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नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना: थाना प्रभारी लखविंदर सिंह

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सुल्तानपुर लोधी : गुरु की नगरी सुल्तानपुर लोधी के बाजारों में ट्रैफिक जाम होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब पुलिस की ओर से लोगों की सुविधा को मुख्य रखते हुए अपनी नई राजनीति बना ली। जिसमें दुकानों के बाहर गाड़ियां खड़ी करने वालों पर पुलिस की ओर से जुर्माना व उनके चालान काटे जाएंगे और पुलिस की ओर से आर्य समाज चौक व चोपड़ा कलैक्शन के बाहर खाली पड़ी जगह पर बेरिगेड भी लगा दिए गए हैं।

इस दौरान थाना प्रभारी लखविंदर सिंह ने बताया कि डी.एस.पी. बबनदीप सिंह के दिशा-निर्देशों पर हमारी ओर से संगत की सुविधा को मुख रखते हुए यह कदम उठाया गया है। उहोंने कहा कि खाली पड़ी जगह पर लोग गाड़ियां पार्क कर चले जाते थे। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, जिसके कारण वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती थीं, लेकिन अब सुल्तानपुर लोधी थाने की पुलिस ने ट्रैफिक के लिए अपना रूट प्लान तैयार कर लिया है और पुलिस की ओर से 2 जगहें चिन्हित की गई हैं। जहां लोग अपने वाहन पार्क कर सकते।

जानकारी देते हुए थाना प्रभारी लखविंदर सिंह ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति या श्रद्धालु बाजार में आते हैं, वे अपने वाहन बिजली घर व पुरानी सब्जी मंडी में पार्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वालों पर 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और चालान भी काटा जाएगा। उन्होंने लोगों से पुलिस का सहयोग करने को भी कहा।

इस दौरान क्यू.आर. टीम के इंचार्ज ए.एस.आई. शिंगारा सिंह, ए.एस.आई. जसपाल सिंह की ड्यूटी लगाई गई है कि यदि कोई वाहन बिना बताए लगाकर जाता है। उसको 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और चालान भी काटे जाए।

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Punjab में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लागू, राज्यपाल की मंजूरी

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जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब बिल 2026 को राज्यपाल गुलाब चन्द कटारिया ने मंजूरी दे दी है। अब बेअदबी करने वाले को उम्र कैद की सजा मिलेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट डाल कर दी जानकारी दी है।

पंजाब सरकार ने बैसाखी के पावन अवसर पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ को विधानसभा में पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करना और इसकी पवित्रता की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, ने यह विधेयक सदन में पेश किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए यह कानून बेहद जरूरी है और इसमें पहले से कहीं अधिक सख्त प्रावधान किए गए हैं।

बेअदबी गैर-जमानती और संज्ञेय (कॉग्निज़ेबल ऑफेंस) बनाया गया

इस विधेयक में बेअदबी के अपराध को गैर-जमानती और संज्ञेय (कॉग्निज़ेबल ऑफेंस) बनाया गया है, जिससे पुलिस बिना वारंट के कार्रवाई कर सकेगी। ऐसे मामलों की सुनवाई सत्र न्यायालय में होगी और जांच केवल डीएसपी या सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों द्वारा ही की जाएगी।

संशोधन के तहत कानून की भाषा में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां “बीड़” शब्द का उपयोग होता था, उसे बदलकर “स्वरूप” किया गया है, ताकि धार्मिक परंपराओं के अनुरूप शब्दावली का इस्तेमाल किया जा सके।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि गुरु ग्रंथ साहिब के सरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण और वितरण केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी या उसके अधिकृत संस्थानों द्वारा ही किया जाएगा।

संरक्षक करेंगे स्वरूप की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कानून में “संरक्षक” की परिभाषा भी जोड़ी गई है, जिसमें उन व्यक्तियों या संस्थाओं को शामिल किया गया है जो सरूप की देखभाल और मर्यादा के लिए जिम्मेदार होंगे। उनके लिए यह अनिवार्य होगा कि वे सरूप की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की क्षति या बेअदबी की आशंका होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

बेअदबी की परिभाषा को भी इस कानून में विस्तारित किया गया है। इसमें न केवल भौतिक नुकसान जैसे जलाना, फाड़ना या चोरी करना शामिल है, बल्कि किसी भी प्रकार के मौखिक, लिखित, प्रतीकात्मक या डिजिटल माध्यम से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य को भी इसमें शामिल किया गया है।

रही है कि भविष्य में बेअदबी के मामलों में कमी आएगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

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सुखबीर बादल का ‘मंडी दौरा’ एक ‘राजनीतिक ड्रामा’ निकला, खरीद की सच्चाई अकाली दल के झूठे प्रचार का किया पर्दाफाश: Baljeet Kaur

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पंजाब की कैबिनेट मंत्री और मलोट से विधायक बलजीत कौर ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के हाल ही में मलोट अनाज मंडी के दौरे पर करारा जवाब देते हुए उन पर किसानों की कीमत पर गलत जानकारी फैलाने और “राजनीतिक नौटंकी” करने का आरोप लगाया।

