Punjab
पंजाब में जारी होंगे QR कोड वाले राशन कार्ड, PDS की कमियां दूर करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला
पंजाब सरकार ने पीडीएस सिस्टम में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए क्यूआर कोड वाले राशन कार्ड का वितरण शुरू कर दिया है। पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को राशन जारी करने में देरी हो रही थी। पंजाब में कुल 1.5 करोड़ लोगों इस व्यवस्था का लाभ उठाते हैं। राज्य में कुल 39 लाख राशन कार्ड हैं। सरकार का लक्ष्य मई से पहले 80% कवरेज हासिल करना है। मई के महीने से ही गेहूं वितरण का चक्र शुरू होता है।
सरकार के इस फैसले से उन लाभार्थियों को राहत मिल सकती है, जिनकी अंगुलियों के निशान धुंधले पड़ गए हैं, अंगूठे के निशान घिस गए हैं या ऐसे परिवार जो बार-बार ई-केवाईसी में फेल हो रहे हैं और ऐसे घर जहां बायोमेट्रिक बेमेल होने के कारण राशन वितरण में देरी हो रही है।
पहले ही छप गए 10 लाख कार्ड
लाभार्थियों को अब केवल क्यूआर-आधारित प्लास्टिक राशन कार्ड ले जाना होगी। अब राशन डिपो पर आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण ले जाने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि तकनीक आधारित सुधारों का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। अधिकारियों के अनुसार राज्य स्तर पर इस योजना के लागू होने से सभी लाभार्थी परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। क्यूआर आधारित पहले 10 लाख प्लास्टिक कार्ड पहले ही छप चुके हैं और इन्हें चरणबद्ध तरीके से डिपो को आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि शेष स्टॉक की आपूर्ति जिलावार जारी रहेगी। हालांकि 80% वितरण का लक्ष्य अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है, शेष 20% अनाज वितरण प्रक्रिया के साथ-साथ सौंपा जाता रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी परिवार इससे वंचित न रह जाए।
दूसरे डिपो पर भी आसानी से मिलेगा राशन
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था को पारदर्शिता लाने और एक बेहतर सत्यापन तंत्र के माध्यम से लाभार्थियों को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, “लाभार्थियों को क्यूआर आधारित प्लास्टिक राशन कार्ड मिलने के बाद, उन्हें डिपो में कोई अन्य दस्तावेज नहीं ले जाना पड़ेगा। यदि कोई लाभार्थी मूल रूप से आवंटित डिपो के अलावा किसी अन्य डिपो पर पहुंचता है, तो भी कार्ड दिखाकर वहां से गेहूं ले सकता है। क्यूआर कोड वाली व्यवस्था के कारण इस सुविधा का लाभ भी लिया जा सकता है।” पोर्टेबिलिटी की यह सुविधा व्यापक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) ढांचे को दर्शाती है, जिसे पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना से पहली बार नहरी पानी पहुंचा बलाचौर के कंडी इलाके तक, सूखे से मिली राहत
दशकों के इंतज़ार के बाद आखिरकार पंजाब के कंडी इलाके के खेतों तक नहरी पानी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू की गई काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना अब उस इलाके की तस्वीर बदल रही है जो लंबे समय से पानी की कमी और अनिश्चित खेती की समस्या से जूझ रहा था। बिस्त दोआब नहर से जुड़ा यह प्रोजेक्ट उन क्षेत्रों तक नहरी सिंचाई पहुंचा रहा है जहां पिछले करीब 30 सालों से पानी की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी।
पीढ़ियों से इस अर्ध-पहाड़ी इलाके के किसान सिर्फ बारिश और लगातार नीचे जा रहे भूजल स्तर के भरोसे खेती कर रहे थे। पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन के कारण ट्यूबवेल भी ज्यादा कारगर साबित नहीं होते थे जिससे बड़ी मात्रा में जमीन सूखे की मार झेलती थी और फसलें खराब हो जाती थीं। अब हालात बदल रहे हैं और पहली बार बलाचौर के खेतों में लगातार नहरी पानी पहुंचना शुरू हुआ है।
शहीद भगत सिंह नगर जिले में नहर के दाहिने किनारे पर स्थित यह योजना इलाके के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं मानी जा रही। इस योजना से 38 गांवों की करीब 11,500 एकड़ जमीन को पक्की सिंचाई सुविधा मिलेगी, जो पहले पानी की भारी किल्लत से जूझ रही थी।
इलाके की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट के तहत पानी को करीब 300 फुट ऊंचाई तक उठाकर 221 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। बंद पाइपलाइन सिस्टम होने के कारण पानी की बर्बादी भी नहीं होगी और उसका सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। जो इलाके कभी नहरी सिंचाई से पूरी तरह वंचित माने जाते थे… वहां अब अच्छी खेती की उम्मीद जगी है।
इस प्रोजेक्ट में टिकाऊ विकास का भी खास ध्यान रखा गया है। योजना के साथ 1300 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया है, जिससे इसे चलाने का खर्च काफी कम होगा। सरकार का कहना है कि यह पानी प्रबंधन को लेकर आधुनिक और दूरदर्शी सोच का हिस्सा है।
इस योजना का असर पूरे इलाके पर बड़े स्तर पर दिखाई देगा। बलाचौर के कंडी क्षेत्र में नहरी सिंचाई का दायरा अब 72 गांवों की 28,205 एकड़ जमीन से बढ़कर 110 गांवों की 39,705 एकड़ तक पहुंच जाएगा। भूजल स्तर लगातार नीचे जाने के कारण जो इलाके लंबे समय से ‘डार्क ज़ोन’ घोषित थे, उनके लिए यह योजना बड़ी राहत मानी जा रही है।
