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रक्षा बंधन ने पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों में परिवारों को जोड़ा, नशामुक्ति और उम्मीद के संदेश को किया मज़बूत

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शुक्रवार को पंजाब के विभिन्न सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में रक्षा बंधन मनाया गया, जहां परिवारों ने अपने उन प्रियजनों के साथ समय बिताया जो नशे की समस्या से उबरने के लिए उपचार और नशामुक्ति की प्रक्रिया से गुज़र रहे हैं।

भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित इन समारोहों ने भाई-बहन के बीच प्रेम और सहयोग के संदेश को मज़बूत किया। साथ ही, उपचार ले रहे लोगों को नशामुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध रहने, अपने प्रियजनों के पास लौटने और एक स्वस्थ एवं सार्थक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

परिवारों के साथ-साथ, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और पंजाब के सूरमाओं, यानी ऐसे पीयर एंबेसेडरों, जिन्होंने स्वयं नशे की लत से बाहर निकलकर नशामुक्त जीवन अपनाया है और अब इसी राह पर आगे बढ़ रहे अन्य लोगों को प्रेरित करते हैं, ने भी इन कार्यक्रमों में भाग लिया।

गुरदासपुर स्थित ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में सूरमा पंकज महाजन, जो स्वयं नशे की लत से उबर चुके हैं, ने मरीज़ों और उनके परिवारों से बातचीत की तथा अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए उपचार ले रहे मरीज़ों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “हम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आप सभी का हौसला बढ़ाने के लिए यहाँ आए हैं। सरकार आपकी मदद के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है और हम भी आपको सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए यहाँ हैं। मैं स्वयं नशे की लत से गुज़र चुका हूँ और अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि इससे बाहर निकला जा सकता है। मैं अब पिछले 10 वर्षों से नशामुक्त हूँ और चाहता हूँ कि आप भी इसी राह पर चलें। रक्षा बंधन के अवसर पर हमारी बहनें भी आपके इस प्रयास में आपका साथ देने के लिए यहाँ मौजूद हैं। आइए, उनसे यह वादा करें कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।”

विभिन्न केंद्रों में पत्र-लेखन और रचनात्मक कला से जुड़ी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से मरीज़ों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने, परिवारों से जुड़ने और अपनी नशामुक्ति की यात्रा पर आत्ममंथन करने का अवसर मिला।

कपूरथला के ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में उपचार ले रहे एक मरीज़ राजविंदर सिंह (बदला हुआ नाम) ने पत्र-लेखन गतिविधि के माध्यम से नशे की लत से अपने संघर्ष के दौरान मज़बूती से साथ देने के लिए अपनी बहन और परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राजविंदर ने लिखा, “जब मैं यहाँ आया, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं कितना गलत था। अब मैंने नशा छोड़ दिया है और अपनी पुरानी ज़िंदगी में लौट आया हूँ।”

कपूरथला के ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में उपचार ले रहे एक अन्य मरीज़ ने अपनी बहन को पत्र लिखा। पत्र के एक अंश में उसने कहा, “मेरी प्यारी बहन, मैंने जो भी किया, उसका मुझे बहुत अफ़सोस है। कृपया मुझे माफ़ कर दो। मुझे अपनी गलतियों का एहसास हो गया है। मैं आप सभी से प्यार करता हूँ और आप सभी को बहुत याद करता हूँ और मैं फिर कभी इस नरक की राह पर नहीं चलूँगा।”

पंजाब भर के अन्य नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भी इसी तरह रक्षा बंधन मनाया गया। कपूरथला और एसएएस नगर में, ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से ज़िला पुनर्वास केंद्रों में रक्षा बंधन समारोह आयोजित किए गए।

पटियाला में, सर्व प्रेम फाउंडेशन और सूरमाओं ने मिलकर ज़िला नशामुक्ति केंद्र में रक्षा बंधन मनाया। सर्व प्रेम फाउंडेशन के माध्यम से समुदाय की युवा लड़कियों ने मरीज़ों के लिए हाथ से बनाई गई राखियाँ और प्रोत्साहन के संदेश भेजे।

