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पंजाब में 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी, 22 अगस्त को 4 जिलों में येलो अलर्ट
पंजाब में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 21 से 27 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि दक्षिण-पश्चिमी पंजाब में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है।
21 अगस्त: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोगा और बरनाला में कुछ जगहों पर बारिश के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है। आज किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
22 अगस्त: बारिश को लेकर सबसे अहम दिन रहेगा। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, बरनाला, संगरूर, पटियाला और मोहाली में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
23 अगस्त: उत्तरी पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में बारिश की संभावना बनी रहेगी। मध्य पंजाब के कई जिलों में भी कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है, जबकि दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में छिटपुट बारिश के आसार हैं।
24 अगस्त: बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और लुधियाना में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण-पश्चिमी पंजाब के कई जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
25 से 27 अगस्त: मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार इस दौरान भी पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है। दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
तापमान भी रहेगा सामान्य से अधिक
बारिश के बावजूद पंजाब में तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री के आसपास रह सकता है। उत्तरी जिलों में तापमान 34 से 36 डिग्री और मध्य पंजाब में करीब 32 से 35 डिग्री रहने का अनुमान है।
25 से 27 अगस्त के दौरान भी तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। रात के समय उत्तरी पंजाब में न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री, मध्य पंजाब में 24 से 26 डिग्री और दक्षिणी हिस्सों में 26 से 28 डिग्री के आसपास रह सकता है।
गुरुवार को बठिंडा सबसे गर्म
गुरुवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। बठिंडा 38 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। फरीदकोट में 36, पटियाला, फिरोजपुर और मोहाली में 35.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
वहीं बारिश की बात करें तो गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक गुरदासपुर में सबसे ज्यादा 47.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। रूपनगर में 12, लुधियाना में 9.6, फिरोजपुर में 4.5, पटियाला में 4 और जालंधर में 3.5 मिमी बारिश हुई।
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ASAP ने पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट इलेक्शन के लिए प्रधानगी पद के लिए आदिल बराड़ को अपना उम्मीदवार घोषित किया
आम आदमी पार्टी (आप) की स्टूडेंट विंग, एएसएपी (एसोसिएशन ऑफ़ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) ने गुरुवार को आने वाले पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट इलेक्शन की घोषणा की। इलेक्शन के लिए प्रधानगी पद के लिए आदिल बराड़ को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए स्टूडेंट राइट्स और एक्टिविज़्म में उनके लंबे समय से जुड़े होने पर ज़ोर दिया।
इस मौके पर, आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा, “आप ने हमेशा स्टूडेंट एक्टिविज़्म और पब्लिक लाइफ में उनकी हिस्सेदारी को बढ़ावा दिया है। पिछले 10-12 सालों में, देश की राजनीति अक्सर लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटने पर फोकस रही है। लेकिन आज नई पीढ़ी लगातार एजुकेशन और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठा रही है।”
देश के जैन-ज़ी युवाओं को बधाई देते हुए, आप सांसद ने कहा, “युवाओं का इतना बड़ा जमावड़ा एक बड़ा बदलाव है क्योंकि अलग-अलग कम्युनिटी के युवा एक साथ आ रहे हैं और एजुकेशन और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। मैं देश के जैन-ज़ी युवाओं को अपनी आवाज़ उठाने के लिए बधाई देता हूं।”
आदिल बराड़ को एएसएपी का प्रधान उम्मीदवार बताते हुए मीत हेयर ने कहा, “आदिल बराड़ सीनेट प्रोटेस्ट समेत स्टूडेंट्स के मुद्दों को उठाने में लगातार सक्रिय रहे हैं। वह सीनेट प्रोटेस्ट में एक्टिव रूप से शामिल रहे हैं और लॉ डिपार्टमेंट के सबसे कम उम्र के डिपार्टमेंटल रिप्रेजेंटेटिव (डीआर) बनने का गौरव हासिल किया है। मुझे विश्वास है कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स की आवाज़ को मज़बूती से रिप्रेजेंट करेंगे।”
इस बीच, विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा, “शिक्षा देश के सबसे बड़े राजनीतिक मुद्दों में से एक बनकर उभरा है, और एएसएपी उम्मीदवारों ने लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया है और स्टूडेंट्स से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। आदिल बराड़ प्रधान पद के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार हैं। उन्होंने सबसे ज़्यादा वोट हासिल करके डीआर के तौर पर काम किया है, जो स्टूडेंट्स द्वारा उन पर जताए गए भरोसे को दिखाता है।”
विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सीधे तौर पर कई अंदरूनी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। “ज्योति नाम की स्टूडेंट की दुखद मौत से यूनिवर्सिटी सिस्टम में ज़्यादा जवाबदेही और संवेदनशीलता की ज़रूरत भी पता चलती है। सफ़ाई और कई दूसरे ज़मीनी मुद्दे स्टूडेंट्स के लिए ज़रूरी हैं, और एएसएपी उम्मीदवार इन समस्याओं के बारे में अच्छी तरह जानते हैं।”
प्रधान उम्मीदवार आदिल बराड़ ने कहा, “मैं पार्टी लीडरशिप और एएसएपी को मुझ पर भरोसा करने और मुझे प्रधान का चुनाव लड़ने की ज़िम्मेदारी देने के लिए धन्यवाद देता हूँ। एजुकेशन और स्पोर्ट्स मेरे कैंपेन के दो मुख्य आधार होंगे। मैं यह पक्का करने के लिए काम करूँगा कि स्टूडेंट्स की जायज़ समस्याओं को उठाया जाए और उनका हल निकाला जाए।”
एएसएपी नेताओं ने कहा कि संगठन स्टूडेंट एक्टिविज़्म को मज़बूत करना जारी रखेगा और पंजाब यूनिवर्सिटी को स्टूडेंट्स के लिए एक बेहतर एकेडमिक और स्पोर्ट्स का माहौल बनाने की दिशा में काम करेगा।
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पंजाब की पवित्र धरती पर भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं: सांसद कंग
श्री आनंदपुर साहिब से लोकसभा सांसद स. मालविंदर सिंह कंग ने आज कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है, क्योंकि पंजाब के लोग हमेशा आपसी भाईचारे, सद्भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़े रहे हैं।
खरड़ विधानसभा क्षेत्र, जो श्री आनंदपुर साहिब संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है, के विभिन्न गांवों के दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद कंग ने कहा कि भगवान श्री राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा अयोध्या में राम मंदिर के लिए एकत्रित किए गए दान में कथित अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे लोगों के खिलाफ कोई मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई करने में विफल रही है।
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के दो ट्रस्टियों को विशेष जांच दल (एस आई टी) द्वारा क्लीन चिट दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद कंग ने कहा कि यह कार्रवाई पहले से ही अपेक्षित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम भक्तों की आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की किसी भी कोशिश को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
सांसद कंग ने कहा कि भाजपा द्वारा पंजाब के प्रभारी बार-बार बदले जाना भी इस बात का संकेत है कि पार्टी को राज्य में अपनी कोई मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार होती नजर नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने हमेशा स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का समर्थन किया है और वे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं।
उन्होंने कहा कि जनहितैषी योजनाएं, पारदर्शी शासन और सर्वांगीण विकास भगवंत सिंह मान सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं और इन नीतियों को लोगों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को भाजपा का महज राजनीतिक स्टंट करार देते हुए सांसद कंग ने कहा कि इससे पहले भी ऐसी गिरफ्तारियों का परिणाम राजनीतिक उत्पीड़न के अलावा कुछ नहीं निकला। उन्होंने कहा कि मौजूदा कार्रवाई पंजाब में भगवंत सिंह मान सरकार के बेहतर प्रदर्शन की आशंका से भाजपा की घबराहट का परिणाम प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के तमाम बड़े दावों के बावजूद पंजाब के लोग उस पर भरोसा नहीं करेंगे।
इस दौरान सांसद कंग ने अपनी सांसद निधि के तहत अंधेरी और मिर्जापुर गांवों के निवासियों को पेयजल के दो टैंकर सौंपे। इसके अलावा उन्होंने भगत माजरा, बड़ी करोरां और नया गांव के वार्ड नंबर 7 में तीन ओपन जिमों का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बताया कि दो पेयजल टैंकरों और तीन ओपन जिमों के लिए कुल 16.75 लाख रुपये की राशि सांसद निधि से जारी की गई है। इस अवसर पर संबंधित गांवों के सरपंचों के अलावा आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के तहत मच्छर जनित बीमारियों के लिए 351 लाभार्थियों को 89.35 लाख रुपये के 357 उपचार मिले
मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनने के साथ ही पंजाब डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की निगरानी, रोकथाम और उपचार को मज़बूत कर रहा है। इन जनस्वास्थ्य उपायों के साथ-साथ, मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) पात्र परिवारों को बीमारी की स्थिति में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाने में मदद कर रही है।
इस वर्ष की शुरुआत में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सामुदायिक भागीदारी को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया था।
राज्य स्तरीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए निगरानी व जाँच को और मज़बूत करने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को ख़त्म करने पर विशेष ज़ोर दिया।
