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मोहाली से CM Bhagwant Mann का पंजाब के युवाओं को संदेश, खुद का काम शुरू करें, सरकार हर मदद देगी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के युवाओं को नौकरियां तलाशने वाले बनने की बजाय नौकरियां पैदा करने वाले बनने की ओर बढ़ने का आह्वान किया, यह दावा करते हुए कि उनकी सरकार सक्रिय रूप से ऐसा माहौल बना रही है जहां युवा प्रदेश सरकार के समर्थन से अपने उद्यम शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में विदेशों में जाने की जरूरत खुद-ब-खुद खत्म हो रही है क्योंकि उनकी सरकार युवाओं के लिए पंजाब में ही अवसर पैदा कर रही है।

पिछली अकाली और कांग्रेस सरकारों से तीखी तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां पिछली सरकारें खाली खजाने के बहाने मारती रहीं, वहीं उनकी सरकार साफ-सुथरे इरादों और निर्णायक शासन के जरिए अपने वादों से भी आगे बढ़कर काम कर रही है, जो साबित करता है कि सिस्टम में कोई कमी नहीं थी, बल्कि पुराने नेताओं में राजनीतिक इच्छाशक्ति की ही कमी थी।

आज यहां मोहाली के सेनेटा गांव में लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके खिलाफ कोई मुद्दा न होने के कारण विपक्षी दल मुझ पर झूठे और निराधार व्यक्तिगत आरोप लगाकर अपनी नीच स्तर की मानसिकता दिखा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए कठोर प्रयास कर रहे हैं जिससे विपक्षी दल बौखलाहट में हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता आम आदमी की भलाई और प्रदेश की प्रगति को हजम नहीं कर पा रहे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कारण विपक्षी मेरे खिलाफ निराधार और तर्कहीन आरोप लगा रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से उनकी निराशा को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लोगों की दौलत लूटने का तो कोई अनुभव नहीं, लेकिन मैं आम लोगों के दुख-दर्द को बांटने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की हिम्मत जरूर रखता हूं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे प्रदेश की भलाई और लोगों की खुशहाली के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं जिससे विपक्षी दल बेचैनी में है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक नेता इन बातों को हजम नहीं कर पा रहे, जिस कारण वे बार-बार उनके खिलाफ जहर उगल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटिया चालें उन्हें प्रदेश के लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं और वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए नेक कार्यों को इसी तरह जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के नेताओं ने कभी प्रदेश या इसके लोगों की परवाह नहीं की, जबकि इसके विपरीत इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा प्रदेश के लिए काम करने की बजाय अपने पारिवारिक और निजी हितों को प्राथमिकता दी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं का यह रवैया पंजाब और इसके लोगों दोनों के लिए हानिकारक साबित हुआ, जिस कारण लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां उन्हें बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही हैं क्योंकि वे प्रदेश सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से ईर्ष्या करती हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रहे हैं और सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सत्ता की कुर्सी का खेल खेलते रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ पार्टी ने लोगों के सहयोग से उनके गठजोड़ को बेनकाब करके सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और आम आदमी पार्टी के राज में अब आम लोगों की समस्याएं हल हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 5 मई को भारत के राष्ट्रपति से मिलेंगे और नेताओं की दल-बदल के खिलाफ सख्त प्रावधानों की मांग करेंगे क्योंकि यह लोगों के फैसले का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि अवसरवादी नेता अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए अपनी इच्छानुसार अपनी पार्टियां बदलते रहते हैं, जो पूरी तरह गलत है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये नेता लोगों के फैसले की पीठ में छुरा घोंपते हैं, जो पूरी तरह अनुचित है और इसे रोकने के लिए कानून बनाना समय की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 70 से अधिक वर्षों के समय से पारंपरिक पार्टियों ने प्रदेश को खूब लूटा। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की पिछड़ी और घटिया नीतियों के कारण प्रदेश विकास की रफ्तार से पिछड़ गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि उनकी सरकार ने पिछले चार वर्षों में राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया है और पहली बार किसी सरकार ने इतने कम समय में लोगों से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं।

सरकार की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि प्रदेश का विकास पटरी पर आ चुका है और अब पंजाब सरकार हर दिन अपने काम और प्रदेश के विकास की रफ्तार को लगातार बढ़ा रही है। उन्होंने आगे कहा कि 70 सालों का अंतर पाट दिया गया है और रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप सरकार देश की पहली सरकार है जिसने अपने घोषणापत्र को शब्दशः लागू किया है और लोगों द्वारा उठाई गई सभी वैध मांगों का समाधान किया गया है।”

अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकतों से वाकिफ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ऐशो-आराम और खुशहाली के साथ एक सुरक्षित व आरामदेह माहौल में बिताई है। उन्होंने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल पंजाब के एक कॉन्वेंट से पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो प्रदेश की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन पंजाब में सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, यदि सब कुछ छोड़कर भी देखें, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री प्रदेश की आम फसलों में अंतर भी नहीं बता सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में भी जानकारी की काफी कमी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं के पाप माफ करने योग्य नहीं हैं और इन्हें लोगों द्वारा उनके बुरे कामों के लिए कभी भी माफ नहीं किया जा सकता। अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं जो गिरगिट की तरह अपने रंग और अपनी सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलते हैं। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करके बेशुमार दौलत इकट्ठा करके अवैध रूप से बड़े महल बनाए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महलों की दीवारें ऊंची थीं और दरवाजे आम तौर पर लोगों के लिए बंद रहते थे। उन्होंने कहा कि ये नेता लोगों के लिए पहुंच से बाहर रहे, जिस कारण जनता ने उन्हें अपने दिलों से निकाल दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया है, जिन्होंने उन्हें बारी-बारी से लूटा। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लंबे समय से लोगों को मूर्ख बनाया है, लेकिन अब प्रदेश के समझदार लोग इनके भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं हो रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अहंकारी राजनेताओं ने हमेशा प्रदेश के लोगों को हल्के में लिया है, जिस कारण उन्हें लोगों ने ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैरान हैं क्योंकि लोग उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि उनका एजेंडा लोगों की बजाय अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा डॉ. बी.आर. अंबेडकर साहब के जीवन और दर्शन के अनुसार, प्रदेश सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में अहम पहल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड प्रदेश में गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। दूसरी ओर, भगवंत सिंह मान ने दुख जताया कि पहले के नेताओं ने बाबा साहब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपने और उनके सपनों को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का लोगों के प्रति दृष्टिकोण इस तथ्य से झलकता है कि उनके कार्यकाल में नौवीं कक्षा तक कोई भी स्कूल में फेल नहीं हुआ था, जिससे विद्यार्थी अपनी कमजोरी का अहसास नहीं कर सके और बाद में मैट्रिक में फेल हो गए, जिससे उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बादलों ने इन लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए अधिकारी बनाकर सशक्त बनाने की बजाय यह सुनिश्चित किया कि गरीबों के विद्यार्थी पढ़ाई न करें और सिर्फ आटा-दाल योजना तक सीमित रहें। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्ग की पीढ़ियां अपनी घटिया सोच वाली आटा-दाल योजना के जरिए बादलों के रहमो-करम पर निर्भर थीं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन लोगों ने बाबा साहब अंबेडकर की पीठ में छुरा मारा, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को शिक्षा से वंचित रखा गया।

अकाली नेतृत्व पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को अपनी पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे, वे प्रदेश में 117 सीटें जीतने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि इन नेताओं ने प्रदेश में गैंगस्टरों को पनाह दी है और नशा तस्करों को बचाकर युवाओं की नसों में नशा भर दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल राजनीतिक मुर्दा लोगों की पार्टी है जिन्हें लोगों ने बार-बार नकारा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व प्रदेश के लोगों को गुमराह करने के लिए हवा में किले बना रही है, लेकिन पंजाबी इससे प्रभावित नहीं होंगे और कहा कि लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें फिर से उचित सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों ने अकालियों को बार-बार चुना, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा प्रदेश और इसके लोगों के साथ विश्वासघात किया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है, जिस कारण लोग उन्हें माफ नहीं कर सकते।

भाजपा पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा पार्टी का प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी साख की परख करने के लिए स्वागत है, लेकिन भाजपा को पता होना चाहिए कि प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए 117 सीटों पर उम्मीदवारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी के पास इतने नेता नहीं हैं, इसलिए वे शायद दूसरी पार्टियों से उधार लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव लड़ने के लिए दूसरी पार्टियों के कई नेताओं को अपने साथ शामिल किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश के लोग भाजपा के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे इसे जरूर सबक सिखाएंगे, यह भी कहा कि प्रदेश और इसके लोगों के साथ भगवा पार्टी के अन्याय और सौतेले मां जैसे व्यवहार की एक लंबी कहानी है।

मुख्य उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक बिजली सप्लाई दी गई है और दिन में 95% सप्लाई दी गई है।” उन्होंने आगे कहा, “सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है और लगभग 90% उपभोक्ताओं को जीरो बिजली बिल आ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं और लोगों को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नाम दर्ज कराना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कर दाताओं का पैसा है और हर एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ था।” उन्होंने आगे कहा कि पहले की पार्टियां संसाधनों को लूटने के लिए खेलें खेलती थीं। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के बेमिसाल कामों से हैरान होकर, विपक्षी दल निराधार और तर्कहीन बयान दे रहा है।”

सरकार की उपलब्धियों को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रदेश के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई की गई है।” उन्होंने आगे कहा कि किसानों को अब दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है। “पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे की समझदारी से इस्तेमाल कर रही है।”

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चंबा में बड़ा बस हादसा, 7 की मौत; 15 घायल

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक लड़की, दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए तीसा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, निजी बस सुबह करीब 7 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी। बैरागढ़ से कुछ दूरी पर चालुंज मोड़ के पास ‘शर्मा कोच’ बस अचानक अनियंत्रित हो गई। इसके बाद बस पलटते हुए दूसरी सड़क पर जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।

हादसे के समय बस में करीब 25 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। बस पलटने के बाद कई यात्री उसके अंदर फंस गए, जबकि कुछ लोग एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। जेसीबी की मदद से बस को हटाया गया और उसके अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान जगदेव शर्मा, देसराज, तेज सिंह, जगदेई, हरदेई, नीलम और रूप सिंह के रूप में बताई गई है। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है और मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हादसे की स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर बस के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

फिलहाल सभी घायलों का तीसा अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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