Punjab
केजरीवाल की PM से मांग, सरकार पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प दें और E 20 पेट्रोल के रेट घटाए
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने चिट्ठी में पीएम से मुख्य रूप से दो मांगें की है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों को पेट्रोल पंपों पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोेल का विकल्प देना चाहिए, ताकि वो अपनी मर्जी के अनुसार पेट्रोल ले सकें। साथ ही, ई-20 का दाम कम होना चाहिए। क्योंकि इसके इस्तेमाल से गाड़ियों की माइलेज घट रही है और कंपोनेंट्स खराब हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मेरे या आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल जाएं। जहां एक लिंक में पीएम के नाम पीटिशन मिलेगी। उस पर साइन करें और ई-20 को लेकर अपना अनुभव साझा करें। मैंने लोगों के अनुभव साझा करने के लिए प्रधानमंत्री से मिलने का समय भी मांगा है।
मंगलवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लेकर देश भर में लोग बहुत दुखी हैं। इसे लेकर मैंने सोमवार को प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में मैंने पीएम से कहा है कि हम लोग जनतंत्र में रहते हैं, आपको जनता की आवाज सुननी चाहिए। सारे देश की जनता दुखी है और कह रही है कि गाड़ियों की माइलेज गिर रही है, उनके पार्ट्स और कंपोनेंट्स खराब हो रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा मैंने प्रधानमंत्री से दो मांगें की है। पहली मांग है कि हर पेट्रोल पंप पर विकल्प दिया जाए। अगर कोई प्योर पेट्रोल डलवाना चाहे तो प्योर पेट्रोल डलवा ले और कोई ई-20 लेना चाहे तो ई-20 ले ले। यह विकल्प हर पेट्रोल पंप पर मिलना चाहिए। दूसरी मांग है कि ई-20 के दाम पेट्रोल से कम होने चाहिए। जब ई-20 से माइलेज कम मिल रही है, तो उसकी कीमत भी कम होनी चाहिए। इसी चिट्ठी में मैंने प्रधानमंत्री जी से मिलने का समय भी मांगा है, ताकि मैं उन्हें समझा सकूं कि मैं जनता के बीच गया था, मैंने जनता से बात की है और मैं जनता के संपर्क में हूं। जनता क्या महसूस कर रही है और इसके तकनीकी पहलू क्या हैं, यह समझाने के लिए मैंने उनसे मिलने का समय मांगा है। मैं उम्मीद करता हूं कि प्रधानमंत्री जल्द से जल्द मुझे मिलने के लिए बुलाएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि इस बीच हमने देशभर में एक पीटिशन शुरू की है। यह नागरिकों की तरफ से प्रधानमंत्री के नाम एक चिट्ठी है। अगर लोग मेरे या आम आदमी पार्टी के किसी भी सोशल मीडिया हैंडल जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक या एक्स पर जाएंगे, तो उसके बायो में एक लिंक मिलेगा। उस लिंक पर क्लिक करने से एक पीटिशन खुलेगी। मैं चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा लोग उस पीटिशन पर ऑनलाइन हस्ताक्षर करें।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पीटिशन में लोग अपने अनुभव भी साझा कर सकते हैं कि उनके पास कौन सी गाड़ी है, पहले कितनी माइलेज आती थी और अब कितनी आ रही है, उनकी गाड़ी में क्या खराबी आई है या कौन से कंपोनेंट्स खराब हुए हैं। जो भी अनुभव लोग लिखना चाहें, वे लिख सकते हैं। जितने भी हस्ताक्षर हमारे पास इकट्ठे होंगे, जब प्रधानमंत्री जी मुझे मिलने के लिए बुलाएंगे, तो उन सभी याचिकाओं का प्रिंट आउट लेकर मैं प्रधानमंत्री को सौंपकर आऊंगा। मेरी सभी लोगों से विनती है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस पीटिशन पर हस्ताक्षर करें ताकि प्रधानमंत्री तक जनता की आवाज पहुंच सके।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि रविवार को मैं सर्विस स्टेशन और पेट्रोल पंप गया था। मैंने वहां लोगों से बात की थी। मैं आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से यह अपील करना चाहूंगा कि सब लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर पेट्रोल पंपों और सर्विस स्टेशनों पर जाएं। वहां जो लोग पेट्रोल भरवाने या गाड़ी ठीक कराने आते हैं, उनसे बात करें, उनके वीडियो बनाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करें।
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि जो लोग भी इस मुद्दे से दुखी हैं, चाहे वे आम आदमी पार्टी से जुड़े हों या नहीं, वे सब अपने-अपने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें। वीडियो बनाकर पूरे सोशल मीडिया को भर दें, क्योंकि यह सरकार इतनी आसानी से सुनने वाली नहीं है। लेकिन अगर हम ज्यादा से ज्यादा तादाद में सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करेंगे और वीडियो बनाएंगे, तो सरकार को सुनना पड़ेगा। ई-20 वाले मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया को भर दें।
