Punjab
कुरुक्षेत्र में शादी के 3 साल बाद पहली बार ससुराल पहुंचे CM भगवंत मान, पत्नी और लाडली बेटी संग निभाई ‘फेरा’ रस्म
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के जाने को लेकर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को पहली बार हरियाणा के पेहोवा में अपने ससुराल गए. उनके साथ उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर और उनकी दो साल की बेटी नियामत कौर भी थीं.
शादी के 3 साल 9 महीने बाद रस्में निभाने पहुंचे CM
भगवंत मान अपनी शादी के तीन साल नौ महीने बाद शादी के बाद की पारंपरिक रस्में (फेरे) निभाने पहुंचे. वह अपने ससुराल में करीब दो घंटे रुके, इस दौरान उन्होंने दोपहर का खाना भी खाया. इसके बाद, मान अपनी पत्नी के पैतृक गांव मदनपुर गए. हाल ही में मान के ससुर के भाई (चाचा ससुर) हरपाल सिंह का निधन हो गया था; मान परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देने पहुंचे. वहां वह आधे घंटे रुके और फिर चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए.
CM मान रविवार को रस्में निभाने अपने ससुराल गए
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, CM मान रविवार को विशेष रूप से शादी के बाद की पारंपरिक रस्में निभाने अपने ससुराल गए थे. हालांकि वह पहले भी चुनाव प्रचार के दौरान पेहोवा आ चुके थे, लेकिन इस मौके से पहले वह कभी अपने ससुराल नहीं गए थे. वह अगस्त 2024 में AAP की एक रैली के दौरान भी इस इलाके में आए थे. रविवार को उनके आने की उम्मीद में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. सेंट्रल बैंक के पास वाली गली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.
युवक ने CM के साथ ली सेल्फी
जब CM मान जाने की तैयारी कर रहे थे, तो एक युवक ने दूर से उन्हें आवाज दी, “मान साहब, मैं आपके साथ एक फोटो लेना चाहता हूं.” हालांकि उनके सुरक्षाकर्मियों ने शुरू में उस युवक को रोक दिया था, लेकिन मान ने उसे अपने पास बुलाया और उसके साथ एक सेल्फी खिंचवाई.
CM के दौरे के लिए खास तौर पर घर का मरम्मत का काम
CM मान की पत्नी गुरप्रीत कौर का पैतृक गांव मदनपुर है. हालांकि, उनका परिवार काफी समय पहले ही पेहोवा में बस गया था. शादी के बाद, परिवार चंडीगढ़ चला गया, जिससे पेहोवा वाला घर लंबे समय तक खाली पड़ा रहा. मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम तय होने के बाद ही आवास में मरम्मत का काम शुरू किया गया.
CM मान पेहोवा से अपनी पत्नी के पैतृक गांव, मदनपुर के लिए रवाना
CM मान लगभग 15 से 20 मिनट पहले पेहोवा से अपनी पत्नी के पैतृक गांव, मदनपुर के लिए रवाना हुए. यहां उन्होंने अपने ससुर के भाई (चाचा-ससुर), हरपाल सिंह के परिवार से मुलाक़ात की. हरपाल सिंह का कुछ समय पहले ही निधन हो गया था. वे मदनपुर गांव में लगभग आधे घंटे तक रुके और परिवार से मिलने के बाद चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए.
National
मोहाली में AAP ने राघव चड्ढा का पुतला फूंका:पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने सात सांसदों के विरोध प्रदर्शन, गद्दारी करने का आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को मोहाली के डेराबस्सी बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने किया।
बड़ी संख्या में ‘आप’ कार्यकर्ता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पर जमा हुए। इसके बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” और “जनता के भरोसे से धोखा नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए। इसके साथ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों का पुतला फूंका
निजी स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से किया समझौता
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिन प्रतिनिधियों को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, उन्होंने पार्टी बदलकर लोगों के भरोसे को तोड़ा है। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से समझौता किया है। रंधावा ने कहा कि ऐसे कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और ‘आप’ इसका कड़ा विरोध जारी रखेगी।
पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर करेंगे विरोध
‘आप’ नेताओं ने घोषणा की कि वे जनता के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे और लोकतंत्र व जनादेश की रक्षा के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि पंजाब के हकों और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए ‘आप’ लगातार आवाज उठाती रहेगी।
Politics
डेराबस्सी बस स्टैंड पर AAP का प्रदर्शन:“पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए, MLA रंधावा बोले- नेताओं ने निजी स्वार्थ में बदली पार्टी
आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को मोहाली के डेराबस्सी बस स्टैंड पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सात राज्यसभा सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में ‘आप’ कार्यकर्ता एकत्र हुए और उन्होंने केंद्र सरकार तथा भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिन प्रतिनिधियों को जनता ने अपने विश्वास के साथ चुना था, उन्होंने पार्टी बदलकर लोगों के भरोसे के साथ धोखा किया है।
विधायक बोले- कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के चलते सिद्धांतों से समझौता किया
विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने अपने संबोधन में कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के चलते सिद्धांतों से समझौता किया है। रंधावा ने ऐसे कदमों को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” और “जनता के भरोसे से धोखा नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए, जिससे उनका रोष स्पष्ट रूप से प्रकट हुआ।पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी जनता के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे और लोकतंत्र तथा जनादेश की रक्षा के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। पार्टी ने पंजाब के हकों और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाने का संकल्प दोहराया।
Punjab
पंजाब में ड्रग्स माफिया का खात्मा, भगवंत मान के एक्शन से 98000 क्रिमिनल अरेस्ट, हेरोइन जब्ती में 148% का भारी उछाल
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है.
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं. गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है.
जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और स्पष्ट करते हैं. हेरोइन की बरामदगी में 148% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है – 2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी. अफीम की जब्ती में भी 43% से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है.
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है. ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447% की वृद्धि है. कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है.
इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है. 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं. दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89% तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है.
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है. मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है. सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है.”
उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है. हालांकि, जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके.
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