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अमृतसर में माता सीता और लव-कुश को समर्पित विशाल मंदिर बनाया जाएगा: अरविंद केजरीवाल

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भारत की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने और सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अमृतसर में ‘एक शाम भगवान शिव जी के नाम’ भजन संध्या के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करने के लिए कई ऐतिहासिक पहलों की घोषणा की। इनमें अमृतसर में माता सीता, माता जानकी और लव-कुश को समर्पित विशाल मंदिर का निर्माण, नए तीर्थ यात्रा रूट के साथ ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार, एक अगस्त से पूरे पंजाब में आध्यात्मिक नाटक ‘हमारे राम’ की प्रस्तुति और पटियाला के ऐतिहासिक काली माता मंदिर के चल रहे 80 करोड़ रुपये के नवीनीकरण का काम शामिल है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने हमेशा आस्था, सद्भावना और सांप्रदायिक साझेदारी को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने पूजा स्थलों के संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरी ईमानदारी और श्रद्धा भावना से सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

‘भजन संध्या’ (भक्ति की शाम) पर एकत्रित जनसमूह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज पंजाब सरकार ने ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ का आयोजन किया है, जिसकी प्रस्तुति हंसराज रघुवंशी द्वारा की गई है। बहुत सारे लोग मेरे पास आए और कहने लगे कि इससे पहले किसी भी सरकार ने ऐसी ‘भजन संध्या’ नहीं करवाई। यह पहली सरकार है जो लोगों के लिए और उनकी भक्ति भावना को मजबूत करने के लिए इस तरह की भजन संध्याएं करवा रही है। इससे पहले ऐसा कार्यक्रम जालंधर में करवाया गया था और आज यह अमृतसर में करवाया जा रहा है।”

पहली खुशखबरी की घोषणा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “‘एक शाम शिव जी के नाम’ की श्रृंखला, जो जालंधर से शुरू हुई थी और अब अमृतसर पहुंच चुकी है, जल्द ही पंजाब के सभी 22 शहरों में आयोजित की जाएगी। अब सभी 22 शहरों में ‘भजन संध्या’ करवाई जाएगी।”

दूसरी घोषणा साझा करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने आगे कहा, “पटियाला में प्रसिद्ध काली माता मंदिर है। इस मंदिर की बहुत धार्मिक महत्ता है। वहां लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। काली माता सबके दुख दूर करती हैं, सबकी प्रार्थनाएं पूरी करती हैं, और मंदिर के दर्शनों से अपार शांति मिलती है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार 80 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का नवीनीकरण करवा रही है। यह काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि अक्टूबर के बाद काली माता मंदिर के दर्शन जरूर करें। आपको सचमुच बहुत अच्छा लगेगा। मैंने खुद मंदिर के लिए तैयार किया गया आर्किटेक्चर मॉडल देखा है और निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। एक शानदार मंदिर का स्वरूप सामने आ रहा है। मेरा मानना है कि पूरा होने के बाद यह पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा मंदिर बन जाएगा।”

तीसरी खुशखबरी का ऐलान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब सरकार ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ चला रही है। वर्तमान समय में यह तीर्थ यात्रा योजना दो रूटों पर चल रही है, एक श्री दरबार साहिब और दूसरी आनंदपुर साहिब के लिए। अब तीन और रूट शुरू किए जा रहे हैं। एक रूट सालासर और खाटू श्याम जी के लिए होगा, दूसरा हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए तथा तीसरा मथुरा और वृंदावन के लिए होगा। हमें उम्मीद है कि ये तीनों रूट एक अगस्त के आसपास शुरू हो जाएंगे और लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं को इन यात्राओं पर ले जाया जाएगा।”

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “आपमें से बहुत से लोग आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकते हैं। परमात्मा ने आपको सब कुछ दिया है और आप यह सोच सकते हैं कि आपको मुफ्त ‘तीर्थ’ पर क्यों जाना चाहिए? लेकिन जब आप सभी मिलकर यात्रा करते हैं तो आप आलीशान एयर-कंडीशंड बसों में सफर करते हैं, अच्छे एयर-कंडीशंड होटलों में ठहरते हैं और आपका सफर, भोजन, ठहरने की व्यवस्था तथा दर्शन—सब कुछ पूरी तरह मुफ्त होता है। पंजाब सरकार पूरा खर्च स्वयं वहन करती है।”

