Punjab
पंजाब म्यूनिसिपल चुनावों में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) की शानदार जीत को पंजाब सरकार के विकासमुखी शासन मॉडल पर जनता की निर्णायक मुहर और विपक्ष की नफरत, विभाजनकारी तथा नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह खारिज करने वाला जनादेश बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का पूरी तरह “सफाया” कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला मुफ्त बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार के अवसर पैदा करने तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में जनता के विश्वास को दर्शाता है।
पूरे पंजाब में ‘आप’ के दबदबे का उल्लेख करते हुए, जिसमें धूरी में पार्टी ने 21 में से 19 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है, उन्होंने कहा कि इन नतीजों ने भाजपा (जिसे उन्होंने “ई.डी. पार्टी” कहा) को पांचवें स्थान पर धकेल दिया है और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पंजाब पूरी तरह काम की राजनीति के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह जनादेश इस बात का भी संकेत है कि ‘आप’ 2027 के विधानसभा चुनावों में 2022 की अपनी ऐतिहासिक जीत का रिकॉर्ड भी पार करने की राह पर है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब के हर शहर, कस्बे और गांव में बिना किसी भेदभाव के समान विकास किया जाएगा।
यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों ने सांप्रदायिक ताकतों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है और धर्मनिरपेक्षता तथा आम आदमी पार्टी के पक्ष में जोरदार फैसला सुनाया है। भीषण गर्मी के बावजूद लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोट डालने बाहर निकले, जो बेहद उत्साहजनक संकेत है।”
पिछले चार वर्षों के दौरान पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग लगातार ‘आप’ और उसकी नीतियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “आप ने लगभग 13,000 पंचायतों में से 11,000 से अधिक पंचायत सीटें जीती थीं। जालंधर लोकसभा सीट के उपचुनाव, चार विधानसभा सीटों, जिला परिषदों, ब्लॉक समितियों और अब नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों के चुनावों ने साबित कर दिया है कि ‘आप’ के लिए जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों की संयुक्त ताकत भी ‘आप’ को मिले समर्थन का मुकाबला करने में विफल रही। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा, जिसे मैं ई.डी. पार्टी कहता हूं, सभी मिलकर भी ‘आप’ द्वारा जीती गई सीटों की संख्या तक नहीं पहुंच सके। लोगों ने उनके नकारात्मक और विभाजनकारी एजेंडे को पूरी तरह नकार दिया है। यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में भी, जिन्हें भाजपा अपना पारंपरिक वोट बैंक मानती है, मतदाताओं ने उन्हें बुरी तरह खारिज कर दिया है।”
भाजपा के प्रदर्शन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा 1,000 से अधिक सीटों पर अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी। इतना ज्यादा प्रचार करने के बावजूद वह इन चुनावों में पांचवें स्थान पर रही है। कई जगहों पर तो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजपा से अधिक सीटें जीती हैं। ऐसा लग रहा था जैसे भाजपा केवल ‘नोटा’ से मुकाबला कर रही हो।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ ने चुनावों में व्यापक जनादेश हासिल किया है और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि 2027 में ‘आप’ का रास्ता और मजबूत होता जा रहा है। लोगों ने उन्हें भी सबक सिखाया है, जिन्होंने ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए ई.डी. और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग की कोशिश की थी।”
पार्टी छोड़कर जाने वाले ‘आप’ के पूर्व राज्यसभा सदस्यों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिन लोगों ने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने का रास्ता चुना, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए और सोचना चाहिए कि उन्होंने क्या हासिल किया है, क्योंकि पंजाब के लोगों ने उन्हें नकार दिया है।”
हल्कावार नतीजों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनादेश पूरे पंजाब में ‘आप’ के लिए मजबूत समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पैतृक हलके गिद्दड़बाहा में ‘आप’ ने 19 में से 17 सीटें जीतीं। बरनाला, जो नव-नियुक्त पंजाब भाजपा अध्यक्ष से संबंधित है, वहां भाजपा कहीं मुकाबले में ही नहीं थी, जबकि ‘आप’ ने 50 में से 37 सीटों पर जीत दर्ज की।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी की नीतियों को मिल रहा समर्थन राज्य के सभी क्षेत्रों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। “मेरे अपने धूरी विधानसभा क्षेत्र में ‘आप’ ने 21 में से 19 सीटें जीती हैं। विपक्षी दलों ने शायद कुछ इक्का-दुक्का जगहों पर जीत हासिल की हो, लेकिन ‘आप’ ने दोआबा, माझा और मालवा सभी क्षेत्रों में जीत दर्ज की है। लोगों ने मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, किसानों के लिए दिन में बिजली आपूर्ति, गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के पक्ष में वोट दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बड़ी जीत का पैमाना समाज के हर वर्ग के व्यापक समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हर किसी ने ‘आप’ को वोट दिया है, जिसके कारण पार्टी ने 90 प्रतिशत से अधिक सीटें जीती हैं। कांग्रेस और अकाली दल हार के बाद शिकायतें करने की अपनी पुरानी आदत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें जनता के फैसले को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए। कई जगहों पर तो उन्हें चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिले।”