प्रधानमंत्री को भेजी गई अरविंद केजरीवाल की चिट्ठी
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि पुराने वाहनों पर ई-20 पेट्रोल थोपने को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। ये वाहन ई-20 के अनुकूल नहीं हैं। व्यापक स्तर पर फैले इस वास्तविक संकट को सुनने के बजाय, मंत्री विरोध करने वालों को देशद्रोही, बेरोजगार सामाजिक कार्यकर्ता और लॉबीस्ट आदि कहकर गालियां दे रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने पत्र में आगे कहा है कि सरकार के इस फैसले को सही ठहराने वाला कोई तार्किक, वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग या आर्थिक आधार नहीं है। लोगों को शक है कि शायद व्यापक जन कल्याण के बजाय कुछ निहित स्वार्थ हैं जो इस फैसले को तय कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि देश में 2023 से पहले बने लगभग 30 करोड़ पंजीकृत दोपहिया और चार पहिया वाहन हैं, जो ई20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं हैं। इन सभी वाहनों के ओनर मैनुअल भी स्पष्ट रूप से शुद्ध पेट्रोल या कुछ मामलों में ई10 पेट्रोल के अलावा किसी अन्य ईंधन के उपयोग के खिलाफ सलाह देते हैं, लेकिन ई20 के लिए कभी नहीं कहते। ई20 का उपयोग करने के अलावा कोई विकल्प न बचने के कारण, इन वाहन मालिकों को ईंधन के माइलेज में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और साथ ही उनके वाहनों में तेजी से टूट-फूट हो रही है तथा इंजन और फ्यूल सिस्टम के महत्वपूर्ण पुर्जे खराब हो रहे हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से कुछ पेट्रोल पंपों और सर्विस सेंटरों का दौरा किया और इस बड़े पैमाने पर फैले संकट को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। यह परेशानी सोशल मीडिया पर भी हर जगह साफ दिखाई दे रही है।
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से दो उपाय लागू करने का आग्रह किया है-
- उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंपों पर प्योर पेट्रोल और ई20 के बीच विकल्प दिया जाना चाहिए, ताकि उन वाहनों के मालिकों को ऐसा ईंधन इस्तेमाल करने के लिए मजबूर न होना पड़े जो उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाता है।
- ई20 की कम कैलोरीफिक वैल्यू और उससे मिलने वाले कम माइलेज को देखते हुए इसकी कीमत कम की जानी चाहिए, ताकि नागरिकों को एक समझौते वाले उत्पाद के लिए पूरी कीमत न चुकानी पड़े।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि मैं इस मामले की विस्तार से जानकारी देने के लिए प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहता हूं। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपनी सुविधा के अनुसार जल्द से जल्द मुझे मिलने का समय दें।
Politics
1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब में किया विरोध प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने मंगलवार को लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सांसद रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की याद में श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सांसदों के शामिल होने की कड़ी निंदा करते हुए आप नेताओं ने कहा कि 1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए एक ऐसा ज़ख्म है जो भरा नहीं है और सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने से सिख समुदाय की भावनाओं को गहरा ठेस पहुंची है।
आप ने मांग की कि भाजपा अपने तीनों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करे। पार्टी ने सवाल किया कि जिम्मेदार सरकारी पदों पर बैठे चुने हुए प्रतिनिधि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी व्यक्ति के घर जाकर उसे श्रद्धांजलि कैसे दे सकते हैं?
अमृतसर में आप कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और उनके घर को घेरने की कोशिश की। पुलिस ने भारी बैरिकेड्स और सुरक्षा बल तैनात किए थे, ताकि प्रदर्शन करने वाले घर तक न पहुंच सकें।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आप विधायक जीवन जोत कौर ने कहा, “1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए एक गहरा और कभी न भरने वाला घाव है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बार-बार पंजाब और सिख समुदाय के हितों के खिलाफ काम किया है। भाजपा नेता ऐसे व्यक्ति को कैसे सम्मान दे सकते हैं जिसका नाम 1984 के नरसंहार से जुड़ा हो?”
