वहां सरकार जरूरत पड़ने पर इमारतें किराये पर लेकर भी यह सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि पंजाब और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं शिक्षा और रोजगार के लिए मोहाली आती हैं। क्षेत्र में कई प्रमुख कंपनियां और संस्थान होने के कारण यहां लंबे समय से वर्किंग वूमेन हॉस्टल की मांग की जा रही थी। निजी पीजी और किराये के कमरों की ऊंची लागत के कारण कई कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास का विकल्प उपलब्ध कराएंगे।

मोहाली के इस बड़े महिला हॉस्टल में 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। वहीं, सेक्टर-79 में बनने वाले एक अन्य महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर 12.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और शेष 40 प्रतिशत राशि पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच बनेगा आधुनिक अंडरपास, हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

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चंडीगढ़ में Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGI) और Panjab University के बीच सड़क पार करने वाले हजारों मरीजों, डॉक्टरों, स्वयंसेवकों, छात्रों और आम लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने जा रही है। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने लंबे समय से प्रस्तावित पैदल यात्री अंडरपास परियोजना के लिए दोबारा टेंडर जारी कर दिया है। इस परियोजना पर लगभग 8.4 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह दूसरा मौका है जब प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए टेंडर जारी किया है। अंडरपास बनने से व्यस्त सड़क पार करते समय होने वाले हादसों का खतरा काफी कम होगा और लोगों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा।

परियोजना के अनुसार अंडरपास करीब 14 मीटर चौड़ा और 32 मीटर लंबा होगा। आकार के लिहाज से यह सेक्टर-17 स्थित Zakir Hussain Rose Garden के अंडरपास से भी बड़ा होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे एक समय में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही सुगम हो सकेगी।

स्थान की कमी के कारण अंडरपास में एस्केलेटर लगाने की योजना को रद्द कर दिया गया है। हालांकि बुजुर्गों, मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप बनाए जाएंगे, ताकि व्हीलचेयर उपयोगकर्ता भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें।

संशोधित डिजाइन के तहत अंडरपास के भीतर 12 व्यावसायिक बूथ भी बनाए जाएंगे। पहले इनकी संख्या 20 प्रस्तावित थी। इन दुकानों में फोटोकॉपी समेत अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे PGI आने वाले मरीजों और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही प्रशासन को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

अंडरपास को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए इसमें ग्रेनाइट फ्लोरिंग की जाएगी। इसके अलावा पूरे अंडरपास में एलईडी लाइटिंग लगाई जाएगी, ताकि रात के समय भी लोग सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से इसका उपयोग कर सकें।

परियोजना पूरी होने के बाद PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी रोजमर्रा की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।

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CM भगवंत मान ने धुसी बांध लिंक रोड का किया शिलान्यास, 15 गांवों के हजारों लोगों को मिलेगी राहत

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पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने आज जालंधर दौरे के दौरान शाहकोट में सतलुज नदी के धुसी बांध पर बनने वाली 35 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का शिलान्यास किया। गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाला यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट क्षेत्र के कई गांवों को आपस में जोड़ेगा और हजारों लोगों के आवागमन को सुगम बनाएगा।

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से करीब 15 से 16 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 61 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत आएगी और यह सड़क 15 प्रमुख गांवों को जोड़ने का काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद Balbir Singh Seechewal भी विशेष रूप से मौजूद रहे। संत बलबीर सिंह सीचेवाल लंबे समय से इस परियोजना के लिए प्रयासरत थे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की मांग को लगातार सरकार तक पहुंचाते रहे हैं।

सीचेवाल ने कहा कि गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली यह पक्की सड़क क्षेत्र के कई गांवों को सीधे जोड़ेगी, जिससे लोगों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क के निर्माण के साथ-साथ धुसी बांध भी अधिक मजबूत होगा, जिससे बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि यह मांग कई वर्षों से लंबित थी और अब भगवंत मान सरकार ने इसे मंजूरी देकर लोगों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त कर दी है।

स्थानीय लोगों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि सड़क बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा और रोजमर्रा की आवाजाही से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलेगी।

गौरतलब है कि 35 किलोमीटर लंबी यह सड़क ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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