इन चुनावों को एक बड़े राजनीतिक सफर की शुरुआत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये नतीजे सिर्फ एक शुरुआत हैं। ‘आप’ विधानसभा चुनावों में अपनी स्थिति को और मजबूत करना तथा अधिक सीटें जीतना जारी रखेगी। भगवान की कृपा से सुनील जाखड़ ने सही समय पर अपना पद छोड़ दिया। दूसरी ओर राजा वड़िंग को दिल्ली में अपनी पार्टी नेतृत्व की बैठक के दौरान कठिन सवालों का सामना करना पड़ेगा।”
मतदान के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के व्यवहार के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “मतदान वाले दिन जो ड्रामेबाजी देखने को मिली, वह अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण थी। ऐसा व्यवहार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।”
मतदान प्रणाली पर उठाए गए सवालों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कुछ पार्टियां जब भी हारती हैं तो वे बैलेट पेपर और ईवीएम दोनों पर सवाल उठाती हैं। भारत निर्वाचन आयोग को ईवीएम को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”
इस बड़े जनादेश के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत सरकार को और अधिक समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, “इस जीत ने हमें विनम्रता से भर दिया है। हम पूरी मिशनरी भावना और प्रतिबद्धता के साथ पंजाब के लोगों की सेवा करते रहेंगे।”
National
देश को अब एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक और इसे रोकने के लिए उठाए जा रहे निष्प्रभावी कदमों के लिए कंेद्र सरकार पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से अब देश को एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है। मौजूदा केंद्र सरकार नीट पेपर लीक की जड़ तक पहुंचने के बजाय अनपढ़ों जैसी बात कर रही है। सरकार कह रही है कि नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाज इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रूकेगा? उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि पेपर लीक रोकने की सरकार की नीयत ही नहीं है। आज देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफ़िया के चंगुल में आ चुकी है। अगर सिस्टम को ठीक करना है तो सबको मिलकर कुछ करना होगा। अकेले किसी के कुछ करने से नहीं होगा।
शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं खुद आईआईटी से इंजीनियर हूं, पढ़ा-लिखा हूं। इसलिए शिक्षा के महत्व को समझता हूं। मैं मानता हूं कि जब तक हर बच्चे को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता। शुक्रवार को हमारे देश की सरकार ने एलान किया है कि अब नीट के पेपर को लीक होने से बचाने के लिए एयरफोर्स के जहाज और एयरफोर्स के बुलेट प्रूफ ट्रकों से उसे ट्रांसपोर्ट करेंगे। यह क्या मजाक बना रखा है? क्या हमें बेवकूफ समझा जा रहा है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया में इतने बड़े-बड़े पेपर होते हैं, लेकिन क्या कहीं सुना है कि एयरफोर्स से उन्हें ट्रांसपोर्ट किया जाता है? क्या कहीं इस किस्म की नौटंकी सुनी है? केवल और केवल इस सरकार को नौटंकी करनी आती है। यह दिखाने के लिए कि हमने कितना बड़ा कदम ले लिया। पेपर लीक होने से बचाने के लिए हम यह सब कर रहे हैं। सिस्टम को ठीक करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। अगर कोई अच्छी नीयत वाली सरकार होती, तो वह देखती कि लीकेज कहां से हो रही है और उसे प्लग करती।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम एयरफोर्स के जहाजों और ट्रकों से इसे ट्रांसपोर्ट करेंगे, यह कहकर जाहिर तौर पर सिस्टम को बचाने की कोशिश की जा रही है। यह लीकेज जारी रहेगी और जहां से पेपर लीक हो रहे हैं, वह सिलसिला भी जारी रहेगा। हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को बहुत बड़े माफिया ने अपनी जकड़ में ले लिया है। पूरा का पूरा एजुकेशन सिस्टम एक माफिया की जकड़ में है। छात्र वेदांत का नाम आजकल सोशल मीडिया पर काफी चल रहा है। वेदांत 12वीं क्लास का लड़का है। उसने पेपर दिए और उसके नंबर कम आए। उसने अपने पेपर निकलवाए, तो पता चला कि फिजिक्स के अंदर उसका पेपर किसी और से बदल दिया गया और उसके नंबर बहुत कम लगाए गए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उस बेचारे बच्चे ने एक्स पर यह बात डाल दी कि मेरा पेपर बदल गया, तो इन