जीवन जोत कौर ने आगे कहा, “सज्जन कुमार की याद में भाजपा नेताओं की मौजूदगी पीड़ितों के परिवारों के लिए बहुत दुखदायी है जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, वे आज भी उस दुखद घटना के दर्द से पीड़ित हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।”
जालंधर में आप विधायक बलकार सिंह ने कहा, “1984 के घल्लूघारा नरसंहार ने सिख समुदाय के मन में बहुत दर्दनाक यादें छोड़ी हैं। बेगुनाह सिखों की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उनके परिवार दशकों से पीड़ित हैं। ऐसे समय में, सज्जन कुमार की याद में भाजपा के सीनियर नेताओं की मौजूदगी दिखाती है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर भाजपा का क्या स्टैंड है।”
आप विधायक ने कहा, “भाजपा और शिरोमणि अकाली दल को पंजाब के ज़ख्मों पर राजनीति करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के परिवारों के दर्द का इस्तेमाल राजनीतिक फ़ायदे के लिए नहीं किया जा सकता।”
लुधियाना में आप नेताओं, विधायक, पार्षदों, चेयरमैन, डायरेक्टरों और पार्टी के पदाधिकारियों ने सज्जन कुमार के अंतिम संस्कार/श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा के तीन सांसदs के शामिल होने का विरोध किया।
लुधियाना ईस्ट से विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, “पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की धरती है। पंजाबी 1984 के नरसंहार से प्रभावित सिख परिवारों के दर्द को चोट पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा, “सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने में भाजपा सांसदों के शामिल होने से पीड़ित परिवारों का दिल और टूट गया है। भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब के खिलाफ राजनीतिक रूप से हाथ मिला लिया है, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी राजनीति कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”
बठिंडा में, आप कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा के खिलाफ जोरदार नारे लगाए, पार्टी पर 1984 के नरसंहार से जुड़े लोगों के करीब होने का आरोप लगाया।
आप कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भाजपा रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सेहरावत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करे।
आप नेताओं ने कहा, “1984 के सिख विरोधी दंगे हजारों परिवारों के लिए अब भी ऐसे घाव हैं जो भरे नहीं हैं।” “आम आदमी पार्टी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय और सम्मान के लिए अपनी आवाज़ उठाती रहेगी। उनके दर्द और भावनाओं को नज़रअंदाज़ करने की किसी भी कोशिश का पूरी तरह से विरोध किया जाएगा।”
आप पंजाब के नेताओं ने दोहराया कि पार्टी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी और न्याय, दया और जवाबदेही के लिए लड़ती रहेगी।
public
पंजाब में अगस्त में भी मानसून रहा कमजोर, सामान्य से 39% कम बारिश; अब 2 से 4 सितंबर तक अलर्ट
पंजाब में इस साल मानसून का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक बना हुआ है। अगस्त का महीना भी बारिश के लिहाज से प्रदेश के लिए सूखा रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में पंजाब में सामान्य तौर पर 146.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार केवल 88.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी पूरे महीने में सामान्य से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई।
जून से अगस्त तक भी पंजाब में बारिश की कमी लगातार बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 अगस्त के बीच पंजाब में सामान्य 362.1 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले केवल 230.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान प्रदेश में करीब 36 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। लगातार कम बारिश के कारण खेती, मिट्टी की नमी और भूजल स्तर को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
31 अगस्त को भी पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। केवल पठानकोट में 3.5 मिलीमीटर और थीन बांध क्षेत्र में 1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, राज्य का औसत अधिकतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
आज नहीं, लेकिन 2 सितंबर से बदल सकता है मौसम
1 सितंबर को पंजाब में किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश से सटे कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
2 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और साहिबजादा अजीत सिंह नगर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