उन्होंने आगे कहा, “आपको केवल एक सूटकेस में चार दिनों के कपड़े पैक करने की जरूरत है। इसके अलावा कुछ भी साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पंजाब सरकार सभी व्यवस्थाएं करती है। जब आप सभी एक साथ यात्रा करते हैं, पूरे रास्ते कीर्तन और भजन गाते हैं तो यह अनुभव अविस्मरणीय बन जाता है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि बहुत से श्रद्धालु, जो पहले ही यात्रा करके लौट चुके हैं, उन्होंने मुझे बताया कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव था। आपको अवश्य जाना चाहिए। आप भक्ति में लीन हो जाएंगे और यह तीर्थ यात्रा जीवनभर आपके साथ रहेगी।”

अगली खुशखबरी का ऐलान करते हुए ‘आप’ के सुप्रीमो ने कहा, “एक अगस्त से पूरे पंजाब में भगवान राम पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति शुरू होगी। इस नाटक का नाम ‘हमारे राम’ है। इसमें भगवान राम और रावण के बीच कई संवाद शामिल हैं और कई ऐसे दृश्य तथा घटनाएं प्रस्तुत की गई हैं, जिनके बारे में शायद पहले किसी ने आपको नहीं बताया होगा। मैंने यह नाटक दिल्ली में देखा था। आशुतोष राणा एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं और वे इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जब मैंने इसे दिल्ली में देखा था, तब टिकट की कीमत 8,000 रुपये थी। लेकिन पंजाब के लोगों के लिए यह नाटक बिल्कुल मुफ्त होगा। आप सभी को जाकर इसे देखना चाहिए। यह एक बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।”

अपनी पांचवीं और सबसे बड़ी घोषणा करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “हमारा अमृतसर हर धर्म के लोगों के लिए दुनिया की सबसे पवित्र धरती है। यहां श्री दरबार साहिब है और दुनिया भर से हर धर्म के लोग यहां माथा टेकने आते हैं। उन्हें यहां आकर शांति और सुकून मिलता है तथा उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।”

उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “अमृतसर में दुर्गियाना मंदिर भी है। यहां देशभक्ति का प्रतीक जलियांवाला बाग और वाघा बॉर्डर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भगवान वाल्मीकि जी ने अमृतसर में रहते हुए ही रामायण की रचना की थी। यही वह स्थान है जहां भगवान वाल्मीकि जी का पवित्र मंदिर स्थित है। माता जानकी, माता सीता यहां रहती थीं। लव और कुश का जन्म यहीं हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा भी यहीं प्राप्त की थी। जब भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ के लिए घोड़ा छोड़ा था, तब यही वह स्थान था जहां लव और कुश ने उस घोड़े को रोककर एक पेड़ से बांध दिया था। अमृतसर वास्तव में एक अद्भुत और पवित्र स्थान है।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज मैं घोषणा करता हूं कि भगवान वाल्मीकि के मंदिर के बिल्कुल साथ लव, कुश और माता जानकी को समर्पित एक विशाल मंदिर बनाया जाएगा। मैं कल ही श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन करके अयोध्या से वापस आया हूं। आज यह घोषणा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह न केवल अमृतसर के लोगों के लिए, बल्कि दुनिया भर में भगवान राम और माता जानकी के श्रद्धालुओं के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी है।”

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर में माता जानकी और लव-कुश को समर्पित एक विशाल मंदिर बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह खूबसूरती से डिज़ाइन किया गया मंदिर माता जानकी, लव और कुश की गौरवशाली विरासत को संजोएगा। पंजाब सरकार इस पवित्र भूमि पर इस भव्य मंदिर के निर्माण में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। यह आस्था के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा और दुनिया भर के श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को आकर्षित करेगा, क्योंकि लव और कुश का जन्म तथा शिक्षा यहीं हुई थी।”

