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भगवंत मान सरकार द्वारा मोहाली में अत्याधुनिक बहु-उद्देशीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर किया जाएगा विकसित: Sanjeev Arora
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय निकाय तथा बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज मोहाली में पल्कशा यूनिवर्सिटी और सेक्टर 83 के इंफोसिस कैंपस के निकट एक अत्याधुनिक बहु-उद्देशीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर (ई.सी.सी.) विकसित करने का ऐलान किया। यह निवेश, बुनियादी ढांचे और विश्वव्यापी व्यापारिक अवसरों के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे पंजाब का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी नेतृत्व में की जा रही यह ऐतिहासिक पहल पंजाब को निवेश और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए पसंदीदा स्थान बनाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
प्रोजेक्ट की अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कन्वेंशन सेंटर मोहाली आईटी सिटी के बिल्कुल बीच में लगभग 14 एकड़ क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। लगभग 250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट एग्जीकन इवेंट्स मीडिया सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा विकसित किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रोजेक्ट के लिए रियायत की अवधि 15 वर्ष होगी।
मंत्री ने कहा, “इस प्रोजेक्ट के तहत बड़े स्तर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए एक अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा, जो विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से लैस होगा।”
उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण 31 दिसंबर 2026 तक और दूसरा चरण 31 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि ई.सी.सी. में बड़े स्पैन वाले कॉलम-फ्री प्रदर्शनी हॉल होंगे, जिनमें लगभग 40,000 वर्ग फुट और 15,000 वर्ग फुट के दो बड़े हॉल के साथ लगभग 15,000 वर्ग फुट में फैला रिटेल, फूड और बेवरेज जोन तथा लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग सुविधा भी शामिल होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस सुविधा में विश्व स्तरीय लैंडस्केप वाले पब्लिक स्पेस और आयोजन करने के लिए खुले सार्वजनिक क्षेत्र भी शामिल होंगे।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “ई.सी.सी. एक लचीला, बहु-कार्यात्मक स्थान के रूप में काम करेगा, जो 5,000 से 10,000 डेलिगेट्स वाली कॉन्फ्रेंस और सम्मेलनों की मेजबानी, 2,000 लोगों की सुविधा के लिए लगभग 20,000 वर्ग फुट के मीटिंग एरिया, 200 से 500 बूथों वाले व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों, 1,000 से 10,000 श्रोताओं वाले कॉर्पाेरेट कार्यक्रमों, 1,000 से 10,000 लोगों वाले सांस्कृतिक और विविध कार्यक्रमों तथा 15,000 लोगों तक के सामाजिक आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम है।”
आधुनिक डिजाइन और स्थिरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस सुविधा में उन्नत कॉलम-फ्री संरचनात्मक प्रणालियां, कुशल ट्रैफिक सर्कुलेशन और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, आधुनिक एमइपी, एवी, आइटी सिस्टम का एकीकरण, एनबीसी मानकों का पालन, अग्नि सुरक्षा और पहुंच-योग्यता मानक तथा ग्रीन 5-स्टार सस्टेनेबल डिजाइन सिद्धांत अपनाए जाएंगे।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “यह कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र पंजाब के लिए एक नुहार बदलने वाला प्रोजेक्ट साबित होगा। यह ग्लोबल कार्यक्रमों की मेजबानी, निवेश आकर्षित करने और बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की हमारी क्षमता को प्रभावी ढंग से बढ़ाएगा। मोहाली एक आधुनिक शहरी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में तेजी से उभर रहा है और ऐसा विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा इसके विकास की गति को और तेज करेगा।”
आर्थिक प्रभावों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पहले पांच वर्षों में 15,000 से 25,000 के बीच रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन, आतिथ्य और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए पंजाब को एक अग्रणी माइस डेस्टिनेशन के रूप में पंजाब की स्थिति मजबूत करेगा।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने आगे कहा, “यह प्रोजेक्ट मोहाली को 21वीं सदी के आईटी और सेवाओं के हब के रूप में विकसित करने, व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने, निवेशक इकोसिस्टम को मजबूत करने और विश्व स्तरीय सहयोग एवं आयोजनों को समर्थन देने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा बनाने के पंजाब सरकार के व्यापक विजन से पूरी तरह मेल खाता है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एग्जीकन ग्रुप के चेयरमैन एम. क्यू. सईद, पुडा के ए.सी.ए. विकास हीरा, प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट संजय सूर्या और राहुल शाह, डायरेक्टर उपस्थित थे।
