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राखी के त्यौहार पर भगवंत सिंह मान ने निभाया ‘भाई’ का फर्ज, 1.37 लाख सत्कार सखियों के खातों में डाली सम्मान राशि
राखी के त्यौहार पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 1.37 लाख ‘सत्कार सखियों’ को 52.20 करोड़ रुपए की सम्मान राशि ट्रांसफर कर ‘भाई’ का फर्ज निभाया। इसके साथ ही उन्होंने पूरे पंजाब की महिलाओं तक ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ पहुंचाने में सत्कार सखियों के अथक योगदान की भरपूर सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्कार सखियों के प्रयासों की बदौलत ही इस योजना के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हो सका है और योग्य लाभार्थियों के बैंक खातों में सम्मान राशि पहुँचना सुनिश्चित हुआ है।
इस पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 76.11 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपए पहले ही ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उनकी सरकार ने इस योजना से एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जबकि सत्कार सखियों को प्रत्येक पंजीकरण के लिए 300 रुपए मिलेंगे, जिससे वे इस पहल के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी और जब तक पंजाब में आप सरकार है, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ बंद नहीं होगी। इस दौरान आप पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. अमनदीप कौर, विधायक डॉ. जीवनजोत कौर, विधायक इंद्रजीत कौर तथा कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. भी मौजूद थे।
एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “राखी के पवित्र त्यौहार पर हमारी सरकार बहनों से किए वादे को पूरा कर रही है। आज मैंने गोइंदवाल साहिब में ‘सत्कार सखी सम्मान समारोह’ में वर्चुअल रूप से शिरकत की। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में ‘सम्मान राशि’ भेजी जा रही है। उन सभी ‘सत्कार सखियों’ का तहे दिल से धन्यवाद जिन्होंने जरूरतमंद परिवारों के पंजीकरण और फॉर्म भरने में मदद की। इस नेक सेवा के लिए आपका नाम इतिहास में दर्ज होगा। इस व्यापक सरकारी योजना को घर-घर पहुंचाने और महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि पहुंचाने के लिए सभी सत्कार सखियों को बहुत-बहुत मुबारकबाद और दिल से धन्यवाद।”
सत्कार सखियों को सम्मान राशि देने के लिए आयोजित समारोह के दौरान सभा को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने राखी के त्यौहार पर पहली किस्त जारी कर महिला लाभार्थियों को रखी का विशेष तोहफा दिया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने महिलाओं के मान-सम्मान में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयह सत्कार योजना’ शुरू की है। मैं बाकी बची सभी योग्य महिलाओं से अपील करता हूं कि वे इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाएं और इसका लाभ उठाएं।”
मुख्यमंत्री ने बताया, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता के मोबाइल संदेश मिल रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपए मिल रहे हैं। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है और पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”
उन्होंने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर तो न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान और स्वाभिमान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं और मां-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती पर जीत हासिल करने में मदद कर सकते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परिवार के कल्याण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक एवं आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय आजादी को मजबूत करना बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”
राखी के त्यौहार पर मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने 1.37 लाख सत्कार सखियों को 52.20 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर ‘भाई’ का फर्ज निभाया है। ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को बड़ी सफलता दिलाने में सत्कार सखियों ने अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि उनके सुहृदय प्रयासों से ही 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हुआ है।”