स्थानीय किसानों में भी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह है। बलाचौर के एक किसान ने बताया, “पहले हम सिर्फ बारिश का इंतजार करते थे। अगर बारिश न होती तो फसल खराब हो जाती थी। अब खेतों तक नहरी पानी पहुंच गया है, जिससे खेती को लेकर भरोसा और सुरक्षा दोनों बढ़े हैं।”
काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना सिर्फ एक सरकारी प्रोजेक्ट नहीं बल्कि पंजाब के कंडी इलाके के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है जो किसानों की जिंदगी में स्थिरता, भरोसा और बेहतर भविष्य लेकर आ रही है।
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मोदी सरकार ने प्रतिबंधों और महंगाई के जरिए देश में अघोषित लॉकडाउन लागू किया: CM भगवंत सिंह मान
लगातार बढ़ती महंगाई, नागरिकों पर प्रतिबंधों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से कथित छेड़छाड़ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश को “अघोषित लॉकडाउन” में धकेल दिया है और लोगों से अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपाया जा रहा है। यह बताते हुए कि केंद्र ने चुनावों तक तेल की कीमतों को दिखावे के लिए जानबूझकर स्थिर रखा, उन्होंने कहा कि अब जब चुनाव समाप्त हो गए हैं, तो नागरिकों पर इसका बोझ डाला जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मांग की कि केंद्र सरकार देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति का सार्वजनिक रूप से खुलासा करे।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब में विशेष गहन संशोधन (एस.आई.आर.) प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाए और न ही किसी नकली मतदाता का नाम शामिल किया जाए। जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कानून ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान संबंधी कड़ी सजा सुनिश्चित करके दुनिया भर की सिख संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।
प्रधानमंत्री मोदी को देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति के बारे में सबको बताना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश में अघोषित लॉकडाउन लगा दिया है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों के परिणाम पूरे देश को भुगतने पड़ रहे हैं, जबकि केंद्र लोगों से देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपा रही है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना चाहिए ताकि नागरिक देश की वास्तविक स्थिति से अवगत हो सकें। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को आर्थिक स्थिति के बारे में सच जानने का अधिकार है। केंद्र को तथ्य छुपाने के बजाय तेल, गैस और सोने के भंडारों के बारे में पूरी जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।
केंद्र महंगाई के बोझ को सही ठहराने के लिए वैश्विक स्तर पर बनी परिस्थितियों को ढाल बना रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
तेल की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर विभिन्न राज्यों में विधान सभा चुनावों से पहले केवल दिखावे के लिए तेल की कीमतों में वृद्धि नहीं की, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी, जो आने वाले दिनों में और भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों में युद्ध के बहाने बार-बार ईंधन की कीमतों में वृद्धि के जरिए लोगों को महंगाई के बोझ तले दबाया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और विदेश नीति के बारे में नहीं बता सकते तो उन्हें अपने मित्र, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से इस बारे में पूछना चाहिए।
प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों के दौरान नागरिकों पर प्रतिबंध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
नागरिकों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद तो विदेश यात्रा में व्यस्त हैं लेकिन लोगों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अजीब स्थितियों से गुजर रहा है, जहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन असल सच्चाई लोगों से छुपाई जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नेताओं के मनमानेपन के कारण लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस स्थिति को बहुत अनुचित करार दिया।
आप वॉलंटियर्स को पंजाब में एस.आई.आर. प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन (एस.आई.आर.) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रक्रिया 15 जून से राज्य में शुरू होगी और आम आदमी पार्टी ने अपने सभी वॉलंटियर्स को इस प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “न तो वास्तविक मतदाताओं को हटाने दिया जाएगा और न ही पंजाब में जाली मतदाताओं को जोड़ने की इजाजत दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मतदाता सूचियों में जाली मतदाताओं को जोड़ते समय वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की आदत बन गई है, लेकिन पंजाब में ऐसी घटनाओं की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र का मुंह बंद करने की किसी भी कोशिश का सख्त विरोध किया जाएगा और उचित जवाब दिया जाएगा।
