Connect with us

Punjab

केजरीवाल की अपील पर CM भगवंत मान का नीट परीक्षार्थियों के लिए पंजाब रोडवेज में मुफ्त यात्रा का एलान

Published

on

नीट की परीक्षा देने जा रहे परीक्षार्थियों के लिए पंजाब रोडवेज की बस में किराया नहीं लगेगा। बुधवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अपील के बाद पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने नीट परीक्षार्थियों के लिए पंजाब रोडवेज की बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का एलान किया है। ताकि गरीब परिवार के बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई दिक्कत न आए। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट परीक्षार्थियों की मांग पर मैंने सीएम भगवंत मान से 20-22 जून तक पंजाब रोडवेज में सफर मुफ्त करा दिया है। सभी बच्चे हिम्मत से काम लें और जमकर मेहनत करें। डॉक्टर बनने का सभी का सपना पूरा होगा।

“आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बच्चों ने मुझे लिखा था कि उनके पास इतने पैसे भी नहीं होते कि वे परीक्षा वाले दिन अपने घर से सेंटर तक जाने का किराया दे सकें। बच्चों ने इस बारे में मदद मांगी थी। मैंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस बारे में जिक्र किया है। जिसके बाद पंजाब सरकार ने 20-22 जून तक नीट परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों का पंजाब रोडवेज की बस में किराया माफ कर दिया है।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि बच्चे अच्छे से और खूब जमकर तैयारी करें तथा अपने हौसले बुलंद रखें। कुछ बच्चों ने लिखा था कि उन्हें डिप्रेशन हो रहा है और मोटिवेशन नहीं मिल रहा है। बच्चों को ऐसी बातें नहीं करनी हैं, बल्कि हिम्मत से काम लेना है और खूब जमकर मेहनत करनी है। सभी बच्चे सफल होंगे, डॉक्टर बनेंगे और सबके सपने पूरे होंगे। सभी बच्चों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

वही, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीट की परीक्षा देने वाले सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे बड़े सपने देख रहे हैं और सपने बड़े होने भी चाहिए, क्योंकि सपनों को साकार करना सरकारों का फर्ज है। कहा जाता है कि सपने वे नहीं होते जो नींद में आते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो सोने नहीं देते। नीट का पेपर क्रैक करना एक बहुत अच्छा सपना है। मुझे पता चला है कि बहुत सारे बच्चों के पास इतने पैसे भी नहीं होते कि वे सेंटर तक पहुंचने का किराया दे सकें। 21 जून को नीट का पेपर है, इसलिए 20, 21 और 22 जून को पंजाब सरकार की रोडवेज बसों में सफर बिल्कुल मुफ्त किया जा रहा है। बच्चों को बस अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा।

भगवंत मान ने कहा कि बच्चे 20 या 21 तारीख को सेंटर जा सकते हैं और 22 को वापस आ सकते हैं। इन तीन दिनों का किराया पंजाब सरकार की तरफ से बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है। बच्चे पेपर की तैयारी पूरे जोर, जोश और दृढ़ इरादे के साथ करें। मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि सभी बच्चे अपनी जिंदगी में मंजिल तक पहुंचने में सफल हों और अपने माता-पिता, अपने राज्य और देश का नाम रोशन करें।

भगवंत सिंह मान ने एक्स पर कहा कि कई गरीब बच्चे नीट का पेपर देते हैं। उनके पास सेंटर में जाने के किराए के पैसे भी नहीं होते। अभी जब केजरीवाल जी ने नीट के बच्चो से बात की तो बच्चों ने मदद करने की मांग की। 21 जून को नीट का पेपर है। तो पंजाब सरकार ने निर्णय लिया है कि 20, 21 और 22 जून को पंजाब रोडवेज की सभी बसों में नीट की परीक्षा देने जा रहे सारे बच्चों का किराया माफ़ होगा। आपका एडमिट कार्ड दिखा दो, आपकी टिकट नहीं लगेगी। भगवान आपको सफलता दे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