इसके अलावा, बठिंडा, पठानकोट, नवांशहर, मानसा, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, अमृतसर और पंजाब के अन्य ज़िलों में स्थित सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भी रक्षा बंधन मनाया गया, जिसमें नशे की लत से उबर रहे लोगों के परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पुनर्वास प्रक्रिया में परिवार की भूमिका को विशेषज्ञों द्वारा व्यापक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकारी केंद्रों में काउंसलर परिवारों को बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, ताकि वे अपने प्रियजनों की नशामुक्ति यात्रा के दौरान उनका समर्थन और हौसला बढ़ा सकें। राज्य के विभिन्न केंद्रों पर परिवार परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य में पायलट आधार पर चलाए जा रहे कम्युनिटी ब्रिज मॉडल (CBM) के तहत परिवारों के लिए मनो-शैक्षिक सत्र में भाग लेना अनिवार्य है, ताकि उन्हें मरीज़ की घर पर नशामुक्ति एवं पुनर्वास प्रक्रिया में प्रभावी सहयोग देने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की जा सके।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति प्रक्रिया में परिवारों की भागीदारी नशे की समस्या के खिलाफ राज्य की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा, “रक्षा बंधन जैसे त्योहार हमें याद दिलाते हैं कि नशामुक्ति अकेले व्यक्ति की यात्रा नहीं है। परिवार का प्रेम, प्रोत्साहन और विश्वास व्यक्ति को जीवन के सबसे कठिन दौर में से एक से बाहर निकलने की शक्ति दे सकता है। हमारे नशा मुक्ति केंद्र उम्मीद, गरिमा और पुनर्वास के केंद्र बने रहने चाहिए, जहां मरीज़ों को केवल चिकित्सकीय ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक सहयोग भी मिले।”

इस पहल का उद्देश्य रक्षा बंधन की भावना का उपयोग करते हुए परिवार के सहयोग, निरंतर नशामुक्ति, रिश्तों की बहाली और पंजाब के लिए नशामुक्त भविष्य के व्यापक संदेश को मजबूत करना है।

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Politics

‘मिशन क्लीन पंजाब’: भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य-स्तरीय सफ़ाई अभियान की शुरूआत, मंत्रियों, विधायकों, मेयरों और पार्षदों ने राज्यभर में संभाली कमान

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पंजाब के शहरों को साफ़, हरा-भरा और हेल्दी बनाने के मकसद से, भगवंत मान सरकार ने आज राज्य के शहरी इलाकों में ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान शुरू किया। 29 अगस्त से 7 सितंबर तक चलने वाले इस 10 दिन के खास सफाई अभियान के तहत, कैबिनेट मंत्री, विधायक, मेयर, नगर पार्षद और बड़े अधिकारी हर सुबह खुद जाकर सफाई के इंतज़ामों का जायज़ा ले रहे हैं और सफाई के काम को तेज़ कर रहे हैं।

‘क्लीन पंजाब, प्राउड पंजाब’ के संकल्प पर आधारित यह अभियान खास तौर पर उन जगहों (कचरे के हॉटस्पॉट) की पहचान करके उन्हें हटाने पर फोकस करेगा, जहाँ बार-बार कचरा फेंका जाता है। खास टीमें इन जगहों को अच्छी तरह से साफ करेंगी, साथ ही यह भी पक्का करेंगी कि वहाँ दोबारा कचरा जमा न हो।

हरजोत सिंह बैंस ने नंगल में सफाई अभियान का किया नेतृत्व

स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब के नंगल में इस अभियान को लीड किया। उन्होंने खुद सफाई की गतिविधियों में हिस्सा लिया और सफाई कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत की।

इस बीच, स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान पंजाब सरकार का अपने लोगों को एक साफ और हेल्दी शहर देने का कमिटमेंट दिखाता है। उन्होंने कहा, “सफ़ाई की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ सफ़ाई कर्मचारियों की नहीं हो सकती, बल्कि आम नागरिकों, दुकानदारों और लोकल कम्युनिटी को भी अपने आस-पास की जगह को साफ़ रखने के लिए इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।”