उन्होंने आगे कहा, “सत्कार सखियों ने इस योजना को पूरे पंजाब की महिलाओं तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनकी मेहनत की बदौलत ही 75 लाख से अधिक महिलाएं मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना से जुड़ सकी हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सत्कार सखियों को प्रत्येक पंजीकरण के लिए 300 रुपए मिलेंगे और 100 रुपए प्रति पंजीकरण के हिसाब से 52.20 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सत्कार सखियह इस पहल के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करेंगी।”
मुख्यमंत्री ने नोट किया, “अब तक पंजीकृत 76.11 लाख महिलाओं में से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता भेजी जा चुकी है। यह देश की इकलौती ऐसी योजना है जो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को बिना किसी शर्त के मान-भत्ता देती है।”
उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब में आप सरकार है, ‘मुख्यमंत्री मा वां-धीयां सत्कार योजना’ जैसी कल्याणकारी पहल बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन घरों में 3,000 से 4,500 रुपए पहले ही पहुंच चुके हैं, वहां सत्कार सखियों और महिला लाभार्थियों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया है। यह रिश्ता तब और मजबूत होगा, जब रखी पर नई किस्त जारी होने से लाभार्थियों के फोनों पर फिर संदेश आएंगे। मुझे उम्मीद है कि महिलाएं इस पैसे का इस्तेमाल समझदारी से नए कपड़े खरीदने, दवाइयां लेने या कर्ज चुकाने के लिए करेंगी। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इस पैसे का सही इस्तेमाल हो रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सत्कार सखियों को प्रेरित किया कि वे अपने द्वारा पंजीकृत किए गए परिवारों से हमेशा जुड़ी रहें और उनका ख्याल रखें। उन्होंने बातचीत खत्म करते हुए कहा, “उनकी भूमिका सिर्फ पंजीकरण तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर लाभार्थी परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।”
इस दौरान आप पंजाब के महिला विंग की अध्यक्ष और विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने पंजाब भर की महिलाओं तक ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ पहुंचाने में सत्कार सखियों और समूचे महिला विंग के समर्पित योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये बहनें सिर्फ महिलाओं के फॉर्म भरवाने में ही मदद नहीं कर रही हैं, बल्कि उनकी जिंदगी बदलने में एक बड़े सहारे का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने आगे कहा, “महिला विंग आम आदमी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली सबसे मजबूत ताकत के रूप में उभरा है, जो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की सत्ता में वापसी को सुनिश्चित करने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाएगा।”
विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने कहा, “आप वे बहनें हैं जिन्होंने अपनी गलियों और मोहल्लों में महिलाओं के फॉर्म भरे और उनकी जिंदगी बदलने में मदद की। आप हर रोज अनेकों महिलाओं की जरूरतों के मुताबिक उनकी मदद करती हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने में अपना पूरा योगदान देती हैं। मैं इस समर्पित कार्य के लिए समूची महिला विंग की टीम को बधाई देती हूं।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना एक और बड़ा उपक्रम है जिसके माध्यम से भगवंत सिंह मान सरकार ने महिलाओं के मान-सम्मान और स्वाभिमान को बढ़ाया है। उन्होंने आगे कहा, “पहले महिलाओं को पद तो दिए जाते रहे हैं, लेकिन अक्सर उन्हें पीछे ही धकेल दिया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार ने आम जीवन, रोजगार और लीडरशिप में महिलाओं के लिए बड़े मौके पैदा किए हैं।”
आप विधायक ने पूछा, “मुझे बताओ, क्या कभी किसी सरकार ने महिलाओं के बारे में इतना सोचा है? यह पहली सरकार है जिसने महिलाओं के बारे में इतने ध्यान से सोचा है। मुफ्त बिजली से लेकर रसोई के लिए योजनाएं, हमारे बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा की सुविधाएं, मोहल्ला क्लीनिकों के माध्यम से दवाइयों का खर्च घटाना, 10 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा योजना और अब ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ तक, आप सरकार ने मेरी लाखों बहनों के चेहरों पर खुशी लाई है।”

विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने कहा कि इन पहलों ने यह साबित कर दिया है कि आप सरकार लोगों की सरकार है और खासकर ऐसी सरकार है जो महिलाओं के योगदान और जरूरतों को पहचानती है। उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा सरकार के अधीन महिलाओं को बड़ी नुमाइंदगी और मौके दिए गए हैं, जिनमें चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से बड़े पद, रोजगार और महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले महिलाओं को पद देकर पीछे बैठा दिया जाता था, लेकिन आज महिलाएं जिम्मेदारी वाले पदों पर विराजमान हैं।”
विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने कहा, “पंजाब में 11 महिला विधायक हैं और आप सरकार ने महिलाओं को बनती नुमाइंदगी दी है। महिलाओं को चेयरपर्सन के रूप में भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और यहाँ तक कि अब महिलाएं डी.सी. और एस.एस.पी. जैसे बड़े पदों पर भी तैनात हैं।”
उन्होंने कहा कि महिला विंग आम आदमी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर एक शक्तिशाली ताकत बनकर उभरा है और मुझे अपनी टीम की लगन और समर्पण पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे अपनी समूची महिला विंग की टीम पर गर्व है क्योंकि अगर 2027 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी के लिए कोई सबसे मजबूत सिपाही बनकर काम कर रहा है, तो वह मेरी महिला विंग की टीम है।”
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने पंजाब की तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा किए गए कई लोक-पक्षीय उपक्रमों पर रोशनी डाली। उन्होंने दूरंदेशी फैसलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा, “पंजाब के समझदार और निडर लोग राज्य सरकार का डटकर समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते आप फिर भारी बहुमत से राज्य में सरकार बनाएगी।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ., कई विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
National
Meta का बड़ा फैसला! Facebook-Instagram पर Teen Users के लिए नए नियम
सोशल मीडिया कंपनी Meta ने Facebook और Instagram पर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका के कई राज्यों के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते के तहत कंपनी को करीब 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है। यह मामला बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल से जुड़े आरोपों को लेकर चल रहे विवाद से संबंधित है।
Meta पर आरोप लगाए गए थे कि Facebook और Instagram को इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे और किशोर इन प्लेटफॉर्म्स पर लंबे समय तक जुड़े रहें। कंपनी पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा बिना माता-पिता की अनुमति के इकट्ठा करने के आरोप भी लगे थे। हालांकि, Meta ने किसी भी तरह की गलती या गलत काम को स्वीकार नहीं किया है।
समझौते के बाद अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में Facebook और Instagram इस्तेमाल करने वाले 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए कई नए नियम लागू किए जाएंगे। इसके तहत नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल की रोजाना दो घंटे की सीमा तय की जाएगी। इस सीमा को माता-पिता की अनुमति के बिना बदला नहीं जा सकेगा।
इसके अलावा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक नाबालिग यूजर्स की Facebook और Instagram तक पहुंच बंद रहेगी। स्कूल के समय के दौरान नोटिफिकेशन पर भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे, ताकि पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम किया जा सके।
Meta को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने के लिए ज्यादा सख्त व्यवस्था भी लागू करनी होगी। इसका उद्देश्य 13 साल से कम उम्र के बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स से दूर रखना है। साथ ही माता-पिता को अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त Parental Control Tools भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस समझौते की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी एक स्वतंत्र ऑडिटर द्वारा की जाएगी। वहीं, समझौते से जुड़ी भुगतान राशि करीब 10 वर्षों में किस्तों के रूप में दी जा सकती है।
हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये नए नियम अमेरिका के संबंधित राज्यों और क्षेत्रों में रहने वाले नाबालिग यूजर्स पर लागू होंगे। इसलिए इन्हें भारत में तुरंत लागू होने वाले नियम नहीं माना जा सकता।