भाजपा लोगों को डराने-धमकाने और पार्टी में शामिल करने के लिए ED और CBI का दुरुपयोग कर रही है: बलतेज पन्नू

Published

on

भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके लोगों को डराने-धमकाने, दबाव डालने और पार्टी में शामिल होने के लिए राजनीतिक ब्लैकमेल कर रही है।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि देशभर में कारोबारियों, यूनिवर्सिटी मालिकों और राजनीतिक नेताओं पर पहले केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापेमारी की जाती है या नोटिस जारी किए जाते हैं और बाद में उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ कोई अगली कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह देशभर में भाजपा का एक स्टैंडर्ड राजनीतिक मॉडल बन गया है। पहले ईडी और सीबीआई के नोटिस जारी किए जाते हैं, फिर दबाव बनाया जाता है, और बाद में लोगों को कहा जाता है कि यदि वे भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो उनके खिलाफ सारी कार्रवाई बंद हो जाएगी। भाजपा राजनीतिक विस्तार के लिए केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम उपयोग कर रही है।

राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी की गई और बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। इसी तरह दबाव और छापेमारी के बावजूद ‘आप’ नेता संजीव अरोड़ा भाजपा के आगे नहीं झुके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य मामले में, गौरव बग्गा को दलाल कृष्णू मामले में सीबीआई का नोटिस मिला था और कुछ ही दिनों में पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अपनी पार्टी का विस्तार करने की इतनी जल्दी में है कि कथित तौर पर नोटिस पहले जारी किए जाते हैं और संदेश बाद में भेजे जाते हैं कि अगली कार्रवाई से बचने के लिए भाजपा में शामिल हो जाओ। भाजपा के अपने सोशल मीडिया पेजों पर दिखाया गया है कि सीबीआई नोटिस का सामना करने के बावजूद गौरव बग्गा को पार्टी में शामिल किया जा रहा है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को निशाना बनाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि सुनील जाखड़ ने कभी दावा किया था कि भाजपा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंजाब की राजनीति से उखाड़ फेंकेगी। लेकिन जिस तरह भाजपा आज लोगों को पार्टी में शामिल कर रही है, उससे उसकी दबाव, डर और धमकाने वाली राजनीति का स्पष्ट पर्दाफाश होता है।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब में दिए गए हाल के बयानों पर आड़े हाथ लेते हुए बलतेज पन्नू ने बिट्टू के धूरी के अस्पताल के दौरे का जिक्र किया और कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खुद अस्पताल के प्रबंधों, करीब 600 मरीजों की ओपीडी और एनजीओ द्वारा चलाई जा रही खान-पान की सेवाओं की सराहना करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए थे।

बलतेज पन्नू ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू ने खुद माना कि वहां उनके साथ आए करीब 100 लोगों को खाना परोसा गया था। लेकिन बाहर आकर उन्होंने दावा करना शुरू कर दिया कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं था और सिर्फ आवारा कुत्ते मौजूद थे। ये विरोधाभासी बयान उनके राजनीतिक पाखंड को उजागर करते हैं।

केंद्रीय मंत्री के साथ चलने वाले शाही काफिले पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार फिजूल खर्चे घटाने की बात करते हैं, लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू अपने काफिले में करीब 50 गाड़ियां लेकर घूमते हैं। भाजपा नेताओं को पहले वह खुद करना चाहिए जिसका वे उपदेश देते हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने वाले बयान की निंदा करते हुए बलतेज पन्नू ने इस आरोप को गैर-जिम्मेदाराना और पंजाब विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसे बयान न सिर्फ एक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री का अपमान हैं, बल्कि पंजाब के समूचे लोगों का भी अपमान हैं। पंजाबियों ने हमेशा देश के लिए कुर्बानियां दीं हैं और वे कभी भी देश के साथ गद्दारी नहीं कर सकते।

भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए आतंकवादी हमलों पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि पुलवामा और पहलगाम जैसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार था और उन घटनाओं का पूरा सच अब तक लोगों के सामने क्यों नहीं आया।