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह अभियान सिर्फ़ एक बार की सफ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका फ़ोकस एक टिकाऊ सफ़ाई सिस्टम बनाने पर होगा, जिसमें रेगुलर मॉनिटरिंग और बार-बार कचरा डंप करने वाली जगहों पर कार्रवाई होगी।” उन्होंने नागरिकों से प्रशासन के साथ सहयोग करने और सार्वजनिक जगहों पर कचरा न फेंकने की भी अपील की।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया

पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी कोटकपूरा में इस अभियान की शुरुआत की। यहां, उन्होंने शहर को साफ रखने में योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया और बाद में उनके साथ सफाई के काम में शामिल हुए। उन्होंने कहा, “मिशन क्लीन पंजाब के तहत, कोटकपूरा और फरीदकोट जिले के दूसरे हिस्सों में सेकेंडरी वेस्ट कलेक्शन सेंटर और कचरा डंपिंग पॉइंट की पूरी सफाई की जाएगी। यह अभियान न केवल सफाई कर्मचारियों बल्कि जिला प्रशासन, नगर परिषदों और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिली-जुली कोशिश है।”

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, “अलग-अलग वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों और उनके साथ काम करने वाले उनके साथियों/सुपरवाइजरों की लिस्ट तैयार कर ली गई है और ज़्यादा पारदर्शी और अकाउंटेबिलिटी पक्का करने के लिए इसे सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।”

लोगों से सफाई अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील करते हुए, कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि इस अभियान के नतीजे इसके पूरा होने के बाद भी बने रहें, यह पक्का करने के लिए जनता का सपोर्ट ज़रूरी है।

पूरा पंजाब अभियान में शामिल हुआ: मंत्रियों और विधायकों ने संभाली कमान

राज्य स्तर के इस अभियान में कई शहरों में मंत्रियों और चुने हुए प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जहाँ पब्लिक प्रतिनिधियों ने खुद सफाई एक्टिविटी में हिस्सा लिया और ग्राउंड स्तर पर सफाई के इंतज़ाम का निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के थापर चौक पर खुद सफाई करके अभियान को लीड किया। सफाई और पब्लिक हेल्थ के बीच लिंक पर ज़ोर देते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि गंदगी और कूड़े के ढेर कई बीमारियों के फैलने की वजह हैं।

कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने जालंधर में नकोदर चौक के पास सफाई अभियान में हिस्सा लिया, जबकि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जंडियाला गुरु में नगर परिषद अध्यक्ष, पार्षदों और सफाई कर्मचारियों के साथ अभियान का नेतृत्व किया। हरभजन सिंह ईटीओ ने निवासियों और दुकानदारों से अपील की कि वे सफाई बनाए रखना एक साझा नागरिक जिम्मेदारी समझें।

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने खन्ना नगर परिषद कार्यालय से सफाई अभियान की शुरुआत की, जबकि विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने बलटाना (ज़ीरकपुर) में नगर पार्षदों, वार्ड इंचार्जों और अधिकारियों के साथ अभियान की शुरुआत की। ज़ीरकपुर को साफ और कूड़ा-मुक्त बनाने के संदेश के साथ अभियान को आगे बढ़ाया गया।

अमृतसर में, विधायक डॉ. अजय गुप्ता और मेयर जतिंदर पाल सिंह मोती भाटिया ने सफाई अभियान का नेतृत्व किया। फतेहगढ़ साहिब में, विधायक एडवोकेट लखबीर सिंह राय ने सरहिंद नगर परिषद द्वारा शुरू किए गए अभियान का नेतृत्व किया।

विधायक नरिंदर कौर भारज ने संगरूर में खंडा चौक से हरिपुरा होते हुए पुनिया टावर तक के रास्ते पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया और भवानीगढ़ में तूर पत्ती पार्क में भी अभियान में शामिल हुईं।

मोगा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने सफ़ाई अभियान को लीड किया। विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी और एसडीएम दीपजोत कौर ने बस्सी पठाना में अभियान का इंस्पेक्शन किया, जबकि सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने फगवाड़ा में सफ़ाई के काम की देखरेख की।

अजनाला में विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने सफ़ाई अभियान को लीड किया, जिसमें एसडीएम, ईओ और आप वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। अभियान के दौरान अलग-अलग जगहों से कचरे के ढेर हटाए गए।

