Connect with us

Chandigarh

क्या न्यूसोर्स स्टार्टअप माइंड्स इंडिया वैश्विक दृष्टिकोण के साथ स्टार्टअप कंसल्टेंसी सेवाओं में अग्रणी है? सत्य क्या है!

Published

on

भारत में स्टार्टअप कंसल्टेंसी सेवाओं में क्रांति लाने के प्रयास में, न्यूसोर्स स्टार्टअप माइंड्स इंडिया लिमिटेड स्टार्टअप की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ एक मदद के रूप में उभरा है। कंपनी की स्थापना इस मूल विश्वास के साथ की गई थी कि भारत में नए व्यवसायों को बढ़ावा देना एक निर्बाध यात्रा होनी चाहिए, जो स्टार्टअप परामर्श सेवाओं की सबसे बड़ी श्रृंखला का दावा करती है। इन सेवाओं में कानूनी मार्गदर्शन, कराधान, वीडियो उत्पादन, वेब डिज़ाइन, सामग्री निर्माण, वेब विकास, पंजीकरण प्रक्रियाएं, अनुपालन प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल हैं, जिससे 25,000 से अधिक मौजूदा व्यवसायों के ग्राहकों को लाभ होता है।

अपनी स्थापना के बाद से, न्यूसोर्स उभरते उद्यमियों को उनके विचारों को व्यवहार्य और टिकाऊ व्यवसायों में बदलने में सहायता करने के लिए समर्पित रहा है। कंपनी का अनोखा बिजनेस मॉडल इसे अलग करता है, जो ग्राहकों को उनके स्टार्टअप को सफल उद्यमों में बदलने के उद्देश्य से सेवाओं का एक व्यापक सूट प्रदान करता है। उनके संस्थापक से इसके बारे में बात की गयी। न्यूसोर्स की सफलता के पीछे दूरदर्शी सोच के साथ संस्थापक कहते हैं, “न्यूसोर्स में, हम स्टार्टअप्स के सामने आने वाली चुनौतियों को समझते हैं, और हमारा मिशन उनकी यात्रा को आसान बनाने के लिए अद्वितीय समर्थन और सेवाएं प्रदान करना है।”

न्यूसोर्स के दृष्टिकोण की असाधारण विशेषताओं में से एक कानूनी, पेशेवर और वित्तीय सलाहकार सेवाओं में इसकी विशेषज्ञता है। कंपनी के विशेषज्ञों की टीम ग्राहकों को न केवल घरेलू नियमों के जटिल जाल से निपटने में बल्कि भारत की सीमाओं से परे अपने कारोबार का विस्तार करने में भी मार्गदर्शन करती है। यह वैश्विक दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि स्टार्टअप अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश कर सकें, अपने क्षितिज का विस्तार कर सकें और सफलता की अपनी क्षमता को अधिकतम कर सकें। कम्पनी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की व्यापक श्रृंखला स्टार्टअप जीवनचक्र के हर पहलू को शामिल करती है। विचार अवधारणा के प्रारंभिक चरण से लेकर एक मजबूत व्यवसाय मॉडल की स्थापना तक, कंपनी के विशेषज्ञ मूल्यवान अंतर्दृष्टि और समर्थन प्रदान करते हैं। जब कानूनी अनुपालन की बात आती है तो न्यूसोर्स की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता उसके विस्तार पर ध्यान देने में परिलक्षित होती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि स्टार्टअप हर समय कानून के सही पक्ष पर बने रहें।

न्यूसोर्स का प्रभावशाली ट्रैक रिकॉर्ड स्टार्टअप्स को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में इसकी प्रभावकारिता का प्रमाण है। कंपनी का ग्राहक आधार विभिन्न उद्योगों के उद्यमियों का एक विविध मिश्रण है, जिनमें से सभी नेउसोर्स के समग्र और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण से लाभान्वित हुए हैं। हमारे समाचार अनुसंधान और रिपोर्टों के अनुसार, यह स्पष्ट है कि कंपनी भारत में उद्यमिता के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का दावा करती है और तैयार है। सादगी, नवीनता और वैश्विक विस्तार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता इसे व्यापक और विश्वसनीय परामर्श सेवाएं चाहने वाले स्टार्टअप के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में स्थापित करती है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Chandigarh

पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

Published

on

पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Continue Reading

Chandigarh

चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद

Published

on

चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।

पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।

घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।

CCTV में कैद हुआ तेंदुआ

सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।

सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

Continue Reading

Chandigarh

चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी

Published

on

चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।

प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।

1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट

प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।

ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी

सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।

Continue Reading

Trending