पठानकोट आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि उस दौरान पाकिस्तान की आईएसआई को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया था। भाजपा नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आईएसआई ने क्या भूमिका निभाई और क्या कभी भारत के लोगों के सामने कोई रिपोर्ट पेश की गई थी।

बलतेज पन्नू ने अरूसा आलम का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम के रहने और उसके आईएसआई के साथ कथित संबंधों के बारे में बार-बार सवाल उठाए गए थे। रवनीत सिंह बिट्टू उस समय कांग्रेस के सांसद थे। वे तब चुप क्यों रहे? भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को अब इस मामले की पूरी जांच करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री मान का बचाव करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा नेताओं से देशभक्ति के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। पंजाब की भलाई के लिए अथक काम करने वाले व्यक्ति पर आईएसआई एजेंट का लेबल नहीं लगाया जा सकता।

पिछले चार सालों के दौरान पंजाब सरकार द्वारा किए गए कामों पर रोशनी डालते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, नहरी पानी की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे, मुफ्त बिजली, किसानों के लिए दिन में बिजली की आपूर्ति और नागरिकों के लिए 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज के क्षेत्र में व्यापक काम किया है। भाजपा नेताओं को यह बताना चाहिए कि लोक कल्याण के ये कार्य करने वाले मुख्यमंत्री को देश विरोधी कैसे कहा जा सकता है।

रवनीत सिंह बिट्टू से माफी की मांग करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाबी अपने लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री के ऐसे बिना सबूत के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। रवनीत सिंह बिट्टू को या तो अपने आरोपों के सबूत पेश करने चाहिए या फिर पंजाब के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

Continue Reading

Punjab

जब ब्लड शुगर 550 तक पहुँचा, परिवार ने आस्था की डोर थामी और भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बनी जीवनरक्षक*

Published

on

ज़िंदगी में कुछ पल ऐसे आते हैं जब समय सिर्फ धीमा नहीं पड़ता, बल्कि जैसे थम जाता है। 62 वर्षीय भूर कौर के जीवन में भी ऐसा ही एक पल आया, बिना किसी चेतावनी के । पिछले 15-16 वर्षों से वह डायबिटीज और हाइपरटेंशन से जूझ रही थीं। यह बीमारी उनकी दिनचर्या का लगभग सामान्य हिस्सा बन चुकी थी।

दवाइयाँ, जाँच , सावधानियाँ । कुछ भी असामान्य नहीं। लेकिन एक दिन अचानक उनके शरीर ने काम करना बंद कर दिया। उनका ब्लड शुगर अचानक 550 mg/dL तक पहुँच गया। कुछ ही पलों में वह अचानक गिर पड़ीं। बेहोश । निष्क्रिय। वह जीवन के लिए संघर्ष कर रही थीं ।

उनके परिवार के पास सोचने का समय नहीं था। उनके पास सिर्फ़ तुरंत कदम उठाने का समय था। उनकी बहू परमजीत ने कहा, “हम बस भाग रहे थे और अरदास कर रहे थे। सोचने की भी हालत नहीं थी, सिर्फ़ घबराहट थी।” उनके बेटे हरपाल, जो गुरुद्वारे में पाठी हैं और पूरी श्रद्धा से सेवा करते हैं, के लिए वह पल किसी बुरे सपने जैसा था। मानो उनकी आस्था ही सबसे कठिन इम्तिहान से गुज़र रही हो।

कुछ सेकंडों पर टिकी थी ज़िंदगी

संगरूर के सुनाम स्थित कश्मीरी हार्ट केयर सेंटर में जब भूर कौर को लाया गया, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी। क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अंशुमन फुल उस स्थिति को आज भी स्पष्ट रूप से याद करते हैं। उन्होंने बताया, “भूर कौर को डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, गंभीर संक्रमण और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेल्योर के साथ बेहद गम्भीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उनका ऑक्सीजन स्तर लगातार गिर रहा था, हृदय की स्थिति अस्थिर थी और शरीर ख़तरनाक मेटाबॉलिक असंतुलन में जा चुका था।”