लोग M-Seva ऐप के ज़रिए कचरे वाली जगहों की रिपोर्ट कर सकते हैं

पंजाब सरकार ने ‘मिशन क्लीन पंजाब’ में आम जनता से भी एक्टिव सहयोग मांगा है। नागरिक M-Seva ऐप के ज़रिए अपने इलाके में कचरे और गंदी जगहों की तस्वीरें भेज सकेंगे, जिससे प्रशासन को प्रॉब्लम वाली जगहों को पहचानने और समय पर एक्शन लेने में मदद मिलेगी।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पब्लिक जगहों पर कचरा न फेंकें और अपने घरों और बिज़नेस की जगहों के आसपास सफ़ाई बनाए रखने में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन/काउंसिल का सहयोग करें।

‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान का मकसद सिर्फ 10 दिनों के लिए शहरों को साफ करना नहीं है, बल्कि शहरी सफाई सिस्टम को मजबूत करना और पूरे पंजाब में हमेशा के लिए सफाई का कल्चर बनाना है।

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पंजाब का नाम रोशन, NEET में AIR-1 आर्यन गुप्ता से मिले मुख्यमंत्री मान

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पंजाब के युवाओं ने एक बार फिर अपनी मेहनत और प्रतिभा का लोहा मनवाया है। NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले पंजाब के आर्यन गुप्ता से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुलाकात कर उन्हें और उनके परिवार को दिल से बधाई दी। आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने आर्यन की इस उपलब्धि को पंजाब के लिए गर्व का पल बताते हुए कहा कि पंजाबियों ने जिस भी क्षेत्र में कदम रखा है, वहां अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर पहचान बनाई है। आर्यन की सफलता भी प्रदेश के दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है।

इस दौरान आर्यन गुप्ता और उनके परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उनकी मेहनत, लगन और सफलता की सराहना की। आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों और लगातार की गई मेहनत को दिया है। उन्होंने बताया कि NEET की तैयारी के दौरान उन्होंने लंबे समय तक नियमित पढ़ाई की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और बेहतर माहौल के कारण विद्यार्थियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए नए अवसर मिल रहे हैं।

सरकार का कहना है कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बड़े राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आर्यन गुप्ता की उपलब्धि इसी बदलते शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की मेहनत की मिसाल के तौर पर देखी जा रही है।

आर्यन की सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे पंजाब का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को मेहनत करने और अपने बड़े सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

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National

पंजाब के सरकारी स्कूल देश के अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूलों को भी दे रहे मात- केजरीवाल

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पंजाब में कभी सरकारी स्कूलों की पहचान जर्जर इमारतों, टूटे फर्नीचर और सीमित सुविधाओं से होती थी, वहीं आज सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक लैब, स्मार्ट बोर्ड, स्वीमिंग पूल और बेहतरीन प्ले ग्राउंड से सजे ये सरकारी स्कूल नामी प्राइवेट स्कूलों को भी मात दे रहे हैं। इन स्कूलों में अमीर-गरीब हर तबके के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार के शिक्षा मॉडल की यह तस्वीर पंजाब में बदलती शिक्षा की तस्वीर दिखाती है। शनिवार को ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना, संगरूर और नवांशहर के तीन शानदार सरकारी स्कूलों का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा कर अपनी पार्टी की सरकार के शानदार काम पर खुशी और संतोष जाहिर किया।

अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना, संगरूर और नवांशहर में भगवंत मान सरकार के बनाए गए सरकारी स्कूलों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इनके सामने प्राइवेट स्कूल भी फेल हैं। ये सरकारी स्कूल पंजाब में शिक्षा की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने कि हमने ऐसे हजारों स्कूल पंजाब में बनाए हैं। लोगों को इन्हें देखकर विश्वास ही नहीं होगा कि ये सरकारी स्कूल हो सकते हैं। ये देश के अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहे हैं। मुझे बहुत खुशी होती है कि हमने ऐसा काम किया है जिससे गरीबों के बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलने लगी है। मजदूरों, रिक्शे वालों, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, लोअर मिडिल क्लास और गरीबों के बच्चे अब डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं।

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