भाजपा के पास सिर्फ दो विधायक होने के बावजूद सात राज्यसभा सदस्य होना लोकतंत्र का सीधा कत्ल है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मिलकर इन पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्य है कि इतिहास में पहली बार पंजाब में भाजपा के सिर्फ दो विधायक हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य से पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य होना सीधे-सीधे लोकतंत्र का कत्ल है।
आप सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान को रोकने के लिए बनाए गए कानून के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने इतना कड़ा कानून लागू किया है कि अब कोई भी अपमान करने के बारे में सोचने की हिम्मत भी नहीं कर सकेगा। उन्होंने आगे कहा, “जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के लागू होने से, दुनिया भर के सिखों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर की संगत ने इस कानून का दिल से स्वागत किया है, जिसका उद्देश्य अपमान के जघन्य अपराध में शामिल लोगों को कड़ी सजा देना है। उन्होंने कहा, “पवित्र गुरबानी सर्वभूत के कल्याण के लिए है और इसकी पवित्रता, सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार कानून को इसकी वास्तविक भावना से लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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मनीष सिसोदिया ने श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर चलने के लिए युवाओं को सामाजिक और आर्थिक असमानता खत्म करने का दिया न्यौता
पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए जो समारोह घोषित किए हैं, उनके तहत सोमवार को सीटी यूनिवर्सिटी में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर एक खास सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए, दिल्ली के पूर्व उपमुख्मंत्री मनीष सिसोदिया, जो इस समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर शामिल हुए, ने युवाओं से समानता, विश्वव्यापी भाईचारे और सामाजिक न्याय के समर्थक श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का पालन करके समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानता को खत्म करने अगुवाई करने का न्यौता दिया। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और आर्थिकता समेत कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता अभी तक जारी है।
आर्थिक असमानता को उजागर करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत की आबादी 140 करोड़ है और देश की लगभग 40 प्रतिशत दौलत सिर्फ़ 1.5 करोड़ लोगों के हाथों में है, जबकि 50 प्रतिशत आबादी के पास देश की सिर्फ़ 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने आगे कहा कि देश का शिक्षा प्रणाली “पूरी तरह से खराब” है और युवाओं के भविष्य के लिए देश को तैयार करने के लिए बड़े सुधारों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
युवाओं से असमानता और भेदभाव के खिलाफ़ आवाज़ उठाने की अपील करते हुए, सिसोदिया ने कहा कि युवा पीढ़ी को श्री गुरु रविदास जी के सपने के मुताबिक, सभी तरह के भेदभाव से मुक्त एक बराबरी वाला समाज बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जो सामाजिक बंटवारे और अन्याय से मुक्त हो। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार, गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार करने के लिए श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए पूरे साल ऐसे समारोह कर रही है। उन्होंने हर पंजाबी के लिए अच्छी सर्विस पक्का करने के लिए शिक्षा और हेल्थकेयर सेक्टर को मज़बूत करने पर पंजाब सरकार के फोकस पर भी ज़ोर दिया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के लिए एक मिस्ड-कॉल मुहिम (9090029090) भी शुरू की।
इसी प्रकार, पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री के सलाहकार दीपक बाली ने भी लोगों को संबोधित किया और बताया कि ये समारोह युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और फिलॉसफी से जोड़ने के मकसद से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुसार एक सबको साथ लेकर चलने वाला समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सेमिनार और चर्चाओं से युवा विद्यार्थियों के मन में आर्थिक असमानता, भेदभाव और सामाजिक अन्याय के बारे में उठने वाले सवालों के जवाब देने में मदद मिलेगी।
इस मौके पर श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह भी मौजूद थे और उन्होंने युवा पीढ़ी से गुरु जी की शिक्षाओं पर चलने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम सभी को 650 साल पहले श्री गुरु रविदास जी द्वारा बताए गए बराबरी और समान मौकों के सिद्धांतों को अपनी असल ज़िंदगी में अपनाना चाहिए।
इस मौके पर सीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो. चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम लुधियाना वेस्ट कुलदीप बावा और अन्य भी मौजूद थे।
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