बच्चों और किशोरों की सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है। Meta ने अन्य बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे TikTok और YouTube, से भी युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए इसी तरह के कदम उठाने की अपील की है।
international
नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण बाढ़, 1100 से ज्यादा लोग लापता; लैंडस्लाइड ने मचाई भारी तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1100 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। तेज पानी और मलबे के बहाव ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर पहुंच गया, जिसकी चपेट में कई घर, वाहन और अन्य संपत्तियां आ गईं। तेज बहाव के कारण 19 पुलों, करीब 40 किलोमीटर सड़कों और 13 हाइड्रोपावर परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। कई जगहों पर सड़कें टूट जाने और रास्ते बंद होने से राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
शुरुआत में इस घटना को भूकंप से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की जानकारी के मुताबिक इससे पहले कोई बड़ा भूकंप नहीं आया था। बताया जा रहा है कि चीन की ओर ल्हेंदे नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक खिसककर नीचे गिरा, जिससे शक्तिशाली लैंडस्लाइड हुई।
यह लैंडस्लाइड इतनी बड़ी थी कि इससे करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस किया गया। इसके बाद भारी मात्रा में पानी और मलबा भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंच गया। अचानक पानी का स्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।
पानी का बहाव इतना तेज था कि मलबे के साथ कई लोग और सामान करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बह गए। यहां से अब तक 33 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में फंसे और लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
इस आपदा की चपेट में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालुओं के भी आने की खबर है। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ भारतीय और NRI नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, खराब मौसम और कई जगहों पर रास्ते टूट जाने के कारण राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
फिलहाल बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। USGS की जानकारी के बाद यह बात सामने आई है कि तबाही की शुरुआत किसी बड़े भूकंप से नहीं, बल्कि पहाड़ के बड़े हिस्से के खिसकने से हुई लैंडस्लाइड से हुई थी।
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पंजाब के सरकारी स्कूलों पर सवाल उठाने वाले 2022 से पहले के हालात के साथ आज की प्रगति की तुलना करें: मनीष सिसोदिया
आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने बुधवार को राज्य के सरकारी स्कूलों पर सवाल उठाने वालों को चुनौती दी कि वे आज की प्रगति की तुलना 2022 से पहले की खराब हालत से करें, जब चार लाख बच्चे ज़मीन पर बैठने को मजबूर थे और हज़ारों स्कूलों में पीने का पानी भी नहीं था। सिर्फ़ 4.5 साल में हुए बदलावों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाई की क्वालिटी में बड़ा सुधार हुआ है, जिसमें 9,000 से ज़्यादा नए क्लासरूम और लैब, 13,920 टॉयलेट, 2 लाख डेस्क, 10,000 से ज़्यादा इंटरैक्टिव पैनल और बाउंड्री वॉल शामिल हैं। इसके अलावा, दो भयानक बाढ़ से प्रभावित 7,000 स्कूलों में से 500 की मरम्मत का काम भी चल रहा है।
आप पंजाब इंचार्ज ने सरकारी शिक्षा में बढ़ते लोगों के भरोसे पर भी ज़ोर दिया, जिसमें 3.64 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में जा रहे हैं, नीट पास करने वालों की संख्या 80 से बढ़कर 882 हो गई है, और पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने क्लास 1 से 12 तक एआई शिक्षा दी है। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारों से भी अपील की कि वे पूरी तस्वीर पेश करें और आप सरकार के 4.5 साल की तुलना कांग्रेस और अकाली-भाजपा के 15-20 साल के शासन से ईमानदारी से करें।
बिना किसी भेदभाव के बोलने या रिपोर्टिंग करने वालों को संबोधित करते हुए, आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने कहा, “अगर आप सच में बिना किसी भेदभाव के बोलना या पत्रकारिता करना चाहते हैं, तो एक बार पुरानी तस्वीर और आज का हिसाब-किताब सामने रखें और लोगों को सच बताएं।”