अमृतसर को सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पवित्र शहर अमृतसर पूरी दुनिया को इंसानियत और भाईचारे का संदेश देता है। हर धर्म के लोग श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेकने, गुरबाणी कीर्तन सुनने, जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने, दुर्गियाना मंदिर में प्रार्थना करने और वाघा बॉर्डर पर हमारे सैनिकों की बहादुरी देखने के लिए आते हैं।”

पंजाब को संतों और महान गुरुओं की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि यहां नफरत के बीज को छोड़कर हर बीज उगता है। हम राम नवमी, गुरुपर्व, हनुमान जयंती, श्री गुरु रविदास जी महाराज का प्रकाश पर्व, ईद और हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं। आज विभिन्न धर्मों के श्रद्धालु हंसराज रघुवंशी जी के मधुर भजनों के माध्यम से भगवान शिव की भक्ति में लीन होने के लिए यहां एकत्र हुए हैं।”

सरकार की पहलों के बारे में बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने यह कार्यक्रम इसलिए शुरू किया है क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी की व्यस्तताओं के बीच लोगों को भक्ति में एक साथ जुड़ने का अवसर बहुत कम मिलता है। हम खाटू श्याम जी, सालासर बालाजी, मथुरा-वृंदावन, हरिद्वार-ऋषिकेश और माता नैना देवी को शामिल करके ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का भी विस्तार कर रहे हैं। यह सरकार लोगों द्वारा बनाई गई है और उनकी आस्था का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।”

सरकार के विकास एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने आम आदमी क्लीनिक खोले हैं और 10 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा उपचार की सुविधा देने वाले हेल्थ कार्ड शुरू किए हैं ताकि हर नागरिक स्वस्थ रहे। लोगों की आस्था की रक्षा करने के साथ-साथ हम रोजगार दे रहे हैं, व्यापार को प्रोत्साहित कर रहे हैं, आजीविका को मजबूत कर रहे हैं और पंजाब को समृद्ध बनाने के लिए काम कर रहे हैं। मैं राज्य के हर परिवार की शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं।”

अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ‘एक शाम शिवजी के नाम’ में श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए

भक्ति कार्यक्रम ‘एक शाम शिवजी के नाम’, जो जालंधर से शुरू हुआ था और जिसे श्रद्धालुओं की ओर से भरपूर समर्थन मिला था, आज अमृतसर में भी गहरी आस्था और आध्यात्मिक श्रद्धा के वातावरण का साक्षी बना। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्रद्धालुओं के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। नेताओं ने पवित्र तिलक लगवाया और हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्ति कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जबकि पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष और शिव भजनों से गूंज उठा।

सनातन परंपराओं को प्रोत्साहित करने और लोगों के आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को भक्ति संगीत और भगवान शिव को समर्पित पूजा के माध्यम से एकजुट करता है।

इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया सहित ‘आप’ पंजाब के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

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आप नेता बलतेज पन्नू ने तख्त श्री हजूर साहिब में सुखबीर बादल पर हमले की कोशिश की निंदा की

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आज तख्त श्री हजूर साहिब में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर हमले की कोशिश की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए, खासकर गुरुद्वारा साहिब में।

घटना की निंदा करते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “हमले की कोशिश की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। किसी भी धार्मिक संस्था में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, और गुरुद्वारों की पवित्रता और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।”

इसके साथ ही, बलतेज पन्नू ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल (बादल) को 2015 की बेअदबी की घटनाओं को लेकर सिख समुदाय में अभी भी मौजूद भावनाओं को समझने की ज़रूरत है। अकाली दल ने पंथ के नाम पर वोट मांगकर पांच बार सरकार बनाई, लेकिन उसकी सरकार के दौरान 2015 में कई जगहों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं।”