550 mg/dL तक पहुँचा ब्लड शुगर उनके शरीर को जीवनघाती स्थिति में धकेल चुका था। शरीर में पानी की भारी कमी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और अंगों पर गंभीर दबाव पैदा हो चुका था। इसके बाद एक ख़तरनाक स्थिति उभरी- ‘सेप्सिस’ , जिसमें संक्रमण शरीर को ही नुकसान पहुँचाने लगता है।

डॉ. अंशुमन फुल ने कहा, “ऐसे मामलों में हर घंटा महत्त्वपूर्ण होता है। कई बार तो कुछ मिनट ही यह तय करते हैं कि मरीज़ बच पाएगा या नहीं।”

आईसीयू के भीतर ज़िंदगी की जंग

आईसीयू ऐसा स्थान बन चुका था जहाँ हर सेकंड मायने रखता था। ऑक्सीजन सपोर्ट, आईवी इंसुलिन, एंटीबायोटिक्स, फ्लूइड्स, इलेक्ट्रोलाइट सुधार और लगातार मॉनिटरिंग।

किसी भी चीज़ में देरी की गुंजाइश नहीं थी। डॉ. फुल ने कहा,“शुरुआती घंटों में हमारा पूरा ध्यान सिर्फ़ उनकी जान बचाने पर था। हमें एक साथ साँस लेने में दिक्कत,संक्रमण और मेटाबॉलिक असंतुलन का इलाज करना पड़ रहा था।”आईसीयू के बाहर परिवार ख़ामोशी से बैठा इंतज़ार कर रहा था। दुआ,उम्मीद और विश्वास ही उनका सहारा था।

फिर धीरे-धीरे ज़िंदगी ने वापसी शुरू की। तीसरे दिन सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई दिए। उनका ऑक्सीजन स्तर बेहतर होने लगा। संक्रमण के संकेत कम होने लगे। शरीर इलाज का जवाब देने लगा। और फिर सबसे बड़ी राहत मिली — भूर कौर को होश आ गया। डॉ. फुल ने कहा, “वह वास्तव में पहला राहत का पल था। हम जान गए थे कि वे मौत के मुँह से लौट रही हैं।” जो मरीज़ मृत्यु के मुहाने पर पहुँच चुका था, वह धीरे-धीरे जीवन की ओर लौट रहा था।

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने बदली पूरी स्थिति

इस पूरे मेडिकल इमरजेंसी के दौरान ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने बेहद महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों के अनुसार इस योजना ने सबसे अहम चीज़ सुनिश्चित की कि इलाज में कोई देरी नहीं हुई।

डॉ. अंशुमन फुल ने कहा, “ऐसी आपात स्थितियों में देरी किसी की जान ले सकती है। लेकिन मरीज़ योजना के तहत कवर थी, इसलिए आईसीयू और इमरजेंसी उपचार तुरंत शुरू हो गया।” न कोई आर्थिक झिझक। न कोई इंतज़ार। सिर्फ़ तुरंत इलाज।

गंभीर मामलों में यही तेज़ी कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन जाती है।

मुझे दूसरा जीवन मिला है”

अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहीं भूर कौर धीमी आवाज़ में अपनी बात कहती हैं, जो अभी भी उस अनुभव की थकान से जूझ रही हैं, लेकिन भीतर से बेहद आभारी हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे सब कुछ याद नहीं है, लेकिन इतना पता है कि मेरी हालत बहुत गंभीर थी। मैं डॉक्टरों और सरकार की आभारी हूँ। सेहत कार्ड की वजह से आज मैं ज़िंदा हूँ।” शब्द सरल थे, लेकिन उनका भाव बेहद गहरा था।

समय रहते मौत के मुँह से लौट आई एक ज़िंदगी

एक परिवार जिसने उम्मीद नहीं छोड़ी और एक व्यवस्था जिसने समय पर साथ दिया। हरपाल और परमजीत के लिए यह अनुभव जीवनभर याद रहने वाला है। हरपाल ने कहा, “एक पल पहले वह हमारे साथ थीं और अगले ही पल बेहोश हो गईं। हम हमेशा आभारी रहेंगे कि उन्हें समय पर इलाज मिल गया।” परमजीत ने कहा, “हमारे पास विश्वास था, लेकिन हमें सहारे की भी ज़रूरत थी। हमें दोनों मिले।”