पंजाब में डेंगू के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। डेंगू के मामले 2021 में 23,389 से घटकर 2025 में 4,981 रह गए, जबकि मौतों की संख्या 55 से घटकर आठ हो गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने इस सुधार का श्रेय आंशिक रूप से सक्रिय घर-घर निगरानी अभियान को दिया, जिसके तहत पिछले संक्रमण सीज़न के दौरान करीब 1.5 करोड़ दौरे किए गए।
राज्य ने ‘हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ अभियान को भी आगे बढ़ाया, जिसके तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रत्येक शुक्रवार अपने आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करने तथा कूलरों, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य कंटेनरों में जमा पानी को हटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इस संबंध में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए पूरे समुदाय की भागीदारी ज़रूरी है। रोकथाम की ज़िम्मेदारी केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रह सकती। हर घर, स्कूल और संस्थान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कहीं भी जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का स्थान न बने।”
पंजाब ने जाँच सुविधाओं का भी विस्तार किया है। राज्य के 47 सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया की मुफ़्त एलिसा (एंज़ाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉर्बेंट अस्से) जाँच उपलब्ध है। मलेरिया के रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट और डेंगू की जाँच सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।
इस बीच, डॉक्टरों ने लोगों को लगातार बने रहने वाले बुख़ार को नज़रअंदाज़ न करने और हर मानसूनी बुख़ार को सामान्य न मानने की सलाह दी है। ज़िला अस्पताल, मोहाली की मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. शिफाली चौधरी (एमबीबीएस, एमडी) ने कहा, “मच्छर जनित बीमारियों के लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने या उपचार में देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। लगातार बुख़ार, अत्यधिक कमज़ोरी, शरीर या जोड़ों में तेज़ दर्द, बार-बार उल्टी, असामान्य रक्तस्राव, साँस लेने में कठिनाई या शरीर में पानी की कमी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।”
बीमार पड़ने वाले मरीज़ों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आर्थिक पहुँच भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के नवीनतम उपचार आंकड़ों के अनुसार, 351 लाभार्थियों ने 357 उपचारों का लाभ लिया, जिन पर 89,35,345 रुपये ख़र्च हुए।
इनमें से 250 मरीज़ों ने पी-टाइप अस्पतालों में 256 उपचार करवाए, जिन पर 75,02,250 रुपये ख़र्च हुए, जबकि 101 मरीज़ों ने जी-टाइप अस्पतालों में 101 उपचार करवाए, जिन पर 14,28,895 रुपये ख़र्च हुए। महिला लाभार्थियों की संख्या 194 रही, जिन्होंने 199 उपचार करवाए, जबकि पुरुष लाभार्थियों की संख्या 157 रही, जिन्होंने 158 उपचार करवाए। सबसे बड़ा आयु वर्ग 31–45 वर्ष का रहा, जिसमें 102 लाभार्थियों ने 105 उपचार करवाए। इसके बाद 46–60 वर्ष आयु वर्ग रहा, जिसमें 80 लाभार्थियों ने 80 उपचार करवाए।
डॉ. शिफाली चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना इलाज के ख़र्च को लेकर होने वाली चिंता को कम करके समय पर उपचार लेने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर कर सकती है।उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) पंजाब भर के लोगों को इलाज के ख़र्च का तत्काल बोझ उठाए बिना समय पर चिकित्सकीय देखभाल लेने में मदद कर रही है। जब किसी बीमारी के कारण आपातकालीन उपचार या अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत पड़ती है, तब कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हो सकती है।”
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) के एमएमएसवाई आंकड़ों से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों से जुड़े उपचार की महत्त्वपूर्ण ज़रूरत का भी पता चलता है:
- कुल: मच्छर जनित बीमारियों के 357 उपचार, जिन पर 89.35 लाख रुपये का ख़र्च आया।
- डेंगू: उपचारों में सबसे बड़ा हिस्सा डेंगू का रहा, जिसमें डेंगू बुख़ार, डेंगू हेमरेजिक फीवर और डेंगू शॉक सिंड्रोम शामिल हैं।
- डेंगू बुख़ार: प्रमुख उपचार श्रेणियों में 51 उपचार शामिल रहे, जिनकी लागत 12.22 लाख रुपये, 25 उपचारों की लागत 9.11 लाख रुपये और 55 उपचारों की लागत 8.46 लाख रुपये रही।
- मलेरिया: जटिल मलेरिया सहित कई मामलों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
- चिकनगुनिया: चिकनगुनिया के भी कई उपचार मामले दर्ज किए गए।
- गंभीर मामले: कुछ गंभीर मरीज़ों को अतिरिक्त चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी, जिनमें रक्त चढ़ाना, एडवांस्ड इमेजिंग जाँच तथा किडनी फेलियर और गंभीर सेप्सिस जैसी जटिलताओं का उपचार शामिल रहा।
इसलिए,पंजाब में व्यापक रणनीति दो प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—निगरानी और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को ख़त्म करके मच्छर जनित संक्रमणों की रोकथाम करना तथा बीमारी की स्थिति में मरीज़ों को समय पर और किफ़ायती उपचार उपलब्ध करवाना।
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