इन घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा, “जब लोग बेअदबी के खिलाफ शांति से विरोध करने निकले, तो उन पर पानी की बौछारें की गईं और गोलियां भी चलाई गईं, जिसमें दो सिखों की जान चली गई।” उन्होंने कहा, “उन घटनाओं का दर्द और गुस्सा आज भी सिखों के मन में है। इस भावना को समझने की ज़रूरत है।”

अपनी बात दोहराते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “जबकि किसी व्यक्ति पर हमले की कोशिश की निंदा की जानी चाहिए, अकाली दल को भी 2015 की घटनाओं से पैदा हुई भावनाओं और शिकायतों को मानना ​​चाहिए।”

बलतेज पन्नू ने कहा, “गुरुद्वारा साहिब की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी धार्मिक स्थान पर हिंसा की ऐसी कोई घटना नहीं होनी चाहिए।”

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’सड़क सुरख्या फोर्स’ एआई, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाएगा

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पंजाब पुलिस न केवल अपराधियों से प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपनी प्रमुख परियोजना ‘सड़क सुरख्या फोर्स’ (एसएसएफ) के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रही है, जो कि यात्रियों की जान बचाने के लिए समर्पित हाईवे पेट्रोल बल है और यह ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत कर पंजाब पुलिस को भारत का पहला 3डी पुलिस बल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

समर्पित हाईवे पेट्रोल बल का प्रभाव उन सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहाँ इसकी तैनाती है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक, एसएसएफ ने 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में पहुँचकर कुल 47,386 लोगों की मदद की। इन कार्रवाइयों के दौरान, 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया गया; जिससे तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सीय सहायता के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण योगदान मिला।

हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित बल के रूप में स्थापित पंजाब एसएसएफ का ध्यान विशेष रूप से निर्धारित हाईवे और प्रमुख सड़कों पर पेट्रोलिंग पर केंद्रित है। पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता। उनका प्राथमिक दायित्व सड़क सुरक्षा, तत्काल प्रतिक्रिया और दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है।

इस बल के पास 144 हाई-टेक वाहन और 1,600 से अधिक विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मी हैं, जिनमें लगभग 28 प्रतिशत महिला पुलिसकर्मी हैं। टीमों को महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और प्रमुख ज़िला सड़कों के 4,100 किलोमीटर क्षेत्र में प्रत्येक 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। एसएसएफ की टीमें दुर्घटनाओं पर औसतन 6 से 10 मिनट में प्रतिक्रिया देती हैं, जो वैश्विक मानकों की तुलना में काफ़ी तेज़ है।

‘प्लैटिनम 10 मिनट’ के सिद्धांत पर आधारित, एसएसएफ कर्मी का लक्ष्य दुर्घटना पीड़ितों तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुँचना है, ताकि एंबुलेंस या अस्पताल की चिकित्सा सहायता पहुँचने से पहले उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता दी जा सके। एसएसएफ के वाहनों में स्पीड गन, एल्कोमीटर (ब्रेथलाइज़र), ई-चालान मशीनें, डैश कैम और प्राथमिक उपचार किट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

इस संबंध में, पंजाब के डीजीपी( डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस) गौरव यादव ने कहा, “कर्मियों को क्रैश इन्वेस्टिगेशन और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया सहित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। पिछले दो वर्षों की रिपोर्ट लगातार दर्शाती है कि एसएसएफ की निगरानी वाले विशिष्ट हाईवे मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 45-48 प्रतिशत की भारी कमी आई है। ऐसे एसएसएफ-तैनात मार्गों पर मौतों की संख्या 2023 में 1,955 से घटकर 2024 में 1,016 रह गई। इसका अर्थ है कि लगभग एक वर्ष में इन विशिष्ट मार्गों पर करीब 940 लोगों की जान बचाई गई।”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जनवरी 2024 को जालंधर में एसएसएफ का औपचारिक शुभारंभ किया था। पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की उच्च दर को देखते हुए इस बल का गठन किया गया था, जहाँ प्रतिदिन औसतन 17-18 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही थी।