साधारण रिकवरी से कहीं अधिक

भूर कौर की कहानी सिर्फ़ एक मेडिकल इमरजेंसी की कहानी नहीं है। यह इस बात की कहानी है कि जीवन अचानक कैसे बदल सकता है। यह उस नाज़ुक स्थिति की कहानी है जब बीमारी बिना किसी चेतावनी के आती है ,और यह बताती है कि जब समय पर इलाज और सही सहायता मिलते हैं तो क्या होता है।

भूर कौर के लिए सेहत कार्ड सिर्फ़ एक दस्तावेज़ नहीं था। यह समय था। यह इलाज था। यह जीवन था।

Continue Reading

Punjab

Punjab ने परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में देशभर में पहला स्थान हासिल किया, प्रचेष्टा-ग्रेड-1 प्राप्त किया

Published

on

स्कूली शिक्षा में नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए पंजाब देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में उभरा है। पंजाब ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी वर्ष 2024-25 के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पी.जी.आई.) 2.0 में पहला स्थान प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल होने के महज दो सप्ताह बाद ही पंजाब ने पी.जी.आई. में यह शीर्ष स्थान हासिल किया है।

इस शानदार उपलब्धि के बारे में आज यहां जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब ने प्रचेष्टा-ग्रेड 1 (51 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच स्कोर) हासिल किया है। पंजाब के साथ यह उपलब्धि केवल केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने हासिल की है। राज्य ने केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है और इन सभी राज्यों को प्रचेष्टा-ग्रेड 2 में रखा गया है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पीजीआई 2.0 रैंकिंग राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को छह क्षेत्रों में उनके संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर दी जाती है, जिनमें सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचा एवं सुविधाएं, समानता, प्रशासनिक प्रक्रिया तथा शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण शामिल हैं।

स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब ने 150.4 के प्रभावशाली स्कोर के साथ सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र “सीखने के परिणाम और गुणवत्ता” में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में दक्षता का मूल्यांकन किया जाता है और यह शैक्षणिक गुणवत्ता के आकलन का सबसे प्रभावशाली मानदंड है।

जिलों के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई-डी) 2024-25 में बरनाला ने 461 के स्कोर के साथ पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल करते हुए प्रतिष्ठित उत्तम-2 ग्रेड प्राप्त किया है। इसके बाद श्री मुक्तसर साहिब, एसबीएस नगर (नवांशहर), होशियारपुर, संगरूर, तरनतारन और मालेरकोटला जिलों का नाम शामिल है। इससे यह साबित होता है कि सभी जिलों में कक्षाओं में उत्कृष्टता सुनिश्चित की गई है। पीजीआई-डी के तहत जिलों को छह प्रमुख क्षेत्रों में रैंकिंग दी जाती है, जिनमें परिणाम, प्रभावी कक्षा संवाद, बुनियादी ढांचा सुविधाएं एवं विद्यार्थियों के अधिकार, स्कूल सुरक्षा और बाल सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा तथा प्रशासनिक प्रक्रिया शामिल हैं।

इस उपलब्धि के लिए मेहनती और समर्पित शिक्षकों को बधाई देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह आपकी जीत है। आपके सामूहिक प्रयासों के कारण शिक्षा क्रांति एक सोच से हकीकत बनी है। देशभर में सीखने के परिणामों के क्षेत्र में शीर्ष पर होना यह दर्शाता है कि शिक्षा को रटने की बजाय समझने को दी जा रही प्राथमिकता से यह परिणाम हासिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हमने पुरानी परंपरा को समाप्त कर दिया है। केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र को पीछे छोड़ना हर पंजाबी के लिए गर्व की बात है। पंजाब के सरकारी स्कूल पूरे देश के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं। हम केवल स्कूल नहीं बना रहे, बल्कि ऐसा पंजाब तैयार कर रहे हैं जो भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है।”

Continue Reading

Trending