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UP की दो सगी बहनों की योगी आदित्यनाथ से गुहार, ‘आश्रम बापू की तरह सजा देना कि की मांग’ ब्रह्मकुमारी आश्रम में रहने वाली बहनों ने की खुदखुशी

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यूपी के आगरा से सनसनी खबर सामने आई है| बता दे की दो सगी बहनों ने फांसी लगा कर आत्महतिया कर ली है | जान देने से पहले दोनों बहनों ने तीन पेज का सुसाइड नोट लिखा है और योगी आदित्यनाथ से आरोपियों को सजा दिलवाने की मांग की है | बता दे की दोनों सगी बहने आगरा के जगनेर के प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम में रहती थी | जिसमे संस्था के ही चार लोगो पर गंभीर आरोप लगाए है |
बता ते चले की दोनों बहनों ने सुसाइड नोट में अपनी जान देने का ज़िकर किया है और आश्रम बापू की तरह सजा दिलवाना की मांग की है|

सुसाइड नोट लिखा में लिखा गया है, ‘योगी जी रिक्वेस्ट करती हूं इस पापी ने हमारे दोनों बहनों के साथ गद्दारी की है. माउंड आबू में नौकरी करने वाले नीरज सिंघल ने हमें भरोसा दिलाया कि यहां सेंटर बनने के बाद वो साथ रहेगा लेकिन उसके बाद उसने बात करना बंद कर दिया. सेंटर खोले जाने को लेकर दोनों बहनों ने एक साल से परेशान रहने का जिक्र किया है. और इसके लिए आश्रम के चार लोगों नीरज सिंघल, धौलपुर के ताराचंद, नीरज के पिता और ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली एक महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए पैसे हड़पने का आरोप लगाया है.

सुसाइट नोट में ग्वालियर में रहने वाली महिला से इन लोगों (आरोपियों) के अवैध संबंध होने का भी जिक्र किया गया है. दोनों बहनों ने सुसाइड नोट में लिखा, ”हमारे पिता ने प्लॉट के लिए 7 लाख रुपए आश्रम से जुड़े लोगों को दिए थे. 18 लाख रुपए गरीब माताओं से लिए गए थे, जिन्हें आरोपियों ने हड़प लिया.वे लोग पैसे हड़पने के साथ-साथ महिलाओं के साथ अनैतिक काम करते हैं. उन्होंने आगे लिखा है, ‘सेंटर का 25 लाख रुपये वहां रहने वाली गरीब माताओं-बहनों का है और वो उन्हें ही मिलना चाहिए. दोनों बहनों ने आगे लिखा है इसने (आरोपियों)  वो पैसा देने से मना कर दिया और अफवाह फैला दी कि सेंटर उन्होंने बनवाया है. मैं कसम खाकर कह सकती हूं इसका एक पैसा भी सेंटर में नहीं लगा है. सुसाइड नोट में गुड्डन नाम के एक व्यक्ति का भी जिक्र किया गया है. पी के मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए आगे लिखा गया है कि वो बहुत अय्याश है और इसने अपनी बहू को भी नहीं छोड़ा और उससे उसके नाजायज संबंध हैं. सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने आगे लिखा है, ‘कई बहनें (महिलाएं) सुसाइड कर लेती हैं और यह लोग (आरोपी) छिपा लेते हैं. हम दोनों बहनों के साथ गद्दारी हुई है. पापी नीरज सिंघल माउंट आबू में मॉडर्न कंपनी में नौकरी करता है. ग्वालियर मोती झील वाली पूनम, इसके पिता ताराचंद और उसकी बहन का ससुर गुड्डन जो जयपुर में रहता है. हमारे साथ 15 साल से रह रहा था और झूठ बोलता रहा. हमने कोई गलती नहीं की. सेंटर बनवाने में सारा पैसा हमारा लगा है.

सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने सीएम योगी से अपील करते हुए आगे लिखा है, योगी जी नीरज, ताराचंद और गुड्डन तीनों को आजीवन सजा मिलनी चाहिए. मैं फिर बोलूंगी हमने अकेले पड़कर घबड़ाकर ये सब किया है, इन्होंने हमारे सेंटर के पैसे से फ्लैट खरीद लिया. ये लोग ब्याज पर पैसा लाते हैं और फिर उसी पर केस कर देते हैं. इन सब में पूनम, सविता और रश्मि भी शामिल है.  हम दोनों की जिंदगी खराब करने में इनका भी हाथ है.’
वहीं इस मामले को लेकर एसीपी ने बताया कि सभी आरोपी बाहर के हैं, इनमें से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो लोगों को पकड़ने के लिए टीम को रवाना किया गया है।

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विपक्ष पंजाब के लोगों को गुमराह करने के लिए 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य योजना के बारे में गलत प्रचार कर रहा है: डॉ. बलबीर सिंह

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने रविवार को कहा कि विपक्ष 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर मुहिम चला रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों की इक्का-दुक्का घटनाओं का इस्तेमाल करके योजना के साबित हो चुके प्रभाव को नजरअंदाज करते हुए इसे असफल दिखाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने बताया कि 1.72 लाख से अधिक मरीज पहले ही 292 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं। पार्टी ने दावा किया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की यह कोशिश या तो सरकारी योजनाओं की बुनियादी समझ की कमी को दर्शाती है या फिर लाभार्थियों में भ्रम पैदा करने और एक बड़ी जनकल्याणकारी पहल को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा अमृतसर के एक मरीज की वीडियो साझा किए जाने पर सीधा जवाब दिया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि वीडियो में दिखाया गया अस्पताल ‘शूर हॉस्पिटल’ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) नहीं है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 600 से अधिक निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं और इलाज का लाभ केवल इन्हीं पंजीकृत संस्थानों में मिलता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के किसी नेता के लिए तथ्यों की जांच किए बिना ऐसी सामग्री साझा करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है, क्योंकि इससे न सिर्फ जनता गुमराह होती है बल्कि लाभार्थियों में बेवजह दहशत भी पैदा होती है।

उन्होंने ऐसी योजनाओं के ढांचे के बारे में और स्पष्ट करते हुए कहा कि अस्पतालों का सूचीबद्ध होना स्वैच्छिक है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसी स्कीमों के तहत अस्पतालों की भागीदारी स्वैच्छिक होती है और किसी भी अस्पताल को शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसलिए गैर-सूचीबद्ध अस्पतालों की घटनाओं को योजना की विफलता के रूप में पेश करना तथ्यों के आधार पर गलत और भ्रामक है।

इस पहल के स्तर और प्रभाव पर रोशनी डालते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब के लोगों को मिले प्रत्यक्ष लाभों पर जोर दिया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि 1.72 लाख से अधिक मरीज पहले ही 292 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं, जिसमें दिल की सर्जरी, दिमाग के ऑपरेशन, जोड़ों के बदलने और इमरजेंसी एक्सीडेंट केयर जैसे गंभीर इलाज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े योजना की प्रभावशीलता और पहुंच को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं और इसे बदनाम करने की कोशिशें निंदनीय हैं।

भ्रम फैलाने की कथित कोशिश पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जवाबदेही की मांग की। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को गलत जानकारी फैलाने और लोक-कल्याणकारी पहल के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश करने के लिए पंजाब के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पलटवार करते हुए सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और राजा वड़िंग सहित विपक्षी नेताओं की प्रशासनिक समझ पर सवाल उठाए। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बाजवा और बादल जैसे नेता सालों तक उच्च पदों पर रहने के बावजूद सरकारी योजनाओं के बुनियादी कामकाज को समझने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जो लोग उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता रहे हैं, उन्हें अभी तक यह नहीं पता कि ऐसी योजनाओं के तहत केवल सूचीबद्ध अस्पताल ही इलाज प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के बयान या तो उनकी अज्ञानता को उजागर करते हैं या फिर लोगों को गुमराह करने के उनके इरादे को बेनकाब करते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि योजना के अंतर्गत केवल स्वीकृत अस्पतालों को ही अधिकार दिया गया है और गलत जानकारी फैलाने के खिलाफ चेतावनी दी। कुलदीप सिंह धालीवाल ने आगे कहा कि पंजाब में हजारों अस्पताल हैं, लेकिन योजना के तहत केवल सरकार के स्वीकृत पैनल में शामिल अस्पताल ही अधिकृत हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सही राह दिखाने की बजाय ये नेता उन्हें उलझा रहे हैं और झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि लाखों गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने वाली योजना को कमजोर करने की कोशिश है।