स्थिति स्पष्ट करते हुए, बलजीत कौर ने कहा कि चंडीगढ़ में कैबिनेट मीटिंग की वजह से वह बादल के दौरे के दिन मलोट में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अगर वह मेरी मौजूदगी में आते, तो मैं खुद उनका स्वागत करती और उन्हें ज़मीनी हकीकत बताती।

खरीद शुरू न होने के दावों पर उन्होंने कहा कि जिस किसान की खरीद मैंने शुरू करवाई थी, उसकी फसल उसी दिन खरीद ली गई। अगर कोई किसान कई दिनों के गैप के बाद बार-बार गेहूं लाता है, तो खरीद सही लाइन सिस्टम के तहत की जाती है। मैंने मंडी में अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए थे कि हर किसान को उसकी बारी सही तरीके से मिलेगी और किसी को भी गलत तरजीह नहीं दी जाएगी।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राजनीतिक फायदे के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए और लोगों से अपील की कि वे गुमराह होने से पहले असलियत को समझें।

बड़े पैमाने पर राजनीतिक हमला करते हुए बलजीत कौर ने कहा कि यह कितनी अजीब बात है कि जो नेता कभी अपने घरों तक ही सीमित रहते थे, वे अब जनता तक पहुंचने के लिए मजबूर हो रहे हैं। वे बड़ों को भी राजनीति में घसीट रहे हैं और उनकी बातों का इस्तेमाल ट्रोलिंग और प्रोपेगैंडा के लिए कर रहे हैं।

हाल ही में ओलावृष्टि से हुए संकट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। “हम लगातार केंद्र से खराब गेहूं के लिए राहत देने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, अप्रूवल लेटर 17 अप्रैल को ही आया है। चूंकि खरीद केंद्र सरकार करती है, इसलिए मैं पूछना चाहती हूं कि हरसिमरत कौर बादल, जो संसद में पंजाब के इस इलाके का नेतृत्व करती हैं, ने खरीद शुरू होने से पहले यह राहत देने के लिए समय पर पहल क्यों नहीं की?

उन्होंने आगे याद दिलाया कि जो लोग आज किसानों के साथ खड़े होने का दावा कर रहे हैं, उन लोगों ने विवादित कृषि कानूनों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि किसानों को याद रखना चाहिए कि मुश्किल समय में कौन उनके साथ खड़ा था और कौन उनके खिलाफ था।

अपना वादा दोहराते हुए, बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा अपने लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि चाहे वे किसान हों या बेजुबान जानवर, हम हर मुश्किल में मदद पक्का कर रहे हैं। हाल ही में, हमने प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए चारे का भी प्रबंध किया है।

उन्होंने कहा कि आप सरकार लोगों की भलाई के लिए ईमानदारी से काम करती रहेगी और मौकापरस्त राजनीति करने वालों को बेनकाब करेगी।

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National

पंजाब के औद्योगिक विकास को गति देने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के लिए CM भगवंत सिंह मान नीदरलैंड के दौरे पर

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राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, अलॉयज एंड स्टील्स, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी समेत प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने तथा निवेश आकर्षित करने के लिए आज नीदरलैंड के दौरे पर रवाना हो गए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारा विजन पूरी तरह स्पष्ट है, जो नीति स्थिरता, तेजी से फैसले लेने और निवेशकों के समय व भरोसे का सम्मान करने वाली शासन व्यवस्था प्रदान करके पंजाब को विश्व स्तर पर उद्योग के लिए प्राथमिकता वाला स्थान बनाने पर केंद्रित है।

यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नीदरलैंड भारत के लिए सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है और कई डच कंपनियां पहले से ही पंजाब में अपना कारोबार चला रही हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले अक्टूबर-2023 में विविधा इंडस्ट्रियल पार्क, राजपुरा में डी ह्यूस फैक्टरी का शिलान्यास किया था। इसी प्रकार आलू की फसल के लिए इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहले ही राज्य में सफलतापूर्वक काम कर रहा है, जो पंजाब और नीदरलैंड के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी पर जोर देंगे। वे पंजाब की रणनीतिक स्थिति, एनसीआर और प्रमुख बंदरगाहों से निर्बाध संपर्क, मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, गुणवत्तापूर्ण निर्बाध बिजली आपूर्ति, कुशल कार्यबल और प्रगतिशील नीति ढांचे को उजागर करके पंजाब को उत्तरी भारत के पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में भी प्रस्तुत करेंगे।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए प्रमुख प्रशासनिक और नियामक सुधारों को पेश करेगा, जिसमें 173 सरकार से कारोबार सेवाएं, ऑटो-डीम्ड मंजूरियां, पैन-आधारित व्यापारिक पहचान, पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन और फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम शामिल हैं।

इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य श्रृंखलाबद्ध रोड शो, वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स और बड़ी ग्लोबल कॉर्पोरेट कंपनियों व संस्थाओं के साथ चर्चाओं के माध्यम से पंजाब को यूरोपीय देशों के लिए निवेश के आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना और पंजाब में नया निवेश लाना है।

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