सड़क सुरक्षा के अलावा, एसएसएफ की टीमों ने पुलिस कार्रवाई और लोगों की मदद में भी योगदान दिया है। टीमों ने 6 किलोग्राम अफीम और चोरी के वाहन बरामद किए हैं तथा नकदी और सोना उनके असली मालिकों को लौटाने में भी मदद की है। टीमों ने 12 से अधिक आत्महत्याओं को रोकने, स्कूली बच्चों की सहायता करने तथा देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और पर्यटकों की मदद करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

फेज़-II में एसएसएफ का विस्तार

इस बीच, फेज़-II विस्तार के तहत एसएसएफ का कवरेज मौजूदा 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक किया जाएगा। लंबी अवधि की योजना विजन एसएसएफ-2047’ का उद्देश्य सैटेलाइट डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीकों को एकीकृत करते हुए एक समग्र सड़क सुरक्षा तंत्र विकसित करना है।

प्रस्तावित 3डी पुलिसिंग मॉडल में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, संभावित ज़ोखिमों का पूर्वानुमान लगाने और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया में सहायता मिलेगी, जिससे यातायात एवं सड़क सुरक्षा पुलिसिंग को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

डीजीपी ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा को डिजिटल एनफोर्समेंट के साथ एकीकृत करने के उद्देश्य से ‘विजन एसएसएफ-2047’ में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना, पूरी तरह हरित मोबिलिटी कॉरिडोर विकसित करना और पंजाब रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक रिसर्च सेंटर (पीआरएसटीआरसी) के तहत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र स्थापित करना शामिल है।”

डीजीपी ने कहा, “इस परियोजना का एकमात्र लक्ष्य विज्ञान, प्रणालियों और आपसी समन्वय के माध्यम से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाना है। पंजाब पुलिस घटना मानचित्रण, यातायात जाम का पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन के लिए सैटेलाइट संचार और जियोस्पेशियल डेटा का उपयोग करेगी। एसएसएफ पहले ही भारत का हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित पहला बल बन चुका है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार के नेतृत्व में, राज्य ने हाईवे सुरक्षा के लिए भारत का पहला विशेष बल स्थापित किया और सड़क सुरक्षा प्रदान करने के तरीके को बदल दिया। हम तत्काल प्रतिक्रिया, पेशेवर प्रशिक्षण और सेवा-प्रथम दृष्टिकोण पर भरोसा करते हैं। हम इसे अपने स्वयं के जियोसिंक्रोनस नैनो या माइक्रो सैटेलाइट के साथ एकीकृत करने की संभावनाओं का भी पता लगा रहे हैं।”

एसएसएफ परियोजना विभिन्न इकाइयों के माध्यम से संचालित हो रही है, जिसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) तकनीकी आधार के रूप में कार्य करता है। यह एआई, आईओटी सेंसर और रियल-टाइम एनालिटिक्स को एकीकृत करते हुए ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट, स्मार्ट सर्विलांस और डेटा-आधारित ट्रैफिक प्लानिंग को सक्षम बनाता है।

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) आधारित एनफोर्समेंट, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और मोबाइल इंटरसेप्टर के माध्यम से पुलिस ने दुर्घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने का औसत समय सात मिनट से कम कर लिया है। ‘रोड सेफ्टी पंजाब’ विजन के तहत 7E फ्रेमवर्क—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इमरजेंसी केयर, एंगेजमेंट और इवैल्यूएशन—के माध्यम से यातायात प्रबंधन में बदलाव किया जा रहा है। यह रणनीति अनुमान और व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रबंधन से हटकर साक्ष्य-आधारित और तकनीक-संचालित दृष्टिकोण की ओर बदलाव को दर्शाती है।

दूसरी ओर, पीआरएसटीआरसी अनुसंधान, परामर्श और प्रशिक्षण का नेतृत्व करता है। इसे शिक्षा जगत, उद्योग और नागरिक समाज से जुड़े रिसर्च एडवाइजरी ग्रुप्स (आरएजी) का सहयोग प्राप्त है। आईआईटी, एनआईटी, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, जीएनडीईसी लुधियाना और जीएनडीयू अमृतसर जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से पीआरएसटीआरसी क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के लिए एक अम्ब्रेला संगठन के रूप में कार्य कर रहा है। यह साझा डेटा, संयुक्त परियोजनाओं और इंटर्नशिप के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है।

