Punjab
पंजाब में साइबर ठगों का नया जाल! “कॉकरोच जनता पार्टी” के नाम पर लिंक भेजकर हो रहा बड़ा स्कैम
पंजाब में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब ठगों ने लोगों को निशाना बनाने के लिए नया तरीका अपनाया है। साइबर अपराधी अब “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को संदिग्ध लिंक भेजे जा रहे हैं और उन्हें पार्टी से जुड़ने या रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा दिया जा रहा है।
इस नए साइबर स्कैम को लेकर लुधियाना पुलिस ने लोगों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर 42 सेकेंड का एक जागरूकता वीडियो भी शेयर किया गया है। वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने बताया है कि किस तरह एक छोटी सी लापरवाही लोगों के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान बन सकती है।
वीडियो में बताया गया है कि साइबर ठग व्हाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को एक लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। यह लिंक वास्तव में एक फिशिंग लिंक होता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैक हो सकता है। फोन हैक होने के बाद ठग बैंक खातों की जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य निजी डेटा तक पहुंच बना लेते हैं।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी इस जानकारी का इस्तेमाल कर पीड़ित के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं और उसके नाम पर ऑनलाइन लोन तक ले सकते हैं। कई बार लोगों को तब तक इस ठगी का पता नहीं चलता, जब तक उनका बैंक अकाउंट खाली नहीं हो जाता।
लुधियाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी पार्टी, स्कीम या ऑफर के नाम पर आए मैसेज की पहले पूरी तरह पुष्टि करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने पर चोरी हुए पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही लोगों को अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल, पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है ताकि वे साइबर ठगों के जाल में फंसने से बच सकें।
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गुरुग्राम जेल पहुंचे भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल, संजीव अरोड़ा से की मुलाकात
भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल गुरुग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने भोंडसी जेल में बंद पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात की। जेल प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद दोनों नेताओं ने करीब 20 मिनट तक संजीव अरोड़ा से बातचीत की और उनका हालचाल जाना।
जानकारी के मुताबिक Enforcement Directorate (ईडी) ने 9 मई को संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें पहले 7 दिनों की रिमांड पर लिया था। इसके बाद अदालत ने ईडी को 2 दिनों की अतिरिक्त रिमांड भी दी थी। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने संजीव अरोड़ा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया था।
संजिव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद Aam Aadmi Party लगातार उनके समर्थन में नजर आ रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने और राजनीतिक तौर पर निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का खुद जेल पहुंचकर संजीव अरोड़ा से मुलाकात करना राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह संजीव अरोड़ा के समर्थन में खड़ा है और पार्टी इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़कर देख रही है।
इस मुलाकात के बाद पंजाब और दिल्ली की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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2014 से अब तक आरबीआई से 14.29 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा लिए गए, फिर भी राज्यों को कुछ नहीं मिला: हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा केंद्र को लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड फंड ट्रांसफर करने के मुद्दे पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए आरबीआई को एक निजी खजाने की तरह इस्तेमाल कर रही है, जबकि भारत के संघीय ढांचे के बावजूद राज्यों को उनके हक के हिस्से से वंचित रखा जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र ने 2014 से अब तक आरबीआई से लगभग 14.29 लाख करोड़ रुपए लिए हैं, जिसमें से आधे से ज्यादा रकम अकेले पिछले तीन सालों में ट्रांसफर की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आरबीआई के भंडारों को लगातार निकालना न सिर्फ देश के केंद्रीय बैंक और लंबे समय की वित्तीय स्थिरता को कमजोर करता है, बल्कि राज्यों को वित्तीय रूप से निचोड़कर सहकारी संघवाद की भावना पर भी चोट करता है। उन्होंने कहा कि आरबीआई का यह सरप्लस सभी राज्यों में होने वाली आर्थिक गतिविधियों, लेन-देन और राजस्व इकट्ठा होने के कारण पैदा हुआ है, इसलिए केंद्र द्वारा पूरी रकम अपने पास केंद्रित रखने की बजाय राज्यों को इन फंडों में से उनका बनता हिस्सा मिलना चाहिए।
एक वीडियो बयान में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि देश का वित्तीय ढांचा संघवाद पर आधारित है। हर भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान करता है और हर राज्य राष्ट्रीय विकास और राजस्व पैदा करने में हिस्सा डालता है। फिर ऐसे असाधारण लाभों में से राज्यों को उनके हक के हिस्से से क्यों वंचित रखा जा रहा है? राज्यों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए और केंद्र सरकार को राज्यों को उनके बनते हिस्से से वंचित नहीं करना चाहिए।