ऐसी टिप्पणियों के पीछे के इरादे पर सवाल उठाते हुए आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी नेता जनहित से ज्यादा अपने सियासी वजूद को तरजीह दे रहे हैं। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने और चर्चा में बने रहने के लिए बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिप्पणी करने से पहले इन नेताओं को कम से कम सरकारी वेबसाइटों की जांच करनी चाहिए या तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि उनके लापरवाही भरे बयान शर्मिंदगी का कारण बन गए हैं।

उन्होंने नागरिकों से केवल प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की। कुलदीप सिंह धालीवाल ने दोहराया कि पंजाब के लोगों को ऐसे प्रचार से गुमराह नहीं होना चाहिए और केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना प्रभावशाली ढंग से काम कर रही है और आम लोगों को बड़ी राहत प्रदान करना जारी रखे हुए है।

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चंडीगढ़ की सुखना लेक 2 दिन रहेगी बंद, एयर शो के चलते प्रशासन का बड़ा फैसला

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चंडीगढ़ की मशहूर सुखना झील को 26 मार्च से अस्थायी तौर पर आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसला 27 और 28 मार्च को आयोजित होने वाले एयर शो को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी।

प्रशासन के अनुसार, 27 मार्च को एयर शो की फुल ड्रेस रिहर्सल होगी, जबकि 28 मार्च को दोपहर 1:30 बजे के बाद झील को फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए दोनों दिनों में केवल करीब 10,000 लोगों को ही कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी गई है।

एयर शो में भाग लेने के लिए पहले से बुकिंग और QR कोड वाला पास अनिवार्य होगा। टिकट की कीमत ₹100 तय की गई है और इसकी बुकिंग Chandigarh Tourism App के जरिए की जा रही है।

सुरक्षा कारणों से सुखना झील के आसपास निजी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। दर्शकों को निर्धारित पिकअप पॉइंट्स से शटल बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा। यह बस सेवा सुबह 8 बजे से 9 बजे तक संचालित होगी।

प्रशासन ने एयर शो के दौरान दर्शकों की सुविधा के लिए पीने के पानी, टॉयलेट, एंबुलेंस, फायर टेंडर और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की है, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

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SC छात्रों को छात्रवृत्ति वितरण में Punjab देश में दूसरे स्थान पर, 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ — Dr. Baljeet Kaur

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पंजाब के सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि भगवंत मान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अनुसूचित जाति (SC) और अन्य वर्गों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में करीब 10 लाख छात्रों को इसका लाभ मिला है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मोहाली के कलाकट भवन में आयोजित टूल किट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि आईटीआई के छात्रों को टूल किट वितरित करने, SC विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्य-पुस्तकें देने और अन्य योजनाओं को 100 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा फंड किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस पहल के तहत पहले चरण में एस.ए.एस. नगर, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना जिलों के 630 छात्रों को कवर किया गया है, जबकि राज्य की 32 सरकारी आईटीआई के कुल 1506 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और उन्हें कौशल आधारित रोजगार के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि पहले जहां केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना का लाभ केवल दो जिलों तक सीमित था, वहीं अब पंजाब सरकार के प्रयासों से इसे राज्य के सभी जिलों तक विस्तारित कर दिया गया है।

समाज में समानता और जागरूकता की जरूरत पर जोर देते हुए मंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि उनकी सोच और सिख धर्म की शिक्षाओं ने जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ऊपर उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर विधायकों और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि टूल किट वितरण से आईटीआई के छात्र आत्मनिर्भर बनेंगे और सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

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