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अमेरिका में पंजाबी ट्रक ड्राइवर को 4 साल 8 महीने की जेल, सड़क हादसे में 3 लोगों की हुई थी मौत
अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में एक पंजाबी ट्रक ड्राइवर को 4 साल 8 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। अक्टूबर 2025 में हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। आरोपी ट्रक चालक की पहचान 21 वर्षीय जशनप्रीत सिंह के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, हादसा कैलिफोर्निया के I-10 फ्रीवे पर हुआ था, जब जशनप्रीत सिंह का सेमी-ट्रक धीमी गति से चल रहे वाहनों से जा टकराया। दुर्घटना में कुल आठ वाहन क्षतिग्रस्त हुए और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद जशनप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांच के दौरान सामने आए डैशकैम वीडियो में ट्रक को कई वाहनों से टकराते देखा गया। अधिकारियों ने उस पर नशे की हालत में ट्रक चलाने का भी आरोप लगाया। बाद में जशनप्रीत सिंह ने अदालत में लापरवाही से वाहन चलाने के तीन गंभीर आरोप स्वीकार कर लिए।
अदालत ने दोष स्वीकार करने के बाद उसे 4 साल 8 महीने की कैद की सजा सुनाई। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जशनप्रीत सिंह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था। सजा पूरी होने के बाद उसे अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा।
इस मामले के बाद अमेरिका में अवैध प्रवासियों को कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) जारी करने की प्रक्रिया को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है।
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कर्मचारी संगठनों से मिले वित्त मंत्री हरपाल चीमा, भर्ती, प्रमोशन और नियमितीकरण समेत मांगों पर हुई चर्चा
पंजाब सरकार कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में कर्मचारियों के मुद्दों के निपटारे के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष एवं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों और शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभिन्न यूनियनों द्वारा सौंपे गए मांग पत्रों का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है, ताकि भर्ती, पदोन्नति, नियमितीकरण, वेतनमान और अन्य जायज मांगों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बेरोजगार स्पेशल एजुकेटर फ्रंट पंजाब ने वर्ष 2026 में 1,200 स्पेशल एजुकेशन शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग रखी। वहीं पंजाब एजुकेशन डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने सुपरिंटेंडेंट पदों पर पदोन्नति के लिए अनुभव संबंधी शर्तों में एकमुश्त छूट, समाप्त की गई पदों की बहाली, जूनियर सहायकों को 50 प्रतिशत अनुपात में पदोन्नति तथा मिनिस्टीरियल कर्मचारियों को भी शिक्षकों की तरह राज्य पुरस्कार देने की मांग उठाई।
इसके अलावा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वेतन, लॉयल्टी बोनस और सेवाओं को नियमित करने की मांग रखी। वहीं डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन ने सेवाएं नियमित करने के लिए सरकार का धन्यवाद देते हुए शेष कच्चे और संविदा कर्मचारियों को भी जल्द नियमित करने की मांग की। यूनियन ने वेतन और सेवानिवृत्ति से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
वित्त मंत्री ने जॉइंट एसोसिएशन ऑफ इंडिपेंडेंट मेडिकल लेबोरेटरी एंड एलाइड प्रोफेशनल्स के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार पहले से ही कार्रवाई कर रही है और संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं।
बैठक के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने सभी कर्मचारी संगठनों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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पंजाब के टेक्सटाइल क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद; उद्यमियों को निवेश करना चाहिए, सरकार पूरा समर्थन देगी: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज टेक्सटाइल निवेश के लिए भारत के सबसे पसंदीदा स्थान के रूप में पंजाब की वकालत करते हुए कहा कि राज्य में समग्र टेक्सटाइल वैल्यू चेन से संबंधित अपार अवसर उपलब्ध हैं और यह उद्यमियों के लिए एक पारदर्शी, उद्योग अनुकूल माहौल प्रदान करता है। नई दिल्ली में भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट पैवेलियन का उद्घाटन करते हुए और पंजाब सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक नई औद्योगिक और व्यापारिक विकास नीति पेश की गई है तथा सिंगल विंडो और सिंगल पैन प्रणालियों के माध्यम से समयबद्ध मंजूरियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने पिछले चार वर्षों में दो लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के पांच लाख अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों को राज्य के विकास में भागीदार मानती है और लाल फीता प्रणाली के माध्यम से नौकरशाही से संबंधित परेशानी को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब को उन्नत टेक्सटाइल निर्माण और औद्योगिक निवेश के लिए देश का पसंदीदा स्थान बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों द्वारा पहले उद्योगपतियों को एटीएम माना जाता था, लेकिन ‘आप’ सरकार ने उन्हें राज्य की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में बराबर का भागीदार बनाया है। पंजाबियों को मेहनत, समर्पण और देशभक्ति की अद्वितीय भावना से नवाजा गया है। इन गुणों के कारण पंजाबियों ने हर क्षेत्र में मल्ला मारी हैं। इन बातों को याद करने का एकमात्र उद्देश्य हमारी युवा पीढ़ियों को राज्य की शानदार और समृद्ध सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज पंजाब के पास सबसे बेहतर उद्यमी कल्चर, सबसे बेहतर विनिर्माण क्षमता, सबसे बेहतर कुशल स्टाफ, एकीकृत वैल्यू चेन और रणनीतिक स्थान मौजूद है। मैं औद्योगिक नेताओं, निवेशकों, नवप्रवर्तकों, ग्लोबल ब्रांड्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों को पंजाब के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण देता हूं। पंजाब में पांच बिजली उत्पादन प्लांट हैं और राज्य द्वारा बिजली पैदा करने के लिए पछवाड़ा स्थित अपनी समर्पित कोयला खदान से 70 लाख मीट्रिक टन कोयले का उपयोग किया जाता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक विकास सरकार और उद्योगों के बीच सहयोग से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि औद्योगिक क्षेत्र तभी तरक्की कर सकता है जब सरकार और उद्योग कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। इसलिए निवेशक और उद्यमी पंजाब के औद्योगिक भविष्य के मुख्य स्तंभ हैं। पंजाब का मजबूत निवेश इकोसिस्टम उचित बिजली दरें, जमीन संबंधी सुविधाएं और निवेशक-अनुकूल माहौल प्रदान करता है। पंजाब व्यापार करने की आसानी में पहले स्थान पर है और एक कुशल सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट पास करने वाला पहला राज्य बन गया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ‘अवसरों की धरती’ है, जहां विश्व प्रसिद्ध कंपनियां अपना कारोबार स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं। पहले नेताओं द्वारा उद्योगपतियों पर उनके कारोबार में हिस्सा लेने के लिए दबाव डाला जाता था, जिस कारण उद्योगों ने राज्य से किनारा कर लिया और पंजाब आर्थिक विकास के क्षेत्र में पिछड़ गया था, जिससे इसकी तरक्की और खुशहाली खतरे में पड़ गई थी। वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद मेरी नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कई क्रांतिकारी पहलकदमियां की हैं, जिनके कारण पंजाब अब हर क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।”
भारत टेक्स 2026 के दौरान पंजाब स्टेट सेशन में डेलिगेट्स का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत टेक्स महज उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि एक प्लेटफॉर्म है जहां भारत के टेक्सटाइल भविष्य की रूपरेखा घड़ी जा रही है, भागीदारी स्थापित की जा रही है और नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। पंजाब द्वारा भारत टेक्स में एक भागीदार राज्य के रूप में हिस्सा लिया जा रहा है, क्योंकि टेक्सटाइल राज्य के लिए महज एक उद्योग नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विरासत और आर्थिक क्षमता का हिस्सा है। पीढ़ियों से पंजाब ने सिर्फ कपड़ा ही नहीं, बल्कि रोजी-रोटी, उद्यमिता और खुशहाली को बुना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक नए अध्याय की शुरुआत पर खड़ा है, जो प्रौद्योगिकी, स्थिरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को अपनाते हुए अपनी पारंपरिक ताकत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि राज्य को एक विशिष्ट लाभ है क्योंकि इसके पास एक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन है, जिससे टेक्सटाइल उत्पादन के हर चरण को पंजाब के अंदर ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “नरमा की खेती से लेकर कताई तक, धागे से लेकर कपड़े तक, बुनाई और प्रोसेसिंग से लेकर गारमेंट्स तक और निर्माण से लेकर निर्यात तक, पंजाब के पास कुछ ऐसा है जिसका दावा दुनिया के बहुत कम क्षेत्र कर सकते हैं। यह एक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन है। पंजाब एक एकीकृत इकोसिस्टम प्रदान करता है, जहां सारी टेक्सटाइल प्रक्रिया एक ही राज्य के अंदर हो सकती है।”
किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, कामगारों और औद्योगिक दिग्गजों के योगदान को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह एकीकृत इकोसिस्टम हमारे किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, कामगारों और औद्योगिक घरानों की दशकों की मेहनत से बना है। आज पंजाब भारत के प्रमुख टेक्सटाइल स्थानों में से एक है और वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के टेक्सटाइल निर्यात के साथ, भारत के टेक्सटाइल और कपड़ा निर्यात में लगभग 4 प्रतिशत योगदान देता है। राज्य के उत्पाद संयुक्त राज्य अमेरिका, यूएई, यूके और अन्य कई विश्व बाजारों समेत दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचते हैं। यह न केवल हमारे उत्पादों की गुणवत्ता को दर्शाता है बल्कि पंजाब की विनिर्माण क्षमताओं में वैश्विक खरीदारों के विश्वास को भी दर्शाता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भारत की कुछ सबसे प्रसिद्ध टेक्सटाइल कंपनियों का घर है, जिनमें वर्धमान, सनातन टेक्सटाइल्स, नाहर, मोंटे कार्लो, गंगा एक्रोवूल, स्पोर्टकिंग, शिंगोरा और ऑक्टेव शामिल हैं, जिन्होंने सभी ने गुणवत्ता और नवाचार में विश्व स्तर के मानदंड स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि हजारों एमएसएमई पंजाब की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके उद्यमी जज्बे ने राज्य को भारत के सबसे मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम में से एक में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “जब लोग पंजाब के टेक्सटाइल उद्योग के बारे में सोचते हैं, तो एक शहर जो तुरंत मन में आता है वह है लुधियाना, जो उत्तरी भारत में सबसे बड़ा कपड़ा और निटवियर क्लस्टर है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि यह शहर भारत के ऊनी निटवियर में लगभग 90 प्रतिशत और देश के हौजरी उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत योगदान देता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब टेक्निकल टेक्सटाइल, इंडस्ट्रियल टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल, जियोटेक्सटाइल, सस्टेनेबल फाइबर्स, स्मार्ट फैब्रिक्स, फंक्शनल अपैरल, हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्सवियर के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार में बड़ी क्षमताएं रखता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विनिर्माण क्लस्टर हैं और कुशल उद्यमियों तथा कामगारों का पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूल चला आ रहा है, जो टेक्सटाइल क्षेत्र को किसी भी अन्य से बेहतर समझता है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार औद्योगिक विकास को अगले स्तर तक ले जाने के लिए उपयुक्त इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने हाल ही में पंजाब इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 लॉन्च की है, जिसे हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद बड़ी बारीकी से तैयार किया गया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार बेहतर बुनियादी ढांचे, निवेशक सुविधाओं, भरोसेमंद बिजली, कौशल विकास, नवाचार और निर्यात को प्रोत्साहित करने जैसे कदमों के माध्यम से उद्योगों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट पंजाब और फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल मंजूरियों को सरल बना रहे हैं, शर्तों के बोझ को घटा रहे हैं और उद्योगों के लिए तेज, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उद्योग, अकादमिक, अनुसंधान संस्थानों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और कौशल विकास एजेंसियों के बीच भागीदारी के माध्यम से ही प्रतिस्पर्धा में जगह बनाई जा सकती है।
उन्होंने कहा, “पंजाब हमेशा एक बहिर्मुखी अर्थव्यवस्था रहा है और राज्य सरकार उद्योगपतियों को पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़ने, अपनी निर्यात क्षमता में विविधता लाने और ग्लोबल वैल्यू चेन्स में अधिक भागीदारी के साथ जुड़ने में मदद करना चाहती है।” उद्योग केवल उत्पादन के बारे में नहीं है बल्कि यह लोगों के बारे में है और यह लाखों परिवारों को रोजी-रोटी प्रदान करता है, जिससे महिलाओं के लिए भी अवसर पैदा होते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “एमएसएमई को सशक्त बनाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना, निर्यात को मजबूत करना और सबसे अधिक सामूहिक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना समय की मांग है।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और अन्य भी मौजूद थे।
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