आरबीआई ट्रांसफर में हुई भारी वृद्धि को उजागर करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आरबीआई ने 2023-24 में 2.10 लाख करोड़ रुपए, 2024-25 में 2.68 लाख करोड़ रुपए और अब 2025-26 में लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं, जिससे अकेले पिछले तीन सालों का हिस्सा 2014 के बाद हुए कुल ट्रांसफर का 53% से ज्यादा बनता है। उन्होंने कहा कि इस स्तर और बार-बार फंडों का ट्रांसफर बेमिसाल है। इससे पहले, आरबीआई के भंडारों में से ऐसी असाधारण निकासी सिर्फ विशेष हालातों या बड़े वित्तीय तनाव के समय ही देखी जाती थी। लेकिन अब, आरबीआई के सरप्लस को लगातार निकालना एक आम बात बन गई है। यह वित्तीय प्रबंधन और केंद्रीय बैंक की लंबे समय की संस्थागत मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस मुद्दे को सहकारी संघवाद के लिए एक सीधी चुनौती बताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वैश्विक अनिश्चितताओं और आपूर्ति के झटकों के कारण वित्तीय दबाव का सामना कर रही है, तो राज्य भी उन्हीं चुनौतियों से लड़ रहे हैं और साथ ही कल्याण योजनाओं की जिम्मेदारियों, महंगाई के दबाव और बढ़ते खर्चों के बोझ को संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघवाद का मतलब यह नहीं हो सकता कि बोझ राज्य उठाएं जबकि केंद्र आरबीआई के पूरे मुनाफे को अपने पास रखे। इस तरह के असाधारण लाभों को बांटे जाने वाले पूल में लाया जाना चाहिए और सभी राज्यों के साथ बराबर साझा किया जाना चाहिए।
व्यापक आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र का आर्थिक प्रबंधन फेल हो चुका है और देश की अर्थव्यवस्था गंभीर तनाव के तहत है। उन्होंने कहा कि आरबीआई से बार-बार मोटी रकम निकलवाने के बावजूद, भाजपा सरकार डीजल, पेट्रोल और घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के जरिए आम नागरिकों पर बोझ डाल रही है। केंद्र सरकार बाहरी वित्तीय सहायता पर लगातार निर्भर होती जा रही है, जबकि महंगाई देशभर के लोगों को परेशान कर रही है।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि केंद्र की नीतियां देश की अर्थव्यवस्था और संघीय ढांचे दोनों को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन आरबीआई की संस्थागत मजबूती, रिजर्व बफर और नीतिगत लचीलेपन को कमजोर करने की कीमत पर नहीं हो सकता। भारत एक कमजोर केंद्रीय बैंक और वित्तीय रूप से तंग राज्यों के रहते एक मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था बनाने की उम्मीद नहीं रख सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की आर्थिक स्थिति के बारे में देश को जवाब देना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि आरबीआई से बार-बार वित्तीय फंड निकालने के बावजूद तेल और रसोई गैस की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि जब देश आर्थिक तनाव का सामना कर रहा है और नागरिक महंगाई से जूझ रहे हैं, तो प्रधानमंत्री को जवाबदेही से बचने की बजाय लोगों की चिंताओं का हल करना चाहिए।
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पंजाब में साइबर ठगों का नया जाल! “कॉकरोच जनता पार्टी” के नाम पर लिंक भेजकर हो रहा बड़ा स्कैम
पंजाब में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब ठगों ने लोगों को निशाना बनाने के लिए नया तरीका अपनाया है। साइबर अपराधी अब “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को संदिग्ध लिंक भेजे जा रहे हैं और उन्हें पार्टी से जुड़ने या रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा दिया जा रहा है।
इस नए साइबर स्कैम को लेकर लुधियाना पुलिस ने लोगों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर 42 सेकेंड का एक जागरूकता वीडियो भी शेयर किया गया है। वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने बताया है कि किस तरह एक छोटी सी लापरवाही लोगों के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान बन सकती है।
वीडियो में बताया गया है कि साइबर ठग व्हाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को एक लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। यह लिंक वास्तव में एक फिशिंग लिंक होता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैक हो सकता है। फोन हैक होने के बाद ठग बैंक खातों की जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य निजी डेटा तक पहुंच बना लेते हैं।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी इस जानकारी का इस्तेमाल कर पीड़ित के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं और उसके नाम पर ऑनलाइन लोन तक ले सकते हैं। कई बार लोगों को तब तक इस ठगी का पता नहीं चलता, जब तक उनका बैंक अकाउंट खाली नहीं हो जाता।
लुधियाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी पार्टी, स्कीम या ऑफर के नाम पर आए मैसेज की पहले पूरी तरह पुष्टि करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने पर चोरी हुए पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही लोगों को अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल, पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है ताकि वे साइबर ठगों के जाल में फंसने से बच सकें।
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