3 सितंबर को बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की चेतावनी रहेगी। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश होने के आसार हैं।
4 सितंबर को भी पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
38 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
मौसम विभाग के 31 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में औसत अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस कम हुआ, लेकिन सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक बना रहा। फरीदकोट 38.8 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
पटियाला में 35.7 डिग्री, अमृतसर में 35.5 डिग्री, चंडीगढ़ और लुधियाना में 35 डिग्री, मोहाली में 34.1 डिग्री और जालंधर में 32.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्वी पंजाब में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे इलाकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून के दौरान अब तक हुई भारी कमी को देखते हुए कुछ दिनों की बारिश से प्रदेश की कुल स्थिति में बड़ा बदलाव आने की संभावना कम है।
Politics
ASAP उम्मीदवार हरमनप्रीत सिंह खोखर ईवनिंग डिपार्टमेंट प्रधान चुने गए; स्टूडेंट फ्रंट दूसरे, एबीवीपी तीसरे नंबर पर रहा
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट चुनाव में एसोसिएशन ऑफ़ स्टूडेंट्स फ़ॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इसके कैंडिडेट्स और अलायंस पार्टनर्स ने 8 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रधान, उप-प्रधान और जनरल सेक्रेटरी के अहम पद शामिल हैं। एएसएपी के हरमनप्रीत सिंह खोखर प्रधान चुने गए, जबकि यूएसओ-एएसएपी अलायंस के जोबनप्रीत सिंह सोही उप-प्रधान और एसओपीयू-एएसएपी अलायंस की सविताज़ कौर जनरल सेक्रेटरी बनीं, जिससे एएसएपी की लीडरशिप वाले अलायंस को एक अहम जीत मिली। स्टूडेंट फ्रंट दूसरे और एबीवीपी तीसरे स्थान पर रहा, जबकि मॉर्निंग डिपार्टमेंट प्रधान चुनाव में एएसएपी ने भी दूसरा स्थान हासिल किया।
इस नतीजे से ईवनिंग डिपार्टमेंट में एएसएपी का मज़बूत प्रदर्शन पता चलता है, जिसमें हरमनप्रीत सिंह खोखर ने प्रधान के मुकाबले में टॉप स्थान हासिल किया। स्टूडेंट फ्रंट दूसरे स्थान पर रहा, जबकि एबीवीपी प्रधान पद की रेस में तीसरे स्थान पर रही।
हरमनप्रीत सिंह खोखर की प्रधान के तौर पर जीत, जोबनप्रीत सिंह की उप-प्रधान के तौर पर जीत और सविताज़ कौर की जनरल सेक्रेटरी के तौर पर जीत ने एएसएपी के पैनल को ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रमुख पदों पर अहम जगह दिलाई।
यह नतीजा पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में मॉर्निंग डिपार्टमेंट के चुनाव के नतीजों के बाद और भी अहम हो जाता है, जहाँ एएसएपी पैनल प्रधान पद के मुकाबले में एबीवीपी से हारने के बाद दूसरे नंबर पर रहा था। हालाँकि, एएसएपी ने ईवनिंग डिपार्टमेंट में ज़बरदस्त जवाब दिया, प्रधानगी चुनाव के साथ-साथ अन्य प्रमुख पदों पर शानदार जीत दर्ज की।
ईवनिंग डिपार्टमेंट में, एएसएपी पैनल के सफल उम्मीदवार थे:
- प्रधान: हरमनप्रीत सिंह खोखर — एएसएपी
- उप-प्रधान: जोबनप्रीत सिंह — यूएसओ, एएसएपी के साथ अलायंस में
- जनरल सेक्रेटरी: सविताज़ कौर — एसओपीयू, एएसएपी के साथ अलायंस में
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में मॉर्निंग डिपार्टमेंट के नतीजों में भी एएसएपी अलायंस ने दो महत्वपूर्ण पद जीतीं। एएसएपी के साथ अलायंस में पीयूडीएफ के अरमान भिंडर ने उप-प्रधान पद जीती, जबकि एएसएपी के साथ अलायंस में इंडिपेंडेंट के तौर पर चुनाव लड़ रहे विशाल बामल ने जॉइंट सेक्रेटरी पद जीती।
मॉर्निंग डिपार्टमेंट के नतीजे थे:
- उप-प्रधान: अरमान भिंडर — पीयूडीएफ, एएसएपी के साथ अलायंस में
- जॉइंट सेक्रेटरी: विशाल बामल — इंडिपेंडेंट, एएसएपी के साथ अलायंस में
मॉर्निंग और ईवनिंग डिपार्टमेंट चुनाव के दोनों नतीजे कैंपस राजनीति में एएसएपी की बढ़ती ऑर्गेनाइज़ेशनल प्रेजेंस को दिखाते हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में मॉर्निंग डिपार्टमेंट में प्रधान पद के चुनाव में ऑर्गनाइज़ेशन को झटका लगा, लेकिन ईवनिंग डिपार्टमेंट में प्रधान पद के लिए हरमनप्रीत सिंह खोखर की जीत समेत अहम परफॉर्मेंस ने सपोर्ट को मज़बूत करने और मज़बूत वापसी करने की उसकी समर्था को साबित किया।
इन जीतों ने ईवनिंग डिपार्टमेंट में एएसएपी की लीडरशिप वाली मौजूदगी को और मज़बूत किया है। स्टूडेंट फ्रंट और एबीवीपी, जो प्रधान पद के चुनाव में एक के बाद एक दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे, के परफॉर्मेंस ने भी आखिरी चुनावी नतीजे तय किए।
मुख्य पदों पर जीत और अलायंस पार्टनर्स को और पद मिलने के साथ, एएसएपी हाल के स्टूडेंट चुनाव से मज़बूत पकड़ और स्टूडेंट राजनीति में नई तेज़ी के साथ उभरा है।
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