लोगों की सारी ट्रोल आर्मी उस बेचारे पर चढ़ गई। कोई कहता है कि वह पाकिस्तानी है, तो कोई कहता है कि एंटी-नेशनल है। एक छोटे से बच्चे के दिल पर क्या गुजर रही होगी और उसकी साइकोलॉजी पर क्या असर पड़ रहा होगा, यह समझा जा सकता है। यह सब पूरा शिक्षा माफिया को बचाने की कोशिश है। इसके खिलाफ अगर कोई अकेला बच्चा, सिर्फ अकेला वेदांत ही नहीं है, पता नहीं कितने बच्चों ने अपनी बात डाली है और ये लोग सबके पीछे पड़ गए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर एक बच्चा आवाज उठाएगा, तो यह शिक्षा माफिया छोड़ेगा नहीं। ये आपको छोड़ेंगे नहीं और सबकी आवाज दबा देंगे। इसके खिलाफ सबको मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी। जब सारे मिलकर आवाज उठाएंगे, तभी सरकार को कुछ करना पड़ेगा, नहीं तो पूरी की पूरी सरकार पर शिक्षा माफिया का कब्जा हो गया है। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है, आपके भविष्य का सवाल है।
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रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, चंडीगढ़ से गुजरने वाली 22 ट्रेनें रद्द; 29 का बदला रूट
अगर आप आने वाले दिनों में चंडीगढ़ या दिल्ली-अंबाला रूट पर रेल यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उत्तर रेलवे द्वारा शाहाबाद मारकंडा और मोहरी रेलवे स्टेशनों के बीच तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं, जिसके चलते 30 मई से 6 जून तक रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस दौरान लूप लाइनों का विस्तार और नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली स्थापित करने का काम किया जाएगा। इसके लिए 6 दिनों का प्री-नॉन इंटरलॉकिंग (PNI) ब्लॉक और 1 दिन का नॉन इंटरलॉकिंग (NI) ब्लॉक लगाया गया है।
इस कार्य का सीधा असर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ेगा। रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इस अवधि में 22 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, 29 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा, 8 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है और 20 ट्रेनों का संचालन नियंत्रित किया जाएगा।
सबसे अधिक प्रभावित होने वाली ट्रेनों में अजमेर-चंडीगढ़ गरीब रथ एक्सप्रेस (12983) शामिल है, जो 31 मई और 2 जून को रद्द रहेगी। वहीं चंडीगढ़-अजमेर गरीब रथ एक्सप्रेस (12984) 1 और 3 जून को नहीं चलेगी।
इसके अलावा नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी एक्सप्रेस (12045/12046) और अजमेर-चंडीगढ़ वंदे भारत एक्सप्रेस (20977/20978) को भी 6 जून के लिए रद्द कर दिया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उधर चंडीगढ़-यशवंतपुर कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (22686) को 2 जून को अंबाला, सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। इस दौरान यह ट्रेन पानीपत और नई दिल्ली स्टेशन पर नहीं रुकेगी।
चंडीगढ़-मडगांव गोवा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12450) भी 1 जून को वैकल्पिक मार्ग से संचालित की जाएगी।
रेलवे के अनुसार 6 जून को कई महत्वपूर्ण ट्रेनों जैसे 12046, 14508, 14507, 14680, 14679, 12925, 12926, 15708, 22430, 14218 और 12715 का संचालन प्रभावित रहेगा। इसके अलावा 30 मई से 5 जून तक 64481, 64532, 14053, 14054, 13051, 13052, 11077, 11905, 20434, 12414, 12983 और 12984 समेत कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव रहेगा।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
इस दौरान चंडीगढ़, अंबाला, दिल्ली और अन्य शहरों के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्री प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।
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पंजाब के स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान, 1 जून से 30 जून तक रहेंगे बंद
पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 1 जून से 30 जून 2026 तक बंद रहेंगे।
शिक्षा विभाग के इस फैसले का उद्देश्य छात्रों को तेज गर्मी और हीटवेव के प्रभाव से बचाना है। पिछले कुछ दिनों के दौरान पंजाब के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
इस संबंध में शिक्षा विभाग की सचिव सोनाली गिरी द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। ये आदेश राज्य के सभी शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन समितियों को भेज दिए गए हैं, ताकि छुट्टियों के फैसले को तुरंत लागू किया जा सके।

वहीं, गर्मी के मद्देनजर चंडीगढ़ प्रशासन भी पहले ही स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर चुका है। मौसम विभाग की ओर से लगातार जारी हीटवेव चेतावनियों को देखते हुए यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
अब विद्यार्थी पूरे एक महीने की गर्मियों की छुट्टियों का आनंद ले सकेंगे। स्कूल दोबारा कब खुलेंगे, इस संबंध में शिक्षा विभाग जुलाई महीने में आगे की जानकारी जारी करेगा।
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