अन्य राज्यों की तुलना में, उपलब्ध आंकड़े यह दर्शाते हैं कि हाईवे सुरक्षा, तकनीक के इस्तेमाल और जन-जवाबदेही तंत्र को लेकर राज्यों के दृष्टिकोण में महत्त्वपूर्ण अंतर है। एसएसएफ की संरचना अन्य राज्यों के मॉडलों से अलग है, जैसे कि, महाराष्ट्र हाईवे पुलिस मौजूदा राज्य पुलिस की एक अत्याधुनिक और प्रभावी शाखा है, न कि एक अलग बल।

डीजीपी ने कहा, “सफलता केवल नए वाहनों की वजह से नहीं है, बल्कि यह कार्रवाई से सेवा की ओर सोच में आए बदलाव का परिणाम है।”

इस बीच, एसडीजीपी (ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी, पंजाब) अमरदीप सिंह राय ने कहा, “नियमित पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिसके लिए अलग और व्यापक कौशल की आवश्यकता होती है।दूसरी ओर, एसएसएफ को स्पष्ट और सर्वोच्च प्राथमिकता—लोगों की जान बचाना—के साथ विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। एसएसएफ कर्मियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल से प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें रेड क्रॉस द्वारा दिया गया प्रशिक्षण भी शामिल है और उन्हें ‘क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ का प्रशिक्षण भी दिया गया है। पूरा बल एक ही अवधारणा—‘प्लैटिनम 10 मिनट’—के इर्द-गिर्द बनाया गया है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ित तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुँचकर एंबुलेंस या अस्पताल की सहायता पहुँचने से पहले उसे तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान करना अनिवार्य है।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, एसएसएफ कर्मियों को वीआईपी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता और न ही स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी बदली जाती है। उनका एकमात्र प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफ़ॉर्मेंस इंडिकेटर) सड़क सुरक्षा और पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है।”

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पंजाब में SIR का दूसरा चरण शुरू, जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट; ऐसे चेक करें अपना नाम

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पंजाब में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा चरण शुरू हो गया है। चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। अब पंजाब के मतदाता ऑनलाइन अपना नाम और वोट की स्थिति चेक कर सकते हैं।

मतदाता CEO पंजाब की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना नाम चेक कर सकते हैं। वेबसाइट पर SIR से जुड़े कई विकल्प दिए गए हैं, जिनमें ASDD LIST, DRAFT 2026 और SEARCH LIST SIR 2003 शामिल हैं।

DRAFT 2026 में ऐसे चेक करें नाम

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए सबसे पहले CEO पंजाब की वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद DRAFT 2026 विकल्प पर क्लिक करें। यहां अपना जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनना होगा। इसके बाद कैप्चा भरकर भाग नंबर और भाग के नाम के आधार पर संबंधित वोटर लिस्ट की PDF देखी या डाउनलोड की जा सकती है।

ASDD LIST से भी करें जांच

मतदाता ASDD LIST के जरिए भी अपनी वोट की स्थिति की जांच कर सकते हैं। इसके लिए EPIC नंबर दर्ज करना होगा। अगर आपका नाम ASDD सूची में दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि संबंधित नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। वहीं, नाम नहीं मिलने पर सिस्टम में ‘Unidentified’ स्टेटस दिखाई दे सकता है।

BLO और राजनीतिक दलों को भी मिलेंगी सूचियां

चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ERO की ओर से राजनीतिक दलों और BLO को भी वोटर लिस्ट की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी। ये सूचियां बूथवार तैयार की गई हैं, जिससे संबंधित क्षेत्र के मतदाताओं की जानकारी की जांच की जा सके।

इसलिए पंजाब के मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम और वोट की स्थिति समय रहते जरूर चेक करें। अगर नाम या किसी जानकारी में गलती मिलती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

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