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अयोध्या के लिए पहले विमान के उड़ान भरते ही पायलट ने लगाया ‘जय श्री राम’ का जयकारा

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नेशनल डेस्कः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मंदिरों के शहर अयोध्या के लिए पहली उड़ान भरते समय इंडिगो विमान के पायलट आशुतोष शेखर ने शनिवार को इसकी सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के माध्यम से ‘‘जय श्री राम” का जयकारा लगाया। यात्रियों को संबोधित करते हुये शेखर (43) ने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनकी कंपनी ने अयोध्या के लिए पहली उड़ान भरने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को इससे पहले अयोध्या में हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। विमान में सवार यात्रियों के साथ शेखर ने अपने सह-पायलट निखिल बख्शी और केबिन प्रभारी कीर्ति का परिचय करवाया। शेखर जब यात्रियों को संबोधित कर रहे थे उस वक्त उनकी पत्नी श्वेता रंजन ने इस पल को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। 

श्वेता ने मीडिया से कहा, ‘‘यह जीवन भर का अनुभव था।” उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली से अयोध्या के बीच पूरे एक घंटे की यात्रा के दौरान यात्रियों ने मंत्रोच्चार किया, हनुमान चालीसा का पाठ किया और भजन गाया। केबिन का पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो गया था ।” यात्रियों के बारे में बाचतीत करते हुये श्वेता ने कहा कि वे केसरिया रंग के कपड़े पहने थे और उनमें से कई लोगों ने केसरिया रंग की पगड़ी भी बांधी थी। उन्होंने बताया, ‘‘वे गंगाजल, अगरबत्तियां, फूल और मिठाइयां ले जा रहे थे। उनमें से कुछ ने ‘जय श्री राम’, ‘ओम’ लिखे या ‘स्वास्तिक’ के चित्र वाले भगवा झंडे भी ले रखे थे।” 

श्वेता ने बताया कि अयोध्या से वापस लौटते समय भी विमान में इसी तरह का माहौल व्याप्त था। केंद्रीय मंत्री वी के सिंह वापसी के दौरान यात्रा करने वालों में शामिल थे। विमान ने अपराह्न 2:40 बजे दिल्ली से उड़ान भरी और शाम चार बजे अयोध्या में उतरा और वापसी में यह शाम 4:40 बजे रवाना हुआ और शाम 5:55 बजे दिल्ली पहुंचा । इससे एक दिन पहले, शेखर के पिता मुक्तेश्वर सिंह (75) ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यह उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि हवाई अड्डे का प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किये जाने के बाद उनका बेटा पहला वाणिज्यिक यात्री विमान लेकर यहां आने वाला है। 

शेखर की मां मधुरानी सिंह (68) ने कहा, ‘‘भगवान राम हमारे प्रति दयालु रहे हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘जिस दिन से उसने विमानन क्षेत्र में प्रवेश किया, मेरा सपना था कि बेटे को अयोध्या तक विमान उड़ाते हुए देखूं। यह 12 साल बाद सच हुआ है। एक सपने को पूरा होते देखने से ज्यादा खुशी की बात क्या हो सकती है।” मुक्तेश्वर सिंह ने कहा, यह एक ‘दिव्य क्षण’ है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का अयोध्या से जुड़ाव चार पीढ़ियों से है, जब उनके परदादा श्री राम वल्लभ कुंज जानकी घाट का अनुयायी बनने के लिए शहर आए थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि शेखर यहां के गुरु श्री राम शंकर दास जी वेदांती के शिष्य हैं। 

मुक्तेश्वर सिंह ने मीडिया को बताया, ‘‘यह पूरे परिवार के लिए एक बहुत ही भावुक क्षण है। मेरा मानना है कि वह हमारे गुरुओं के आशीर्वाद के कारण विमानन क्षेत्र में आया। आज, प्रधानमंत्री द्वारा हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के बाद वह अयोध्या के लिये पहली उड़ान भर रहा है। यह परिवार के लिए बहुत गर्व की बात है।” शेखर की पत्नी श्वेता ने कहा, ‘‘मेरे दोनों बच्चे बहुत खुश हैं। हमारा मानना है कि हमारी खुशी और समृद्धि भगवान राम की जन्मभूमि के साथ हमारे दिव्य जुड़ाव की कृपा से है।” 

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गायक गुरु रंधावा के जिम में हुई गोलीबारी मामले में कार्रवाई; दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में 2 शूटर घायल

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पंजाबी गायक गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित ‘24 HS Fitness’ जिम में हुई गोलीबारी के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम विहार इलाके में स्थित इस जिम पर 11 जून को हुई फायरिंग की घटना के बाद फरार चल रहे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों को बुधवार रात एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को उनकी मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटर घायल भी हो गए।

11 जून को हुई गोलीबारी की घटना ने उस समय हड़कंप मचा दिया था, जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने गुरु रंधावा के जिम को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस केस में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पिछले सप्ताह क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के बहादुरगढ़ से लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो अन्य शूटरों को भी गिरफ्तार किया था।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी के पीछे असली मकसद क्या था और क्या इस घटना का संबंध किसी धमकी, रंगदारी या गैंगवार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और साजिश से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

फिलहाल दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस केस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।

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