आप पंजाब इंचार्ज ने कहा कि जब 2022 में भगवंत सिंह मान मुख्यमंत्री बने थे, तो पंजाब के ज़्यादातर सरकारी स्कूलों में टॉयलेट नहीं थे, चार लाख बच्चे ज़मीन पर बैठते थे और हज़ारों स्कूलों में पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने कहा कि सिर्फ़ 4.5 साल में पंजाब के करीब 20,000 सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव आया है, जिनकी मुख्य उपलब्धियां इस तरह हैं:
- 9,000 से ज़्यादा नए क्लासरूम और लैब बनाए गए हैं।
- 13,920 नए टॉयलेट बनाए गए हैं।
- दो लाख नए डेस्क लगाए गए हैं।
- 10,000 से ज़्यादा इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं।
- 5,012 स्कूलों में सेमी-मॉडर्न कंप्यूटर लैब स्थापित कीं गईं।
- हर स्कूल में वाई-फ़ाई की सुविधा है।
- 99% स्कूलों में बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया।
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि दो भयानक बाढ़ों की वजह से 7,000 से ज़्यादा स्कूल प्रभावित हुए थे, जबकि बुरी तरह से डैमेज हुए 500 स्कूलों की मरम्मत का काम अभी भी चल रहा है। उन्होंने कहा, “अभी भी बहुत काम होना बाकी है, लेकिन काम की दिशा, रफ़्तार और इरादा बिल्कुल साफ़ है।”
मीडिया के एक हिस्से पर निशाना साधते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “जहां तक भाजपा या कांग्रेस के स्कोर-सेट की बात है, तो मैं गोदी मीडिया या पप्पू मीडिया को क्या जवाब दे सकता हूं? वे तस्वीर को उस एंगल से दिखाने की कोशिश करेंगे जिससे आप के खिलाफ़ नेगेटिव माहौल बन सके।”
इसके साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारों, जिनका वे पर्सनली सम्मान करते हैं, से पंजाब की तरक्की की पूरी तस्वीर पेश करने की अपील की। उन्होंने कहा, “कुछ निष्पक्ष पत्रकारों से मेरी रिक्वेस्ट है, जिनकी मैं पर्सनली इज्ज़त करता हूं, कि अगर हो सके तो पूरा सच दिखाएं कि पंजाब में 4.5 साल में कितना काम हुआ है और कितना नहीं हुआ है। साथ ही, ईमानदारी से हमारे 4.5 साल के काम की तुलना कांग्रेस और भाजपा के 15-20 साल के काम से अपने फॉलोअर्स के सामने करें। दोनों बातों पर चर्चा करें।”
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर ‘गोदी मीडिया’ या ‘पप्पू मीडिया’ के नज़रिए से कवरेज को अधूरे सच को अपना या पूरा सच बताने का आधार बनाया जाता है, तो आप इसे ठीक करने का भी काम करेगी। उन्होंने कहा, “अगर आप गोदी या पप्पू मीडिया के एंगल से पेश किए जा रहे अधूरे सच को अपना या पूरा सच बताते हैं, तो हम इसे ठीक करने का भी काम करेंगे। अगर इसके बाद आप इसे ‘लड़ाई’ या खुद पर ‘पर्सनल अटैक’ कहते हैं, तो यह आपकी अपनी समझ है।”
दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन सिर्फ़ नई बिल्डिंग बनाने से नहीं किया जा सकता, उनकी असली पहचान स्टूडेंट्स के नतीजों और पेरेंट्स के भरोसे से होती है।
पंजाब के सरकारी स्कूल एजुकेशन स्ट्रक्चर में हुए बदलावों के नतीजों का ज़िक्र करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा:
- 3.64 लाख बच्चों ने प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में एडमिशन लिया है।
- एनएएचटी पास करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 80 से बढ़कर 882 हो गई है।
- चार साल में 2,166 बच्चों ने नीट और 786 बच्चों ने जेईई पास किया है। उन्होंने कहा, “ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।”
- 2.30 लाख बच्चों ने ‘बिज़नेस ब्लास्टर्स’ के ज़रिए अपना बिज़नेस चलाने के तरीके सीखे।
- पंजाब देश का पहला राज्य बना जिसने क्लास 1 से 12 तक एआई एजुकेशन शुरू की।
- 40 स्किल एजुकेशन स्कूल शुरू किए गए हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार यह दावा नहीं कर रही है कि एजुकेशन का काम पूरा हो गया है। उन्होंने कहा, “यह दावा नहीं है कि पंजाब में शिक्षा का काम पूरा हो गया है, लेकिन यह इस बात का सबूत ज़रूर है कि दशकों से चली आ रही खराब हालत को चार साल में बदला गया है।”
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को बजट से बेहतर बनाया जा सकता है, लेकिन लोगों का भरोसा सिर्फ़ ईमानदारी से मेहनत करके ही वापस आता है। मनीष सिसोदिया ने आखिर में कहा, “सरकारी स्कूल बजट से बेहतर बनते हैं, लेकिन लोगों का भरोसा उन पर सिर्फ़ ईमानदारी से मेहनत करके ही वापस आता है। भगवंत मान सरकार ने वह भरोसा वापस लाया है और ऐसा करके दिखाया है।”
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